Mahashivratri kab hai 2026 mai, क्या करे शिवरात्रि को, कैसे कर सकते है शिव पूजा, किस प्रकार की पूजाए संभव है शिवरात्रि मे, समस्याओं का समाधान महाशिवरात्रि मे. Mahashivratri 2026: हिन्दू धर्म ग्रंथो के अनुसार शिवरात्रि एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण रात्रि होती है, साधनाओ को करने हेतु महाशिवरात्रि एक शक्तिशाली रात्रि मानी गई है. भौतिक इच्छाओं को पूरी करना हो या फिर अध्यात्मिक, शिवरात्रि बहुत महत्तवपूर्ण समय होता है अनुष्ठानो को करने के लिए | ऐसा माना जाता है कि महाशिवरात्रि की दिव्य रात्रि में की गई पूजा से हजारो वर्षों की पूजा का फल मिलता है | सन 2026 में महाशिवरात्रि 15 फ़रवरी रविवार को है, चतुर्दशी तिथि 15 तारीख को शाम में लगभग 05:07 बजे से शुरू हो जायेगी और 16 तारीख को शाम में लगभग 5:35 बजे तक रहेगी | Shivratri Ko Kya Kare Jyotish Ke Hisab Se यह दिव्य रात्रि पुरुष, स्त्री, प्रेमी, रोगी सभी के लिए उपयोगी है क्योंकि शिवरात्रि को हम अपनी किसी भी मनोकामना के लिए अनुष्ठान कर सकते हैं। शिवरात्रि की रात पूजा और ध्यान करने से पापों का नाश संभव है। इस रात को भगवान शिव और देवी पार्वती...
मुलेठी क्या है, इसके फायदे क्या है, कैसे प्रयोग करे और क्या सावधानियां हो सकती है मुलेठी के उपयोग के दौरान.
मुलेठी हर जगह आसानी से पंसारी के दूकान पे उपलब्ध होने वाली वस्तु है. इसका प्रयोग वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति मे बहुत होता है और घरो मे भी लोग इसका प्रयोग आसानी से कर लेते हैं.
मुलेठी एक जड़ है जो की प्राकृतिक तौर पर मिठास लिए होती है. अंग्रेजी मे इसे licorice कहते हैं और पेट रोग, श्वास रोग, अलसर, त्वचा रोग आदि मे इसका प्रयोग होता है.
मुलेठी एक जड़ है जो की प्राकृतिक तौर पर मिठास लिए होती है. अंग्रेजी मे इसे licorice कहते हैं और पेट रोग, श्वास रोग, अलसर, त्वचा रोग आदि मे इसका प्रयोग होता है.
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| Mulethi Ke Fayde In Hindi मुलेठी के फायदे |
आइये जानते है मुलेठी के कुछ प्रयोग:
- ये वैकल्पिक औषधि के रूप मे प्रयोग होती है.
- मुलेठी पेट के अन्दर के घावों को भी ठीक करने मे मदद करता है अगर किसी विशेषज्ञ के मार्गदर्शन मे लिया जाए.
- गैस्ट्रिक अल्सर और छोटी आंत के अलसर को ठीक करने मे भी इसका स्तेमाल होता है.
- सर्दी खांसी मे भी इसका स्तेमाल किया जाता है घरेलु इलाज के रूप मे.
- ज्यादा खांसी होने पर मुलेठी के चूर्ण को शहद मे मिला के चाटा जाता है. इसके टुकड़े को भी लेके चूसा जा सकता है.
- त्वचा समस्या समाधान मे भी इसका प्रयोग होता है.
- श्वास सम्बन्धी समस्याओं को दूर करने के लिए भी इसका प्रयोग बहुत अच्छा होता है.
- अपच समस्या को दूर करने मे भी इसका प्रयोग होता है.
आइये अब जानते हैं मुलेठी के प्रयोग मे क्या सावधानियां रखना चाहिए:
मुलेठी क्या है, इसके फायदे क्या है, कैसे प्रयोग करे और क्या सावधानियां हो सकती है मुलेठी के उपयोग के दौरान.हालांकि इसका प्रयोग देशी इलाज के तौर पर किया जाता है फिर भी कुछ सावधानियां रखना अच्छा होता है.
- शोध बताते है की इसके ज्यादा स्तेमाल से सेक्स की शक्ति घटती है अतः ध्यान रखना चाहिए.
- मुलेठी का ज्यादा स्तेमाल किडनी पर भी दुष्प्रभाव डाल सकता है.
- अगर किसी को ब्लड प्रेशर की समस्या हो तो उसे भी मुलेठी का स्तेमाल नहीं करना चाहिए या फिर चिकित्सक के मार्गदर्शन मे ही करे.
- जिन महिलाओं ने गर्भ धारण किया हो उनको भी इसका स्तेमाल नहीं करना चाहिए.
- ह्रदय सम्बंधित रोग से कोई ग्रस्त हो तो भी मुलेठी का स्तेमाल पूछ कर ही करना चाहिए.
अतः मुलेठी एक आसान उपाय है कई रोगों के लिए और घरेलु इलाज के तौर पर इसका स्तेमाल आसानी से किया जा सकता है.
मुलेठी क्या है, इसके फायदे क्या है, कैसे प्रयोग करे और क्या सावधानियां हो सकती है मुलेठी के उपयोग के दौरान.

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