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Mangal ka Vrishabh Rashi mai Gochar Ka Fal

Mangal ka Vrishabh Rashi mai Gochar Ka Fal, मंगल वृषभ राशी में  कब जायेंगे, मंगल के गोचर का फल, mangal gochar  june 2026. Mangal ka Vrishabh Rashi mai Gochar July 2026: ज्योतिष के अनुसार मंगल ग्रह का सम्बन्ध साहस, शक्ति, कुछ कर गुजरने का जज्बा, भूमि, उर्जा आदि से होता है इसीलिए अगर कुंडली में मंगल शुभ और शक्तिशाली हो जाए तो जातक बहुत सफल दिखाई देता है, उसे मान, प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है |  मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं मंगल | मकर राशि में ये उच्च के होते हैं और कर्क राशि में नीच के होते हैं |  मंगल ग्रह के गुणों को देखते हुए उन्हें सेनापति का दर्जा मिला हुआ है |  मंगल ग्रह 21 June २०२६ को तडके लगभग 12:22 बजे वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे. मंगल के राशि परिवर्तन का 12 राशियों पर काफी ज्यादा प्रभाव पड़ता है | Mangal ka Vrishabh Rashi mai Gochar Ka Fal Read in English about Mars Transit In Taurus Impacts on 12 zodiacs आइये जानते हैं राशिफल : Mesh Rashifal (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ): मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर दूसरे भाव में ह...

7 Chakro Par Dhyan ke Mantra

7 Chakro Par Dhyan ke Mantra, कैसे करें चक्र ध्यान, Chakra dhyan video, सुप्त शक्तियों को जगाने के लिए ध्यान.

7 Chakro Par Dhyan ke Mantra: चक्रों पर ध्यान अद्भुत होता है और इस अभ्यास को अगर रोज किया जाए तो धीरे धीरे हम अपने अन्दर की सुप्त शक्तियों को जागृत होते हुए देखेंगे | 

चक्रों पर ध्यान करने से हम अपने अन्दर की उर्जा को भी बैलेंस कर पायेंगे | 

तो आइये एक आसन पर बैठे और शुरू करे इस ध्यान को |

7 Chakro Par Dhyan ke Mantra, कैसे करें चक्र ध्यान, Chakra dhyan video, सुप्त शक्तियों को जगाने के लिए ध्यान.
7 Chakro Par Dhyan ke Mantra

विडियो से करें ध्यान Watch Video Here 

7 Chakro Par Dhyan ke Mantra:

  1. सबसे पहले "मूलाधार चक्र" पर ध्यान केन्द्रित करें, इसका सम्बन्ध पृथ्वी तत्त्व से होता है और इस चक्र को जागृत करने के लिए "लं बीज मंत्र" का प्रयोग किया जाता है | तो आइये सबसे पहले "लं बीज मंत्र" का जप करें "मूलाधार चक्र" पर ध्यान करते हुए |
  2. अब ध्यान को "स्वाधिष्ठान चक्र" पर लाइए, इसका सम्बन्ध जल तत्त्व से होता है और इस चक्र को जागृत करने के लिए "वं बीज मंत्र" का जप किया जाता है | तो आइये जाप करें "वं बीज मंत्र" का "स्वाधिष्ठान चक्र" पर ध्यान करते हुए | 7 Chakro Par Dhyan ke Mantra
  3. अब "मणिपुर चक्र" ध्यान को लाइए, इसका सम्बन्ध अग्नि तत्त्व से होता है और इस चक्र को जागृत करने के लिए "रं बीज मंत्र" का जप किया जाता है | तो आइये जाप करें रं बीज मंत्र का "मणिपुर चक्र" पर ध्यान करते हुए |
  4. अब "अनहद चक्र" पर ध्यान लेके आइये, इसका सम्बन्ध वायु तत्त्व से होता है और इस चक्र को जागृत करने के लिए "यं बीज मंत्र" का जप किया जाता है | तो आइये जाप करें "यं बीज मंत्र" का "अनहद चक्र" पर ध्यान करते हुए |
  5. अब "विशुद्ध चक्र" पर ध्यान लेके आइये, इसका सम्बन्ध आकाश तत्त्व से होता है और इस चक्र को जागृत करने के लिए "हं बीज मंत्र" का जप किया जाता है | तो आइये जाप करें "हं बीज मंत्र" का "विशुद्ध चक्र" पर ध्यान करते हुए | 7 Chakro Par Dhyan ke Mantra
  6. अब "आज्ञा चक्र" पर ध्यान लेके आइये, इस चक्र को जागृत करने के लिए "ॐ" का जप किया जाता है | तो आइये जाप करें "ॐ मंत्र" का "आज्ञा चक्र" पर ध्यान करते हुए |
  7. अब "सहस्रार चक्र" पर ध्यान लेके आइये, इस चक्र को जागृत करने के लिए अनहद नाद पर ध्यान किया जाता है अर्थात वो नाद जो स्वतः हमारे भीतर चल रहा है हर क्षण | 7 Chakro Par Dhyan ke Mantra

तो इस प्रकार अगर हम रोज इन सातों चक्रों पर ध्यान करें तो निश्चित ही हमारे अन्दर की अद्भुत शक्तियों से हमारा परिचय होने लगेगा |

7 Chakro Par Dhyan ke Mantra, कैसे करें चक्र ध्यान, Chakra dhyan video, सुप्त शक्तियों को जगाने के लिए ध्यान.

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