Shukra Ka Gochar Tula Rashi Mai Kab Hoga, शुक्र का तुला राशि में गोचर September 2026, Shukra gochar, jyotish updates, rashifal. Shukra Ka Gochar Tula Rashi Mai: शुक्र ग्रह जीवन में बहुत महत्व रखता है और इसका गोचर जीवन में बड़े बदलाव लाता है। शुक्र ग्रह भौतिक सुख-सुविधाओं, प्रेम, रोमांस, सौंदर्य, ग्लैमर आदि से संबंधित है और इसलिए हर कोई शानदार जीवन जीने के लिए शुक्र की शक्ति को बढ़ाना चाहता है। 2 September को दोपहर लगभग 1:40 बजे शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेंगे जो कि इसकी अपनी राशि है और इसलिए यह सभी के लिए मजबूत और सहायक बन जायेंगे । इस गोचर से मालव्य नाम का राजयोग बनेगा. तो इस ज्योतिष लेख में हम 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभावों को देखेंगे। Shukra Ka Gochar Tula Rashi Mai Shukra Ka Gochar Tula Rashi Mai Kab Hoga आइये जानते हैं 12 राशियों पर शुक्र के गोचर का क्या प्रभाव होगा ? मेष राशि मेष राशि वालों के लिए शुक्र का तुला राशि में गोचर विशेष रूप से विवाह, साझेदारी और व्यक्तिगत संबंधों के क्षेत्र को प्रभावित करेगा, क्योंकि तुला आपकी कुंडली का सप्तम भाव बनता ह...
शमी के पेड़ का महत्त्व, शनि और शमी में सम्बन्ध, जानिए क्यों पूजते हैं शमी के पेड़ को.
दशको से शमी पेड़ की पूजा विद्वानों, ब्राह्मणों, तांत्रिको, ज्योतिशो द्वारा किया जाता रहा हैं. अब प्रश्न ये है की क्यों शमी वृक्ष की पूजा की जाती है , क्या महत्त्व है इसका. इस लेख में हम शमी के पेड़ के बारे में ही जानेंगे.
शमी को अलग अलग नामो से जाना जाता है कुछ लोग इसे सांगरी में कहते हैं और कुछ इसे खेजरी भी कहते हैं. अंग्रेजी में इसे "प्रोसोपिस सिनेरेरिया " कहते हैं.
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| shami ka ped aur jyotish |
ज्योतिष के हिसाब से शमी का सम्बन्ध शनि ग्रह से है अतः शनि ग्रह की कृपा प्राप्त करने के लिए शमी की पूजा की जाती है, शनि साढ़े साती से बचने के लिए भी शमी की पूजा की प्रथा है.
दूसरी तरफ शमी भूमि के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है. इसको लगाने से भूमि की उपजाऊ क्षमता बढती है क्यूंकि इससे भूमि को नाइट्रोजन मिलता है प्राकृत तौर पर और ये बहुत कम पानी में भी फलता फूलता है. शमी का प्रयोग दवाइयों को बनाने में भी किया जाता है जैसे मानसिक रोग और शक्ति की औषधियों में.
दूसरी तरफ शमी भूमि के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है. इसको लगाने से भूमि की उपजाऊ क्षमता बढती है क्यूंकि इससे भूमि को नाइट्रोजन मिलता है प्राकृत तौर पर और ये बहुत कम पानी में भी फलता फूलता है. शमी का प्रयोग दवाइयों को बनाने में भी किया जाता है जैसे मानसिक रोग और शक्ति की औषधियों में.
मान्यता के अनुसार महाभारत काल में पांडवो ने शमी वृक्ष के निचे अपने शश्त्रो को रखके पूजा था युद्ध में जीत के लिए . अतः युद्ध में जाने से पहले लोग भी ऐसा करने लगे. पढ़िए दशहेरे के लिए टोटके हिंदी में .
आइये जानते हैं शमी वृक्ष के कुछ ज्योतिषीय लाभ:
- अगर शनि ग्रह के कारण जीवन में परेशानी आ रही है तो शमी के पेड़ के निचे दीपक जलाना चाहिए.
- अगर शनि साड़े साती चल रही हो तो भी शमी के पेड़ की पूजा से लाभ होता है.
- भूमि सम्बन्धी किसी समस्या को दूर करने के लिए भी शमी की पूजा से लाभ होता है.
- भारत के कुछ प्रान्तों में शमी की पत्तो को भाग्योदय के लिए एक दुसरे को दिए जाने की परंपरा है दशहरे में.
- शमी की लकडियो की समिधा का प्रयोग शनि के हवन में किया जाता है.
- अगर कोई जातक शनिवार के दिन ही सिर्फ शमी की पूजा करे तो इसमें कोई शक नहीं की शनि देव की कृपा उसे प्राप्त होती है.
- अगर कुंडली में शनि शुभ है तो शमी के पेड़ को पश्चिम दिशा में लगाने से लाभ होता है.
अतः शमी की पेड़ से लाभ ले , इसकी पूजा से लाभ उठाये और जीवन को सफल बनाए.
शमी के पेड़ का महत्त्व, शनि और शमी में सम्बन्ध, जानिए क्यों पूजते हैं शमी के पेड़ को.

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