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Mahalaxmi Devi Kaun Hai

Mahalaxmi Devi Kaun Hai, जानिए कुछ तथ्य धन देवी माता लक्ष्मी के बारे में, जानिए अष्ट लक्ष्मी के बारे में.

सभी की पसंदिदार देवी है माता लक्ष्मी, इनकी पूजा करना सभी पसंद करते हैं, सबसे ज्यादा जो शब्द हमे आकर्षित करता है वो है धन और इसी कारण धन की देवी महा लक्ष्मी जी भी लोगो के आकर्षण का केंद्र है. आइये जानते हैं कैसे माता लक्ष्मी प्रकट हुई, कौन है महालक्ष्मी, और अष्ट लक्ष्मी कौन है, कैसे आसानी से प्रसन्न करे माता को.
laxmi devi ko kaise khush kare
Mahalaxmi Devi Kaun Hai

धन के महत्तव को कोई नकार नहीं सकता है, इस भौतिक दुनिया को भोगने के लिए धन का होना अति आवश्यक है और इसी कारण सभी लोग मेहनत करते रहते हैं. हिन्दू मान्यता के अनुसार धन की देवी माता लक्ष्मी है इसी कारण लोग इनको प्रसन्न करने में लगे रहते .

कौन है महालक्ष्मी ?


पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी लक्ष्मी समुद्र मंथन से प्रकट हुई थी और तभी से वो भगवान् विष्णु के साथ रहती है जो की सबके पालनहार है. ये धन और सम्पन्नता की देवी है और इनका आशीर्वाद जिनको मिलता है वे सभी धनि होते हैं और ऐश्वर्यशाली जीवन व्यतीत करते हैं. इसीलिए लोग इनकी पूजा बड़ी तन्मयता से करते हैं रोज.

माता लक्ष्मी को श्री हरी की पत्नी माना जाता है. 

आइये जानते हैं अष्ट लक्ष्मी के बारे में :


लक्ष्मी जी की पूजा अनेक रूपों में की जाती है उनमे से 8 रूप बहुत प्रचलित है.  आद्य लक्ष्मी, गज लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, धन लक्ष्मी, विद्या लक्ष्मी, विजय लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी .

भक्तगण निम्न मंत्रो से इनकी पूजा आराधना करते हैं :

ॐ आद्य लक्ष्मयै  नमः, ॐ गज लक्ष्मयै  नमः , ॐ संतान लक्ष्मयै  नमः, ॐ वीर लक्ष्मयै  नमः, ॐ धन  लक्ष्मयै  नमः , ॐ विद्या लक्ष्मयै  नमः, ॐ विजय लक्ष्मयै  नमः, ॐ धान्य लक्ष्मयै  नमः .

महालक्ष्मी का बीज मन्त्र:


“श्रीं ” वो बीज मंत्र है जिसके द्वारा माता को प्रसन्न करने के लिए जप और ध्यान किया जाता है. ऐसी मान्यता है की इस बीज मंत्र की साधना से व्यक्ति के जीवन में सुख, सम्पन्नता , ऐश्वर्या का आगमन होता है.

महालक्ष्मी का यन्त्र :

Mahalaxmi Devi Kaun Hai, जानिए कुछ तथ्य धन देवी माता लक्ष्मी के बारे में, जानिए अष्ट लक्ष्मी के बारे में.

विश्व प्रसिद्द यन्त्र है “श्री यन्त्र ” जिसके बारे में सभी जानते हैं. ये यन्त्र साक्षात् माता का रूप है और इसकी स्थापना व्यापार स्थल, घर आदि में करके श्री को आकर्षित किया जाता है.

महालक्ष्मी का स्त्रोत:


“श्री सुक्तम” का पाठ अगर कोई रोज करे श्रद्दा , भक्ति से तो निश्चित ही माता की कृपा उस पर होती है. इसमे 16 श्लोक है.

देखिये निचे विडियो में श्री सूक्तं का हिंदी अनुवाद जिसके बाद आपको इसका महत्त्व और ज्यादा समझ आएगा |




लोग और भी बहुत मंत्रो और क्रियाओं द्वारा माता को प्रसन्न करने का प्रयास करते रहते हैं.

वैभव लक्ष्मी की पूजा भी माता लक्ष्मी से जुड़ी है और इसको करने से गरीबी, कर्ज, दुक आदि से छुटकारा मिलता है.
सिर्फ धन के लिए ही उनकी पूजा नहीं करना चाहिए अपितु सभी प्रकार से सम्पन्नता के लिए उनकी आराधना करना चाहिए. देवी सभी इचाओ को पूर्ण करने में सक्षम है. माता की कृपा को प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका है ह्रदय से प्रार्थना करना. किसी भी प्रकार के दिखावे की जरुरत नहीं है क्यूंकि वो सर्वज्ञ हैं. पवित्र मन से की गई प्रार्थना जरुर स्वीकार होती है.

धन शक्ति का होना अति आवश्यक है अगर इस संसार में सुख पूर्वक रहना है, इस दुनिया का आनंद लेना है और इसमें माता लक्ष्मी की पूजा बहुत सहायक हो सकती है.

सभी का कल्याण हो , सभी का मंगल हो.

||ॐ श्रीं श्रियै नमः ||

और सम्बंधित लेख पढ़े :
Who is mahalaxmi , in English.
लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय हिंदी में
महालक्ष्मी अष्टकम्
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