षट्तिला एकादशी कब है, Shattila Ekadashi का ज्योतिष महत्त्व, kya kare sattila ekadashi ko safalta ke liye, शट्तिला एकादशी vrat kaise kare. Shattila Ekadashi: षट्तिला एकादशी हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को समर्पित एक पवित्र व्रत तिथि है। यह माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है और खासकर तिल के छह प्रकार के उपयोग के कारण इसे षट्तिला नाम से जाना जाता है। इस दिन तिल का विशेष महत्व होता है। Shattila Ekadashi Kab hai 📅 षट्तिला एकादशी 2026 — तारीख और तिथि वर्ष 2026 में षट्तिला एकादशी बुधवार, 14 जनवरी 2026 को है। हिंदू पंचांग के अनुसार: एकादशी तिथि प्रारंभ: 13 जनवरी 2026, दोपहर लगभग 3:19 बजे से एकादशी तिथि समाप्त: 14 जनवरी 2026, शाम लगभग 5:53 बजे Shattila Ekadashi व्रत का मुख्य दिन/उदया तिथि: 14 जनवरी 2026 (बुधवार) पारण (व्रत खोलने का शुभ समय): 15 जनवरी 2026, प्रातः लगभग 7:15 बजे से 9:21 बजे तक Shat tila Ekadashi Ka Mahattw: षट्तिला एकादशी को भगवान विष्णु की विशेष कृपा का दिन माना जाता है। यह व्र...
Ghar Ke Andar Ke Pradushan Ka Prabhav, वास्तु में प्रदुषण, कैसे बनाए एक स्वस्थ वातावरण, फ्री वास्तु सलाह सफलता के लिए.
इसमे कोई शक नहीं की घर के अन्दर के प्रदुषण के कारण सदस्यों को बहुत स्वास्थ्य समस्याओं को भोगना पड़ता है और जो सदस्य लगातार प्रदूषित वातावरण में निवास करते हैं ज्यादा समय तक वो कई गंभीर रोगों से ग्रस्त हो जाते हैं.
![]() |
| घर में प्रदुषण का प्रभाव |
सिर्फ झाड़ू लगाना और पोचा लगाना ही पर्याप्त नहीं होता है, इसके साथ ही बहुत सी और बातो का ध्यान रखना जरुरी है जिससे की नकारात्मक उर्जाओं से घर को बचाया जा सके.
ये लेख सभी लोगो के लिए लाभ दायक सिद्द हो सकती है क्यूंकि हम सभी कुछ छोटी छोटी गलतियाँ जरुर करते हैं, हमारी कुछ आदते अनायास ही वास्तु उर्जा को बिगाड़ देती है और हमे इस बात की खबर ही नहीं रहती.
आइये देखते हैं की वास्तु के अन्दर प्रदुषण कैसे उत्पन्न होता है ?
- जब रसोई में खाना बनता है तो कई प्रकार के गैसे उत्पन्न होती है जो की अगर बहार न जा सके तो हानिकारक हो सकती है.
- आज के दौर में लोगो को डीयो और अनेक प्रकार के खुशबू वाले स्प्रे प्रयोग करने की आदत पड़ गई है जो की हानिकारक होती है.
- अगर कोई घर के अन्दर सिगरेट या बीडी आदि पीते हैं तो ये सभी के लिए ख़तरा पैदा कर देते हैं.
- मच्छर मारने या कीड़े मारने की दवा का प्रयोग जायदा करना भी हानिकारक हो सकता है.
- अगर घर में सही खिड़कियाँ नहीं है हवा के आवागमन के लिए तो इससे स्वास्थ्य हानि का खतरा बहुत बढ़ जाता है.
- अगर हम घर में टीवी या म्यूजिक बहुत अधिक आवाज में चलाते हैं तो ये भी ध्वनि प्रदुषण उत्पन्न करता है जो की ठीक नहीं है .
अब आइये देखते हैं की क्या- क्या हानि उठानी पड़ सकती है लोगो को आंतरिक वास्तु प्रदुषण के कारण :
- फेफड़ो में समस्या उत्पन्न हो सकता है, फेफडो के कैंसर का ख़तरा भी बढ़ता है.
- प्रदूषित वायु में रहने से श्वास की समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है.
- ह्रदय सम्बंधित रोगों के होने का ख़तरा भी बढ़ जाता है.
- पेट खराब रहने लगता है.
- अवसाद और मानसिक अस्थिरता बढ़ सकता है.
- आपसी संबंधो में भी खटास आ जाता है .
आइये देखते हैं कुछ फ्री वास्तु को प्रदुषण से मुक्त रखने के लिए :
Ghar Ke Andar Ke Pradushan Ka Prabhav, वास्तु में प्रदुषण, कैसे बनाए एक स्वस्थ वातावरण, फ्री वास्तु सलाह सफलता के लिए.- घर पर सही खिड़कियाँ होनी चाहिए जिससे की वायु का आवागमन हो सके. ख़राब वायु बाहर जा सके और शुद्ध वायु अन्दर आ सके.
- अपने रसोई घर को इस तरह से बनाए जिससे की गैसेस सही तरीके से बाहर जा सके. प्रदूषित वायु को बहार फेकने वाले पंखो का सही स्तेमाल करे.
- घर के अन्दर सिगरेट, बीड़ी आदि ना पियें.
- डीयो, सेंट आदि स्प्रे का लगातार स्तेमाल न करे.
- टीवी, रेडियो आदि की आवाज को सही रखे जिससे ध्वनि प्रदुषण न हो.
- अपने स्टोर रूम को लगातार साफ़ करते रहे.
- अगर आप सब्जियां बहुत अधिक मात्र में सहज के रखते हैं तो उन्हें हवादार कमरे में रखे और नियमित तौर पर उनकी साफ़ सफाई करते रहे.
अतः अगर स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो ये जरुरी है की वास्तु को आन्तरिक प्रदुषण से मुक्त रखा जाए. ये सफल जीवन जीने का सबसे बेहतरीन उपाय है. वास्तु ऊर्जा को बनाये रखे जिससे कोई समस्या न आ सके.
और सम्बंधित लेख पढ़े :
Effects Of Indore Pollution In Vastu
बेडरूम कब लाता है दुर्भाग्य
Ghar Ke Andar Ke Pradushan Ka Prabhav, वास्तु में प्रदुषण, कैसे बनाए एक स्वस्थ वातावरण, फ्री वास्तु सलाह सफलता के लिए.

Comments
Post a Comment