Aja ekadashi kab hai, अजा एकादशी कब है| August Ekadashi| Gyaras ki sahi tarikh, पारण का समय, पारण का मंत्र, gyaras puja mantra, कथा. "अजा एकादशी" भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में आती है। 2026 में Aja Ekadashi 7 September,Somwar को है. Aja ekadashi kab hai | अजा एकादशी कब है हिन्दू पंचांग के अनुसार, एकादशी का समय अजा एकादशी तिथि प्रारंभ : 6 September 2026 की शाम को लगभग 7:31 बजे अजा एकादशी तिथि समाप्त : 7 September शाम को लगभग 5:04 बजे तो उदय तिथि के अनुसार एकादशी का व्रत 7 September को को किया जायेगा। पारण 8 September को किया जाएगा प्रातः 6:07 बजे से 10:18 दिन के बीच. धार्मिक महत्व अजा एकादशी व्रत विशेष रूप से भगवान विष्णु को समर्पित होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किया गया व्रत, कथा श्रवण और भक्तिभाव से किए गए पूजन से व्रती के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। 📖 अजा एकादशी व्रतकथा एक समय महर्षि पुलस्त्यजी ने युधिष्ठिर महाराज से कहा – “राजन! भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की जो एकादशी आती है, उसे ‘अजा एकादशी’...
Bel Fal Se Swasthya, बेल फल से स्वस्थ्य, किनके लिए फायदेमंद है बेल फल, कैसे पाए पेट की समस्याओं से निदान.
एक फल जो की फायदेमंद है सभी के लिए, एक फल जो की कई जटिल पेट की समस्याओं से दिला सकता है मुक्ति, एक फल जो की हिन्दुओ द्वारा प्रयोग किया जाता है शिव पूजा में, एक फल जो की रखता है दिमाग और शारीर को ठंडा. जी हाँ एक ऐसा जादुई फल है और उसका नाम है बेल फल, कुछ प्रान्त में इसे बिल्ला भी बोलते हैं. अंग्रेजी में इसे वुड एप्पल कहा जाता है.
गर्मियों के दिनों में अपने आप को तारो तजा रखने के लिए, अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए, अपने आपको ठंडा रखने के लिए बेल फल एक बहुत अच्छा विकल्प हो सकता है.
जब हम इस फल के अद्वितीय गुणों के बारे में जानेंगे तो तो इसका प्रयोग करने से चुकेंगे नहीं. इस फल में प्रचुर मात्रा में फाइबर, विटामिन, फोस्फोरस, लोहा, आदि मौजूद है जिससे की ये सभी के बहुत लाभदायक है. अपने आपको उर्जावान बनाए रखने के लिए बेल फल बहुत ही उपयोगी है.
एक फल जो की फायदेमंद है सभी के लिए, एक फल जो की कई जटिल पेट की समस्याओं से दिला सकता है मुक्ति, एक फल जो की हिन्दुओ द्वारा प्रयोग किया जाता है शिव पूजा में, एक फल जो की रखता है दिमाग और शारीर को ठंडा. जी हाँ एक ऐसा जादुई फल है और उसका नाम है बेल फल, कुछ प्रान्त में इसे बिल्ला भी बोलते हैं. अंग्रेजी में इसे वुड एप्पल कहा जाता है.
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| Bel Fal Se Swasthya In Hindi |
गर्मियों के दिनों में अपने आप को तारो तजा रखने के लिए, अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए, अपने आपको ठंडा रखने के लिए बेल फल एक बहुत अच्छा विकल्प हो सकता है.
जब हम इस फल के अद्वितीय गुणों के बारे में जानेंगे तो तो इसका प्रयोग करने से चुकेंगे नहीं. इस फल में प्रचुर मात्रा में फाइबर, विटामिन, फोस्फोरस, लोहा, आदि मौजूद है जिससे की ये सभी के बहुत लाभदायक है. अपने आपको उर्जावान बनाए रखने के लिए बेल फल बहुत ही उपयोगी है.
आइये जानते हैं कुछ फायदे बेल फल के:
- ये उन लोगो के लिए बहुत अच्छा है जो की अलसर से परेशान है, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली से ग्रस्त है, भगंदर से परेशान है.
- बेल फल कैंसर रोगियों के लिए भी लाभदायक है साथ ही उनके लिए भी अच्छा है जिनको पेट में जलन अधिक होती है.
- पौरुष शक्ति अथवा वीर्य शक्ति को बढ़ाने में भी ये सहायक है.
- प्रमेह के रोगियों के लिए भी लाभदायक है.
- गर्मियों में जब लू लग जाए तो इसका शरबत तुरंत आराम देता है.
- मूंह में छाले होने पर बेल की पत्तियों को चबाने से आराम मिलता है.
- सरदर्द को ठीक करने के लिए कपडे को बेल के पत्तो के रस में भिगो के पट्टी करना चाहिए , आराम मिलता है.
- अगर किसी को कमजोरी हो तो बेल फल का सेवन लगातार करने से लाभ होता है.
- वायरल रोगियो के लिए भी ये फल लाभदायक है.
- कब्ज के रोगियों के लिए बेल फल रामबाण का काम करता है.
सभी को बेल फल के बारे में अच्छी जानकारी मिली होगी और पाठक गण इसका लाभ जरुर लेंगे.
Bel Fal Se Swasthya, बेल फल से स्वस्थ्य, किनके लिए फायदेमंद है बेल फल, कैसे पाए पेट की समस्याओं से निदान.

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