Skip to main content

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Hatho Mai Parwat Aur Vaivahik Jivan

क्या होते हैं पर्वत, पर्वतों का प्रभाव वैवाहिक जीवन में क्या पड़ता है, जानिए नवग्रहों को पर्वतों से . 
क्या होते हैं पर्वत, पर्वतों का प्रभाव वैवाहिक जीवन में क्या पड़ता है, जानिए नवग्रहों को पर्वतों से .
Hatho Mai Parwat Aur Vaivahik Jivan
हस्त रेखा विज्ञान एक अदभुत विज्ञान है जिसके द्वारा जीवन को देखा जाता है. हस्त रेखा के अंतर्गत भविष्यवाणी के लिए साधारणतः रेखाओं और पर्वतों का स्तेमाल किया जाता है. हस्तरेखा विशेषज्ञ हाथो का अध्ययन करके बहुत कुछ जान जाते हैं.
इस लेख में हम जानेंगे पर्वतों का क्या प्रभाव होता है जीवन में, उसके वैवाहिक जीवन में. उससे पहले जानते हैं की-
पर्वत क्या होते हैं?
उंगलियों के नीचे का उठा हुआ भाग जो होता है उसे पर्वत कहते हैं. हर व्यक्ति में पर्वत अलग अलग प्रकार के होते है. किसी के पर्वत उठे होते हैं, किसी के पर्वत दबे होते हैं, इनके अध्ययन से भी जीवन के बारे में बहुत कुछ जाना जाता है. 

आइये जानते हैं की पर्वतों का वैवाहिक जीवन पर क्या प्रभाव हो सकता है :

चन्द्र पर्वत :

अगर चन्द्र पर्वत ज्यादा उठा हुआ हो तो इसका मतलब है की जातक अस्थिर बुद्धि का है साथ ही विपरीत लिंग के पीछे भी रह सकता है जिसके कारण वैवाहिक जीवन खराब हो सकता है.
चन्द्र पर्वत के होने वाले समस्या से निजात पाने के लिए निम्न उपाय अपनाए जा सकते हैं.
  1. रोजाना शिवलिंग का अभिषेक करे दूध और जल मिला के.
  2. पूर्णिमा की रात्रि को चन्द्र देव को शहद, दूध और जल मिला के अर्पित करे.
  3. सफ़ेद चीजो का दान करे और माता का आशीर्वाद नियमित ले.
  4. शमशान में चांदी या चावल दबाये.
  5. चन्द्र शांति पूजा भी लाभदायक सिद्ध होगी.

मंगल पर्वत :

मंगल पर्वत पर ज्यादा उभार जातक को गुस्सेल बनता है, बेसब्र भी बनाता है, इसके कारण वैवाहिक जीवन में समस्या उत्पन्न होने लगती है.
मंगल पर्वत से होने वाले समस्या को कम करने के लिए निम्न उपाय किये जा सकते हैं:
  1. मंगलवार को १ मुट्ठी मसूर की दाल को लाल कपडे में बाँध कर दान करे.
  2. मंगल शांति पूजा करवाए.
  3. हनुमान चालीसा का पाठ रोज करे या फिर कम से कम मंगलवार को जरुर करे. हनुमानजी के चरणों का सिन्दूर से तिलक भी जरुर लगाएं.

बुध पर्वत:

अगर बुध पर्वत ज्यादा उभर जाए तो जातक अस्थिर मन का हो जाता है परन्तु अगर ये पर्वत समता लिए हो तो जातक बहुत देखभाल करने वाला होता है. अगर बुध पर्वत के कारण परेशानी आ रही हो तो निम्न उपाय लाभदायक हो सकते हैं-
  1. एक हरे बोतल में गंगा जल भर के पीपल पेड़ के पास में दबा दे.
  2. बुधवार का उपवास करे और गाय को हरी घास खिलाये.
  3. बुधवार को भगवान् गणेश की पूजा करे और उन्हें लड्डू का भोग लगाए.

गुरु पर्वत :

अगर गुरु पर्वत हथेली में मजबूत हो तो ये अकेला ही जीवन को सफल बनाने में सक्षम होता है और जातक को बहुत से परेशानियों से बचा लेता है. इसके कारण सम्बन्ध अच्छे बनते हैं और जीवन में खुशियाँ आने लगती है. परन्तु अगर गुरु पर्वत ज्यादा उभर जाए या फिर समस्या दे रहा हो तो निम्न उपाय लाभ दे सकते हैं.
  1. गुरुवार को घोड़े को चने की दाल खिलाएं.
  2. गुरुवार को पीले कपडे में हल्दी और चने की दाल बाँध के मंदिर में दान दे.
  3. संत, गुरु ब्राह्मणों से आशीर्वाद लेते रहे.
  4. गुरुवार का उपवास रखे.

शुक्र पर्वत:

शुक्र पर्वत अगर अच्छा हो तो वैवाहिक जीवन और प्रेम जीवन मधुर हो जाता है. परन्तु अगर शुक्र पर्वत ज्यादा उभर जाए तो जातक अनैतिक संबंधो में उलझ सकता है जिसके कारण बदनामी हो सकती है और वैवाहिक जीवन भी ख़राब हो सकता है.
  1. शुक्र पर्वत के कारण होने वाली समस्या को कम करने के लिए निम्न उपाय अपनाए जा सकते हैं :
  2. शुक्रवार को आटा और चीनी गाय और चींटियो को खिलाये.
  3. कन्यादान में सहयोग किया करे.
  4. कन्याओं को सफ़ेद मिठाई बांटे शुक्रवार को विशेषकर.
  5. शुक्रवार को माता जी के मंदिर में घी और कपूर का दान करे.

शनि पर्वत :

अच्छा शनि का पर्वत जातक को सही मायने में एक अच्छा प्रेमी भी बनता है और एक अच्छा इंसान भी बनाता है परन्तु वैवाहिक जीवन साधारण ही रहता है. शनि पर्वत का ज्यादा या कम उठा होना वैवाहिक जीवन को ख़राब कर सकता है. ख़राब शनि का पर्वत अपने से बड़े विपरीत लिंग के साथ सम्बन्ध बनवा सकता है जिसके कारण भी समस्या हो सकती है.
शनि पर्वत के कारण होने वाले परेशानियों को कम करने के लिए निम्न उपाय करे सकते हैं :
  1. शनिवार को बरगद के पेड़ पर दूश और शक्कर मिला के डाले.
  2. अपने भोजन में से एक रोटी कौए को खिलाएं.
  3. शनिवार को सुन्दरकांड का पाठ करे.
  4. शनि शांति पूजा करवाए.

सूर्य पर्वत :

अच्छा सूर्य पर्वत समाज में मान सम्मान दिलवाता है और वैवाहिक जीवन को भी खुशिओं से भरता है. सूर्य पर्वत का ज्यादा या कम उठना बदनामी कर सकता है.
सूर्य पर्वत से होने वाले नुक्सान को कम करने के लिए निम्न उपाय कर सकते हैं:
  1. रोज आदित्य ह्रदय का पाठ करे.
  2. बंदरो और बैल को गुड़ खिलाये.
  3. सूर्य शांति पूजा करवाए.
और सम्बंधित लेख पढ़े:
Mounts In palm and Marriage life
हाथो में भाग्य रेखा को जानिए 

क्या होते हैं पर्वत, पर्वतों का प्रभाव वैवाहिक जीवन में क्या पड़ता है, जानिए नवग्रहों को पर्वतों से .

Comments

Popular posts from this blog

Kala Jadu Kaise Khatm Kare

काला जादू क्या है , कैसे पता करे काला जादू के असर को, कैसे ख़त्म करे कला जादू के असर को, hindi में जाने काले जादू के बारे में. काला जादू अपने आप में एक खतरनाक विद्या है जो की करने वाले, करवाने वाले और जिस पर किया जा रहा है उन सब का नुक्सान करता है. यही कारण है की इस नाम से भी भय लगता है. अतः ये जरुरी है की इससे जितना हो सके बचा जाए और जितना हो सके उतने सुरक्षा के उपाय किया जाए. ज्योतिष संसार के इस लेख में आपको हम उसी विषय में अधिक जानकारी देंगे की कैसे हम काले जादू का पता कर सकते हैं और किस प्रकार इससे बचा जा सकता है. प्रतियोगिता अच्छी होती है परन्तु जब ये जूनून बन जाती है तब व्यक्ति गलत ढंग से जीतने के उपाय करने से भी नहीं चुकता है. आज के इस प्रतियोगिता के युग में लोग बस जीतना चाहते हैं और इसके लिए किसी भी हद तक जाने से नहीं चुकते हैं और यही पर काला जादू का प्रयोग करने की कोशिश करते है. आखिर में क्या है कला जादू? हर चीज के दो पहलु होते हैं एक अच्छा और एक बुरा. काला जादू तंत्र, मंत्र यन्त्र का गलत प्रयोग है जिसके अंतर्गत कुछ शक्तियों को पूज के अपना गलत स्वार्थ सिद्ध किया जाता है. करने व…

Santan Prapti Yoga Kundli Mai In Hindi

कुंडली में संतान प्राप्ति योग, कुंडली में कैसे जाने संतान सुख के बारे में, क्या करे स्वस्थ संतान प्राप्ति के लिए ज्योतिष के अनुसार, संतान प्राप्ति में बाधा और समाधान ज्योतिष द्वारा. Santan yoga in kundli, hindi jyotish to know about santan problems remedies. जीवन में विवाह उपरान्त संतान का होना एक महात्वपूर्ण घटना होती है, ये पति और पत्नी को एक नई दृष्टि प्रदान करती है और जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाती है. ऐसे बहुत से लोग है जो संतान सुख से वंचित है और संतान प्राप्ति के लिए खूब जातन करते हैं परन्तु सफल नहीं हो पा रहे हैं.

इसका कारण ज्योतिष द्वारा पता लगाया जा सकता है. कुंडली हमारे जीवन का आइना है अतः इसके द्वारा हम बहुत कुछ जान सकते हैं. कुंडली में 12 भाव होते हैं और सभी अलग अलग विषय से जुड़े है जिनका अध्यन कई रहस्यों से पर्दा उठा देता है जो की उन्सुल्झे है. संतान नहीं होने के कारण भी ज्योतिष द्वारा जाना जा सकता है.  इस लेख में संतान समस्या के कारण और समाधान पर प्रकाश डाला जा रहा है. क्यों आती है है समस्याए संतान प्राप्ति में, क्यों होता है गर्भपात , कैसे प्राप्त करे स्वस्थ संतान.

जीवन…

Gola Khisakna Kya Hota Hai Aur Iska Ilaaj Kya Hai

Kya Hota hai gola khisakna, nabhi hatne ka matlab kya hai, kaise thik kar sakte hain dharan ko, janiye kuch asaan tarike nabhi ko thik karne ke. 
साधारण शब्दों में नाभि खिसकना : जब हम बात करते हैं शारीर के मध्य इस्थान का तब नाभि का ध्यान आता है, जब हम योग के सन्दर्भ में मनिपुरक चक्र की बात करते हैं तब हमे ध्यान आता है नाभि का, जब भी पेट में दर्द होता है तो ध्यान आता है नाभि का. अतः नाभि हमारे शारीर का एक महात्वपूर्ण अंग है, इसी नाभि को गोला या धारण भी कहते हैं. अंग्रेजी में नाभि को Navel कहते हैं.
ये वास्तव में एक संगम है जहाँ से नाड़ियाँ गुजरती हैं हर प्रकार की , अतः यहाँ पर जाल बना हुआ है नाड़ियों का, इन नाड़ियो को सहारा देने के लिए मांसपेशियां भी होती है और जब ये अपनी जगह से कभी खिसकती हैकिसी कारण से तो उसे कहते हैं “नाड़ी का खिसकना या गोला खिसकना या धरण ”. कभी ये बाएं खिसकता है, कभी ये दायें खिसकता है, कभी ऊपर और कभी निचे खिसकता है.
गोला खिसकने के कारण: देखा जाए तो मूल में कमजोरी ही इसका कारण है जिसके कारण भरी काम करते हुए ऐसा होता है.  1.नवजात शिशुओं में भी ये समस्या बहुत साधारण है. 2.…