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Deepawali Ki Pooja Kab Kare?

Deepawali Ki Pooja Kab Kare 2026,  दीपावली पूजा का समय,  Deepawali ki pooja kab kare, Diwali puja muhurat 2026, Diwali puja ka samay, Laxmi puja muhurat 2026, Diwali puja timing. दीपोत्सव बहुत ही ख़ास होता है हर हिन्दू के लिए क्यूंकि इस दिन विशेष रूप से धन की देवी महालक्ष्मी की पूजा होती है जो की अपने भक्तो को प्रसन्न होने पर धन, वैभव प्रदान करती है जिससे व्यक्ति इस भौतिक संसार में ऐशो आराम से जीता है.  आइये जानते हैं दिवाली पूजन की सही तारीख 2026 : वर्ष 2026 में दीपावली (लक्ष्मी पूजा) 8 नवंबर 2026, रविवार को की जाएगी। अमावस्या तिथि प्रारम्भ: 8 नवंबर 2026 को सुबह 11:29 बजे अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर 2026 को दोपहर 12:32 बजे Deepawali Ki Pooja Kab Kare? दिवाली प्रकाश का उत्सव है और ये कार्तिक महीने की अमावस्या को मनाया जाता है. भारतीय लोग इस उत्सव को बहुत ही हर्ष और उल्लास से मनाते हैं पूरी दुनिया में.  हर व्यक्ति के लिए धन बहुत महत्त्व रखता है और इसी कारण रोज हर कोई धन पाने के लिए संघर्ष करता रहता है. दिवाली पर पूजन करने से माता की कृपा प्राप्त होती है और व्य...

Grahan Shanti Pooja In Hindi

ग्रहण दोष निवारण पूजा | कुंडली में ग्रहण योग का समाधान | जानिए कुछ आसान उपाय ग्रहण योग के प्रभाव को कम करने के 
ग्रहण दोष निवारण पूजा बहुत जरुरी है उन पुरुष और महिलाओं के लिए जो इसके प्रभाव से ग्रस्त है. इस पूजा द्वारा ग्रहण दोष के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है और जीवन को सरल बनाया जा सकता है.
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Grahan Shanti Pooja In Hindi
  • अगर कोई ग्रहण योग के कारण पढ़ाई नहीं कर पा रहा है तो ग्रहण दोष निवारण पूजा करनी चाहिए. 
  • अगर किसी के शादी में देरी हो रही है ग्रहण योग के कारण तो ये पूजा करनी चाहिए. 
  • अगर किसी को स्वास्थ्य हानि हो रही है लगातार ग्रहण योग के कारण तो भी ये पूजा करनी चाहिए. 
  • अगर कोई बचत नहीं कर पा रहा है और सम्पन्नता से वंचित है ग्रहण योग के कारण तो भी शांति पूजा से लाभ हो सकता है. 
  • अगर रोजगार में बाधा आ रही है तो भी इस पूजा से लाभ उठाया जा सकता है. 
  • अगर किसी को संतान होने में समस्या आ रही है ग्रहण दोष के कारण तो भी इस पूजा से लाभ लिया जा सकता है. 

ग्रहण योग क्या होता है ?

मेरे पिछले लेख में इस विषय में जानकारी दी है अतः “ग्रहण योग क्या है"इस लेख को पढ़े.
जब भी राहू और केतु के साथ कोई ग्रह किसी भाव में बैठ जाए तो ग्रहण योग का निर्माण हो जाता है. इसके दुष्प्रभाव को कम करने के लिए लगातार पूजा करते रहना चाहिए. 
इसके कारण समाज में नाम, ख्याति, सफलता प्राप्त करने में परेशानी आती है. 

आइये जानते हैं किस प्रकार की पूजाएँ की जाती है ग्रहण योग की शांति के लिए ?

चूँकि राहू और केतु के कारण ये योग बनता है तो बहुत से लोग इन्ही दो ग्रहों की पूजाए कर लेते है परन्तु ये तरीका ठीक नहीं है. कौन सी पूजाए करनी चाहिए , इसका निर्णय करने के लिए कुंडली को देखना जरुरी होता है और जिस ग्रह के कारण परेशानी आ रही है उससे सम्बंधित उपाय करने होते हैं.

आइये जानते हैं कुछ फ्री समाधान ग्रहण योग के जो आसानी से किया जा सकता है :

  1. अगर आप चन्द्रग्रहण योग से ग्रस्त है तो रोज शिव मंदिर में पूजा करने का नियम बना ले. रोज अभिषेक करके शिव मन्त्र का जप करना लाभदायक होता है.
  2. अगर आप सूर्य ग्रहण दोष से ग्रस्त है तो रोज सूर्य को अर्ध्य देके अपने सफल जीवन के लिए प्रार्थना करे.
  3. अगर आप गुरु ग्रहण योग से ग्रस्त है तो ब्राह्मणों और गुरुजनों का आशीर्वाद लेना न भूले समय समय पर.
  4. गणेशजी की पूजा भी ऐसे में लाभ देती है.
  5. शांति पूजा के बाद कवच भी मंगवा के आप धारण कर सकते हैं.
  6. कुंडली दिखवा के भाग्यशाली रत्न भी धारण किया जा सकता है.
अगर कुंडली में ग्रहण योग बन रहा है तो इसमें डरने की जरुरत नहीं है , सकारात्मक उर्जाव पर भरोसा करे, ईश्वरीय शक्ति पर भरोसा करे और जीवन में सब शुभ ही होगा. 
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