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Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

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ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Radha Ashtmi Ka Mahattw In Hindi

Radha Ashtmi Ka Mahattw In Hindi, राधा अष्टमी का महत्तव , कौन है राधाजी, क्या करते हैं भक्त राधा अष्टमी को, ज्योतिषीय महत्तव जानिए राधा अष्टमी का.
radha ashtmi ka mahattw in hindi
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राधा और कृष्णा जी की प्रेम कहानियां विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, आज के इस आधुनिक युग में भी लोग राधा और कृष्णाजी की कथाओं का श्रवण करते हैं और अपने आपको धन्य समझते हैं. इनकी कथाये शांति देती हैं, प्रेम की भावनाओं को बल देती है, वास्तविक प्रेम का अर्थ समझाती हैं.
हिन्दू पंचाग के अनुसार राधा अष्टमी का उत्सव हर वर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष के आठवे दिन बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है.
इस साल ये पवित्र दिन 21 सितम्बर को आ रहा है. 

आइये जानते हैं कौन है राधाजी?
राधाजी वृषभानु और किर्तिकुमारी जी की पुत्री के रूप में जानी जाती हैं , इन्हें लोग प्रेम से राधा रानी भी बुलाते हैं. कृष्णा के प्रति अपने अतुल्य प्रेम के कारण राधाजी ने पुरे ब्रह्माण्ड में अपना एक विशेष स्थान बनाया है. बनारस उनकी जन्मस्थली है.
ब्रजधाम, बरसाना, मथुरा, वृन्दावन, आदि में राधा अष्टमी का उल्लास देखते ही बनती हैं.राधाजी को लाक्स्मीजी का अवतार भी माना जाता है.
आइये जानते हैं राधा अष्टमी को भक्त क्या करते हैं?
इस पुण्यशाली दिन में भक्तगण प्रातः जल्दी उठ कर दैनिक दिनचर्या से मुक्त हो के पुरे दिन रात उपवास करने का संकल्प लेते हैं और विधिवत राधा जी का पंचोपचार या फिर षोडशोपचार पूजा करते हैं. जगह जगह बजन और पूजा पाठ होते रहते हैं.
भक्त कृष्णा का भी पूजन राधाजी के साथ करते हैं क्यूंकि दोनों एक ही हैं और एक दुसरे के बिना दोनों ही अधूरे हैं. 

एक प्रसिद्द वाक्य है जो की भक्त राधा रानी की पूजा करते हुए दोहराते हैं वो है –
“राधे राधे श्याम मिला दे “

आइये जानते हैं क्या फायदे हो सकते हैं राधा अष्टमी के दिन पूजा करने का महत्त्व :
1.    लोग अपने पापों से मुक्त हो सकते हैं.
2.    भक्तगण राधा और कृष्णा के कृपा को प्राप्त कर सकते हैं.
3.    शादी शुदा लोग अपने वैवाहिक जीवन के परेशानियों को दूर कर सकते हैं.
4.    जिनको विवाह करने में परेशानी आ रही है वो भी इससे निजात पा सकते हैं.
5.    जीवन में वास्तविक प्रेम की शक्ति का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं.

आइये जानते हैं की 2015 के राधा अष्टमी में ज्योतिषीय योग क्या बन रहा है?
ये साल अति महत्त्वपूर्ण योग बना रहा है, राधा अष्टमी के दिन “बुध आदित्य योग ” बन रहा है साथ ही गुरु और मंगल दोनों मित्र राशी में है जिससे की इस दिन का महत्तव बढ़ जाता है.
इन ग्रहों और योग के कारण इस दिन पूजा पाठ का महत्तव बहुत बढ़ जाता है.
राधा अष्टमी भारत का एक महत्त्वपूर्ण त्यौहार है जब लोग हर्ष और उल्लास के साथ प्रेम बाटते हैं और प्रेम पाते हैं . आइये अपने जीवन को धन्य बनाए राधा और कृष्णा की पूजा कर के. 

और सम्बंधित लेख पढ़े :
Radha ashtmi importance in English

Radha Ashtmi Ka Mahattw In Hindi, राधा अष्टमी का महत्तव , कौन है राधाजी, क्या करते हैं भक्त राधा अष्टमी को, ज्योतिषीय महत्तव जानिए राधा अष्टमी का.

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