Sheetla Saptmi Ki Katha, शीतला सप्तमी कथा, sheetla mata puja ka mahattw, Shitla Mata Mantra. चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाने वाली शीतला सप्तमी का पर्व विशेष रूप से माताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन माताएं अपने बच्चों के स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं और शीतला माता की पूजा करती हैं। मान्यता है कि इस दिन ठंडा भोजन (बासी या एक दिन पहले बनाया हुआ) ग्रहण किया जाता है और पूजा के बाद शीतला माता की कथा अवश्य सुननी या पढ़नी चाहिए। इस वर्ष शीतला सप्तमी 10 मार्च को मनाई जा रही है। आइए पढ़ते हैं शीतला माता की प्रेरणादायक कथा। Sheetla Saptmi Ki Katha शीतला सप्तमी की कथा बहुत समय पहले एक गांव में एक ब्राह्मण दंपति रहते थे। उनके दो पुत्र थे और दोनों की शादी हो चुकी थी। लेकिन विवाह के कई वर्षों बाद तक दोनों बहुओं को संतान का सुख नहीं मिला। लंबे इंतजार और प्रार्थनाओं के बाद आखिरकार दोनों को संतान प्राप्त हुई। पूरे घर में खुशियों का माहौल था। सुनिए YouTube में कुछ समय बाद शीतला सप्तमी का पावन पर्व आया। परंपरा के अनुसार...
कमजोर चन्द्रमा का प्रभाव जीवन में, कैसे बढ़ाए चन्द्रमा की शक्ति को , क्या नुक्सान होता है चन्द्रमा कमजोर होने से ज्योतिष के हिसाब से, जानिए कुछ ख़ास उपाय अच्छे जीवन के लिए. Kamjor Chandrama Ka Jivan Par Prabhav Aur Upaay Jyotish Me अगर सूर्य दहकता हुआ गेंद दीखता है तो वहीँ चन्द्रमा शीतलता लिए हुए दीखता है. सूर्य दिन का राजा है और चन्द्रमा रात्री को सभी को राह दिखाता है. लोग पूर्णिमा के दिन काफी उर्जा से युक्त महसूस करते हैं. चन्द्रमा की शक्ति भी जीवन में बहुत महत्त्वपूर्ण है. चन्द्रमा का सम्बन्ध जीवन के बहुत ही महत्त्वपूर्ण विषयो से रहता है : चन्द्रमा हमारे सोचने को प्रभावित करता है. चन्द्र अगर राहू के साथ युति कर जाए कुंडली में तो जीवन को बहुत ज्यादा प्रभावित करता है, साथ ही अगर ये वृश्चिक राशि में हो तो भी बहुत नुक्सान करता है. चंद्रमा माता के साथ संबंधो को भी प्रभावित करता है. जन्म के समय ये हमारे राशि का निर्धारण भी करता है. भावनात्मक विचारो को भी चन्द्रमा प्रभावित करता है. कर्क राशि पर चन्द्रमा का प्रभाव रहता है. चन्द्रम हमारे सोच, अंतः प्रज्...