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Latest Astrology Updates in Hindi

Surya Aur Shani Ke Beech SHADASHTAK YOG ka 12 Rashio Par Prabhav aur Sawdhaniyan

17 अक्टूबर से सूर्य-शनि का षडाष्टक योग: 12 राशियों पर प्रभाव 17 अक्टूबर को सूर्य के तुला राशि में प्रवेश करते ही सूर्य और शनि के बीच षडाष्टक संबंध बनेगा। ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, पिता, नेतृत्व, प्रशासन और स्वास्थ्य का कारक माना जाता है, जबकि शनि कर्म, अनुशासन, देरी, जिम्मेदारियों और संघर्ष से जुड़े हैं। सूर्य और शनि के बीच 6-8 का संबंध होने पर इसे षडाष्टक योग कहा जाता है, जिसे सामान्यतः चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस अवधि में अहंकार और अनुशासन के बीच टकराव, कार्यक्षेत्र में दबाव, वरिष्ठों से मतभेद, पारिवारिक जिम्मेदारियों में वृद्धि और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही से परेशानी हो सकती है। हालांकि, सावधानी, संयम और सही कर्म से इस समय को सकारात्मक दिशा भी दी जा सकती है। Surya Aur Shani Ke Beech SHADASHTAK YOG आइये जानते हैं 12 राशियों पर क्या प्रभाव होगा सूर्य और शनि के बीच षडाष्टक योग के कारण: ♈ मेष राशि मेष राशि वालों के लिए यह समय रिश्तों, साझेदारी और कार्यक्षेत्र में संतुलन बनाए रखने की परीक्षा ले सकता है। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ किसी बात को ...

Janm Kundli Mai LAXMI NARAYAN yoga Kaise Banta hai ? 12 Bhavo Mai Kya Prbhav Hoga

लक्ष्मी नारायण योग कैसे बनता है जन्म कुंडली में? 12 भावों में लक्ष्मी नारायण योग का क्या प्रभाव होता है? लक्ष्मी नारायण योग वैदिक ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण योग माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, जब बुध और शुक्र कुंडली में विशेष शुभ संबंध बनाते हैं, तो लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण हो सकता है। इस योग को धन, सुख-सुविधा, बुद्धि, व्यापार, कला और जीवन में अच्छे अवसरों से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि किसी भी योग का फल केवल उसके बनने से तय नहीं होता। ग्रहों की राशि, भाव, स्थिति, दृष्टि, बल और महादशा-अंतर्दशा जैसे कई कारक इसके परिणामों को प्रभावित करते हैं। लक्ष्मी नारायण योग कैसे बनता है जन्म कुंडली में लक्ष्मी नारायण योग क्या होता है? ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, गणना, व्यापार और संचार का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र धन, सुख-सुविधा, कला, सौंदर्य, प्रेम और भौतिक समृद्धि का प्रतिनिधित्व करता है। जब जन्म कुंडली में बुध और शुक्र का शुभ संबंध बनता है, तो इसे लक्ष्मी नारायण योग कहा जा सकता है। यह संबंध युति, परस्पर दृष्टि या कुछ विशेष ज्योतिषीय परिस्थितियों के माध्...

Shukra Kab VAKRI honge |12 Rashiyo Par Prabhav

Shukra vakri kab honge, janiye vakri shukra ka 12 rashiyo par prabhav, rashifal, October 2026 jyotish updates, Rashifal. Shukra Vakri October 2026: 🔵शुक्र ग्रह 🔵3 October को दिन में लगभग 12:45 पे तुला राशि में वक्री हो जायेंगे और फिर 14 November के सुबह मार्गी होंगे | वक्री शुक्र के कारण कुछ लोगो के जीवन में खुशियाँ बढेंगी तो कुछ के जीवन में संघर्ष बढेगा. तो इस लेख में हम जानेंगे की १२ राशियों के जातकों के जीवन में क्या बदलाव हो सकता है वक्री शुक्र के कारण |  Shukra Kab VAKRI honge 12 Rashiyo Par Prabhav आइए जानते हैं कि वक्री शुक्र का प्रभाव 12 राशियों के लिए कैसा रह सकता है। ♈ मेष राशि वक्री शुक्र आपके लिए प्रेम संबंधों, दांपत्य जीवन और साझेदारी से जुड़े मामलों को विशेष रूप से प्रभावित कर सकता है। इस दौरान पुराने रिश्ते या कोई पुराना प्रेम प्रसंग दोबारा सामने आ सकता है। पति-पत्नी के बीच पहले से चली आ रही किसी बात को लेकर मतभेद बढ़ सकते हैं, लेकिन बातचीत और समझदारी से परिस्थितियों को संभाला जा सकता है। व्यापारिक साझेदारी में भी पुराने मुद्दे फिर उठ सकते हैं, इसलिए को...

October Grah Gochar in Hindi Jyotish

October 2026 Grah Gochar  , कौन से ग्रह बदलेंगे राशि अक्टूबर महीने में, किन राशियों को मिलेगा फायदा, October Prediction, October 2026 Ka Masik Rashifal. अक्टूबर ज्योतिष: संतुलन और परिवर्तन का महीना अक्टूबर, वर्ष का दसवाँ महीना, संतुलन और परिवर्तन का समय है। यह एक ऐसा महीना है जो स्थिरता और आधार की भावना लाता है, साथ ही व्यक्तिगत विकास को भी प्रोत्साहित करता है। अक्टूबर 2026 में कई ग्रहों का गोचर जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। अक्टूबर माह में 6 बड़े बदलाव होंगे गोचर कुंडली में  जिससे लोगो के जीवन में, मौसम में, व्यापार जगत में बड़े बदलाव नजर आयेंगे | Grah Gochar October 2026:   गोचर कुंडली में होने वाले बदलाव बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं क्यूंकि इनके कारण जन जीवन भी प्रभावित होता है| हमारी व्यक्तिगत कुंडली  और गोचर कुंडली को जब साथ में देखा जाता है तो हमे वर्तमान में होने वाले ग्रहों के प्रभाव के बारे में ठीक ठीक जानकारी प्राप्त होती है |  October Grah Gochar in Hindi Jyotish आइए जानते हैं अक्टूबर 2026 में कौन-कौन से ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे? शुक...

Budh ka tula rashi me gochar ka rashifal in hindi jyotish

बुध का तुला राशि में गोचर कब होगा, वैदिक ज्योतिषी की भविष्यवाणी, Mercury transit in libra 2026 predictions, 12 राशियों पर बुध के तुला राशि में गोचर का क्या होगा प्रभाव, love rashifal, Budh ka tula rashi me gochar ka rashifal in hindi jyotish. Budh Ka Gochar Tula Rashi Mai 2026: बुध ग्रह 26 September को दोपहर में लगभग 12:29 बजे तुला राशि में प्रवेश करेंगे जो की इनकी मित्र राशि है |  तुला राशि में पहले से ही शुक्र मौजूद है जिससे बुध और शुक्र की युति होगी और बनेगा "लक्ष्मी नारायण योग"   इसके कारण हमे बाजार में और लोगो के जीवन में काफी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे | बुध ग्रह व्यापार, वाणिज्य, मस्तिष्क शक्ति, बैंकिंग, तर्क आदि से संबंधित है, इसलिए देश और दुनिया में बड़े बदलाव देखे जा सकते हैं। बाजार में अच्छे बदलाव होंगे, शेयर बाजार में भी बड़े बदलाव दिखाई देंगे, नई नीतियां बनाकर व्यवसायी आगे बढ़ेंगे, बाजार में धन का रोटेशन बढेगा|  Budh Ka Gochar Tula Rashi Mai 2026 Budh ka tula rashi me gochar ka rashifal in hindi jyotish बुध ग्रह का मंत्र है: ||Om Braam breem ...

Pitru Paksh Kya Hai In Hindi

Pitra Paksh kab se shuru honge 2026, mahalaya kab shuru hoga, पितृ पक्ष क्या है, पितरो को खुश करने के उपाय, तर्पण का महत्तव, तिथि अनुसार श्राद्ध की तारीख, shraadh paksh ki tarikh. 2026 में 26 सितम्बर शनिवार से 10 अक्टूबर तक रहेगा पितृ पक्ष/महालय/श्राद्ध पक्ष.  आइये जानते हैं कुछ पितृ पक्ष के बारे में: Shraadh Paksh 2026: Pitru paksh ko mahalay ya fir shraadh paksh ke naam se bhi jaana jata hai | ये समय पितरो के पूजन के लिए होता है, ये वो अच्छा समय होता है जब कोई व्यक्ति पितृ दोष से मुक्ति हेतु पूजा पाठ कर सकता है, अनुष्ठान कर सकता है. पितृ पक्ष में पितरो की उन्नति, उच्च गति और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पूजाए की जाती है. Pitru Paksh Kya Hai In Hindi महालया 16 दिनों का होता है और ऐसा माना जाता है की इन दिनों में पितृ गण हमारे घरो में आते हैं उन चीजो को ग्रहण करते हैं जो हम उनके नाम से दान करते हैं, गाय, कुत्ते, कौए आदि को खिलाते हैं. अगर कोई अपने पितरो के लिए कुछ करना चाहते है, उनसे आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते है तो ये सबसे अच्छा समय होता है. सभी लोग इस समय का पुरे साल इ...

Pitar Dosh Ka Smadhan In Hindi

पितृ दोष का समाधान ज्योतिष द्वारा हिंदी में, कैसे बनता है पितृ दोष, कैसे कम करे पितृ दोष के प्रभाव को, जानिए कुछ आसान तरीके पितर दोष को कम करने के.  वैदिक ज्योतिष में कुंडली के अन्दर पाए जाने वाले दोषों में से पितर दोष भी एक महत्त्वपूर्ण दोष है जिसके कारण जीवन में बहुत सारी समस्याएं पैदा हो जाती है. पितृ का मतलब है हमारे पूर्वज अतः इस दोष का मुख्य कारण पितृ होते हैं. Pitar Dosh Ka Smadhan In Hindi आइये जानते हैं की पितृ दोष से सम्बंधित मान्यताएं : पितृ का मतलब होता है हमारे पूर्वज जो अब दुनिया में नहीं है. मान्यता के अनुसार अगर हमारे पूर्वज संतुष्ट नहीं है तो हमे पितृ दोष का सामना करना होता है. अगर सही तरीके से उपाय नहीं किये जाए तो ये दोष पीढ़ी दर पीढ़ी परेशान करता रहता है. कुछ विद्वानों का मानना ये भी है की अगर कोई आत्मा इच्छाओ से मुक्त नहीं हो पाती है तो वो अपने वंश से अपेक्षा रखते हैं और वो पूरी नहीं होने पर समस्याएं पैदा करते हैं. ज्योतिष में सूर्य को पिता का कारक माना जाता है अतः अगर कुंडली में सूर्य ख़राब हो तो पितृ दोष बनता है. कुछ लोग तो राहू को भी...

Kaise Kare Tarpan In Hindi

कैसे करे तर्पण,  किस मन्त्र से करे प्रयोग, जानिए कैसे करे घर में तर्पण आसानी से पितरो की कृपा प्राप्त करने के लिए.  तर्पण मंत्र और विधि: इससे पहले के लेख में हमने जाना की  तर्पण क्या होता है?  , तर्पण का महत्त्व, तर्पण के प्रकार आदि. इस लेख में हम जानेंगे की तर्पण के लिए कौन से मंत्रो का प्रयोग करना चाहिए. इन मंत्रो का प्रयोग करके कोई भी अपने घर पर भी तर्पण प्रयोग कर सकते हैं और पितरो की कृपा प्राप्त कर सकते हैं.  tarpan kaise kare पहला कदम: सबसे पहले यम देवता का ध्यान करते हुए दक्षिण दिशा में चावल के ढेर पर दीपक प्रज्वलित करना चाहिए क्यूंकि वो मृत्यु के देवता है.  नोट: किसी भी आवाहन मंत्र का प्रयोग करने से पहले हाथ में थोडा चावल के दाने रखना चाहिए और आवाहन के बाद दीपक पर छोड़ देना चाहिए.  यम देवता के नाम से दीप दान के समय निम्न आवाहन मंत्र का जप करना चाहिए – “ॐ यमाय नमः | आवाहयामी, स्थापयामी, ध्यायामी | ततो नमस्कार करोमि.” इसके बाद कुछ समय तक यम मंत्र का जप करे “ॐ यमाय नमः ” दूसरा कदम: अब एक काले तिल के ढेरी पर पितरो के ...