Gupt navratri kab se shuru hogi 2026, माघ महीने की गुप्त नवरात्री का महत्त्व, Gupt Navratri Ke upay. Gupt Navratri 2026: हिन्दू पंचांग अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से गुप्त नवरात्री शुरू होती है और दैविक आराधना के लिए अती महत्त्वपूर्ण दिन शुरू हो जाते है. इस साल गुप्त नवरात्री 19 जनवरी सोमवार से शुरू होंगे और 27 जनवरी तक रहेंगे . ये 9 दिन साधना, आराधना, तंत्र, मंत्र साधना, अध्यात्मिक उन्नति के लिए बहुत ज्यादा महत्त्व रखते है. प्रतिपदा तिथि 19 तारीख को तडके लगभग 1:23 बजे शुरू हो जाएगी. Magh Mahine Ki Gupt Navratri Kab se hai गुप्त नवरात्री क्यों महत्त्व रखता है? Gupt Navratri 2026 गुप्त नवरात्री साधना के लिए अति महत्त्वपूर्ण दिन होते हैं और इस समय में कोई भी व्यक्ति अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु देवी आराधना कर सकते हैं | अगर कोई तंत्र साधना करना चाहते हैं तो भी उसकी शुरुआत गुप्त नवरात्री में कर सकते हैं | कोई अगर दीक्षा लेना चाहते हैं तो भी ये समय बहुत अच्छा होता है | अध्यात्मिक सफलता के लिए भी गुप्त नवरात्री में साधना को बढ़ाया जा सकता ...
Motapa Niyantran Ke Liye Acupressure, मोटापा कैसे कम करे प्राकृतिक तरीके से, मोटापा को नियंत्रित करने का आसान तरीका.
ज्यादा वजन कई गंभीर परेशानियाँ उत्पन्न कर देता है जीवन में, अधिक वजन के कारण हम स्वतंत्र होकर जीवन का आनंद नहीं ले पाते हैं. मोटापे के कारण नौकरी, व्यापार और व्यक्तिगत जीवन में भी कई परेशानियां होती है. अतः ये जरुरी है की इसे नियंत्रिक किया जाए.
आज के दौर में आहार विशेषज्ञों, स्लिमिंग केन्द्रों के द्वारा कई प्रकार के कोर्सेज करवाए जाते हैं जिसके द्वारा वजन कम किया जाता है और लोग इनका लाभ ले रहे हैं परन्तु इस लेख में आपको में ये बताने जा रहा हूँ की किस प्रकार से शारीर में मौजूद कुछ बिन्दुओं को दबाकर शारीर को स्वस्थ रखा जा सकता है. इस उपचार पद्धति का प्रयोग कोई भी बहुत आसानी से कर सकता है और वो भी स्वयं बिलकुल मुफ्त, free.
आगे बढ़ने से पहले चलिए पहले जान लेते हैं कुछ महत्वपूर्ण बातें जिसके बाद आप को उपचार करना आसान हो जाएगा.
spleen क्या होता है ?
हिंदी में इसे हम तिल्ली या फिर प्लीहा के नाम से जानते हैं ये शारीर के अन्दर मौजूद एक महत्वपूर्ण अंग है जो की जिगर और गुर्दे के बीच में स्थित है. ये शारीर के अन्दर मौजूद लसिका प्रणाली का महत्वपूर्ण भाग है, ये कीटाणुओं से लड़ता है शारीर को स्वस्थ रखने के लिए, ये संचार प्रणाली को स्वस्थ रखता है शारीर के अन्दर जिससे की पाचन भी अच्छा होता है और यही नहीं खून को साफ़ करने के काम में भी ये सलग्न रहता है. अतः प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए ये महत्वपूर्ण है.
एक्यूप्रेशर काम करता है मेरीडियन सिस्टम के ऊपर अर्थात शारीर के अन्दर कई प्रकार के मेरीडियन हैं जिनमे की अलग अलग बिन्दुओं पर दबाव डाला जाता है जिससे की शारीर के अन्दर विशेष प्रकार का रासायनिक क्रियाएं होती है और लाभ पहुचती है व्यक्ति को.
spleen मेरीडियन जो है वो शुरू होता है पैर के अंगूठे से और जाता है ह्रदय तक.
अब आइये जानते हैं मोटापे के कुछ ख़ास कारणों को:
- अपने स्वाद और भूख पर नियंत्रण न होने से मोटापे को हम बढ़ाते हैं.
- पाचन प्रणाली के कमजोर होने से भी मोटापा बढ़ने लगता है.
- फ़ास्ट फ़ूड का ज्यादा स्तेमाल भी हमे नुक्सान पहुचता है.
- सही मात्रा में शारीरिक परिश्रम न करना और व्यायाम आदि न करना भी इसका एक महत्वपूर्ण कारण है.
इस सब के करना शारीर में वसा बढ़ने लगता है और हम मोटापे के शिकार हो जाते हैं और देखते ही देखते कई अन्य बीमारियाँ भी हमे घेर लेती हैं.
आइये अब जानते हैं मोटापा कम करने के आसान तरीके :
कारण जानने के बाद इलाज करना आसान हो जाता है अब चूँकि हम बहुत कुछ जान चुके है तो अब आगे बताये हुए सलाह को अपनाना सबके लिए आसान होगा.
- सबसे जरुरी चीज है अपने आत्मशक्ति को बढ़ाना , अपने मन में संकल्प लेना की “मैं मोटापे को कम करके ही रहूँगा”.
- अब फ़ास्ट फ़ूड , सोडा ड्रिंक्स आदि से बचें, ये शारीर को कमजोर करते हैं और अस्वस्थ करते हैं.
- रोज कुछ समय शारीरक परिश्रम जरुर करें.
- व्यायाम और योग को भी अपने जिन्दगी में स्थान दे.
- एक्यूप्रेशर पद्धति का स्तेमाल करे जो की हानि रहित है –
देखा जाए तो शारीर में हजारो पॉइंट्स है जिनमे दबाव डाल के हम रोग को भगा सकते हैं परन्तु यहां पर मैं आपको कुछ ही बताने वाला हूँ जो की हर तरह से आपकी मदद करेगा मोटापे को कम करने में. रोग को भगाने के लिए शारीर के अन्दर मौजूद हर अंग का स्वस्थ होना भी आवश्यक है ये ध्यान में रखना चाहिए. अतः हाथ और तलवों में मौजूद हर पॉइंट्स को दबाना एक कारगर उपाय है अपने ह्रदय, फेफड़े, गुर्दे , आंतड़ियों को स्वस्थ रखने के लिए.
अब शुरू करते हैं कुछ पॉइंट्स पर प्रेशर डालना –
- सबसे पहले भूख को नियंत्रण करनेवाले पॉइंट को 3 मिनट तक दबा के इलाज का प्रारंभ करना चाहिए. ये पॉइंट है कान के पास बीच में , इस आर्टिकल के साथ मौजूद चित्र को देखें.
- मैजिक मसाजर का प्रयोग करे दोनों हथेलियों के बिन्दुओं को दबाने के लिए.इससे ह्रदय, गुर्दे , फेफड़े आदि के बिंदु उत्तेजित होंगे और शक्तिशाली बनेंगे..
- पैर के अगुठे के निचे एक ऐसा क्षेत्र है जो की मोटापा, तोंसिल, हारमोंस को नियंत्रिक करता है अतः इसे भी कम से कम 3 मिनट तक दबाना चाहिए समय समय पर.
- अब spleen के बिन्दुओं को दबाये जिनका विवरण चित्र में दिया गया है 1 से लेकर 6 तक.
- इसके अलावा रोलर मसाजर का स्तेमाल करके तलवों के बिन्दुओं को दबाएँ और हथेलियों में भी इसका प्रयोग करे.
- सूर्यास्त के बाद न खाएं
- सोने से पहले थोडा चहल कदमी कर लें और उठने के बाद भी सैर पर जाया करें पैदल.
- मार्किट में मोटापा कम करने के रिंग्स भी मिलते हैं जिनमे की रांगा की अंगूठी का असर काफी अच्छा मिल रहा है लोगो को. इसका भी स्तेमाल आप कर सकते हैं.
- रांगा की अंगूठी का प्रयोग मध्यमा या अनामिका के साथ ही पैर के अंगूठे मै किया जा सकता है , ये नसों को मजबूत करने में बहुत मदद करता है.
मैं आशा करता हूँ की इस लेख का लाभ सभी ले पायेंगे और प्राकृतिक रूप से स्वस्थ जीवन व्यतीत कर पायेंगे.
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