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Showing posts from February, 2018

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Kaise Khele Holi Jyotish Ke Hisab Se

जानिए कैसे खेले होली ज्योतिष के हिसाब से जीवन को सफल बनाने के लिए, कौन सा रंग शुभता लाएगा जीवन में, कौन से रंग से खेले होली. 
जीवन को सफल बनाने के लिए जितना सोचा जाए और जितना किया जाए, वो कम ही लगता है. सफलता का कोई छोर नही और सोच का भी कोई अंत नहीं होता है. इसी कारण आविष्कार होता रहता है.  होली के त्यौहार में भी अगर हम ज्योतिष का समावेश कर ले तो बहुत फायदा खेल के साथ उठा सकते हैं. हमारे पहले के लेख में हम पढ़ चुके है की होलिका दहन में क्या डाले, कैसे हम ग्रह दोषों से मुक्ति पा सकते हैं. इसी विषय में आगे बढ़ते हुए अब हम देखेंगे की कैसे हम ज्योतिष के हिसाब से सही रंग का चुनाव करके होली को और शुभ बना सकते हैं.  ज्योतिष के हिसाब से होली खेल के हम जीवन में स्वास्थ्य और सम्पन्नता को आकर्षित कर सकते हैं. इसमें हमे होली खेलने के तरीके में बदलाव नहीं करना है, बस हमे रंगों के चुनाव में थोडा ख्याल रखना है और हम अपने जीवन को शुभ रंगों से भर पायेंगे.  आइये जानते हैं कैसे खेले होली ज्योतिष के हिसाब से: इसके बारे में जानने के लिए आपको अपने कुंडली में ग्रहों के बारे में पता होना चाहिए जैसे की कौन से ग्…

Holika Dahan Me Kya Kare

होली क्या है, किसी भी टोटको को करने से पहले किन बातो का ध्यान रखना चाहिए, होलिका दहन में क्या करे सफलता के लिए. 
होली रंगों का त्यौहार है, इस उत्सव में सभी खुशियाँ बांटते हैं, एक दुसरे को रंग लगते हैं और समय व्यतीत करते हैं. परन्तु बहुत कम लोग ये जानते हैं की होलिका दहन की रात्री बहुत ही महत्त्वपूर्ण होती है क्रियाओं को करने के लिए. अगर कोई किसी भी प्रकार के समस्या से ग्रस्त हो तो जैसे शादी की समस्या, कैरियर, व्यापार की समस्या, मान सम्मान की समस्या आदि तो होलिका दहन की रात्रि को कुछ टोटको को करके समस्या का समाधान प्राप्त किया जा सकता है, ऐसा विद्वानों का मनना है.
होली की रात्री को महारात्री भी कहा गया है, इस रात को शुक्ष्म शक्तियां होलिका दहन के माध्यम से भोग ग्रहण करती है और भक्तो को आशीर्वाद प्रदान करती है.
ये भी जानना जरुरी है की टोटके कोई भ्रमात्मक उपाय नहीं है जिन्होंने इन्हें विश्वास से किया है उनको लाभ हुआ है और हो रहा है.
इस लेख में हम जानेंगे कुछ सरल टोटके अपने कार्यो को सिद्ध करने के लिए.
टोटको के द्वारा हम सफलता कैसे प्राप्त करे ?
कुछ बातो का ध्यान रखना अती आवश्यक है टोटको…

Holi Totke Safalta Ke Liye In Hindi

होली टोटके सफलता के लिए, स्वास्थ्य के लिए टोटका, आर्थिक समृद्धि के लिए टोटके, व्यापार वृद्धि के लिए टोटके, काले जादू से बचाव के लिए होली में क्या करे, अच्छे सम्बन्ध कैसे बनाए. तंत्र शाश्त्रो के हिसाब से होली की रात्रि अतिविशिष्ट रात्रि में आती है जब टोटके, पूजा पाठ, साधना किसी भी प्रकार की हो सकती है.  एक प्रश्न ये भी आता है की टोटके क्या होते हैं तो बताना चाहेंगे की किसी विशेष समय में कुछ विशेष समग्री के साथ जब कोई विशेष प्रकार की क्रिया को अंजाम दिया जाता है तो उसे टोटका कहते हैं. इनका असर शीघ्र दिखाई देता है और कभी कभी तो तुरंत ही दिखाई देता है.  होली एक शुभ रात्रि है किसी भी प्रकार के क्रियाओं को करने के लिए इसी कारण तांत्रिक, साधू संत, साधक आदि इस रात्रि का इन्तेजार पुरे साल करते हैं.  इस रात्रि को हम पूजा कर सकते हैं अपने जीवन को निष्कंटक करने के लिए, इस रात्रि को हम पूजा कर सकते हैं किसी भी प्रकार के काले जादू के असर को ख़त्म करने के लिए, इस रात्रि को हम टोटका कर सकते हैं स्वास्थ्य समस्याओं से निजात पाने के लिए, ग्रह दोषों को भी कम करने के लिए इस रात्रि को क्रियाये की जाती है.  …

Is Saal Holi Par Graho Ke Yog Kya Kahte Hai

इस बार होली में क्या ख़ास है, ज्योतिष और होली उत्सव, क्या करे सफलता के लिए, जानिए होली का महत्त्व, होलिका दहन का महत्त्व.
होली रंगों का त्यौहार है, इस उत्सव में सभी अपना दुःख भूलकर खुशियों से जिन्दगी को भरने का प्रयास करते हैं. ज्योतिष के हिसाब से होली की रात्रि साधना को करने के लिए अती उत्तम समय होता है, इस रात्रि को तंत्र साधना भी की जाती है, मंत्र साधना भी की जाती है, यंत्र साधना भी की जाती है. विद्वान् लोग कुछ न कुछ विशेष अनुष्ठान करते हैं होली की रात्री को जीवन को सफल बनाने हेतु. ग्रह दोषों से मुक्ति के लिए भी ये रात्री ख़ास होती है. इस रात्रि को मन्त्र जागृति के लिए शुभ माना जाता है. इस रात्री को देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए साधना की जा सकती है. कुछ लोग वशीकरण साधना भी इस रात्री को करते हैं. कुछ लोग आय के स्त्रोत को खोलने के लिए भी पूजा करते हैं. अतः होली की रात्री सभी के लिए ख़ास होती है. व्यापारी, गृहणी, प्रेमी, विद्यार्थी, नौकरी पेशा सभी इस रात्री को अपने जीवन को सफल बनाने के लिए पूजा पाठ कर सकते हैं.
आइये जानते हैं होलिका दहन का महत्त्व :
होलिका दहन एक ऐसी क्रिया है जिसम…

Bhagwat Katha Saptah Ka Mahattw

श्रीमद् भागवद् कथा को सारे ग्रंथो का सार कहा जाता है इसी कारण ये पुरे विश्व में हिन्दुओ द्वारा सुना जाता है, इसका पाठ किया जाता है और करवाया भी जाता है. कई संत तो अपना पूरा जीवन सिर्फ श्रीमद् भागवद् के कहानियो को सुनाने में भी बिता देते हैं. ये एक पवित्र ग्रन्थ है जिसमे ये बताया गया है की जीवन को कैसे जिए और कैसे आसानी से मुक्ति प्राप्त करे इस कलयुग में. ऐसी मान्यता है की भागवद् कथा को सुनना और कहना दोनों ही भगवान् विष्णु की कृपा को आकर्षित करता है और जीवन सफल हो जाता है.
अगर कोई पूर्ण भक्ति भाव से श्रीमद् भागवद् कथा को पढ़ता है, सुनता है या सुनाता है तो इसमें कोई शक नहीं की जीवन मे आश्चर्य जनक बदलाव होते हैं.  श्रीमद् भागवद् कथा आयोजन का महत्त्व: अनुभव में देखा गया है और श्रीमद् भागवद् में भी उल्लेख है की बहुत से फायदे होते हैं इस पवित्र आयोजन को करने के – अगर कोई अनुभवी वक्ता से इस कथा को सुनता है तो भक्तगण एक अद्भुत अवस्था में चले जाते हैं और आनंदानुभूति करते हैं.श्रीमद् भागवद् का जहाँ पर आयोजन होता है वहां पर स्वास्थ्य और सम्पनता अनायास आने लगते हैं.ऐसा भी अनुभव होता है की जहाँ पर…

Parad Shivling Ki Pooja Kaise Kare

जैसा की हम जानते हैं की पारद के शिवलिंग की पूजा से स्वास्थ्य, सम्पन्नता, मान सम्मान आदि की प्राप्ति हो सकती है. तो इस लेख में हम जानेंगे की कैसे करे आसान तरीके से पारे के शिवलिंग की पूजा.  पारे के शिवलिंग का अध्यात्मिक महत्त्व है.  पारद के शिवलिंग का धार्मिक महत्त्व है. इसके पूजा से धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति संभव है. अतः इसकी पूजा करनी चाहिए. पारद संहिता में पारे के लिंग के महत्त्व को विस्तार से बताया गया है. पारे का शिवलिंग हमे नकरात्मक शक्तियों से बचाता है. ये जीवन को सफल बनाने में मदद करता है. इसकी पूजा से रोगों से मुक्ति संभव है. पापो से मुक्ति के लिए भी लोग पारे के लिंग की पूजा करते हैं. 
आइये जानते हैं की पारद/मरकरी के शिवलिंग की पूजा कैसे करे ?

Mano Ya Na Mano Jyotish Kaam Karta Hai

हम अक्सर लोगो को ज्योतिष विषय पर बहस करते हुए देख सकते हैं. कुछ लोग ज्योतिष को बहुत गहराई से मानते हैं और कुछ लोग इसका विरोध करते हैं, इसे अंध विश्वास मानते हैं. दशको से ये बहस का विषय रहा है. परन्तु फिर भी ऐसे बहुत से ज्योतिष हैं जो की लगातार ज्योतिष पर शोध और अध्ययन कर रहे हैं और लोगो का सही मर्दर्शन कर रहे हैं. लोग अपने भविष्य के बारे में जानते हैं, अपने काम काज के बारे में जानते हैं, सही व्यापार के विषय में जानते हैं, विवाह के समय की जानकारी निकालते हैं, प्रेम जीवन के बारे में जानते हैं, यश, नाम, ख्याति कब मिलेगी , या जानना चाहते हैं. ज्योतिष में खगोलीय घटनाओं का अध्ययन से मानव पर उसके प्रभाव के अध्ययन को करता है.
ज्योतिष के बारे में एक और बात ये जान लेना चाहिए की ये एक मात्र विषय है जो की भविष्य के घटनाओं का पता लगाने के लिए किया जाता है. हर व्यक्ति ये जानने को उत्सुक है की भविष्य के गर्भ में क्या छुपा है और ज्योतिष इसमें मदद करता है. 
जिन लोगो ने ज्योतिष का अध्ययन नहीं किया है और किसी अच्छे ज्योतिष से संपर्क नहीं किया है वे लोग इस विषय को अंध विश्वास बताते हैं. परन्तु जिन लोगो …

Kundli Ka Gahraai Se Adhyan

ज्योतिष ग्रहों, नक्षत्रो और खगोलीय घटनाओं के अध्ययन का विज्ञान है. हमारे जन्म पत्रिका में 9 ग्रह जिनमे सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु है अलग अलग भावो में बैठे रहते हैं, ज्योतिष का काम है इनके स्थिति, शक्ति, दृष्टी आदि का अध्ययन करके भविष्यवाणी करे. हर व्यक्ति की कुंडली एक दुसरे से भिन्न होती है और इसी के आधार पर उसके रंग, रूप, बोल चाल, व्यक्तित्त्व आदि में भिन्नता आती है. 
हर व्यक्ति की अपनी एक सोच होती है, व्यवहार होता है. इसका कारण ये है की हर व्यक्ति के ऊपर ग्रहों का प्रभाव अलग हुआ है. ये सब कुंडली/जन्मपत्रिका के गहराई से अध्ययन से पता चलता है. 
पृथ्वी घूम रहा है, सूर्य भी चल रहा है, हर ग्रह अपनी गति से चल रहा है लगातार और इसी बदलाव का असर लोगो के जीवन पर भी पड़ता है. इसी कारण जब ग्रह दशाये बदलती है तो व्यक्ति के जीवन में भी बदलाव देखा जाता है. इस बात का पता ज्योतिष से लगाया जाता है. 
जब कुंडली या जन्म पत्रिका का गहराई से अध्ययन होता है तो 5 बातो का ध्यान ज्योतिष रखते हैं: ग्रह कौन से भाव में बैठे है. ग्रहों की बल कैसा है. कुंडली में भावो की स्थिति कैसी है.व…