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Latest Astrology Updates in Hindi

Hartalika Teej Ka Mahattwa In Hindi

हरतालिका तीज का त्यौहार कब है 2026 में , तीज पूजा का असान तरीका, hartalika teej significance in hindi, क्या फायदे है हरतालिका तीज का , हरतालिका व्रत और कथा, क्या करे मनोकामना पूर्ण करने के लिए हरतालिका तीज को. Hartalika teej 2026: भारत में भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष तृतीय तिथि को एक और महत्त्वपूर्ण त्यौहार मनाया जाता है जिसे हरतालिका तीज कहते है | ये त्यौहार कुंवारी और शादीसुदा महिलाए दोनों के लिए महत्त्व रखता है. कुंवारी कन्याएं और शादी सुदा महिलायें इस त्यौहार को बहुत ही उत्साह से मनाती है.  Hartalika Teej Ka Mahattwa In Hindi Haritalika Teej 2026 Mahurat:  हिन्दू पंचांग अनुसार हरतालिका तीज भाद्रपद शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि को आती है | सन 2026 में हरतालिका तीज 14 September को मनेगा | इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर अपने पति की लम्बी आयु होने, उनके सुखी जीवन और आरोग्यता के लिए व्रत रखती हैं. 2026 हरतालिका तीज व्रत: शुभ मुहूर्त: पंचांग के अनुसार, भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 13 September रविवार को प्रातः में लगभग 7:09 बजे से शुरू होगी और 14 तारी...

Surya Aur Shani Ka Samsaptak Yoga

17 October tak surya aur shani ka samsaptak yog bana rahega, सूर्य और शनि का समसप्तक योग – किन राशियों को रहेगी विशेष सावधानी?, jyotish updates.

वैदिक ज्योतिष में "समसप्तक योग" तब बनता है जब दो ग्रह एक-दूसरे के आमने-सामने होते हैं अर्थात एक दूसरे से सातवें भाव (180 डिग्री दूरी) में होते हैं। अगर 2 शुभ ग्रह आमने सामने हो तो शुभ प्रभाव उतपन्न होता है और अगर अशुभ ग्रह आमने सामने हो तो ख़राब प्रभाव उत्पन्न होता है।

17 सितम्बर को सूर्य के कन्या राशि में आते ही सूर्य और शनि के बीच समसप्तक योग बन गया है जो की 17 अक्टूबर 2025 तक बना रहेगा।

17 October tak surya aur shani ka samsaptak yog bana rahega, सूर्य और शनि का समसप्तक योग – किन राशियों को रहेगी विशेष सावधानी?, jyotish updates.
Surya Aur Shani Ka Samsaptak Yoga

सूर्य नाम, यश, सत्ता, अहंकार, आत्मबल और पिता का कारक है, जबकि शनि कर्म, न्याय, अनुशासन और मेहनत का कारक है। जब ये दोनों ग्रह एक-दूसरे के आमने-सामने होते हैं, तब व्यक्ति के जीवन में कार्यक्षेत्र, स्वास्थ्य और पारिवारिक रिश्तों में कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ बन सकती हैं।

मालिकों और श्रमिकों के बीच तानाव उत्पन्न हो सकता है जिससे कार्य प्रभावित हो सकते हैं। कुछ परिवार में पिता और संतान के बीच गलत फहमियां बढ़ सकती है।

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🌞 सूर्य-शनि समसप्तक योग के प्रमुख प्रभाव

  • कार्यस्थल पर चुनौतियाँ – ऑफिस या व्यापार में दबाव बढ़ सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों से मतभेद की संभावना रहती है।
  • स्वास्थ्य पर ध्यान जरूरी – थकान, रक्तचाप, आँखों में दर्द या हड्डियों से संबंधित समस्या हो सकती है।
  • अहंकार टकराव से बचें – रिश्तों में अनावश्यक वाद-विवाद से दूर रहें।
  • कर्म का फल जल्दी मिलेगा – मेहनत और अनुशासन से किए गए कार्य का सकारात्मक परिणाम भी मिलेगा।

⚠️ किन राशियों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए

♍ कन्या राशि:

देखा जाये तो कन्या राशि में सूर्य का आना काफी फायदेमंद रहेगा पर सूर्य और शनि के समसप्तक योग के कारण कुछ सावधानियां भी रखना होगी जैसे अती आत्मविश्वास के कारण अहंकार और गुस्सा बढ़ सकता है। जीवनसाथी के साथ संबंधो में खटास आ सकती है, स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव हो सकता है। जो लोग साझदारी में कोई कार्य करते हैं उनके बीच भी गलतफहमियां समस्याओं को जन्म दे सकती है। आपको चाहिए की आप पारदर्शिता बनाए रखें अपने करीबियों से और अपने पार्टनर से।

♓ मीन राशि:

दूसरी राशि है मीन जिन्हें रखना होगी सावधानी क्यूंकि शनि आपके ही लग्न में बैठे हैं और सूर्य से समसप्तक योग बना रहे हैं। जिससे करीबियों से सम्बन्ध बिगड़ सकते हैं, उत्तेजना में लिए गए निर्णय नुकसानदायक सिद्ध हो सकते हैं। इस समय किसी पे अँधा विश्वास न करें।

♒ कुंभ राशि:

तीसरी राशि है कुम्भ जिन्हें विशेष सावधानी रखना होगी सूर्य और शनि के समसप्तक योग के कारण क्यूंकि शनि आपके राशि के स्वामी हैं और इस समय शनि आपके धन भाव में बैठे हैं साथ ही सूर्य आपके लग्न से अष्टम भाव में आ चुके हैं। ऐसे में मानसिक तनाव बढ़ सकता है, नौकरी में दबाव महसूस कर सकते हैं, बॉस से टकराव हो सकता है, वाद विवाद बढ़ सकता है। धैर्य और संयम बनाए रखें।

♌ सिंह राशि:

सिंह राशि के जातकों के लिए यह योग वित्तीय मामलों में सावधानी का संकेत देता है। बड़े निवेश फिलहाल टालें और अनावश्यक खर्च से बचें। स्वास्थ्य में काफी उतार चढ़ाव हो सकता है, वाहन चलाते समय सावधानी बरतना चाहिए।

✅ क्या करें इस समय?

  • प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
  • शनि मंत्र "ॐ शं शनैश्चराय नमः" का जप करें।
  • बुजुर्गों और जरूरतमंदों की सेवा करें।
  • क्रोध और अहंकार पर नियंत्रण रखें, निर्णय सोच-समझकर लें।
17 October tak surya aur shani ka samsaptak yog bana rahega, सूर्य और शनि का समसप्तक योग – किन राशियों को रहेगी विशेष सावधानी?, jyotish updates.

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