Surya Ka Singh Rashi Mai Gochar Ka Rashifal(17 august 2026), Singh Rashi Mai Surya ka Gochar kab hoga, Impact of Sun Transit in Leo Sign in hindi. **17 अगस्त 2026** को, **सूर्य अपनी ही राशि सिंह** में गोचर करेंगे , जो एक शक्तिशाली खगोलीय परिवर्तन का प्रतीक है। ये गोचर और भी महत्वपूर्ण बनेगा क्योंकि ** सूर्य सिंह राशि में केतु ** के साथ युति करेंगे और साथ ही इसी दिन सूर्य केतु के नक्षत्र मघा में भी प्रवेश करेंगे । यह दुर्लभ संयोग एक प्रबल कर्म प्रभाव उत्पन्न करेगा पर साथ ही भ्रमित भी करेगा. चूँकि सिंह राशि नेतृत्व, शक्ति, रचनात्मकता और अधिकार की राशि है, इसलिए यह गोचर सभी राशियों के लिए चुनौतियाँ और अवसर दोनों लेकर आएगा । जहाँ सूर्य जीवन शक्ति, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करता है, वहीं केतु वैराग्य, आध्यात्मिकता और पिछले जन्मों के कर्मों का प्रतीक है। इनकी युति आत्म-साक्षात्कार के क्षणों को जन्म दे सकती है, लेकिन साथ ही अहंकार के टकराव, नेतृत्व में भ्रम, या करियर और अधिकार के मामलों में अचानक बदलाव भी ला सकती है। Surya Ka Singh Rashi Mai Gochar 2026: ग्रह...
Importance of pitra paksh in Hindi, what to do on pitra paksh
भारतीय ज्योतिष शाश्त्र में श्राद्ध पक्ष का बहुत महत्तव है जिसके कारण इन दिनों मंदिरों में और नदी तट पर खूब भीड़ दिखाई देती है.
शाश्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष में हमारे पितृ स्वछंद होकर धरती पर भ्रमण कर सकते हैं और वो अपने वंशजों के यहाँ पर आते हैं. अतः जो लोग पितृ श्राप या पितृ दोष से ग्रस्त है उनके लिए ये समय वरदान है क्यूंकि इन्ही दिनों में पितरो का आशीर्वाद बड़ी आसानी से लिए जा सकता है.
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| Pitr Paksh Ka Mahattw |
पितृ दोष के कारण परेशानियां :
देखा गया है की अगर कुंडली में पितृ दोष हो तो जातक को नौकरी मिलने में परेशानी, अगर जाए तो कार्य करने में परेशानी, इसके अलावा, वैवाहिक जीवन में परेशानी, प्रेम संबंधों में असफलता, अनावश्यक खर्चा, बिमारी आदि का लगा रहना आदि से जीवन बड़ा संघर्षमय हो जाता है, अतः ये जरुरी हो जाता है की इससे मुक्ति के उपाय किये जाए.
वैसे तो हर महीने की चौदस और अमावस को इसके निमित्त पूजा की जाती है परन्तु अगर हम बात करते हैं विशेष समय की जब हम बड़ी आसानी से किसी भी प्रकार के पितृ दोष बढ़ा से छुटकारा पा सके तो मैं ये कहूंगा की महालय/श्राद्ध पक्ष/ पितृ पक्ष से बढकर कोई समय नहीं है जब अपने ancestors की कृपा हम प्राप्त कर सकते हैं.
क्या करें पितृ शान्ति हेतु ?
एक सबसे महत्त्वपूर्ण सवाल ये होता है की ऐसा क्या करे की हमारे पितृ हम पर प्रसन्न हो और हमारे जीवन को सुखमय करे तो इसके लिए सबसे मुख्य बात ये है की हमें अपने पूजाओ में देवी – देवताओं से ये प्रार्थना करनी चाहिए की हमारे पितरो का कल्याण करे और फिर हमारे पितरो से भी आशीर्वाद मांगना चाहिए.
अब रहा सवाल विशेष क्रियाओं का तो ये कहूंगा की अगर पितरों के निमित्त तर्पण क्रिया की जाए श्राद्ध पक्ष में तो निश्चित ही पितरों की कृपा प्राप्त होती है.
कुछ विशेष टोटके जिससे की जीवन को सफल बनाया जा सके :
- महालय/पितृ पक्ष/श्राद्ध पक्ष में रोजाना तर्पण करना चाहिए.
- पितरो के निमित्त रोजाना भोग निकलना चाहिए
- गाय, कुत्ते और कव्वे के लिए रोज कुछ न कुछ प्रेम और श्रद्धा से निकलना चाहिए.
- तिल का दान और तिल से हवन और तर्पण करना भी बहुत फायदेमंद होता है.
- केसर की धुनी घर और दूकान में पितरो के नाम से देना भी उनकी कृपा को खीचने में सहायक है.
- इसके अलावा शिव पूजा भी सफलता के द्वार खोलती है.
किसी भी अच्छे ज्योतिष द्वारा कुंडली को दिखवा के ये जान लेना चाहिए की पितृ दोष कैसा है और उसके निवारण के लिए कौनसा उपाय सबसे ज्यादा उचित है.
नियमित पूजा से कैसा भी दोष हो उसकी शक्ति को कम किया जा सकता है. अगर सफलता चाहते हैं तो हमे सभी तरह से पूरी कोशिश करनी चाहिए. क्या आप जानना चाहते हैं की आपकी कुंडली में क्या दोष है और उसका निवारण क्या है तो आप ऑनलाइन ज्योतिष द्वारा जान सकते है अपने सभी सवालों के जवाब.
नियमित पूजा से कैसा भी दोष हो उसकी शक्ति को कम किया जा सकता है. अगर सफलता चाहते हैं तो हमे सभी तरह से पूरी कोशिश करनी चाहिए. क्या आप जानना चाहते हैं की आपकी कुंडली में क्या दोष है और उसका निवारण क्या है तो आप ऑनलाइन ज्योतिष द्वारा जान सकते है अपने सभी सवालों के जवाब.
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