Gupt navratri kab se shuru hogi 2026, माघ महीने की गुप्त नवरात्री का महत्त्व, Gupt Navratri Ke upay. Gupt Navratri 2026: हिन्दू पंचांग अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से गुप्त नवरात्री शुरू होती है और दैविक आराधना के लिए अती महत्त्वपूर्ण दिन शुरू हो जाते है. इस साल गुप्त नवरात्री 19 जनवरी सोमवार से शुरू होंगे और 27 जनवरी तक रहेंगे . ये 9 दिन साधना, आराधना, तंत्र, मंत्र साधना, अध्यात्मिक उन्नति के लिए बहुत ज्यादा महत्त्व रखते है. प्रतिपदा तिथि 19 तारीख को तडके लगभग 1:23 बजे शुरू हो जाएगी. Magh Mahine Ki Gupt Navratri Kab se hai गुप्त नवरात्री क्यों महत्त्व रखता है? Gupt Navratri 2026 गुप्त नवरात्री साधना के लिए अति महत्त्वपूर्ण दिन होते हैं और इस समय में कोई भी व्यक्ति अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु देवी आराधना कर सकते हैं | अगर कोई तंत्र साधना करना चाहते हैं तो भी उसकी शुरुआत गुप्त नवरात्री में कर सकते हैं | कोई अगर दीक्षा लेना चाहते हैं तो भी ये समय बहुत अच्छा होता है | अध्यात्मिक सफलता के लिए भी गुप्त नवरात्री में साधना को बढ़ाया जा सकता ...
Ghar Ke Andar Ke Pradushan Ka Prabhav, वास्तु में प्रदुषण, कैसे बनाए एक स्वस्थ वातावरण, फ्री वास्तु सलाह सफलता के लिए.
इसमे कोई शक नहीं की घर के अन्दर के प्रदुषण के कारण सदस्यों को बहुत स्वास्थ्य समस्याओं को भोगना पड़ता है और जो सदस्य लगातार प्रदूषित वातावरण में निवास करते हैं ज्यादा समय तक वो कई गंभीर रोगों से ग्रस्त हो जाते हैं.
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| घर में प्रदुषण का प्रभाव |
सिर्फ झाड़ू लगाना और पोचा लगाना ही पर्याप्त नहीं होता है, इसके साथ ही बहुत सी और बातो का ध्यान रखना जरुरी है जिससे की नकारात्मक उर्जाओं से घर को बचाया जा सके.
ये लेख सभी लोगो के लिए लाभ दायक सिद्द हो सकती है क्यूंकि हम सभी कुछ छोटी छोटी गलतियाँ जरुर करते हैं, हमारी कुछ आदते अनायास ही वास्तु उर्जा को बिगाड़ देती है और हमे इस बात की खबर ही नहीं रहती.
आइये देखते हैं की वास्तु के अन्दर प्रदुषण कैसे उत्पन्न होता है ?
- जब रसोई में खाना बनता है तो कई प्रकार के गैसे उत्पन्न होती है जो की अगर बहार न जा सके तो हानिकारक हो सकती है.
- आज के दौर में लोगो को डीयो और अनेक प्रकार के खुशबू वाले स्प्रे प्रयोग करने की आदत पड़ गई है जो की हानिकारक होती है.
- अगर कोई घर के अन्दर सिगरेट या बीडी आदि पीते हैं तो ये सभी के लिए ख़तरा पैदा कर देते हैं.
- मच्छर मारने या कीड़े मारने की दवा का प्रयोग जायदा करना भी हानिकारक हो सकता है.
- अगर घर में सही खिड़कियाँ नहीं है हवा के आवागमन के लिए तो इससे स्वास्थ्य हानि का खतरा बहुत बढ़ जाता है.
- अगर हम घर में टीवी या म्यूजिक बहुत अधिक आवाज में चलाते हैं तो ये भी ध्वनि प्रदुषण उत्पन्न करता है जो की ठीक नहीं है .
अब आइये देखते हैं की क्या- क्या हानि उठानी पड़ सकती है लोगो को आंतरिक वास्तु प्रदुषण के कारण :
- फेफड़ो में समस्या उत्पन्न हो सकता है, फेफडो के कैंसर का ख़तरा भी बढ़ता है.
- प्रदूषित वायु में रहने से श्वास की समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है.
- ह्रदय सम्बंधित रोगों के होने का ख़तरा भी बढ़ जाता है.
- पेट खराब रहने लगता है.
- अवसाद और मानसिक अस्थिरता बढ़ सकता है.
- आपसी संबंधो में भी खटास आ जाता है .
आइये देखते हैं कुछ फ्री वास्तु को प्रदुषण से मुक्त रखने के लिए :
Ghar Ke Andar Ke Pradushan Ka Prabhav, वास्तु में प्रदुषण, कैसे बनाए एक स्वस्थ वातावरण, फ्री वास्तु सलाह सफलता के लिए.- घर पर सही खिड़कियाँ होनी चाहिए जिससे की वायु का आवागमन हो सके. ख़राब वायु बाहर जा सके और शुद्ध वायु अन्दर आ सके.
- अपने रसोई घर को इस तरह से बनाए जिससे की गैसेस सही तरीके से बाहर जा सके. प्रदूषित वायु को बहार फेकने वाले पंखो का सही स्तेमाल करे.
- घर के अन्दर सिगरेट, बीड़ी आदि ना पियें.
- डीयो, सेंट आदि स्प्रे का लगातार स्तेमाल न करे.
- टीवी, रेडियो आदि की आवाज को सही रखे जिससे ध्वनि प्रदुषण न हो.
- अपने स्टोर रूम को लगातार साफ़ करते रहे.
- अगर आप सब्जियां बहुत अधिक मात्र में सहज के रखते हैं तो उन्हें हवादार कमरे में रखे और नियमित तौर पर उनकी साफ़ सफाई करते रहे.
अतः अगर स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो ये जरुरी है की वास्तु को आन्तरिक प्रदुषण से मुक्त रखा जाए. ये सफल जीवन जीने का सबसे बेहतरीन उपाय है. वास्तु ऊर्जा को बनाये रखे जिससे कोई समस्या न आ सके.
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