February Grah Gochar 2026, february planetary transit 2026, कौन से ग्रह बदलेंगे राशि फ़रवरी 2026 में, Masik Rashifal 12 राशियों का, February horoscope 2026. February 2026 Grah Gochar : फरवरी 2026 में गोचर कुंडली में बहुत महत्त्वपूर्ण बदलाव होने वाले हैं जिसका असर हमे सभी तरफ देखने को मिलेगा | देश और दुनिया में राजनिति में, मौसम में, प्रेम जीवन में, कारोबार में बहुत बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे | February 2026 mai kaun se grah badlenge rashi आइये जानते हैं की फ़रवरी 2026 में गोचर कुंडली में क्या बदलाव होंगे ?: 1 February ko Shukra Uday Honge . 3 फरवरी 2026 को बुध ग्रह का गोचर कुम्भ राशि में होगा. Check Rashifal 6 फ़रवरी को शुक्र कुम्भ राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य 13 फरवरी को कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं. मंगल 23 फ़रवरी को कुम्भ राशि में प्रवेश करेंगे. 26 फरवरी 2026 को बुध वक्री होंगे और 21 मार्च 2026 तक वक्री रहेंगे इस माह 23 फ़रवरी से कुम्भ राशि में 5 ग्रहों की युति हो जायेगी. आइये ...
Kaun Hai Chitra Gupt, कौन हैं चित्रगुप्त, चित्रगुप्त जी का मन्त्र , चित्रगुप्त पूजा का महत्तव.
हम साधारणतः भगवान् शिव, शक्ति, विष्णुजी और ब्रह्मा जी के बारे में जानते हैं परन्तु बहुत कम लोग चित्रगुप्त भगवान् को जानते हैं, दिवाली के बाद चित्र गुप्त जी के पूजा का विधान है. हमारे वेदों और पुरानो में भी चित्र गुप्तजी के बारे में काफी विवरण मौजूद है. सफल जीवन के लिए भगवान् चित्रगुप्त के आशीर्वाद की जरुरत बहुत होती है.
यहाँ इस लेख में भगवान् चित्रगुप्त जी के बारे में कुछ जानकारियां दी जा रही है. चित्रगुप्तजी को साधारण शक्ति नहीं है , मान्यता के अनुसार ये भगवान् विष्णु के ही अवतार हैं.
चित्रगुप्तजी अमर है और अपने न्याय के लिए जानते जाते हैं. उनके पास सभी जीवो के किये गए कर्मो का पूरा हिसाब रहता है , ऐसी मान्यता है. वो अपने भक्तो के सरे मनोकामना पूरी करने में सक्षम हैं.
चित्रगुप्तजी हमारे अन्दर के गुस्से को भी काबू कर सकते हैं, हमारे अन्दर के लालच को भी ख़त्म कर सकते हैं, शत्रु बाधा से भी मुक्ति दे सकते हैं, अनावश्यक इच्छाओं से भी हमे मुक्ति दे सकते हैं, इसी कारण इनकी पूजा को जरुरी माना जाता है. उनकी प्रकृति है भक्तो को बुरी शक्तियों से बचाने की.
चित्रगुप्त जी को “धर्मराज“ के नाम से भी जानते हैं, इसका अर्थ है वो शक्ति जो धर्म की रक्षा करता है.
चित्रगुप्तजी वास्तव में कायस्थों द्वारा पूजा किये जाते हैं परन्तु वास्तविकता ये है की उनको हम किसी धर्म, जाती से नहीं बाँध सकते हैं. अगर किसी को भी शांति पूर्ण जीवन चाहिए तो उन्हें चित्रगुप्तजी की पूजा करनी चाहिए.
इनके मंदिर देश में बहुत कम हैं और एक प्रसिद्ध चित्रगुप्त जी का मंदिर पवित्र महाकाल की नगरी उज्जैन में भी है जहाँ विश्वभर से भक्तगण दर्शन , पूजन के लिए आते हैं. उज्जैन भारत के मध्यप्रदेश राज्य में हैं. इस मंदिर में रोज पूजन अर्चन होता है और विशेष अवसरों पर महापूजन भी किया जाता है.
ऐसा कहा जाता है की मरणोपरांत हर आत्मा को चित्रगुप्त जी के समक्ष जाना होता है और अपने कर्मो का हिसाब जानना होता है, इसके बाद भगवान् ये निर्णय करते हैं की उसे कहा भेजना है नरक में या स्वर्ग में. अतः सभी को चित्रगुप्त जी को पूजना चाहिए एक सुन्दर और शक्तिशाली जीवन जीने के लिए.
दुसरे लेख में हम जानेंगे की किस प्रकार से हम आसानी से चित्रगुप्तजी की पूजा कर सकते हैं. पढने रहिये और जानकारी बढाते रहिये.
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हम साधारणतः भगवान् शिव, शक्ति, विष्णुजी और ब्रह्मा जी के बारे में जानते हैं परन्तु बहुत कम लोग चित्रगुप्त भगवान् को जानते हैं, दिवाली के बाद चित्र गुप्त जी के पूजा का विधान है. हमारे वेदों और पुरानो में भी चित्र गुप्तजी के बारे में काफी विवरण मौजूद है. सफल जीवन के लिए भगवान् चित्रगुप्त के आशीर्वाद की जरुरत बहुत होती है.
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| Kaun Hai Chitra Gupt, कौन हैं चित्रगुप्त |
अब प्रश्न ये है की कौन है चित्र गुप्तजी और चित्र गुप्त जी को पूजने से क्या फायदे हो सकते हैं?.
यहाँ इस लेख में भगवान् चित्रगुप्त जी के बारे में कुछ जानकारियां दी जा रही है. चित्रगुप्तजी को साधारण शक्ति नहीं है , मान्यता के अनुसार ये भगवान् विष्णु के ही अवतार हैं.
चित्रगुप्तजी अमर है और अपने न्याय के लिए जानते जाते हैं. उनके पास सभी जीवो के किये गए कर्मो का पूरा हिसाब रहता है , ऐसी मान्यता है. वो अपने भक्तो के सरे मनोकामना पूरी करने में सक्षम हैं.
चित्रगुप्तजी हमारे अन्दर के गुस्से को भी काबू कर सकते हैं, हमारे अन्दर के लालच को भी ख़त्म कर सकते हैं, शत्रु बाधा से भी मुक्ति दे सकते हैं, अनावश्यक इच्छाओं से भी हमे मुक्ति दे सकते हैं, इसी कारण इनकी पूजा को जरुरी माना जाता है. उनकी प्रकृति है भक्तो को बुरी शक्तियों से बचाने की.
चित्रगुप्त जी को “धर्मराज“ के नाम से भी जानते हैं, इसका अर्थ है वो शक्ति जो धर्म की रक्षा करता है.
इनके पूजा के लिए एक आसान मंत्र निम्न है –
Kaun Hai Chitra Gupt, कौन हैं चित्रगुप्त, चित्रगुप्त जी का मन्त्र , चित्रगुप्त पूजा का महत्तव.ॐ नमः चित्रगुप्ताय शान्तये , सर्व रोग विनाशिने |
आयु : अरोग्यम , ऐश्वर्यम देहि, देवं जगत्पते ||
चित्रगुप्तजी वास्तव में कायस्थों द्वारा पूजा किये जाते हैं परन्तु वास्तविकता ये है की उनको हम किसी धर्म, जाती से नहीं बाँध सकते हैं. अगर किसी को भी शांति पूर्ण जीवन चाहिए तो उन्हें चित्रगुप्तजी की पूजा करनी चाहिए.
इनके मंदिर देश में बहुत कम हैं और एक प्रसिद्ध चित्रगुप्त जी का मंदिर पवित्र महाकाल की नगरी उज्जैन में भी है जहाँ विश्वभर से भक्तगण दर्शन , पूजन के लिए आते हैं. उज्जैन भारत के मध्यप्रदेश राज्य में हैं. इस मंदिर में रोज पूजन अर्चन होता है और विशेष अवसरों पर महापूजन भी किया जाता है.
ऐसा कहा जाता है की मरणोपरांत हर आत्मा को चित्रगुप्त जी के समक्ष जाना होता है और अपने कर्मो का हिसाब जानना होता है, इसके बाद भगवान् ये निर्णय करते हैं की उसे कहा भेजना है नरक में या स्वर्ग में. अतः सभी को चित्रगुप्त जी को पूजना चाहिए एक सुन्दर और शक्तिशाली जीवन जीने के लिए.
दुसरे लेख में हम जानेंगे की किस प्रकार से हम आसानी से चित्रगुप्तजी की पूजा कर सकते हैं. पढने रहिये और जानकारी बढाते रहिये.
ॐ चित्रगुप्ताये नमः
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Kaun Hai Chitra Gupt, कौन हैं चित्रगुप्त, चित्रगुप्त जी का मन्त्र , चित्रगुप्त पूजा का महत्तव.

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