Chandra Grahan September 2025, चंद्र ग्रहण कब लगेगा, चंद्र ग्रहण तिथि और समय, Chandra Grahan Date and Time, Chandra Grahan Rashifal, चंद्र ग्रहण का असर, 12 राशियों पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव, kin baato ka dhyan rakhen. Chandra Grahan September 2025: 7 सितंबर को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने वाला है जो की भारत में दिखाई देगा जिससे इसका सूतक काल भी मान्य होगा. गोचर कुंडली को देखें तो ये पूर्ण चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में लगेगा. 7 मार्च, 2025 को पूर्ण चंद्रग्रहण लगेगा, इस खगोलीय घटना के दौरान, चंद्रमा पृथ्वी की छाया में चला जाएगा जिससे वो गहरे लाल रंग का हो जाएगा जिसे अक्सर "ब्लड मून" कहा जाता है। Chandra Grahan Kab Lagega Watch Video Here इस महीने 'ब्लड मून' पूर्ण चंद्रग्रहण कहां दिखाई देगा? ये पूर्ण चन्द्र ग्रहण एशिया, हिन्द महासागर, अन्टार्क्टिका, पश्चिमी प्रशांत महासागर, ऑस्ट्रेलिया, और यूरोप में दिखाई देगा. Chandra Grahan September 2025 क्यों होता है ब्लड मून? जब हमारी पृथ्वी अपने परिक्रमा पथ पर बढ़ते हुए चंद्रमा और ...
तलाक के मुख्य कारण जो की उत्प्रेरक का कार्य करते हैं. जानिए उन कारणों को जो संबंधो को तलाक तक पहुंचा देते हैं, ज्योतिषीय कारण जानिए तलाक के, जानिए ज्योतिष समाधान तलाक के.
आज के दौर में तलाक के बढ़ते मामले सही मायने में एक गंभीर विषय है पुरे संसार के लिए. अब ये समय आ गया है की इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाए और कारणों को जाना जाए. तलाक से अपने आपको बचाने के लिए भी समाधान खोजना चाहिए.
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Talaak Ke Karan Aur Jyotish Samadhan |
तलाक को लेके कुछ महत्त्वपूर्ण सवाल आते हैं जैसे :
- आज के कुछ युवा लोग क्यों विवाह के संबंधो को निभा नहीं पा रहे हैं?
- क्यों आज कोई एक साथी संघर्ष के समय दुसरे का साथ नहीं दे पाता है?
- क्यों अहंकार इतना महत्त्वपूर्ण हो गया है की बात तलाक तक पहुँच जाती है.
- क्यों लम्बे समय तक रहने के बाद दंपत्ति तलाक लेने लगे हैं.
- क्या ज्योतिष तलाक को रोकने में सहायक हो सकता है?
- क्यों आज कुछ समय के बाद प्रेम संबंधो में दरार आ जाता है?
- क्यों हम अपने वैवाहिक जीवन को रोज नवीनता से नहीं देख पाते हैं?
- क्यों ले तलाक?
- क्यों लोग तलाक के बाद के परिणामो पर विचार नहीं कर पाते हैं?
अगर हम ऊपर लिखे प्रश्नों पर गहराई से विचार करे तो निश्चित ही हम कुछ न कुछ हल निकाल पायेंगे तलाक समस्या का.
आइये जानते हैं कुछ महत्त्वपूर्ण कारको को जिनके कारण प्रेम संबंधो में दरार आने लगती है और बात फिर तलाक तक पहुँच जाती है: -
- हमे खुद के ही इच्छाओ के बारे में सही से पता नहीं रहता : ये एक महत्त्वपूर्ण कारण है जिसके कारण हमे साधारणतः जीवन के हर विषय में समस्या आती है. जब तक हमे अपने स्वयं के बारे में पता नहीं होगा, खुद के इच्छाओ और गुणों को नहीं जानेंगे, हम कैसे सही निर्णय ले पायेंगे. और यही कारण होता है की अधिकतर लोग जीवन साथी को चुनने के समय गलत निर्णय ले लेते हैं. जीवन बहुत ही महत्त्वपूर्ण होता है और हमे ये पता होना चाहिए की हम जीवन से क्या चाहते हैं, हमारी प्रकृति क्या है जिससे की हम सही साथी का चुनाव कर सके.
- जीवन के प्रति उदासीनता : जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं. कुछ लोग संघर्ष के कारण, पारिवारिक समस्याओं के कारण, बीमारियों के कारण, अनचाहे घटनाओं के कारण जीवन के प्रति उदासीन हो जाते हैं जो की बहुत ही खतरनाक होता है और इससे वैवाहिक जीवन टूटने में समय नहीं लगता है. एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए हमे सकारात्मक सोच रखना होगा और अपने साथी को भी सकारात्मक बनाए रखना होगा. सुबह भी रोज होती है और शाम भी रोज होती है , इससे घबराना नहीं चाहिए. हमे ये विश्वास रखना होगा की “स्थितियां बदलेंगी जरुर.” जीवन को उत्साह से जीने का प्रयास करे.
- जरुरत से ज्यादा उत्तरदाईत्त्व को ले लेना: कभी कभी ऐसा भी देखने में आता है की कोई एक साथी ज्यादा उत्तरदाईत्त्व को ले लेता है और इसी कारण प्रेशर में आ जाता है. कुछ समय बाद ज्यादा उत्तरदाईत्त्व के कारण बोझ महसूस होने लगता है और इसी कारण से संबंधो में खटास आने लगती है. लम्बे समय में यही बात तलाक तक भी पहूच जाता है.
- सेक्स संबंध के महत्त्व को न समझना: अपने जीवन साथी के साथ सेक्स सम्बन्ध बनाना भी एक महत्त्वपूर्ण भाग होता है वैवाहिक जीवन का परन्तु कुछ लोग इसके प्रति भी अनभिज्ञ रहते हैं. लम्बे समय में इसके कारण भी तलाक के मामले बन जाते हैं. अपने साथी के साथ शारीरिक सम्बन्ध भी बनाने में संकोच नहीं करना चाहिए और अगर कोई झिझक हो तो उसे भी बाते करके दूर करना चाहिए.
- शंकालु स्वभाव: कुछ लोगो का स्वभाव बहुत ही शंकालु होता है, अपने साथी के ऊपर ज्यादा शक करने से भी संबंधो में खटास आने लगता है, कड़वाहट बढ़ने लगता है और धीरे धीरे बात तलाक तक पहुच जाती है.
- एक दुसरे के कार्यो में सकारात्मक रूप से सहयोग न देना: ये भी एक महत्त्वपूर्ण बात है. पति पत्नी को एक दुसरे के कार्यो में सहयोग करना चाहिए, एक दुसरे के कार्यो की तारीफ करना चाहिए और प्रेरित करना चाहिए. इससे मनोबल बढ़ता है और संबंधो में भी मिठास बढ़ने लगती है. एक दुसरे से सहयोग नहीं करने से भी संबंधो में दरार आने लगती है और धीरे धीरे तलाक तक भी पंहुच जाती है.
आइये अब जानते हैं तलाक के कुछ ज्योतिषीय कारण:
- कुंडली मिलान में जरुरी गुणों का न मिलना – कई बार लोग गुणों के नहीं मिलने पर भी किसी दबाव में आके विवाह कर लेते हैं या कर देते हैं और इसके कारण बाद में वैवाहिक जीवन में परेशानी आने से दोनों अलग हो जाते हैं. ग्रहों का एक दुसरे को सपोर्ट नहीं करने से जीवन में बहुत परेशानी आ सकती है.
- मंगल दोष : कई तलाक के मामलो में देखा गया है की विवाह के समय मंगल दोष को नजरअंदाज कर दिया गया और बाद में दंपत्ति में तलाक हो गया. अतः ज्योतिष से सही मार्गदर्शन लेके ही बड़े निर्णय करने चाहिए.
- नाड़ी दोष : कुंडली मिलान में नाड़ी दोष एक महत्त्वपूर्ण दोष माना जाता है. इस दोष के होने पर अगर विवाह हो जाए तो अनावश्यक समस्याए उत्पन्न होने लगती है. इससे गलत फहमी बढ़ सकती है, तलाक हो सकता है, स्वास्थ्य समस्याए उत्पन्न हो सकती है.
- काला जादू का प्रभाव: आज के इस दौर में भी हम काले जादू की शक्ति को नजर अंदाज नहीं कर सकते हैं, दुनिया में ऐसे बहुत से जगह है जहाँ आज भी लोग काला जादू का स्तेमाल एक दुसरे को नुक्सान पहुचाने के लिए करते हैं. कई लोगो का गृहस्थ जीवन काले जादू के कारण भी ख़राब हो गया है. अगर कभी अनहोनी घटने लगे तो अच्छे ज्योतिष से मर्दर्शन लेना चाहिए और सही उपाय करना चाहिए.
- ग्रहों का बुरा प्रभाव: ऐसा भी देखा गया है की बुरे ग्रहों के प्रभाव के कारण जीवन कांटो से भर जाता है और प्रेम सम्बन्ध भी टूट जाते हैं. अतः अगर किसी बुरे ग्रह की दशा या अंतर दशा चल रही हो तो उसके ज्योतिषीय उपाय कर लेने चाहिए ताकि बात तलाक तक न पहुंचे.
- प्रभावशाली व्यक्तित्त्व का न होना: कई बार ऐसा भी देखा गया है की विपरीत लिंग को प्रभावित करने वाले व्यक्तित्त्व की कमी के कारण भी कई लोग तलाक तक पहुँच गए. व्यक्तित्त्व पर ग्रहों का पूर्ण प्रभाव होता है, कमजोर ग्रह के कारण हमारे अन्दर दुसरो को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने की शक्ति नहीं रहती है और जीवन में संघर्ष बढ़ जाता है. ऐसे में ज्योतिष से मार्गदर्शन लेके समाधान करना चाहिए.
आइये अब जानते हैं कुछ कैसे ज्योतिष के माध्यम से हम तलाक से बच सकते हैं?
ऊपर हमने कुछ कारणों को देखा अतः उनको देखते हुए अगर हम कुछ उपाय करे तो जीवन को अच्छा और सफल कर सकते हैं. तलाक से बचने के लिए ज्योतिष में कई उपायों का सहारा लिया जाता है जैसे –- ख़राब ग्रहों की शांति पूजा करके ज्योतिष में समाधान किया जाता है.
- सिद्ध यंत्रो को स्थापित करके पूजा करके भी तलाक से बचने के उपाय किये जाते हैं.
- कई बार वशीकरण मंत्रो और आकर्षण मंत्रो का जप भी लाभदायक होता है.
- कुछ तांत्रिक मंत्रो का जप भी साथी के साथ संबंधो को ठीक करने के लिए किया जाता है.
- शुक्र वशीकरण प्रयोग भी वैवाहिक जीवन को ठीक करने के लिए किया जाता है.
- सर्वारिष्ट निवारण प्रयोग भी ऐसे में लाभ देता है.
- कुछ लोग टोटको का प्रयोग करके भी वैवाहिक जीवन को सफल बनाते हैं.
अतः ऐसे बहुत से तरीके है जिनका स्तेमाल हमे तलाक से बचाता है और वैवाहिक सम्बन्ध, प्रेम सम्बन्ध को मजबूत करता है.
अगर आप भी प्रेम संबंधो में परेशान हो रहे है.
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