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Showing posts from August, 2018

Latest Astrology Updates in Hindi

Radha Ashtmi Ka Mahattw In Hindi

Radha Ashtmi kab Hai 2026, राधा अष्टमी का महत्त्व, राधा अष्टमी की कथा, किस मंत्र का जप करें, गोचर कुंडली में ग्रहों की स्थिति | 2026 Radha Ashtmi:  राधा और कृष्णा जी की प्रेम कहानियां विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, आज के इस आधुनिक युग में भी लोग राधा और कृष्णजी की कथाओं का श्रवण करते हैं और अपने आपको धन्य समझते हैं. इनकी कथाये शांति देती हैं, प्रेम की भावनाओं को बल देती है, वास्तविक प्रेम का अर्थ समझाती हैं. radha ashtmi कब है 2026 में राधा अष्टमी ? हिन्दू पंचाग के अनुसार राधा अष्टमी का उत्सव हर वर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष के आठवे दिन बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है. इस साल ये पवित्र दिन 19 सितम्बर, Shaniwar को आ रहा है. अष्टमी तिथि 18 सितम्बर को दोपहर में लगभग 1:02 PM से शुरू होगी और 19 सितम्बर को दोपहर में लगभग 3:26 बजे   तक रहेगी |  मध्याह्न पूजा मुहूर्त: दिन में 11:01 बजे से दोपहर 1:28 बजे तक (अवधि: 2 घंटे 27 मिनट)  आइये जानते हैं कौन है राधाजी? राधाजी वृषभानु और किर्तिकुमारी जी की पुत्री के रूप में जानी जाती हैं , इन्हें लोग प्रेम से राधा रानी भ...

Nakshatra Vatika Kya Hai

नक्षत्र वाटिका क्या है, नक्षत्रो के अनुसार पेड़ , राशी अनुसार पेड़, बगीचे के फायदे. ज्योतिष के अनुसार २७ नक्षत्र होते हैं और १२ रशियां होती है और ज्योतिष ग्रंथो में हर नक्षत्र का सम्बन्ध एक विशेष प्रकार के पेड़ से भी माना जाता है. इसी प्रकार हर राशि के लिए भी एक पेड़ या पौधा माना गया है. अगर व्यक्ति अपने नक्षत्र या राशि के अनुसार पेड़ या पौधे का पोषण और पूजा करे तो भी अनेक लाभ देखे जाते हैं, जीवन सफल हो जाता है.  Nakshatra Vatika Kya Hai बहुत से लोग अपने घर या खाली जगह में नक्षत्र वाटिका या राशी वाटिका बनाते हैं जिससे की नवग्रहों की कृपा मिले और जीवन सुगम हो जाए.  वैसे भी पेड़ पौधे लगाना स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है, हर पेड़ या पौधे में कोई न कोई औषधि गुण होता है अतः समय समय पर पौधे लगते रहना चाहिए.  अगर किसी के पास खाली जगह हो तो पेड़-पौधे लगाएं  अगर घर में या फ्लैट में बालकनी हो तो वहां भी पौधे लगाए जा सकते हैं. अगर छत भी खाली हो तो भी गमलो में पौधे लगाए जा सकते हैं और बगीचा भी बनाया जा सकता है. इससे शुद्ध हवा मिलती है और सभी के लिए अच्छा होता...

भारतीय ज्योतिष की शक्ति | Power of Indian Astrology

What is jyotish,  ज्योतिष क्या है , ज्योतिष का रहस्य , ज्योतिष के द्वारा क्या क्या द्वारा क्या किया जा सकता है. ज्योतिष अपने आप में एक रहस्यमय विषय है | जो इसके बारे में जानते है वो इस विषय का लाभ लेकर जीवन में उंचाइयो को छूते हैं।  ज्योतिष के द्वारा ग्रहों के खेल को समझा जाता है, ज्योतिष के द्वारा ग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन में कैसा रहेगा, ये देखा जाता है। भारतीय ज्योतिष की शक्ति ज्योतिष को वेदों कि आँखें भी कहा जाता है।  ऐसा कहा गया है "ज्योतिष वेदानां चक्षुः " . ज्योतिष के द्वारा भूत, भविष्य और वर्तमान के बारे में जाना जाता है।   किसी के जीवन में कब अच्छा समय आयेगा, कब बुरा समय आयेगा, कब भाग्योदय होगा, कब विवाह होगा, क्या करना चाहिए , कब करना चाहिए आदि का ज्ञान बड़ी ही आसानी से पता लगा लिया जाता है।   ज्योतिष के बारे में गलत फहमी : ज्योतिष एक भविष्य कहने वाला विज्ञानं  है परन्तु लोगो को गलत फहमी येहो जाती है कि इसके द्वारा भाग्य बदला जा सकता है।    महत्त्वपूर्ण बात ये है कि इस विषय के द्वारा हम ये जान सकते है कि वास्...

Janmashtmai Mai Kaun Si Poojaaye Shubh Hoti Hai

जनमष्टमी मे कौन सी पूजाएँ शुभ होती है, कौन सी पूजाएँ की जाती है गोकुलाष्ट्मी मे , कैसे करे इच्छाएं पूरी कृष्ण जन्माष्टमी मे . Janmashtmai Mai kaun si puja जन्माष्टमी का दिन अति महत्त्वपूर्ण है और इस दिन अनेक प्रकार की पूजाए होती है. संतान गोपाल कृष्ण पूजा संतान गोपाल मंत्र का जप कृष्णा का अभिषेक और अर्चन विष्णु शाश्त्रनाम का जप माखन अभिषेक द्वारा शुभता कैसी आएगी ? कृष्णा और बलराम की पूजा क्यों करना चाहिए ? राधा कृष्णा की पूजा साथ मे क्यों करे? पढ़िए जन्माष्टमी पर क्या भोग लगायें राशि अनुसार  हर जगह कृष्णा का जन्मदिन बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. शाश्त्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार कृष्णा का जन्म भाद्रपद के कृष्णा पक्ष मे अष्टमी तिथि को हुआ था , इस दिन रोहिणी नक्षत्र था. ये दिन गोकुल अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है. भाद्रपद महीने में कृष्णा पक्ष की अष्टमी तिथि को बहुत महत्त्वपूर्ण माना जाता है साधना के दृष्टि से, पूजा पाठ की दृष्टि से. पढ़िए जन्माष्टमी की सही तारीख 2025 में  आइये जानते है कुछ पूजाओ का महत्त्वा जन्माष्टमी के दिन: इस दिन स...

Kali Haldi Ke Totkay Aur Prayog

काली हल्दी के फायदे, जानिए काली हल्दी के टोटके और प्रयोग, काली हरिद्रा के अचूक प्रयोग. Kali Haldi Ke Totkay Aur Prayog भारत में हरिद्रा तंत्र भी काफी प्रसिद्द है, हल्दी एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण वास्तु है जिसका स्तेमाल माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है. हल्दी का प्रयोग विभिन्न प्रकार के टोटको को करने के लिए किया जाता रहा है धनाकर्षण के लिए, सम्पन्नता के लिए आदि. जैसे पिली हल्दी आती है वैसे ही काली हल्दी भी होती है परन्तु ये दुर्लभ है. काली हल्दी को खाया नहीं जाता है परन्तु इसका महत्त्व बहुत ज्यादा है, तंत्र में इस हल्दी का प्रयोग बहुत होता है. ऐसी मान्यता है की जहा पर काली हल्दी होती है वहां पर सुख सम्पन्नता स्वयं ही आ जाती है. इसी कारण इसे सिद्ध महुरत में तिजोरी में रखा जाता है, घर के मंदिर में रखा जाता है, व्यापारिक स्थल में रखा जाता है. आइये जानते हैं कुछ ख़ास और आसान टोटके काली हल्दी के: कुछ विद्वानों का मानना है की काली हल्दी के तिलक से दुसरो को प्रभावित करने की शक्ति प्राप्त होती है. माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए १ काली हल्दी और थोड़ी नाग केसर ले...