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March Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav

मार्च 2026 का मीन राशि में अमावस्या: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों पर प्रभाव मार्च 2026 में मीन राशि में होने वाली अमावस्या वैदिक ज्योतिष के अनुसार अत्यंत आध्यात्मिक और भावनात्मक ऊर्जा लेकर आती है। मीन राशि जल तत्व की राशि है और यह अंतर्ज्ञान, करुणा, कल्पना तथा आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़ी होती है। जब अमावस्या इस रहस्यमयी राशि में होती है, तो यह एक नए चक्र की शुरुआत का संकेत देती है जो आत्मचिंतन, भावनात्मक उपचार और नए संकल्पों के लिए अनुकूल समय बनाती है। यह चंद्र चरण हमें अपने भीतर झांकने, पुरानी भावनाओं को छोड़ने और रचनात्मकता तथा आध्यात्मिक विकास को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। इस अमावस्या का प्रभाव प्रत्येक राशि पर अलग-अलग रूप में दिखाई देगा। March Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav अमावस्या का 12 राशियों पर क्या प्रभाव होगा ? मेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए यह अमावस्या बारहवें भाव को सक्रिय करती है, जो आध्यात्मिकता, अवचेतन मन और पुराने अध्यायों के समापन से जुड़ा होता है। इस समय आप अपने जीवन की गति को थोड़ा धीमा करना चाहेंगे और एकांत में समय बिताने की इ...

Santan Samasya Ka Samadhaan Prachya Vidyaao Dwara

संतान समस्या और हल, ज्योतिष और प्राच्य विद्द्याओ द्वारा संतान बाधा से मुक्ति कैसे पायें, कैसे पाए काले जादू के प्रभाव से, कैसे पाए स्वस्थ संतान

आज बहुत से लोग संतान नहीं होने से भी परेशान है. शादी के बाद अगर समय पर संतान न हो तो भी समाज में उठाना बैठना मुश्किल होने लगता है, सभी पूछने लगते हैं. संतान परिवार को पूरा करने के लिए जरुरी माना जाता है समाज में.

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Santan Samasya Ka Samadhaan Prachya Vidyaao Dwara
संतान न होने से कई तरह के नकारात्मक विचार उत्पन्न होने लगते हैं. कुछ महिलाए अवसाद में चली जाती है, स्त्रियों को तो इस भौतिक युग में भी कई तरह के ताने सुनने पड़ते हैं.
संतान प्राप्त करने के लिए दंपत्ति सब कुछ करते हैं. परन्तु कभी कभी हर प्रयास विफल होता है. कुछ लोग तो लाखो रुपये लगा देते हैं संतान पैदा करने के लिए परन्तु सफल नहीं हो पाते हैं. ऐसे में ज्योतिष और प्राच्य विद्याओं की सहायता से लाभ मिल सकता है.

आइये अब जानते हैं की संतान समस्या के क्या कारण हो सकते हैं:

  1. अगर कुंडली में संतान भाव दूषित हो तो दंपत्ति को बच्चा होने में परेशानी हो सकती है.
  2. अगर पति और पत्नी के पंचम भाव में अशुभ ग्रह बैठे हो तो भी संतान समस्या का सामना करना पड़ सकता है.
  3. कुंडली में ग्रहण दोष हो तो भी नजर दोष के कारण संतान होने में समस्या आ है.
  4. कभी कभी कमजोर ग्रह या फिर अशुभ ग्रह के कारण मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर बच्चे भी जन्म लेते हैं और माता पिता को जीवन भर भोगना होता है.
  5. अगर संतान भाव को अशुभ ग्रह देखे तो भी संतान होने में परेशानी होती है.
  6. कभी ऐसा भी होता है की कोई तंत्र क्रियाओं द्वार गर्भ को बाँध देता है जिससे महिलाओं को गर्भ नहीं ठहरता है.
  7. कुछ महिलाए कमजोर ग्रहों के कारण गर्भ धारण नहीं कर पाती है.
  8. कभी ऐसे भी देखा गया है की कुंडली में संतान भाव तो ठीक होता है परन्तु गोचर में ग्रहों की स्थिति ख़राब होने और दशा में अशुभ ग्रह के कारण भी संतान बाधा उत्पन्न हो जाती है.
  9. कुछ दंपत्ति कालसर्प दोष के कारण भी परेशान रहते हैं.
  10. कुछ लोग पितृ श्राप के कारण भी संतान उत्पन्न नहीं कर पाते हैं.
  11. किसी किसी जगह वास्तु में नकारात्मक उर्जा के होने के कारण सुखी जीवन जीने में समस्या आती है.
अतः बच्चा नहीं होने के बहुत से कारण हो सकते हैं, ज्योतिष कुंडली को देखके ही सही कारण बता सकते हैं.


आइये जानते हैं की सही समय पर संतान नहीं होने से दंपत्ति पर क्या असर पड़ सकते हैं?

  • परिवार वाले, पडोसी, दोस्त लोग बार बार बच्चे के बारे में पूछते हैं जिससे कई प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है.
  • कुछ महिलाओं को रोज ताना सुनना पड़ता है घर वालो से.
  • कुछ महिलाए अवसाद से ग्रस्त हो जाती है संतान नहीं होने से.
  • कुछ दंपत्ति ज्यादा सोचने के कारण कई रोगों से ग्रस्त हो जाते हैं.
  • कुछ दंपत्ति में तो तलाक भी हो जाता है सही समय पर बच्चा न होने के कारण.
  • कुछ दंपत्ति को सामाजिक कार्यक्रमों में जाने में झिझक होने लगती है.
अतः कई प्रकार के समस्याओं से गुजरना होता है दंपत्ति को अगर समय पर संतान न हो.

आइये अब जानते हैं संतान समस्या के क्या हल हो सकते हैं :

इस दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है इसीलिए ज्यादा चिंता करने की जगह हल ढूंढना चाहिए. अच्छे ज्योतिष से संपर्क करे और सही उपाय करे.
  1. संतान प्राप्ति यज्ञ भी किया जा सकता है लगातार स्वस्थ संतान के लिए.
  2. अगर पितृ दोष से परेशान हो तो पितृ शांति पूजा करवाए.
  3. अगर काले जादू के कारण परेशान हो तो सही उतारे और कवच धारण करके मुसीबत से छुटकारा पाया जा सकता है.
  4. कभी कभी सिद्ध यंत्रो को स्थापित करके भी मनोकामना पूर्ण किया जा सकता है.
  5. कुछ टोटके भी होते हैं जिनके स्तेमाल से परेशानी से छुटकारा मिलता है.
  6. अपने कुलदेवी, कुलदेवता कुल भैरव की पूजा से बहुत फायदा होता है अतः इनको नजर अंदाज न करे.

आइये अब जानते हैं कुछ उपाय गर्भ रक्षा के लिए काले जादू से:

अगर आपको लगता है की नजर दोष के कारण या फिर नकारात्मक उर्जा के प्रभाव से गर्भ गिर रहा है बार बार तो अगली बार जब भी गर्भ धारण करे तो इस बारे में किसी को न बताये.
  • अमावस्या, पूर्णिमा और किसी के मरने पर बाहर न जाएँ.
  • गर्भ धारण के बाद किसी चौराहे के बीच से न निकले.
  • हमेशा कोई न कोई कवच धारण कर के रखे रक्षा के लिए.
  • अच्छा खाए, अच्छी किताबे पढ़े
  • भयानक फिल्मे न देखे.
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