Dev Shayani Ekadashi kab hai 2026 में , पद्मा एकादशी , हरी शयनी एकादशी किसको कहते है, क्या करे देव शयनी एकादशी को सफलता के लिए, जानिए ग्रहों की स्थिति . Devshayani Ekadashi 2026: अषाढ़ शुक्ल पक्ष का ग्यारहवां दिन बहुत ख़ास होता है भारत मे विशेषतः क्यूंकि मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान् विष्णु क्षीर सागर मे सोने के लिए चले जाते हैं. अलग अलग प्रान्तों मे अषाढ़ मास के ग्यारस को अलग लग नामो से जाना जाता है जैसे पद्मा एकादशी, प्रथमा एकादशी, हरी शयनी एकादशी आदि. Dev Shayani Ekadashi Ki Mahima in Hindi इस पुरे दिन और रात भक्त गण भगवान् विष्णु की पूजा और आराधना मे लगे रहते हैं. इसी दिन चातुर्मास की शुरुआत भी होती है अर्थात इस दिन से ४ महीने तक साधू संत विशेष पूजा आराधना करते हैं और कहीं जाते आते भी नहीं है. वर्ष 2026 मे हरी शयनी एकादशी 25 जुलाई को है| एकादशी तिथि का आरंभ: 24 जुलाई 2026 को सुबह 09:14 बजे एकादशी तिथि का समापन: 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजे व्रत पारण का समय: 26 जुलाई 2026 को सुबह 05:39 से 08:22 बजे के बीच मान्यता के अनुसार पद्मा एकादश...
प्रेम विवाह समस्या का कारण और समाधान, अंतर जातीय विवाह में समस्या और ज्योतिषीय सलाह.
किसी दूसरे जाती के लड़के या लड़की से प्रेम होने के बाद जो पहली समस्या आती है वो है उससे विवाह करना. इस डिजिटल दुनिया में भी लोग अभी तक अपनी जातीय सम्बंधित लगाव से बाहर नहीं आ पाए हैं और इसका फल बच्चो को या प्रेमियों को भुगतना होता है.
प्रेम किसी और के प्रति हमे जागरूक करता है, प्रेम से जिम्मेदारी की भावना का भी विकास होता है. परन्तु जब कोई अपने प्रेमी के साथ विवाह नहीं कर पाता है तो दोनों ही पुरे जीवन भर एक असनुष्ट जीवन व्यतीत करते हैं.
कुछ माता पिता अपने जाती को लेके इतने जिद्दी हो जाते हैं की किसी भी हालत में दुसरे जाती से विवाह के लिए तैयार नहीं होते हैं. इसके कारण लड़का और लड़की दोनों की जिन्दगी बर्बाद हो जाती है.
वास्तव में कोई भी व्यक्ति जाती, धन, पारिवारिक हैसियत को देखके प्रेम नहीं करता है परन्तु जब भी बात शादी की आती है तो हम जाती, परिवार की स्थिति, परिवार के लोगो की हैसियत आदि देखने लग जाते हैं. ये एक श्राप है समाज को जिसके कारण बहुत से अच्छे जोड़े साथ रहने से वंचित रह जाते हैं. पढ़िए Love life ki 9 preshaniyan aur jyotish samadhan
कुछ माता पिता अपने बच्चो की व्यक्तिगत ख़ुशी के सामने सबसे बड़े परेशानी बनके खड़े हो जाते हैं जब वो प्रेम विवाह करने की बात करते हैं.
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कुछ माता पिता तो अपने बच्चो से नाता ही तोड़ लेते हैं अगर वो प्रेम विवाह कर ले तो. इसी कारण आज समाज में लड़का या लड़की हमेशा अपने माता पिता से मन की बात करने से डरते हैं.
प्रेम विवाह के लिए माता पिता से हाँ करवाना एक चुनौती होता है भारतीय समाज में.
आइये जानते हैं ज्योतिष और प्रेम विवाह के बारे में :
जैसा की हम जानते हैं की हर घटना के पीछे ग्रहों का प्रभाव तो होता ही है अतः अगर कोई प्रेम विवाह में सफलता प्राप्त नहीं कर पा रहा है तो इसका अर्थ है की कुंडली में ग्रह साथ नहीं दे रहे है.
कुंडली में ऐसे ग्रह जरुर होंगे जो की सुखी जीवन जीने नहीं दे रहे हैं.
ऐसे में एक अच्छा और अनुभवी ज्योतिष सही सलाह दे सकता है कुंडली को देखके. पढ़िए Love hormones kya hai.
ज्योतिष के द्वारा हम निम्न बातो को जान सकते हैं प्रेम जीवन के बारे में
- प्रेम विवाह संभव है की नहीं.
- क्या माता पिता प्रेम विवाह के लिए राजी होंगे.
- क्या प्रेम विवाह सफल होगा.
- कौन सी पूजा और रत्न जीवन को सफल बना सकते हैं.
- क्या करे व्यक्तिगत जीवन की समस्याओं से बहार आने के लिए.
अगर आप भी प्रेम सम्बंधित समस्याओं से ग्रस्त है तो ज्योतिष से संपर्क करके सलाह ले सकते हैं.
प्रेम विवाह समस्या का कारण और समाधान, अंतर जातीय विवाह में समस्या और ज्योतिषीय सलाह.

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