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Vrishabh Sankranti Ka Jyotish Mahattw

Vrishabh sankranti ka jyotish mahttwa, ज्योतिष के अनुसार वृष संक्रांति का महत्व, ज्योतिषी द्वारा वृषभ संक्रांति की भविष्यवाणी, सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश करने पर क्या होता है।
kya kare vrishabh sankranti ko 2020
Vrishabh Sankranti Ka Jyotish Mahattw

हर संक्रांति हिंदू ज्योतिष परंपरा के अनुसार पुण्य संचय करने के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिन दान और प्रार्थना करने के लिए एक पवित्र दिन के रूप में लिया जाता है।

वृषभ संक्रांति क्या है?

  • जब ग्रह सूर्य वृषभ राशि में प्रवेश करते हैं तो इस अवधि को वृष संक्रांति कहते हैं। ज्योतिष और हिन्दू धर्म के अनुसार 12 संक्रांति हैं और ये सभी दान करने, जरूरतमंदों की मदद करने, प्रार्थना, आध्यात्मिक अभ्यास आदि करने के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं ।
  • हिंदू पंचांग के अनुसार वृषभ संक्रांति ज्येष्ठ महीने में पड़ता है।
  • वृषभ संक्रांति भी मौसम के बदलाव का भी प्रतिनिधित्व करती है।
  • वृषभ का अर्थ है बैल और इसलिए यह माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करना अच्छा होता है और कुछ लोग पुण्य लाभ पाने के लिए इस दिन गाय दान करने का भी सुझाव देते हैं।

सफलता के लिए वृषभ संक्रांति पर क्या करें?

  1. इस दिन सौभाग्य को आकर्षित करने के लिए गाय और बछड़े की मूर्ति खरीदना और दुकान या घर पर स्थापित करना अच्छा होता है।
  2. इस दिन शिव पूजा करने के बाद गायों या गौदान करना अच्छा होता है।
  3. पितृ दोष को कम करने के लिए पितृ तर्पण करना अच्छा होता है।
  4. संक्रांति का समय पवित्र नदियों जैसे गंगा, यमुना, नर्मदा आदि में पवित्र स्नान करने के लिए बहुत अच्छा है।
  5. इस शुभ दिन पर धन, वस्त्र, भोजन अर्पित करना पुण्य प्राप्त करने के लिए बहुत अच्छा है।
  6. संक्रांति के दिन उपवास भी अच्छा है, धार्मिक कार्यों में समय व्यतीत करें और आध्यात्मिक साधनाएं करके संक्रांति का पूरा लाभ उठाएं।
  7. आप किसी ऐसे व्यक्ति को गाय और बछड़े की मूर्ति भी उपहार में दे सकते हैं जिसके सौभाग्य की आप कामना करते हैं ।
  8. इस दिन श्रद्धालु पुरी के जगन्नाथ मंदिर में विशेष पूजा अर्चना करते हैं।
  9. सभी की भलाई के लिए शिव और वासुदेव की पूजा करें।

2020 के गोचर पंचांग के अनुसार वृषभ संक्रांति भविष्यवाणी:

  • वर्ष 2020 में, सूर्य 14 तारीख को वृष राशि में प्रवेश करेगा, गुरुवार को लगभग 5:23 बजे और फिर पर्यावरण में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
  • चूंकि सूर्य वृषभ राशी में शत्रु का हो जाता है अतः यह संभव है कि असामान्य तापमान परिवर्तन और मौसम में बदलाव के कारण लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस अवधि में राजनीति में कई बदलाव देखने को मिलेंगे क्योंकि सूर्य का संबंध प्रशासन, नेतृत्व से है।
  • जब 14 तारीख को वृषभ राशि में सूर्य का गोचर होगा तो क्या परिवर्तन हो सकता है?
  • चूंकि लॉक-डाउन की अवधि चल रही है और पूरी दुनिया महामारी से गुजर रही है, इसलिए लोग बहुत कठिन समय से गुजर रहे हैं। हर जगह बीमारी, मृत्यु, भूख, संघर्ष आदि का भय है। वास्तविकता यह है कि पर्यावरण पूरी तरह से नकारात्मक है और जब 14 मई, गुरुवार को सूर्य शत्रु का होगा तो यह नकारात्मक वातावरण को बढ़ा सकता है।
  • यह बहुत संभव है कि महामारी के मामलों में वृद्धि के कारण कई शहरों में लॉक डाउन बढ़ जाए ।
  • देश में राजनीतिक मुद्दों की वृद्धि हो सकती है अर्थात राजनीतिज्ञों के बीच बहस बढ़ सकती है ।
  • जिन लोगों की कुंडली में सूर्य ख़राब है या दुर्बल है, वे निराशा, भय, मानहानि से गुजर सकते हैं।
  • अवांछित मौसम के कारण कई लोगों के लिए भी समस्या बन सकती है।
  • वे लोग जो नशे के आदि है , उन्हें परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है ।
  • देश में कानूनी मुद्दों की वृद्धि हो सकती है।
  • उच्च स्तर पर जो निर्णय लिए जायेंगे हो सकता है उसके कारण लोगों में असंतोष बढ़े ।

एक ज्योतिषी के रूप में वृष संक्रांति के लिए मेरे सुझाव इस प्रकार है :

  1. अगले 1 महीने में यात्रा करने से बचें यदि आपकी कुंडली में सूर्य ख़राब है अन्यथा आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
  2. सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें अर्थात अगले 1 महीने तक प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करें।
  3. यदि आप सक्षम हैं तो सभी की भलाई के लिए सूर्य शांति पूजा करें।
  4. वरिष्ठों के साथ कोई बहस न करें।
  5. अपने आप को कानूनी समस्याओं से बचाने के लिए किसी भी प्रकार के विवाद से बचें।
  6. शांत रहें,  प्रार्थना करे और अपने घर पर शांतिपूर्ण जीवन जियें । यह अभी के लिए सफलता का मंत्र है।
  7. अगले 1 महीने में अनचाहे बदलावों के लिए अपना दिमाग को तैयार करें।
  8. अगर आप अपनी कुंडली दिखवाना चाहते हैं तो संपर्क कर सकते हैं ।



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