] } Skip to main content

Posts

Latest Astrology Updates in Hindi

November Grah Gochar in Hindi Jyotish

November 2026 Grah Gochar, कौन से ग्रह बदलेंगे राशि नवम्बर महीने में, किन राशियों को मिलेगा फायदा, November Masik Rashifal, नवम्बर में ग्रह गोचर, planetary transits in November 2026. Vedic jyotish के अनुसार एक निश्चित समय में हर ग्रह अपना राशि परिवर्तन करते हैं जिसे की गोचर कहा जाता है, ग्रहों के बदलाव के कारण लोगो के जीवन, वातावरण, व्यापार आदि में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं |  November 2026 Grah Gochar: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नवम्बर में बहुत से ग्रह राशी बदलेंगे साथ ही कुछ ग्रहों की चाल भी बदलेगी जिसके कारण जन जीवन में, मौसम में काफी बदलाव देखने को मिलेंगे | November Grah Gochar in Hindi Jyotish आइये जानते हैं किस तारीख को किस समय होगा ये बदलाव : 6 November 2026 को शुक्र ग्रह कन्या राशि में प्रवेश करेंगे दिनमे लगभग 10:34 AM पर. 12 November को मंगल ग्रह सिंह राशी में गोचर करेंगे रात्री में लगभग 8:46 PM पर. 13 नवम्बर को बुध मार्गी होंगे  16 नवम्बर को सूर्य वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे रात्री में लगभग 7:35 PM पर. 22 नवम्बर को शुक्र स्व राशि तुला में प्रवेश करेंगे शाम को लग...

Kartik Mahine Ka Mahattwa

Kartik mahina kab hai 2026 mai, importance in hindi, kya kare safal jeene ke liye kartik mahine main, jivan ko sukhi banaane ke liye salaah, kartik poornima ka mahatwa, kiski puja kare kartik mai, dhan prapti upaay. अगर आप वित्तीय समस्या से ग्रस्त है, अगर आप महालक्ष्मीजी  प्रसन्न करना चाहते है, अगर आप धन प्राप्ति साधना करना चाहते है तो कार्तिक महीने से ज्यादा शक्तिशाली कोई और महिना नहीं है. 2026 में 27 अक्टूबर से 24 नवम्बर तक कार्तिक महिना रहेगा  kartik mahina kyu khaas hai वैदिक ज्योतिष के हिसाब से कार्तिक महिना धन प्राप्ति साधना हेतु उत्तम है और जो भी साधक पूर्ण श्रद्धा और विश्वास से इस महीने में पूजा करता है उसे निश्चित ही सफलता प्राप्त होती है. जिन लोगो को कार्तिक महीने की महत्ता मालूम है वो एक दिन भी व्यर्थ नहीं गवाते हैं. कार्तिक महीने का महत्तव इसीलिए भी बढ़ जाता है की इसी महीने में धन तेरस, करवा चौथ ,  दिवाली और अन्य मुख्य त्यौहार आते हैं. अतः हमे उचित माहोल और समय मिलता है जब हम विशेष साधनाओ द्वारा अपने जीवन को धन और धान्य से पूर्ण कर सकते हैं....

Budh Kab Ast Honge | 12 Rashiyo Par Prabhav

25 अक्टूबर से 11 नवंबर 2026 तक बुध के तुला राशि में अस्त होने का 12 राशियों पर प्रभाव ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, 25 अक्टूबर से 11 नवंबर 2026 तक बुध ग्रह तुला राशि में अस्त अवस्था में रहेंगे । बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा, गणना, तर्कशक्ति, संचार और निर्णय लेने की क्षमता का कारक माना जाता है। वहीं, तुला राशि संतुलन, साझेदारी, रिश्तों, न्याय और व्यापारिक समझौते से संबंधित है।  ऐसे में बुध के अस्त होने की इस अवधि में कुछ लोगों को निर्णय लेने में असमंजस, बातचीत में गलतफहमी, व्यापारिक मामलों में देरी और रिश्तों में मतभेद का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इसका प्रभाव प्रत्येक राशि पर अलग-अलग हो सकता है।  Budh Kab Ast Honge | 12 Rashiyo Par Prabhav आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक सभी 12 राशियों के लिए यह अवधि कैसी रह सकती है। 1. मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए बुध का तुला राशि में अस्त होना वैवाहिक जीवन, प्रेम संबंधों और व्यावसायिक साझेदारी के मामलों में सावधानी बरतने का संकेत देता है। इस अवधि में जीवनसाथी के साथ छोटी-छोटी बातों पर मतभेद हो सकते ...

Ekakshi Nariyal Pooja Karne Ka Mantra

एकाक्षी नारियल सिद्धि मंत्र: महालक्ष्मी की कृपा, धन-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए  भारतीय सनातन धर्म में नारियल को अत्यंत पवित्र और शुभ फल माना गया है। पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ, गृह प्रवेश तथा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में नारियल का विशेष महत्त्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नारियल श्रद्धा, समर्पण, पवित्रता और मंगलकामना का प्रतीक है। इन्हीं में एक विशेष स्थान एकाक्षी नारियल का है, जिसे माता महालक्ष्मी के स्वरूप से जोड़कर देखा जाता है। एकाक्षी नारियल की पूजा और उससे संबंधित मंत्र-साधना को धन-समृद्धि, सुख-शांति, शुभता और आध्यात्मिक उन्नति की कामना से किया जाता है। इस लेख में हम एकाक्षी नारियल सिद्धि मंत्र, उसके अर्थ, धार्मिक महत्त्व और पूजा-विधि के बारे में विस्तार से जानेंगे। Ekakshi Nariyal Pooja Karne Ka Mantra  1. क्या है एकाक्षी नारियल? एकाक्षी नारियल एक विशेष प्रकार का नारियल माना जाता है, जिसके बाहरी आवरण पर सामान्यतः दिखाई देने वाले तीन चिह्नों के स्थान पर एक ही प्रमुख चिह्न या छिद्र जैसा स्वरूप दिखाई देता है। इसे दुर्लभ और शुभ मानने की धार्मिक परंपरा प्र...

Sharad Poornima Jyotish In Hindi

Sharad poornima kab hai 2026 mai, sharad poornima ka mahattwa, kya kare safaltaa ke liye, kisi pooja kare sharad poornima ko as per jyotish, शरद पूर्णिमा पर hindi में जानिये महत्तव और क्या करे सफलता के लिए. sharadpoornima 2026:  साल की सबसे बड़ी और शक्तिशाली पूर्णिमा है शरद पूर्णिमा और ऐसी मान्यता है की अगर कोई आर्थिक और शारीरिक परेशानी से गुजर रहा हो तो इस रात्रि को पूजन जरुर करना चाहिए, इससे बहुत लाभ मिलता है | ये रात्रि माता लक्ष्मी से भी सम्बन्ध रखता है |  Sharad Poornima kab hai वैदिक ज्योतिष के हिसाब से अगर कुंडली में चंद्रमा ग्रह मजबूत हो तो जातक बहुत ही संपन्न जीवन जीता है ऐशो -आराम के साथ वहीँ कमजोर चंद्रमा असंतुष्ट जीवन का प्रतीक होता है |अतः चन्द्रमा अती महत्त्वपूर्ण है हमारे जीवन में | साल 2026 में शरद पूर्णिमा (कोजागरी पूर्णिमा) 25 अक्टूबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। • पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 25 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:57 बजे • पूर्णिमा तिथि की समाप्ति: 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:41 बजे • चंद्रोदय का समय: 25 अक्टूबर 2026 को शाम में लगभग 5:00 बजे • स्नान और दान ...

Tula Rashi Mai VAKRI Budh Ka 12 Rashiyo Par Prabhav

Budh kab vakri honge tula rashi mai, 12 rashiyo ke liye kaisa rahega vakri budh, jyotish updates, बुध ग्रह वक्री गोचर Tula Rashi mai 2026. बुध ग्रह वक्री गोचर तुला राशि में 2026 ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 से 13 नवंबर 2026 तक तुला राशि में बुध के वक्री गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग रूप में देखा जा सकता है। बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा, तर्क, संचार और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। वक्री अवस्था के दौरान पुराने मामलों की समीक्षा, बातचीत में सावधानी, अधूरे कार्यों को पूरा करने और निर्णयों पर दोबारा विचार करने की आवश्यकता बढ़ सकती है। तुला राशि संबंधों, साझेदारी, संतुलन और न्याय से जुड़ी है, इसलिए इस अवधि में रिश्तों, व्यावसायिक समझौतों और आर्थिक फैसलों पर विशेष ध्यान देना उपयोगी रहेगा। Tula Rashi Mai VAKRI Budh Ka 12 Rashiyo Par Prabhav तुला राशि में वक्री बुध का सभी 12 राशियों पर प्रभाव 1. मेष राशि (Aries) — रिश्तों और साझेदारी में सावधानी मेष राशि वालों के लिए बुध का वक्री गोचर सप्तम भाव में होने से वैवाहिक जीवन, प्रेम ...

Papankush Ekadashi Kab Hai | Katha of पापांकुशा एकादशी

Papankush Ekadashi Kab Hai | Katha of पापांकुशा एकादशी, ekadashi ki sahi tarikh, ekadashi ke upay. हिंदू धर्म में पापांकुशा एकादशी का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह व्रत आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है और उनसे पापों से मुक्ति, सुख-समृद्धि तथा मोक्ष की प्रार्थना की जाती है। आइए जानते हैं पापांकुशा एकादशी का महत्व, पौराणिक कथा, पूजा विधि और इससे मिलने वाली शिक्षाओं के बारे में। पापांकुशा एकादशी 2026 : एकादशी तिथि प्रारंभ: 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:13 बजे से एकादशी तिथि समाप्त: 22 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:47 बजे तक  व्रत पारण का समय: 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को सुबह 5:51 बजे से 8:08 बजे के बीच Papankush Ekadashi Kab Hai | Katha of पापांकुशा एकादशी  पापांकुशा एकादशी का महत्व हिंदू धर्म में पापांकुशा एकादशी को भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र दिन माना जाता है। यह एकादशी आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में आती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने, भगवान विष...

Shukra Kab Ast Honge 12 Rashiyo Par Prabhav

Shukra Kab Ast Honge 2026, शुक्र अस्त का क्या प्रभाव होगा 12 Rashiyo Par, शुक्र कब तक अस्त रहेंगे, क्या सावधानी रखना होगी, jyotish updates. Shukra Ast:    12 अक्टूबर 2026, सोमवार, शाम 6:19 बजे से 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार, सुबह 6:00 बजे तक। शुक्र ग्रह सूर्य के अत्यधिक निकट होने के कारण "अस्त " स्थिति में रहेंगे जिसके कारण प्रेम, सौंदर्य, कला, वित्त और संबंधों का कारक ग्रह शुक्र अपनी पूर्ण शक्ति से फल नहीं दे पायेगा । सूर्य की प्रखरता के कारण शुक्र के कोमल और सामंजस्यकारी गुण दब जाते हैं, जिससे जीवन के भावनात्मक और भौतिक पक्षों में उथल–पुथल या पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता उत्पन्न होती है। Shukra Kab Ast Honge यह अवधि व्यक्ति को मजबूर करती है कि वह अपने संबंधों, इच्छाओं, भोग-विलास और वित्तीय व्यवहार की गहराई से जांच करे। सूर्य का प्रभाव सत्य को उजागर करता है—जहाँ दिखावा या अधूरी अपेक्षाएँ हो, वह सामने आ जाती हैं। हालांकि चुनौतियाँ बन सकती हैं, पर यह समय आत्मचिंतन, शुद्धिकरण और वास्तविकता को अपनाने का अवसर भी प्रदान करता है। आइये जानते हैं अस्त शुक्र का 12 राशियों पर क्या प्रभ...