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Mesh Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama ka 12 Bhavon Me Prabhav

Mesh Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama ka 12 Bhavon Me Prabhav, मेष लग्न कुंडली में अस्त (Combust) चंद्रमा का 12 भावों में प्रभाव, Ast Chandrama Ke upay. मेष लग्न: एक परिचय वैदिक ज्योतिष में मेष लग्न का स्वामी मंगल (Mars) होता है, जो एक अग्नि प्रधान और ऊर्जावान ग्रह है। इस लग्न वाले जातक सामान्यतः: साहसी, ऊर्जावान और कर्मशील होते हैं प्रतिस्पर्धी और स्पष्टवादी होते हैं निर्णय जल्दी लेते हैं, कभी-कभी आवेग में भी स्वभाव से स्वाभाविक नेतृत्व क्षमता वाले होते हैं Mesh Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama ka 12 Bhavon Me Prabhav मेष लग्न कुंडली में अस्त (Combust) चंद्रमा का 12 भावों में प्रभाव मेष लग्न में चंद्रमा 4थे भाव का स्वामी होता है, जो माता, घर, मानसिक शांति, भावनाओं, और संपत्ति का कारक है। जब चंद्रमा सूर्य के निकट आकर अस्त (Combust / अस्तगत / अस्तांगत) हो जाता है, तब इसके कारकत्व कमजोर होने लगते हैं—भावनाएँ दबती हैं, मानसिक शांति कम होती है, माता का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है, और घरेलू सुख घट सकता है। Watch Details On YouTube आइये जानते हैं मेष लग्न के कुंड...

Bhagya Rekha Haatho Mai

जानिए भाग्य रेखा को और इसके जीवन में प्रभाव, क्या करे अगर भाग्य साथ न दे, जानिए हाथ देखने के कुछ तरीके.
bhagya rekha kya bataati hai jyotish me
bhagya rekha kaha hoti hai

भाग्य हमारे पुरे जीवन को प्रभावित करता है, हर घटना जो घट रहा है जीवन में उसमे भाग्य का खेल चल रहा है. अगर भाग्य साथ दे किसी का तो इसमें शक नहीं की वो इस जीवन में अपार सफलता आसानी से प्राप्त कर सकता है.
  • अच्छा भाग्य व्यक्तिगत जीवन को अच्छा करता है.
  • अच्छा भाग्य कामकाजी जीवन को भी अच्छा करता है.
  • अच्छा भाग्य कामकाजी जीवन को भी अच्छा करता है.
  • अच्छा भाग्य प्रेम जीवन को भी मजेदार बना देता है.

आइये जानते हैं भाग्य रेखा को हाथो में:

हमारे हथेली में एक रेखा ऐसी होती है जो की हथेली के तली से शुरू होक शनि पर्वत की तरफ जाती है. इस रेखा को भाग्य रेखा कहा जाता है. इस रेखा का अध्ययन ये बताता है की जातक जीवन में कितना संघर्ष करता होगा.

आइये जानते हैं अच्छे भाग्य रेखा की क्या पहचान है:

अच्छी भाग्य रेखा वो होती है जो की पतली परन्तु गहरी होती है. इसमें किसी प्रकार का कटाव नहीं दीखता है अर्थात इसमें किसी प्रकार की आदि तिरछी लाइन नहीं होती है. अगर ऐसी रेखा किसी के हाथ में हो तो वो जातक बहुत भाग्यशाली होता है, ऐसे जातक के जीवन में स्वास्थ्य, सम्पन्नता, मान-सम्मान आसानी से आ जाता है.

आइये जानते हैं की भाग्य रेखा में उम्र को कैसे जाने?

भाग्य रेखा में उम्र के हिसाब से घटनाओं को जानने के लिए इसे बराबर भागो में बांटा जाता है. शुरुआत करे ५ सालो से और ५ सालो के हिसाब से रेखा को बांटते चले.

आइये अब जानते हैं कुछ ख़ास बाते भाग्य रेखा के बारे में :

  1. जिग जेग भाग्य रेखा अस्थिरता को प्रदर्शित करता है व्यक्तिगत और कामकाजी जीवन में. ऐसे लोग एक ही कार्य में स्थिर नहीं रह पाते हैं और संतुष्टि को पाने के लिए इधर उधर घूमते रहते हैं. ऐसे जातक जॉब भी जल्दी जल्दी बदलते रहते हैं. ऐसे लोग अगर व्यापार में हो तो जल्दी जल्दी बदलाव करते है जो की निराशा भी देता है कभी कभी.
  2. एक लम्बी, गहरी, बिना टूटी भाग्य रेखा सफल जीवन का प्रतिक है. ऐसे जातक अपने इच्छित क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर लेते हैं और जीवन का आनंद अपने हिसाब से उठाते हैं.
  3. अगर भाग्य रेखा का अंत मस्तिष्क रेखा पर हो तो इसका अर्थ है की जीवन के मध्य में से जातक को पतन देखना पड़ सकता है या फिर यूँ कहे की जीवन में उतार देखना पड़ सकता है. ऐसे में निर्णय गलत होने से हानि हो सकती है आदि.
  4. अगर किसी जगह पर आके भाग्य रेखा रास्ता बदले तो इसका अर्थ है की उस उम्र में जातक जॉब बदलेगा या फिर कोई बड़ा निर्णय लेगा.
  5. अगर भाग्य रेखा के साथ कोई और रेखा भी बढ़ता हुआ दिखे तो इसका अर्थ है की भाग्य ज्यादा मजबूत होने वाला है. इससे सफलता के रास्ते खुलते हैं. ऐसे लोगो के एक से अधिक आय के स्त्रोत होते हैं. और ऐसे लोगो को दोस्तों, रिश्तेदारों का साथ भी खूब मिलता है.
  6. हाथो में भाग्य रेखा का न होना कर्मठ व्यक्ति को बताता है. ऐसे जातक खूब मेहनती होते हैं और अपनी उन्नति के लिए वे खुद ही जिम्मेदार होते हैं. भिक्षुको के भी हाथो में भाग्य रेखा का अभाव दीखता है.
  7. अगर भाग्य रेखा का अंत ह्रदय रेखा पर हो तो इसका अर्थ ये है की जातक जीवन के करीब ६० वर्ष तक अच्छा जीवन जियेगा और उसके बाद थोडा संघर्ष करना होगा.
  8. अगर भाग्य रेखा चन्द्र क्षेत्र से निकले तो इसका अर्थ है की जातक विदेश में जाके खूब उन्नति करेगा.
  9. अगर भाग्य रेखा जीवन रेखा से निकले तो इसका अर्थ है की जातक को परिवार वालो का साथ मिलेगा और ऐसे जातक परिवार के साथ ही पूरा जीवन व्यतीत कर सकते हैं.
  10. किसी भी प्रकार टूट फुट अगर भाग्य रेखा में हो तो इसका अर्थ है की उस समय में जातक के जीवन में उतार चढ़ाव बढ़ेगा. स्वास्थ्य समस्या, आर्थिक समस्या या व्यक्तिगत समस्या परेशान कर सकती है.
  11. अगर ह्रदय रेखा और भाग्य रेखा दोनों ही अच्छी हो तो इसका अर्थ है की जातक का प्रेम जीवन बहुत अच्छा होगा.
अतः हाथो में भाग्य रेखा हमारे जीवन के बहुत कुछ रहस्य को प्रकट कर सकता है.
परन्तु किसी भी निर्णय पर पहुचने से पहले अच्छे ज्योतिष से परामर्श जरुर ले लेना चाहिए क्यूंकी सिर्फ एक ही रेखा को देख के भाविस्यवानी नहीं होती है, अन्य रेखाओं का अध्ययन भी जरुरी होता है.


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