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Showing posts from September, 2018

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Suar Ke Daant Ke Totke

Jyotish Me Suar Ke Daant Ka Prayog, pig teeth locket benefits, Kaise banate hai suar ke daant ka tabij, क्या सूअर के दांत का प्रयोग अंधविश्वास है. 

सूअर को साधारणतः हीन दृष्टि से देखा जाता है परन्तु यही सूअर पूजनीय भी है क्यूंकि भगवान् विष्णु ने वराह रूप में सूअर के रूप में अवतार लिया था और धरती को पाताल लोक से निकाला था. और वैसे भी किसी जीव से घृणा करना इश्वर का अपमान है , हर कृति इस विश्व में भगवान् की रचना है. सूअर दांत के प्रयोग के बारे में आगे बताने से पहले कुछ महत्त्वपूर्ण बाते जानना चाहिए :इस प्रयोग में सिर्फ जंगली सूअर के दांत का प्रयोग होता है. किसी सूअर को जबरदस्त मार के प्रयोग में लाया गया दांत काम नहीं आता है अतः किसी भी प्रकार के हिंसा से बचे और दुसरो को भी सचेत करे. वैदिक ज्योतिष में सूअर के दांत के प्रयोग के बारे में उल्लेख नहीं मिलता है. इसका सूअर के दांत के प्रयोग को महुरत देख के ही करना चाहिए. कई लोगो का मनना है की सुकर दन्त का प्रयोग अंधविश्वास है परन्तु प्रयोग करके इसे जांचा जा सकता है , ऐसे अनेको लोग है जो अपने बच्चो को इसका ताबीज पहनाते हैं और कुछ लोग खुद भी पहनत…

Shraadh Se Sambandhit Kuch Tathya In Hindi

श्राद्ध से सम्बंधित कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्य, तर्पण में उपयोग होने वाले वस्तुए, गोत्र का महत्तव , पितरो को प्रसन्न करने का सही समय, तर्पण के लिए 7 मुख्य स्थल.

श्राद्ध अर्थात पितृ पक्ष या फिर महालया जो की 16 दिनों का विशेष समय होता है जब पितृ गण अपने परिवार को आशीर्वाद देने आते हैं. अतः इस समय कोई भी व्यक्ति बहुत आसानी से अपने जीवन को निष्कंटक कर सकता है और उन्नति के रस्ते खोल सकता है.

भारत के ऋषि मुनियों ने अपने तपोबल से आत्माओं के अस्तित्तव को दिखाया है और पूरी दुनिया आज आत्माओं के अस्तित्व को मानती है. अतः हम पितृ पक्ष को एक अंधविश्वास नहीं मान सकते हैं. ये भी सत्य है की हम अगर है तो वो सिर्फ हमारे पितरो के कारण और हमे ये भूलना नहीं चाहिए. भारत में तो हर मुख्य कार्य से पहले पितरो को पूजने का भी नियम है. उनके आशीर्वाद के बिना कोई कार्य संभव नहीं है.

श्राद्ध एक ऐसा समय है जब हम पितरो के लिए अपनी कृतज्ञता दिखा सकते हैं. ये वो समय है जब हम उनके प्रेम और कृपा के लिए उनका धन्यवाद कर सकते हैं उनके उन्नति के लिए प्रार्थना करके. पूजा में गोत्र का महत्तव: किसी भी पूजा को करने पर नाम के साथ गोत्र…

Navagrah aur Navaratn Jyotish Mai नवग्रह और नवरत्न

Navagrah aur Navaratn Jyotish Mai,  रत्न कैसे काम करते हैं, नवग्रह और नवरत्न, नव ग्रह और सम्बंधित नव रत्न.
पुरे विश्व में रत्न प्रसिद्द हैं और लोग इनका प्रयोग विभिन्न इच्छाओं की पूर्ति हेतु करते हैं. इनको भाग्योदय रत्न भी कहा जाता है, राशि रत्न भी कहा जाता है, नवरत्न भी कहा जाता है, नवग्रह पत्थर भी कहा जाता है. 
हर रत्न में एक ख़ास शक्ति मौजूद होती है जो की धारण करने वाला महसूस कर सकता है परन्तु परिणाम पत्थर के गुणवत्ता पर निर्भर करता है. इसमें कोई शक नहीं की नव रत्नों का प्रयोग लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दशको से करते आये हैं. विभिन्न प्रकार के रत्न आज के तारीख में पाए जाते हैं और ये भी कड़वा सच है की इनमे से सही रत्न ढूँढना बहुत मुश्किल होता है बिना किसी अच्छे जानकार से सलाह के. 
नवरत्नों को पुरे विश्व भर में मान्यता मिली हुई है और हर परकार के सलाहकार इनका प्रयोग करते हैं और करवाते हैं , इसी से इनकी महत्ता का पता चलता है. 
रत्न कैसे काम करते हैं ? रत्न कैसे काम करते हैं ये एक सवाल सबके मन में रहता है तो यहाँ ये जानना जरुरी है की रत्न प्रकाश किरणों के साथ काम करता है. जब को रत्न …

Bure Graho Ke Karan Hone Wali Bimariyan

बुरे ग्रहों के कारण होने वाले कुछ बीमारियाँ, कौन से ग्रह जिम्मेदार हैं बीमारियों के लिए.
ज्योतिष के अनुसार हर समस्या के पीछे किसी न किसी ग्रह का हाथ होता है इसी कारण ज्योतिष हमेशा कुंडली को पढ़ते हैं किसी भी समस्या का समाधान निकालने के लिए. अगर कोई किसी प्रकार के बिमारी से ग्रस्त हो और बाहर आने का रास्ता नहीं मिल रहा हो तो ये संभव है की किसी बुरे गृह का प्रभाव पड़ रहा हो.
आइये जानते हैं कुछ बिमारियों और सम्बंधित ग्रह के बारे में : अगर कुंडली में सूर्य ग्रह ख़राब हो जाए तो जातक को हृदय सम्बंधित समस्या हो सकती है, आँखों में समस्या हो सकती है, पेट ख़राब हो सकता है, धन हानि हो सकती है, अपमान हो सकता है, तनाव बढ़ सकता है. अगर कुंडली में चन्द्रमा खराब हो तो जातक को दिमागी बिमारी हो सकती है, अनावश्यक विचार परेशान कर सकते हैं, फेफड़ो की बीमारी घेर सकती है, धन सम्बंधित समस्या हो सकती है, खून से सम्बंधित बीमारी हो सकती है. अगर कुंडली में मंगल ग्रह ख़राब हो जाए तो जातक का आत्मविश्वास कम हो सकता है, दुर्घटनाएं हो सकती है, बुखार हो सकता है, फुंसी हो सकती है, गुस्सा और झगड़ा हो सकता है.अगर कुंडली में बुध ग्…

Tarpan Kya Hota Hai

Tarpan kya hota hai, जानिए हिंदी में तर्पण के बारे में, कैसे मुक्ति पायें पितृ दोष से, कैसे पायें सफलता जीवन में, कैसे पायें पितरो से आशीर्वाद. ऐसा देखा जाता है की कुंडली में पितृ दोष होने के कारण लोग बहुत परेशान रहते हैं, जीवन में हर कदम पर परेशानी आती रहती है. व्यक्तिगत जीवन और काम-काजी जीवन में हद से जयादा परेशानी आती है. और कितनी भी कोशिश करे , परेशानी ख़त्म नहीं हो पाती है. पितृ दोष को अगर सही तरीके से समझ जाएँ तो इससे मुक्ति पाई जा सकती है, इस लेख में पितृ दोष से मुक्ति के लिए एक विशेष प्रयोग की जानकारी दी जा रही है जिसे तर्पण कहते हैं. 
जब भी कोई व्यक्ति शारीर का त्याग करता है तो उसकी मुक्ति के लिए कुछ विशेष पूजाओ का जिक्र हमारे ग्रंथो में किया गया है , इन क्रियाओं को करने से आत्मा क्षण भंगुर संसार के मोह को त्याग कर मुक्ति हो जाती है और इसका पुण्य क्रिया करने वाले को मिलता है.

ऐसी मान्यता है की अगर मृत्यु के पश्चात कर्मो को ठीक ढंग से नहीं किया जाता है तो आत्मा मुक्त नहीं होती है और इधर उधर भटकती रहती है. इससे पितृ दोष, प्रेत दोष आदि की उत्पत्ति होती है और ज्योतिष में इसे कुंडल…

Yogini Dasha Ka Jivan Par Prabhav

Yogini dasha ka jivan par prabhav hindi jyotish aunsaar, जानिए ८ योगिनी दशा के बारे में, क्या फल होगा योगिनी दशा का, कैसे दूर करे दुर्भाग्य को, ज्योतिष समाधान. इस ज्योतिष लेख में हम जानेंगे की- योगिनी दशा क्या है?कुंडली अध्ययन में इसकी क्या महत्ता है?क्या योगिनी दशा दुर्भाग्य लाता है?क्या सभी योगिनी दशाएं ख़राब होती है?कैसे कम करे योगिनी दशा के बुरे प्रभाव को?
वैदिक ज्योतिष के अनुसार योगिनी दशा भी जीवन को बहुत प्रभावित करती है और इसके बारे में जानके हम आने वाले समय के बारे में बहुत कुछ जान सकते हैं. अतः कुंडली अध्ययन के समय योगिनी दशाओं का अध्ययन भी बहुत काम देता है.  कुछ दशाएं अच्छी होती है और कुछ ख़राब.  ज्योतिष में योगिनी दशा कितनी होती है? ये ८ प्रकार की होती है और समय समय पर इनके प्रभाव से जातक को गुजरना होता है. कुछ जीवन में सकारात्मक प्रभाव लाती है और कुछ नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करती है.  ये ८ योगिनी दशाएं निम्न है – मंगला, पिंगला, धन्या, भ्रामरी, भद्रिका, उल्का, सिद्ध, संकटा  विद्वानों का मानना है की मंगला, पिंगला, धन्या और सिद्धा जीवन में शुभता लाती है और भ्रामरी, भद्रिका, उल्क…

Santan Prapti Yoga Kundli Mai In Hindi

कुंडली में संतान प्राप्ति योग, कुंडली में कैसे जाने संतान सुख के बारे में, क्या करे स्वस्थ संतान प्राप्ति के लिए ज्योतिष के अनुसार, संतान प्राप्ति में बाधा और समाधान ज्योतिष द्वारा. Santan yoga in kundli, hindi jyotish to know about santan problems remedies. जीवन में विवाह उपरान्त संतान का होना एक महात्वपूर्ण घटना होती है, ये पति और पत्नी को एक नई दृष्टि प्रदान करती है और जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाती है. ऐसे बहुत से लोग है जो संतान सुख से वंचित है और संतान प्राप्ति के लिए खूब जातन करते हैं परन्तु सफल नहीं हो पा रहे हैं.

इसका कारण ज्योतिष द्वारा पता लगाया जा सकता है. कुंडली हमारे जीवन का आइना है अतः इसके द्वारा हम बहुत कुछ जान सकते हैं. कुंडली में 12 भाव होते हैं और सभी अलग अलग विषय से जुड़े है जिनका अध्यन कई रहस्यों से पर्दा उठा देता है जो की उन्सुल्झे है. संतान नहीं होने के कारण भी ज्योतिष द्वारा जाना जा सकता है.  इस लेख में संतान समस्या के कारण और समाधान पर प्रकाश डाला जा रहा है. क्यों आती है है समस्याए संतान प्राप्ति में, क्यों होता है गर्भपात , कैसे प्राप्त करे स्वस्थ संतान.

जीवन…

Pitru Shanti Ke liye Mahalaya Ka Mahattw in Hindi

पितृ शांति के लिए महालया का महत्तव, 2018 का पितृ पक्ष क्यों महत्त्वपूर्ण है, पितृ पक्ष और ज्योतिष, पितृ शांति के उपाय  दिवंगत आत्माओं से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए एक विशेष अवसर होता है जिसे की महालय कहते हैं, पितृ पक्ष कहते हैं, श्राद्ध पक्ष कहते हैं. इस समय हम जीवन में स्वास्थ्य, सम्पन्नता को लाने के लिए आसानी से सफल अनुष्ठान कर सकते हैं. पितृ पक्ष में आत्माओं की शांति , उन्नति हेतु बड़े से बड़ा अनुष्ठान कर सकते हैं, ये 16 दिन विशेष होते हैं पूर्वजो की पूजा आराधना के लिए. हिन्दू धर्म ग्रंथो के अनुसार पितर लोक का भी अस्तित्व माना गया है जहा पर हमारे पितर गण निवास करते हैं , वहाँ पर उनकी स्थिति उनके खुद के कर्मो और हमारे द्वारा किये गए अनुष्ठानो पर निर्भर करता है.

ऐसी भी मान्यता है की इन 16 दिनों में पितर गण पितर लोग से धरती पर आवागमन के लिए मुक्त होते हैं 24 घंटे, अतः ऐसे में इनसे आशीर्वाद प्राप्त करना आसान होता है.

कर्म काण्डों में “तर्पण प्रयोग” सबसे महत्त्वपूर्ण माना जाता है पितरो का आशीर्वाद लेने के लिए. इसके अंतर्गत कुछ विशेष सामग्रियों से रोज तर्पण किया जाता है अर्थात जल छोड़ा ज…

Rishi Panchmi Ka Mahattwa In Hindi

ऋषि पंचमी का महत्त्व हिंदी में , क्या करे ऋषि पंचमी को, ऋषि पंचमी की कहानी, कर्मकांड ऋषि पंचमी से जुड़े, सप्त ऋषियों के नाम. भाद्रपद के महीने में गणेश चतुर्थी के दुसरे दिन ऋषि पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है भारत में. ये दिन भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष के पांचवे दिन मनाया जाता है. ये दिन बहुत महत्त्वा रखता है क्यूंकि इस दिन सप्त ऋषयो की पूजा होती है जिनके नाम है – कश्यप, अत्री, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम , जमदग्नि और वशिष्ठ. ऐसी मान्यता है की इनकी पूजा से रजस्वला दोष से मुक्ति मिल सकती है.
ऋषि पंचमी का दिन महिलाओं के लिए ख़ास महत्त्व रखता है , इस दिन महिलायें व्रत रखती है , पूजाएँ करती है ताकि रजस्वला दोष से मुक्ति मिले. रजस्वला होने पर जाने अनजाने बहुत सी भूल हो जाती है और हिन्दू संस्कृति में इससे मुक्ति का मार्ग भी है और वो है ऋषि पंचमी के दिन सही तरीके से पूजा पाठ करना जिससे पापो से मुक्ति मिलती है.
क्या आप जानते हैं की ऋषि पंचमी से २ दिन पहले हरतालिका तीज मनाया जाता है? आइये जानते हैं की क्या करना चाहिए ऋषि पंचमी को ? ये दिन पवित्रता का दिन है , पापो से मुक्ति पाने का दिन है अतः प्रा…

Ganeshji Seekhne Yogya Baate

क्या सीखे गणेशजी के व्यक्तित्त्व से, जानिए क्यों हुए गणेशजी इतने प्रसिद्ध, कैसे बनाए जीवन को सफल. मनुष्य जीवन बहुत महत्त्वपूर्ण है, एक शानदार और प्रभावशाली जीवन जीना सभी का ख्वाब होता है. गणेश उत्सव का आरंभ सभी के अन्दर उत्साह, उमंग भर देता है.

भगवान्-गणेश अपने असाधारण बुद्धिमानी के लिए जानेजाते हैं और अपने चमत्कारी व्यक्तित्त्व के कारण प्रथम पूज्य है.  हम गणपति बप्पा की पूजा इसीलिए करते हैं क्यूंकि वे जीवन से दुःख को हारते हैं, बीमारी को हरते हैं, दुर्भाग्य को हरते हैं. पिछले कुछ लेखो में आपको मैंने गणपति के पूजा से सफलता कैसे प्राप्त करे, इसके बारे में बताया है. परन्तु इस लेख में मैं कुछ और बताने की कोशिश कर रहा हूँ. गणेशजी के व्यक्तित्त्व से हम बहुत कुछ सिख सकते हैं जिससे हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं.

सभी को ज्ञान मिले, नाम मिले, धन मिले, स्वास्थ्य मिले, यही कामना.

सीखना जीवन भर जारी रहता है, हमारे आस पास ऐसा कुछ नहीं जिससे हम कुछ सीख नहीं सकते हैं.  भगवान् गणेश भी बहुत लोगो के प्रेरणास्त्रोत हैं. हम उनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं जिसका प्रयोग हम रोजमर्रा के जीवन में कर सकते हैं दुस…

Kab Kare Ganesh Sthapna

कब करे गणेश स्थापना?, जानिए महूरत बाप्पा को स्थापित करने का, कैसे लाभ ले अच्छे महूरत का, २०१८ गणेश स्थापना महुरत. गणेश उत्सव शुरू हो रहा है और ऐसे में सभी लोग विघ्नहर्ता को मनाने में लगे रहेंगे क्यूंकि वो दुर्भाग्य नाशक है, परेशानियों को दूर करने वाले हैं. इन्हें प्रथम पूज्य कहा गया है देवताओं में इसीलिए गणेशजी का विशेष स्थान है सभी के ह्रदय में.

हर साल भाद्रपद के महीने में चतुर्थी को एक विशेष दिन होता है जब से गणेश उत्सव प्रारम्भ होता है, पूरे भारत में लोग बड़े हर्ष और उल्लास के साथ इस उत्सव को मनाते हैं. करीब १० दिन ये उत्सव चलता है.  अगर गणेश पूजन शिव और पार्वती जी के साथ की जाए तो और भी अच्छा होता है.  ऐसी मान्यता है की चतुर्थी को बाप्पा का जन्म होता था इसीलिए उनके जन्म के उपलक्ष में गणेश उत्सव मनाया जाता है.  आइये अब जानते हैं गणेश स्थापना के महुरत :
अगर आप व्यापारी है और लाभ के लिए पूजन करना चाहते हैं तो दोपहर को १२ से १:३० के बीच स्थापना करे. अगर आप बीमारियों से छुटकारे के लिए गणेश पूजन करना चाहते हैं तो १:३० से 3:०० बजे के बीच स्थापना करे. परिवार में शुभता के लिए 4:३० से ६:०…

Ganesh Puja Dwara Safalta Kaise Paaye In Hindi

Ganesh Puja Dwara Safalta Kaise Paaye In Hindi,  गणेश चतुर्थी द्वारा कैसे दूर करे मुश्किलों को, जानिए गणेशजी को प्रसन्न करने के आसान तरीके, 2018 में गणेश चतुर्थी क्यों ख़ास है, क्या करे सफलता के लिए .
गणेशजी वो देवता है जिनको किसी भी पूजा में सबसे पहले पूजा जाता है इसीलिए इनको प्रथम पूज्य कहा जाता है सभी देवी देवताओं में. इन्हें विघ्न विनाशक, विघ्नहरता, सर्व प्रदाय आदि नामो से जाना जाता है.
वक्र तुंड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ |
निर्विघ्नं कुरुमे देव सर्व कार्येशु सर्वदा ||

इसका अर्थ है – गणेशजी आपकी सूंड वक्राकार है और आपका शारीर महाकाय और शक्तिशाली है, कोटि सूर्यो का तेज आपमे हैं, आप हमारे जीवन से परेशानियों को ख़त्म करे, हमारे मार्ग निष्कंटक करे.
ये परार्थना साधारणतः हर गणेश भक्त करते हैं पूजा के दौरान. हर साल गणेशजी के पूजन के लिए विशेष दिन आते हैं जब सभी तरफ सिर्फ गणेश पूजन के बारे में चर्चा होती है और भक्त उनकी कृपा से आनंद लेते हैं.
2018 में 13 september (गणेश चतुर्दशी) से 23 सितम्बर (अनंत चतुर्दशी)2018 तक गणेश पूजन के लिए विशेष दिन होंगे.
गणेशजी का अधिपत्य है दिमाग पर, रचनात्मकता पर,…

Hartalika Teej Ka Mahattwa In Hindi

हरतालिका तीज का त्यौहार, तीज पूजा का असान तरीका, क्या फायदे है हरतालिका तीज का , हरतालिका व्रत और कथा, क्या करे मनोकामना पूर्ण करने के लिए हरतालिका तीज को. 
भारत में भाद्रपद महीने के तृतीय तिथि को एक और महत्त्वपूर्ण त्यौहार मनाया जाता है जिसे हरतालिका तीज कहते है. ये त्यौहार कुंवारी और शादीसुदा महिलाए दोनों के लिए महत्त्व रखता है. कुंवारी कन्याएं और शादी सुदा महिलायें इस त्यौहार को बहुत ही उत्साह से मनाती है. 
ऐसी मान्यता है की इस पूजा को करने से परिवार में सुख और सम्पन्नता आती है, शादी शुदा महिलाए अपने पति की लम्बी उम्र के लिए ये पूजा करती है. कुंवारी कन्या मनपसंद पति के लिए ये पूजा करती है. इस पूजा में देवी पार्वती के साथ शिवजी की पूजा होती है.

हरतालिका तीज का व्रत बहुत कठिन होता है क्यूंकि इस दिन जल और अन्न दोनों ही मना रहता है, इस दिन धैर्य और शक्ति की परीक्षा होती है. जो महिलायें और कन्याएं ये उपवास करती है वो महान है और शक्तिशाली है. पूरी रात महिलायें और कन्याएं पूजा पाठ में ही समय बिताती है, मंत्र जप करती है, भजन करती है, कहानी सुनती है. पति भी अपनी पत्नी की सहायता करते हैं पू…

Santan Mai Deri Ke Jyotishiy Karan Aur Samadhan

Santan Mai Deri Ke Jyotishiy Karan Aur Samadhan, क्यों देरी होती है संतान होने में , ज्योतिष और संतान प्राप्ति , संतान प्राप्ति हेतु ज्योतिषीय मार्ग दर्शन.
एक सुन्दर, स्वस्थ संतान की चाह हर दंपत्ति को होती है परन्तु कुछ लोगो को इसमे बहुत परेशानी होती है, समय पर संतान न होना कई परेशानियों को जन्म देता है. कुछ दंपत्ति तो पूर्ण रूप से काबिल होने के बावजूद भी संतान लाभ से वंचित रह जाते हैं , इसके कई कारण हो सकते हैं परन्तु उन सिर्फ ज्योतिष द्वारा ही जाना जा सकता है.  कुंडली में ग्रहों को देखकर बहुत कुछ जाना जाता है जो की ऊपर से नहीं दीखता है.  आइये जानते हैं कुछ कारण जिससे की संतान प्राप्ति में देरी होती है :अगर विवाह में गुण मिलन में अंक कम मिल रहे हो तो विशेषकर अगर भकूट दोष हो तो संतान समस्या आ सकती है.अगर कुंडली का संतान भाव दूषित हो तो भी संतान होने में देरी हो सकती है.कई बार काले जादू के कारण किसी महिला की कोख बाँध दी जाती है जिसके कारण भी संतान नहीं हो पाती है सभी काबिलियत होने के बावजूद भी.कुछ लोग सर्प श्राप के कारण भी संतान हीन रहते हैं.कुछ लोग पितृ श्राप के कारण भी संतान नहीं होन…