Pradosh Ka Vrat Kab Rakhen? जानें सही तिथि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। इस महीने में आने वाला सोम प्रदोष व्रत विशेष रूप से शुभ और फलदायी माना गया है। इस वर्ष भी लाखों श्रद्धालु यह जानना चाहते हैं कि प्रदोष व्रत 10 अगस्त को रखा जाए या 11 अगस्त को? वैदिक पंचांग के अनुसार उत्तर बिल्कुल स्पष्ट है। Pradosh Ka Vrat Kab Rakhen त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 10 अगस्त 2026, सुबह 8:03 बजे समाप्ति: 11 अगस्त 2026, सुबह 4:55 बजे चूंकि प्रदोष काल 10 अगस्त को पड़ रहा है , इसलिए सोम प्रदोष व्रत 10 अगस्त 2026 (सोमवार) को ही रखा जाएगा। प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। प्रदोष पूजा का सर्वोत्तम समय शाम 7:09 बजे से रात 9:23 बजे तक इसी समय भगवान शिव, माता पार्वती और नंदी महाराज की पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:18 बजे से 1:09 बजे तक यदि किसी कारणवश पूजा की तैयारी करनी हो या शुभ कार्य प्रारंभ करना हो, तो अभिजित मुहूर्त भी अत्यंत शुभ माना जाता है...
Bel Fal Se Swasthya, बेल फल से स्वस्थ्य, किनके लिए फायदेमंद है बेल फल, कैसे पाए पेट की समस्याओं से निदान.
एक फल जो की फायदेमंद है सभी के लिए, एक फल जो की कई जटिल पेट की समस्याओं से दिला सकता है मुक्ति, एक फल जो की हिन्दुओ द्वारा प्रयोग किया जाता है शिव पूजा में, एक फल जो की रखता है दिमाग और शारीर को ठंडा. जी हाँ एक ऐसा जादुई फल है और उसका नाम है बेल फल, कुछ प्रान्त में इसे बिल्ला भी बोलते हैं. अंग्रेजी में इसे वुड एप्पल कहा जाता है.
गर्मियों के दिनों में अपने आप को तारो तजा रखने के लिए, अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए, अपने आपको ठंडा रखने के लिए बेल फल एक बहुत अच्छा विकल्प हो सकता है.
जब हम इस फल के अद्वितीय गुणों के बारे में जानेंगे तो तो इसका प्रयोग करने से चुकेंगे नहीं. इस फल में प्रचुर मात्रा में फाइबर, विटामिन, फोस्फोरस, लोहा, आदि मौजूद है जिससे की ये सभी के बहुत लाभदायक है. अपने आपको उर्जावान बनाए रखने के लिए बेल फल बहुत ही उपयोगी है.
एक फल जो की फायदेमंद है सभी के लिए, एक फल जो की कई जटिल पेट की समस्याओं से दिला सकता है मुक्ति, एक फल जो की हिन्दुओ द्वारा प्रयोग किया जाता है शिव पूजा में, एक फल जो की रखता है दिमाग और शारीर को ठंडा. जी हाँ एक ऐसा जादुई फल है और उसका नाम है बेल फल, कुछ प्रान्त में इसे बिल्ला भी बोलते हैं. अंग्रेजी में इसे वुड एप्पल कहा जाता है.
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| Bel Fal Se Swasthya In Hindi |
गर्मियों के दिनों में अपने आप को तारो तजा रखने के लिए, अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए, अपने आपको ठंडा रखने के लिए बेल फल एक बहुत अच्छा विकल्प हो सकता है.
जब हम इस फल के अद्वितीय गुणों के बारे में जानेंगे तो तो इसका प्रयोग करने से चुकेंगे नहीं. इस फल में प्रचुर मात्रा में फाइबर, विटामिन, फोस्फोरस, लोहा, आदि मौजूद है जिससे की ये सभी के बहुत लाभदायक है. अपने आपको उर्जावान बनाए रखने के लिए बेल फल बहुत ही उपयोगी है.
आइये जानते हैं कुछ फायदे बेल फल के:
- ये उन लोगो के लिए बहुत अच्छा है जो की अलसर से परेशान है, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली से ग्रस्त है, भगंदर से परेशान है.
- बेल फल कैंसर रोगियों के लिए भी लाभदायक है साथ ही उनके लिए भी अच्छा है जिनको पेट में जलन अधिक होती है.
- पौरुष शक्ति अथवा वीर्य शक्ति को बढ़ाने में भी ये सहायक है.
- प्रमेह के रोगियों के लिए भी लाभदायक है.
- गर्मियों में जब लू लग जाए तो इसका शरबत तुरंत आराम देता है.
- मूंह में छाले होने पर बेल की पत्तियों को चबाने से आराम मिलता है.
- सरदर्द को ठीक करने के लिए कपडे को बेल के पत्तो के रस में भिगो के पट्टी करना चाहिए , आराम मिलता है.
- अगर किसी को कमजोरी हो तो बेल फल का सेवन लगातार करने से लाभ होता है.
- वायरल रोगियो के लिए भी ये फल लाभदायक है.
- कब्ज के रोगियों के लिए बेल फल रामबाण का काम करता है.
सभी को बेल फल के बारे में अच्छी जानकारी मिली होगी और पाठक गण इसका लाभ जरुर लेंगे.
Bel Fal Se Swasthya, बेल फल से स्वस्थ्य, किनके लिए फायदेमंद है बेल फल, कैसे पाए पेट की समस्याओं से निदान.

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