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Deepawali Ki Pooja Kab Kare?

दीपावली पूजा का समय, कब करे महालक्ष्मी की पूजा, जानिए अच्छे चोघडिये और स्थिर लग्न का समय ज्योतिष के हिसाब से दिवाली पूजन के लिए.

दीपोत्सव बहुत ही ख़ास होता है हर हिन्दू के लिए क्यूंकि इस दिन विशेष रूप से धन की देवी महालक्ष्मी की पूजा होती है जो की अपने भक्तो को प्रसन्न होने पर धन, वैभव प्रदान करती है जिससे व्यक्ति इस भौतिक संसार में ऐशो आराम से जीता है. 
diwali puja ka samay
Deepawali Ki Pooja Kab Kare?

दिवाली प्रकाश का उत्सव है और ये कार्तिक महीने की अमावस्या को मनाया जाता है. भारतीय लोग इस उत्सव को बहुत ही हर्ष और उल्लास से मनाते हैं पूरी दुनिया में. 
हर व्यक्ति के लिए धन बहुत महत्त्व रखता है और इसी कारण रोज हर कोई धन पाने के लिए संघर्ष करता रहता है. दिवाली पर पूजन करने से माता की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति के आय के स्त्रोत खुलते हैं.

कब करे दीपावली की पूजा ?

सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्न ये है की वैदिक ज्योतिष के हिसाबस इ कब करना चाहिए लाक्स्मीजी का पूजन जिससे शुभ परिणाम प्राप्त हो और मनोकामना की पूर्ति हो.
अलग अलग लोगो की ईच्छा अलग अलग होती है और उसी के अनुसार अलग अलग महूरत भी होते हैं, जिनको जो चाहिए उस हिसाब से महूरत में पूजन करना चाहिए.
यहाँ आपके सुविधा के लिए विशेष महूरत और स्थिर लग्न का बताया जा रहा है जिसमे पूजन करके हम अपनी दिवाली को सफल कर सकते हैं.

आइये जानते हैं दिवाली पूजा का विशेष महूरत :


समया चोघड़ीया किनके लिए शुभ
सुबह 9 से 10:30 लाभ दुकानदार, व्यापारी, नौकरी पेशा
सुबह 10:30 से 12 अमृत जो स्वास्थ्य लाभ चाहते हैं
1:30 pm से 3:00 PM शुभ सभी के लिए
6:00 से ७:३० शाम शुभ सभी के लिए
7:30 pm से 9:00 PM अमृत जो स्वास्थ्य लाभ चाहते हैं
रात्रि को 1:30 से 3:00 लाभ जदुकानदार, व्यापारी, नौकरी पेशा और जो तंत्र सिद्ध करना चाहते हैं

और पढ़िए दिवाली पूजा कैसे करे आसानी से 

आप सभी को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं 

किसी भी प्रकार की ज्योतिष मार्गदर्शन के लिए यहाँ क्लिक करे और ज्योतिष से संपर्क करे:



दीपावली पूजा का समय, कब करे महालक्ष्मी की पूजा, जानिए अच्छे चोघडिये और स्थिर लग्न का समय ज्योतिष के हिसाब से दिवाली पूजन के लिए.

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