Skip to main content

Sharad Poornima Jyotish In Hindi

Sharad poornima in hindi, sharad poornima ka mahattwa, kya kare safaltaa ke liye, kisi pooja kare sharad poornima ko as per jyotish, शरद पूर्णिमा पर hindi में जानिये महत्तव और क्या करे सफलता के लिए.
अगर आपको चाह है एक शांति पूर्ण जीवन की, अगर आपको चाह है एक स्वस्थ जीवन कीम अगर आप चाहते हैं एक सुखी और संपन्न जीवन तो शरद पूर्णिमा की रात्री आपके लिए बहुत ही शुभ है, जब व्यक्ति बहुत सरल पूजा से अपने जीवन को धन-धन्य से भरपुर कर सकता है.
shard purnima ko kya kare safalta ke liye
sharad purnima in hindi
हिन्दी पंचांग के हिसाब से साल में 12 पूर्णिमा आते हैं, उनमे से शरद पूर्णिमा बहुत ही शक्तिशाली, पवित्र और मुख्य माना जाता है. यह वो रात्री है जब साधक अपनी साधना से मनोकामना को पूर्ण कर सकता है. अतः इस दिन और रात्री को जरुर कुछ ख़ास कर लेना चाहिए अपने जीवन को गति देने के लिए.

आइये जानते हैं कुछ तथ्य शरद पूर्णिमा के बारे में:

  1. ये पूर्णिमा आश्विन मास में आता है hindi पंचांग के हिसाब से.
  2. ये आश्विन माह के अंतिम दिन में आता है, इसी दिन से कार्तिक का स्नान भी शुरू हो जाता है. 
  3. इस दिन चन्द्रमा अपनी पूरी शक्ति से प्रकाशित होता है जिसके कारण ये पूर्णिमा पुरे वर्ष की सबसे चमकती हुई रात्री होती है.
  4. इस रात को कुजागर पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है. इस दिन कुछ जगह पर कुजगरी व्रत भी भक्त करते है.
  5. ऐसी मान्यता है की शरद पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा अमृत बरसाता है.
  6. ऐसी भी मान्यता है की इस दिन माता लक्ष्मी सफ़ेद वस्त्र धारण करके भ्रमण करती है अतः जो साधक इस रात्री को शुद्ध होक पूजा पाठ करता है उनको सही मायने में माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है. 
  7. ऐसी भी मान्यता है की इसी रात्री को श्री कृष्ण जी ने महारास की लीला की थी गोपियों के साथ.
  8. शरद पूर्णिमा को बहुत ही दुर्लभ जडीबुटीयों द्वारा औषधि बनाने का भी प्रावधान है.
  9. इस रात्री को शुभ शक्तियों से आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है.

आइये अब जानते हैं की किसकी पूजा करे इस रात्री को:

Sharad poornima in hindi, sharad poornima ka mahattwa, kya kare safaltaa ke liye, kisi pooja kare sharad poornima ko, jyotish or sharad poornima, शरद पूर्णिमा पर hindi में जानिये महत्तव और क्या करे सफलता के लिए.

इस दिन सफ़ेद वस्त्र धारण किये हुए माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र को स्थापित करना चाहिए और सफ़ेद वस्तुओ से उनका पूजन करना चाहिए. खीर का प्रसाद विशेष रूप से अर्पित करना चाहिए. तुलसी के नीचे भी दीपक अर्पित करना चाहिए, विधिवत पूजन के बाद लक्ष्मी मन्त्र का यथाशक्ति जप करना चाहिए.
शरद पूर्णिमा के दिन पूजन करके साधक भौतिक और अध्यात्मिक जगत में सफलता प्राप्त कर सकता है इसमें कोई शक नहीं.
अगर सामर्थ्य हो तो चांदी के लक्ष्मी जी को स्थापित करने का बड़ा शुभ दिन हैं ये. तो सोचिये मत बस अपने जीवन को धन्य बना लीजिये, पुरे समर्पण के साथ पूजन कीजिये फिर देखिये आप क्या अंतर पाते हैं अपने जीवन में. 
Jyotishsansar अपने ब्लॉग पढने वालो को शुभकामनाये प्रेषित करता है. सभी सुखी हो, सभी उन्नति करे, सभी स्वास्थय उर सम्पन्नता प्राप्त करे. 

माँ लक्ष्मी सभी पर कृपा बरसाए.

और सम्बंधित लेख पढ़े:

Sharad poornima in hindi, sharad poornima ka mahattwa, kya kare safaltaa ke liye, kisi pooja kare sharad poornima ko as per jyotish, शरद पूर्णिमा पर hindi में जानिये महत्तव और क्या करे सफलता के लिए.

Comments

Popular posts from this blog

Suar Ke Daant Ke Totke

Jyotish Me Suar Ke Daant Ka Prayog, pig teeth locket benefits, Kaise banate hai suar ke daant ka tabij, क्या सूअर के दांत का प्रयोग अंधविश्वास है.

सूअर को साधारणतः हीन दृष्टि से देखा जाता है परन्तु यही सूअर पूजनीय भी है क्यूंकि भगवान् विष्णु ने वराह रूप में सूअर के रूप में अवतार लिया था और धरती को पाताल लोक से निकाला था. और वैसे भी किसी जीव से घृणा करना इश्वर का अपमान है , हर कृति इस विश्व में भगवान् की रचना है.
सूअर दांत के प्रयोग के बारे में आगे बताने से पहले कुछ महत्त्वपूर्ण बाते जानना चाहिए :इस प्रयोग में सिर्फ जंगली सूअर के दांत का प्रयोग होता है.किसी सूअर को जबरदस्त मार के प्रयोग में लाया गया दांत काम नहीं आता है अतः किसी भी प्रकार के हिंसा से बचे और दुसरो को भी सचेत करे.वैदिक ज्योतिष में सूअर के दांत के प्रयोग के बारे में उल्लेख नहीं मिलता है.इसका सूअर के दांत के प्रयोग को महुरत देख के ही करना चाहिए.कई लोगो का मनना है की सुकर दन्त का प्रयोग अंधविश्वास है परन्तु प्रयोग करके इसे जांचा जा सकता है , ऐसे अनेको लोग है जो अपने बच्चो को इसका ताबीज पहनाते हैं और कुछ लोग खुद भी पहनते है …

Kala Jadu Kaise Khatm Kare

काला जादू क्या है , कैसे पता करे काला जादू के असर को, कैसे ख़त्म करे कला जादू के असर को, hindi में जाने काले जादू के बारे में. काला जादू अपने आप में एक खतरनाक विद्या है जो की करने वाले, करवाने वाले और जिस पर किया जा रहा है उन सब का नुक्सान करता है. यही कारण है की इस नाम से भी भय लगता है. अतः ये जरुरी है की इससे जितना हो सके बचा जाए और जितना हो सके उतने सुरक्षा के उपाय किया जाए.
ज्योतिष संसार के इस लेख में आपको हम उसी विषय में अधिक जानकारी देंगे की कैसे हम काले जादू का पता कर सकते हैं और किस प्रकार इससे बचा जा सकता है. प्रतियोगिता अच्छी होती है परन्तु जब ये जूनून बन जाती है तब व्यक्ति गलत ढंग से जीतने के उपाय करने से भी नहीं चुकता है. आज के इस प्रतियोगिता के युग में लोग बस जीतना चाहते हैं और इसके लिए किसी भी हद तक जाने से नहीं चुकते हैं और यही पर काला जादू का प्रयोग करने की कोशिश करते है. संपर्क करे ज्योतिष से मार्गदर्शन के लिए >>
आखिर में क्या है काला जादू? हर चीज के दो पहलु होते हैं एक अच्छा और एक बुरा. काला जादू तंत्र, मंत्र यन्त्र का गलत प्रयोग है जिसके अंतर्गत कुछ शक्तियों को प…

Gola Khisakna Kya Hota Hai Aur Iska Ilaaj Kya Hai

Kya Hota hai gola khisakna, nabhi hatne ka matlab kya hai, kaise thik kar sakte hain dharan ko, janiye kuch asaan tarike nabhi ko thik karne ke.
साधारण शब्दों में नाभि खिसकना : जब हम बात करते हैं शारीर के मध्य इस्थान का तब नाभि का ध्यान आता है, जब हम योग के सन्दर्भ में मनिपुरक चक्र की बात करते हैं तब हमे ध्यान आता है नाभि का, जब भी पेट में दर्द होता है तो ध्यान आता है नाभि का. अतः नाभि हमारे शारीर का एक महात्वपूर्ण अंग है, इसी नाभि को गोला या धारण भी कहते हैं. अंग्रेजी में नाभि को Navel कहते हैं.
ये वास्तव में एक संगम है जहाँ से नाड़ियाँ गुजरती हैं हर प्रकार की , अतः यहाँ पर जाल बना हुआ है नाड़ियों का, इन नाड़ियो को सहारा देने के लिए मांसपेशियां भी होती है और जब ये अपनी जगह से कभी खिसकती हैकिसी कारण से तो उसे कहते हैं “नाड़ी का खिसकना या गोला खिसकना या धरण ”. कभी ये बाएं खिसकता है, कभी ये दायें खिसकता है, कभी ऊपर और कभी निचे खिसकता है.
गोला खिसकने के ज्योतिषीय कारण: मैंने अपने शोध में पाया है की जिन लोगो का गोला ज्यादा खिसकता है उनके कुंडली में छ्टे भाव में कमजोरी होती है अर्थात वहां या त…