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Magh Mahine Ki Gupt Navratri Ka Mahattw

Gupt navratri kab se shuru hogi 2026,  माघ महीने की गुप्त नवरात्री का महत्त्व, Gupt Navratri Ke upay. Gupt Navratri 2026: हिन्दू पंचांग अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से गुप्त नवरात्री शुरू होती है और दैविक आराधना के लिए अती महत्त्वपूर्ण दिन शुरू हो जाते है.  इस साल गुप्त नवरात्री 19 जनवरी सोमवार से शुरू होंगे और 27 जनवरी तक रहेंगे . ये 9 दिन साधना, आराधना, तंत्र, मंत्र साधना, अध्यात्मिक उन्नति के लिए बहुत ज्यादा महत्त्व रखते है. प्रतिपदा तिथि 19 तारीख को तडके लगभग 1:23 बजे शुरू हो जाएगी.  Magh Mahine Ki Gupt Navratri Kab se hai गुप्त नवरात्री क्यों महत्त्व रखता है?  Gupt Navratri 2026 गुप्त नवरात्री साधना के लिए अति महत्त्वपूर्ण दिन होते हैं और इस समय में कोई भी व्यक्ति अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु देवी आराधना कर सकते हैं | अगर कोई तंत्र साधना करना चाहते हैं तो भी उसकी शुरुआत गुप्त नवरात्री में कर सकते हैं | कोई अगर दीक्षा लेना चाहते हैं तो भी ये समय बहुत अच्छा होता है | अध्यात्मिक सफलता के लिए भी गुप्त नवरात्री में साधना को बढ़ाया जा सकता ...

Bhagya Rekha Haatho Mai

जानिए भाग्य रेखा को और इसके जीवन में प्रभाव, क्या करे अगर भाग्य साथ न दे, जानिए हाथ देखने के कुछ तरीके.
bhagya rekha kya bataati hai jyotish me
bhagya rekha kaha hoti hai

भाग्य हमारे पुरे जीवन को प्रभावित करता है, हर घटना जो घट रहा है जीवन में उसमे भाग्य का खेल चल रहा है. अगर भाग्य साथ दे किसी का तो इसमें शक नहीं की वो इस जीवन में अपार सफलता आसानी से प्राप्त कर सकता है.
  • अच्छा भाग्य व्यक्तिगत जीवन को अच्छा करता है.
  • अच्छा भाग्य कामकाजी जीवन को भी अच्छा करता है.
  • अच्छा भाग्य कामकाजी जीवन को भी अच्छा करता है.
  • अच्छा भाग्य प्रेम जीवन को भी मजेदार बना देता है.

आइये जानते हैं भाग्य रेखा को हाथो में:

हमारे हथेली में एक रेखा ऐसी होती है जो की हथेली के तली से शुरू होक शनि पर्वत की तरफ जाती है. इस रेखा को भाग्य रेखा कहा जाता है. इस रेखा का अध्ययन ये बताता है की जातक जीवन में कितना संघर्ष करता होगा.

आइये जानते हैं अच्छे भाग्य रेखा की क्या पहचान है:

अच्छी भाग्य रेखा वो होती है जो की पतली परन्तु गहरी होती है. इसमें किसी प्रकार का कटाव नहीं दीखता है अर्थात इसमें किसी प्रकार की आदि तिरछी लाइन नहीं होती है. अगर ऐसी रेखा किसी के हाथ में हो तो वो जातक बहुत भाग्यशाली होता है, ऐसे जातक के जीवन में स्वास्थ्य, सम्पन्नता, मान-सम्मान आसानी से आ जाता है.

आइये जानते हैं की भाग्य रेखा में उम्र को कैसे जाने?

भाग्य रेखा में उम्र के हिसाब से घटनाओं को जानने के लिए इसे बराबर भागो में बांटा जाता है. शुरुआत करे ५ सालो से और ५ सालो के हिसाब से रेखा को बांटते चले.

आइये अब जानते हैं कुछ ख़ास बाते भाग्य रेखा के बारे में :

  1. जिग जेग भाग्य रेखा अस्थिरता को प्रदर्शित करता है व्यक्तिगत और कामकाजी जीवन में. ऐसे लोग एक ही कार्य में स्थिर नहीं रह पाते हैं और संतुष्टि को पाने के लिए इधर उधर घूमते रहते हैं. ऐसे जातक जॉब भी जल्दी जल्दी बदलते रहते हैं. ऐसे लोग अगर व्यापार में हो तो जल्दी जल्दी बदलाव करते है जो की निराशा भी देता है कभी कभी.
  2. एक लम्बी, गहरी, बिना टूटी भाग्य रेखा सफल जीवन का प्रतिक है. ऐसे जातक अपने इच्छित क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर लेते हैं और जीवन का आनंद अपने हिसाब से उठाते हैं.
  3. अगर भाग्य रेखा का अंत मस्तिष्क रेखा पर हो तो इसका अर्थ है की जीवन के मध्य में से जातक को पतन देखना पड़ सकता है या फिर यूँ कहे की जीवन में उतार देखना पड़ सकता है. ऐसे में निर्णय गलत होने से हानि हो सकती है आदि.
  4. अगर किसी जगह पर आके भाग्य रेखा रास्ता बदले तो इसका अर्थ है की उस उम्र में जातक जॉब बदलेगा या फिर कोई बड़ा निर्णय लेगा.
  5. अगर भाग्य रेखा के साथ कोई और रेखा भी बढ़ता हुआ दिखे तो इसका अर्थ है की भाग्य ज्यादा मजबूत होने वाला है. इससे सफलता के रास्ते खुलते हैं. ऐसे लोगो के एक से अधिक आय के स्त्रोत होते हैं. और ऐसे लोगो को दोस्तों, रिश्तेदारों का साथ भी खूब मिलता है.
  6. हाथो में भाग्य रेखा का न होना कर्मठ व्यक्ति को बताता है. ऐसे जातक खूब मेहनती होते हैं और अपनी उन्नति के लिए वे खुद ही जिम्मेदार होते हैं. भिक्षुको के भी हाथो में भाग्य रेखा का अभाव दीखता है.
  7. अगर भाग्य रेखा का अंत ह्रदय रेखा पर हो तो इसका अर्थ ये है की जातक जीवन के करीब ६० वर्ष तक अच्छा जीवन जियेगा और उसके बाद थोडा संघर्ष करना होगा.
  8. अगर भाग्य रेखा चन्द्र क्षेत्र से निकले तो इसका अर्थ है की जातक विदेश में जाके खूब उन्नति करेगा.
  9. अगर भाग्य रेखा जीवन रेखा से निकले तो इसका अर्थ है की जातक को परिवार वालो का साथ मिलेगा और ऐसे जातक परिवार के साथ ही पूरा जीवन व्यतीत कर सकते हैं.
  10. किसी भी प्रकार टूट फुट अगर भाग्य रेखा में हो तो इसका अर्थ है की उस समय में जातक के जीवन में उतार चढ़ाव बढ़ेगा. स्वास्थ्य समस्या, आर्थिक समस्या या व्यक्तिगत समस्या परेशान कर सकती है.
  11. अगर ह्रदय रेखा और भाग्य रेखा दोनों ही अच्छी हो तो इसका अर्थ है की जातक का प्रेम जीवन बहुत अच्छा होगा.
अतः हाथो में भाग्य रेखा हमारे जीवन के बहुत कुछ रहस्य को प्रकट कर सकता है.
परन्तु किसी भी निर्णय पर पहुचने से पहले अच्छे ज्योतिष से परामर्श जरुर ले लेना चाहिए क्यूंकी सिर्फ एक ही रेखा को देख के भाविस्यवानी नहीं होती है, अन्य रेखाओं का अध्ययन भी जरुरी होता है.


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