Amalki Ekadashi kab hai - Vrat Puja Vidhi aur Kathaआमलकी एकादशी 2026: व्रत, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व., Eakdashi Update. Amalki Ekadashi 2026 : फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2026 में आमलकी एकादशी 27 फरवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी । यह दिन भगवान विष्णु की आराधना और आंवला वृक्ष के पूजन के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। सनातन धर्म में एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना गया है, और आमलकी एकादशी का महत्व तो और भी अधिक बताया गया है क्योंकि यह आध्यात्मिक शुद्धि, आरोग्य और समृद्धि प्रदान करने वाली मानी जाती है। एकादशी तिथि २६ फ़रवरी को रात्री में लगभग 12:33 पे शुरू होगी और एकादशी तिथि 27 फ़रवरी को रात्री में लगभग 10:32 तक रहेगी. पारण २८ तारीख को प्रातः 7 बजे से 10:44 के बीच करना शुभ रहेगा. Amalki Ekadashi kabhai - Vrat Puja Vidhi aur Katha आमलकी एकादशी का उल्लेख पुराणों में विशेष रूप से मिलता है। कहा जाता है कि इस दिन आंवला वृक्ष में भगवान विष्णु का वास होता है। आंवला को आयुर्वेद में अमृत के समान माना गया है और धार्मिक दृष्टि स...
Jyotish bhavishyawani ke liye भविष्यवाणी का अर्थ है पूर्वानुमान करना अर्थात किसी अनिश्चित घटना के बारे में कुछ कहना पहले ही. भविष्यवाणी साधारणतः ज्योतिष, भविष्यवक्ताओ, अंक विद्या के जानकार आदि के द्वारा किया जाता है. ज्योतिषगण कुंडली को पढके बताते हैं, साइकिक रीडर्स अन्तः प्रेरणा के द्वारा कहते हैं, अंक शाष्त्री अंको का स्तेमाल करके भविष्यवाणी करते हैं. किसी भी व्यक्ति का अनुभव और ज्ञान बहुत महत्त्व रखता है भविष्यवाणी करते हुए. आइये जानते हैं की पूर्वानुमान का महत्त्व क्या होता है: दशको से लोग भविष्यवाणी का प्रयोग करते आ रहे हैं महत्त्वपूर्ण निर्णयों को लेने के लिए. सिर्फ ज्योतिष ही नहीं अपितु वित्तीय क्षेत्र में भी भविष्यवाणी का प्रयोग होता आया है, कॉर्पोरेट दुनिया में भी पूर्वानुमानो का प्रयोग होता आया है. मौसम की भविष्यवाणी भी हम रोज सुनते हैं जो की एक्सपर्ट्स के द्वारा बताया जाता है. अतः भविष्यवाणी को सुनके लोग और महत्त्वपूर्ण पदों पर बैठे लोग बड़े बड़े फैसले लेते हैं. लोग पूर्वानुमानो के आधार पर निवेश करने का निर्णय लेते हैं. लोग नए कार्यो को शुरू करने ...