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Pushya Nakshatra Ka Mahttw Diwali Ke Pahle

दिवाली के पहले पुष्य नक्षत्र का महत्त्व, क्या करे सुख सम्पन्नता, भाग्योदय के लिए ज्योतिष अनुसार.
हर साल कार्तिक महीने की अमावस्या को दीपावली आती है हिन्दू पंचांग अनुसार और इससे पहले एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण दिन आता है जिसे पुष्य योग कहते हैं. पुष्य नक्षत्र जब दिवाली के पहले आता है तो अति महत्त्वपूर्ण कार्यो के लिए योग बना देता है. ये व्यापारियों, ग्रहस्थो, नौकरीपेशा, विद्यार्थियों आदि के लिए शुभ होता है.
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विद्वानों ने इस बात को माना है की इस शक्तिशाली दिन में किसी भी चीज को खरीदना बहुत महत्त्व रखता है. इस दिन ख़रीदा सोना सम्पन्नता देता है, इस दिन खरीदी किताबे विद्याप्रप्ती में सहयोग प्रदान करती है. इसी कारण व्यापारी वर्ग इस दिन बही खाते खरीदते नजर आते हैं. महिलाए अपने लिए आभूषण खरीदती है, कुछ लोग श्री यन्त्र की स्थापना करते हैं आदि.

साल २०१९ में पुष्य नक्षत्र 21 october,सोमवार को दिन के २:२२ से शुरू होगा और 22 तारीख के १:१५ दिन तक रहेगा. ये दिन दिवाली से ५ दिन पहले आ रहा है जो की सभी के लिए शुभ है.

आइये जानते हैं क्या ख़ास बात है इस पुष्य नक्षत्र की?

इस साल कुछ ग्रहों का साथ अच्छा मिल रहा है जो की इस दिन को और शुभ बना रहे हैं जैसे गुरु भी मित्र राशि में स्थित रहेगा, बुध भी मित्र राशि में स्थित रहेगा, शुक्र स्व राशि का रहेगा. अतः ये दिन बहुत से कार्यो के लिए अति शुभ रहेगा.इस दिन हम बही खाते खरीद सकते हैं.
  • आप सिद्ध श्री यन्त्र की स्थापना भी कर सकते हैं पुष्य योग में जो की भाग्योदय और सम्पन्नता में मदद करता है. 
  • इस दिन से आप नए विषयों को सीखना शुरू कर सकते हैं, किसी ट्रेनिंग प्रोग्राम में एडमिशन ले सकते हैं. 
  • इस दिन सोना खरीदना भी शुभ माना जाता है.
  • इस दिन से आप साधना शुरू कर सकते हैं, मंत्र जप शुरू कर सकते हैं, सम्पन्नता के लिए टोटके कर सकते हैं. 

पुष्य नक्षत्र और ज्योतिष:

  1. भारतीय ज्योतिष के हिसाब से ये एक शक्तिशाली नक्षत्र माना जाता है. इसका सम्बन्ध शक्ति, भाग्य, उर्जा, से है जिसके कारण इसका महत्त्व और भी बढ़ जाता है. 
  2. पौराणिक कथाओं अनुसार पुष्य नक्षत्र को माता लक्ष्मी का जन्म हुआ था जो की धन, वैभव की देवी है इसीलिए लोग इस दिन धन सम्बन्धी पूजाओ को करते हैं. ऐसी मान्यता है की इस दिन अगर हम धन प्राप्ति के लिए पूजाए करते हैं तो माता की कृपा अवश्य बरसती है. 
  3. पुष्य नक्षत्र शनि और गुरु दोनों से जुड़ा है जिसके कारण दोनों की कृपा पाने के योग बनाता है. 
अगर आप ज्योतिष से किसी भी प्रकार की सलाह लेना चाहते हैं तो अभी संपर्क कर सकते हैं.



जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली? कैसा जायेगा आपका नया साल? कौन से रत्न से भाग्योदय होगा ज्योतिष अनुसार? व्यापार कैसा रहेगा? नौकरी में उन्नति के योग कैसे हैं? आदि.

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