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Saptahik Rashifal

Saptahik Rashifal Aur Panchang, 3 से 8 अगस्त 2026 तक की भविष्यवाणियां| प्रेम जीवन की भविष्यवाणी, आने वाले सप्ताह में किस राशि के जातकों को लाभ मिलेगा, आने वाले सप्ताह के महत्वपूर्ण दिन और राशिफल, जानें आने वाले सप्ताह में कितने सर्वार्थ सिद्धि योग मिलेंगे। Saptahik Rashifal : ज्योतिष में चंद्रमा के गोचर पर आधारित साप्ताहिक भविष्यवाणियाँ महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि चंद्रमा हमारी भावनाओं, सहज प्रवृत्तियों और दैनिक मनोदशाओं को नियंत्रित करता है। सबसे तेज़ गति से चलने वाला खगोलीय पिंड होने के नाते, यह लगभग हर 2.25 दिनों में राशि बदलता है, जिससे साप्ताहिक आधार पर हमारी भावनाओं, प्रतिक्रियाओं और दूसरों के साथ जुड़ाव पर असर पड़ता है। विभिन्न राशियों में चंद्रमा के गोचर और अन्य ग्रहों पर इसके प्रभावों पर नज़र रखकर, ज्योतिषी सप्ताह के दौरान भावनात्मक रुझानों, विकास के अवसरों और संभावित चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान कर सकते हैं। ये भविष्यवाणियाँ व्यक्तियों को अपनी गतिविधियों को ब्रह्मांडीय लय के साथ संरेखित करने में मदद करती हैं—संचार, निर्णय लेने, आत्म-देखभाल या आत्मनिरीक्षण के लिए सर्व...

Deepawali Ki Pooja Kab Kare?

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दीपोत्सव बहुत ही ख़ास होता है हर हिन्दू के लिए क्यूंकि इस दिन विशेष रूप से धन की देवी महालक्ष्मी की पूजा होती है जो की अपने भक्तो को प्रसन्न होने पर धन, वैभव प्रदान करती है जिससे व्यक्ति इस भौतिक संसार में ऐशो आराम से जीता है. 

आइये जानते हैं दिवाली पूजन की सही तारीख 2025 :

अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दिन में लगभग 3:45 पे शुरू होगा और 21 अक्टूबर को शाम 5:54 बजे तक रहेगा अतः दीपावली पूजन 20 की रात्री को ही करना शुभ रहेगा |


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Deepawali Ki Pooja Kab Kare?

दिवाली प्रकाश का उत्सव है और ये कार्तिक महीने की अमावस्या को मनाया जाता है. भारतीय लोग इस उत्सव को बहुत ही हर्ष और उल्लास से मनाते हैं पूरी दुनिया में. 

हर व्यक्ति के लिए धन बहुत महत्त्व रखता है और इसी कारण रोज हर कोई धन पाने के लिए संघर्ष करता रहता है. दिवाली पर पूजन करने से माता की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति के आय के स्त्रोत खुलते हैं.


कब करे दीपावली की पूजा ?

सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्न ये है की कब करना चाहिए लक्ष्मी जी का पूजन जिससे शुभ परिणाम प्राप्त हो और मनोकामना की पूर्ति हो.

अलग अलग लोगो की ईच्छा अलग अलग होती है और उसी के अनुसार अलग अलग महूरत भी होते हैं, जिनको जो चाहिए उस हिसाब से महूरत में पूजन करना चाहिए.

यहाँ आपके सुविधा के लिए विशेष महूरत और स्थिर लग्न का बताया जा रहा है जिसमे पूजन करके हम अपनी दिवाली को सफल कर सकते हैं.

आइये अब जानते लक्ष्मी पूजन के लिए पूजा का समय :

अमावस्या तिथि 20 तारीख को 3:45 से शुरू होगी अतः दीपावली का पूजन इसके बाद करना ही शुभ रहेगा. 
  1. 3:45 से 4:30 PM तक लाभ का चौघड़िया रहेगा.  
  2. शाम को 4:30 से 6:00 बजे तक अमृत का चौघड़िया मिलेगा लक्ष्मी पूजन के लिए |
  3. रात्रि में 6:00 से 7:30 बजे तक चर का चौघड़िया मिलेगा लक्ष्मी पूजन के लिए |
  4. रात्री में  10:30 से 12 बजे तक लाभ का का चौघड़िया मिलेगा लक्ष्मी पूजन के लिए
  5. स्थिर लग्न (वृषभ लग्न) का मुहूर्त रात्री में 7:08 बजे से 9:03 बजे तक रहेगा ।
  6. निशीथ काल रात्री में लगभग 11:41 से 12:31 तक रहेगा. 

आइये जान लेते हैं 20 october 2025 की रात्रि को दिवाली के दिन ग्रहों की स्थिति कैसी रहने वाली है ?

इस बार दिवाली के समय गोचर कुंडली में बुधादित्य राज योग बना रहेगा साथ ही कलात्मक योग बना रहेगा. 
  • सूर्य अपने नीच राशि तुला में रहेंगे |
  • चन्द्रमा अपने मित्र राशि कन्या में रहेंगे 
  • मंगल अपने सम राशि तुला में रहेंगे |
  • बुध अपने मित्र राशि तुला में रहेंगे |
  • गुरु अपने उच्च राशि कर्क में रहेंगे |
  • शुक्र अपने नीच राशि कन्या में रहेंगे |
  • शनि सम राशि मीन में रहेंगे |
  • राहू अपने मित्र राशि कुम्भ में रहेंगे |
  • केतु अपने शत्रु राशि सिंह में रहेंगे |
साधना के लिए समय उत्तम रहेगा पर यात्रा करने के लिए दिन शुभ नहीं है, दुर्घटनाये और आगजनी की घटनाओं में बढ़ोतरी होगी | तुला राशि के लोगो को विशेष सावधानी रखना होगी | 

आप सभी को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं 

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