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Surya Ka Singh Rashi Mai Gochar Ka Rashifal

Surya Ka Singh Rashi Mai Gochar Ka Rashifal(17 august 2026), Singh Rashi Mai Surya ka Gochar kab hoga, Impact of Sun Transit in Leo Sign in hindi. **17 अगस्त 2026** को, **सूर्य अपनी ही राशि सिंह** में गोचर  करेंगे , जो एक शक्तिशाली खगोलीय परिवर्तन का प्रतीक है। ये  गोचर और भी महत्वपूर्ण बनेगा क्योंकि ** सूर्य सिंह राशि में केतु ** के साथ युति  करेंगे और साथ ही इसी दिन सूर्य केतु के नक्षत्र मघा में भी प्रवेश करेंगे । यह दुर्लभ संयोग एक प्रबल कर्म प्रभाव उत्पन्न करेगा पर साथ ही भ्रमित भी करेगा. चूँकि सिंह राशि नेतृत्व, शक्ति, रचनात्मकता और अधिकार की राशि है, इसलिए यह गोचर सभी राशियों के लिए चुनौतियाँ और अवसर दोनों लेकर आएगा । जहाँ सूर्य जीवन शक्ति, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करता है, वहीं केतु वैराग्य, आध्यात्मिकता और पिछले जन्मों के कर्मों का प्रतीक है। इनकी युति आत्म-साक्षात्कार के क्षणों को जन्म दे सकती है, लेकिन साथ ही अहंकार के टकराव, नेतृत्व में भ्रम, या करियर और अधिकार के मामलों में अचानक बदलाव भी ला सकती है। Surya Ka Singh Rashi Mai Gochar 2026: ग्रह...

Sankalp Mantra Ke Fayde in hindi

Sankalp Mantra Ke Fayde in hindi, kyu lena chahiye sankalp pooja se pahle, kin samagriyo ka stemaal hota hai?
benefits of taking sankalp mantra in pooja
Sankalp Mantra Ke Fayde in hindi

संकल्प के विषय में वो सभी जानते हैं जिन्होंने कभी किसी जगह पे पूजा करवाई हो. पंडितजी किसी भी पूजा को करने से पहले संकल्प अवश्य लेते हैं| अब ये प्रश्न उठता है की संकल्प क्यों जरुरी है और इसके क्या लाभ है |
  • क्या साधारण व्यक्ति भी पूजा के समय संकल्प ले सकते हैं घर पे ?
  • क्या संकल्प संस्कृत में ही लेना चाहिए?
  • बिना संकल्प के यदि पूजा की जाए तो क्या कोई प्रभाव नहीं होगा?
ये कुछ महत्त्वपूर्ण सवाल है जो की कुछ लोगो के दिमाग में चलते रहते हैं | तो आइये दूर करते हैं इन्ही संशयो आज के इस लेख में |

क्या होता है संकल्प?

हमने अक्सर देखा है की हम जब भी कुछ प्रण लेते हैं तो हम तेज गति से काम करने लगते हैं और हम सफलता पाते ही है बस यही है संकल्प.
कोई भी संकल्प जब लिया जाता है तो मन को एक दिशा मिल जाती है और हमारा मन केन्द्रित होक उस लक्ष्य को प्राप्त करने में सारी ताकत लगा देता है |
अतः संकल्प एक प्रकार से मन को दृढ़ निश्चय करने में मदद करता है.

हमारे वेदों में हर पूजा को करने से पहले संकल्प लेने के विधान को भी बताया गया है इसी कारण कोई भी पंडितजी या ब्राहमण देव पूजा करने से पहले संकल्प अवश्य लेते हैं |

ऐसा माना जाता है की बिना संकल्प के पूजा फलदाई नहीं होती है जिस प्रकार बिना लक्ष्य के बाण नहीं चलाया जाता उसी प्रकार बिना संकल्प के पूजा नहीं की जाती नहीं तो समय की बर्बादी होती है | इसको हम एक उदाहरण से समझते हैं, हमने देखा है की कई लोग सिर्फ नहा के फटाफट अगरबत्ती लगते हैं और चल देते हैं अपने काम पे और वे ये कहते है की हम रोज पूजा करते हैं परन्तु उनका पूरा ध्यान तो अपने काम पे रहता है मन के पास काम का लक्ष्य है पूजा का नहीं तो ऐसे में मन उसका फायदा नहीं उठा पाता है. तोता जैसे राम राम रट के मोक्ष नहीं पा सकता उसी प्रकार बिना संकल्प के पूजा करना ठीक नहीं होता है|

आइये जानते हैं संकल्प के कुछ फायदे :

  1. इससे मन को एक दिशा मिलती है
  2. इससे हमारा मन केन्द्रित हो पाता है और उर्जा को एक विशेष दिशा में लगा पाता है |
  3. सफलता प्राप्त करने की गति बढ़ जाती है |
  4. जिस देवी देवता का मंत्र हम जपते हैं, संकल्प लेने से उनकी कृपा को हम ज्यादा आसानी से प्राप्त कर सकते हैं क्यूंकि मन को एक लक्ष्य मिल जाता है |

संकल्प कैसे लेते हैं:

संकल्प लेने के लिए हाथ में आप पान के पत्ते पे सुपारी, अक्षत, पुष्प, दक्षिणा और जल को लेके फिर संकल्प मंत्र को पढ़ सकते है |

घर पे जप या पूजन करने से पहले संकल्प कैसे लिया जा सकता है ?

अगर आप घर पे पूजा करते हैं रोज और आपको संकृत पढने में परेशानी आती है और रोज आप उपरी लिखे तरीके का प्रयोग नहीं कर सकते तो आप ऐसा भी कर सकते हैं की पूजा शुरू करने से पहले मन में अपनी भाषा में संकल्प ले की आप आज की ये पूजा किस कारण से कर रहे हैं | इस प्रकार भी आप मन को एक दिशा दे पायेंगे |
इसमें कोई शक नहीं की भगवान् भाव के भूके हैं परन्तु वो भाव सही मायने में बनना चाहिए और संकल्प इसमें हमारी मदद करता है |

संकल्प हमारे मन में दृढ़ ईच्छा शक्ति का निर्माण करता है और हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की और तेजी से कदम बढाते हैं अतः संकल्प लीजिये जो भाषा आप जानते हैं उसका प्रयोग किजिये और अपने ईष्ट के करीब जाइये |

यहाँ निचे विडियो में मैंने एक आसान संकल्प लेने के तरीके को दर्शाया है जिसे आप देख सकते हैं हांलांकि ये संस्कृत में है परन्तु जानकारी के लिए आप इसे देख सकते हैं |

संकल्प लेने में हम निम्न जानकारियों का प्रयोग करते हैं :
  • जहाँ पे पूजा हो रही हो उस शहर/गाँव का नाम लेते हैं |
  • जिसके लिए पूजा हो रही है उसका नाम लिया जाता है गोत्र के साथ अगर मालूम हो तो|
  • जिस तिथि में पूजा हो रही है उसका नाम लिया जाता है |
  • जिस दिन पूजा हो रही है उसका नाम भी लेते हैं |
  • जिस पक्ष में प्रयोग हो रहा है उसकी जानकारी भी संकल्प लेने में लिया जाता है |
  • संवत्सर का भी नाम लिया जाता है |

अतः एक पूरा संकल्प लेने में पंचांग का पूरा स्तेमाल किया जाता है |


आप भी अगर अभी तक संकल्प के बिना पूजा करते आये हैं तो अब से संकल्प के साथ पूजा शुरू कीजिये और फिर देखिये आपके जीवन में क्या परिवर्तन आता है | अपने अनुभव को सबके साथ साझा भी कीजिये कमेंट करके.

||ॐ नमः शिवाय ||

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