Skip to main content

Saawan Mahine Me Kya Kare Safalta Ke liye

सावन के महीने में क्या करे सफलता के लिए, जानिए श्रावण महीने की शक्ति, जानिए कैसे करे सावन सोमवार को उपवास, क्या करे श्रावण महीने में सफलता के लिए, सावन महिना और ज्योतिष.
 
sawan mahina aur jyotish upay safalta ke liye
Shrwan mahina aur jyotish upay

चातुर्मास के अंतर्गत श्रावन महीने का भी बहुत महत्त्व है. इस महीने का अध्यात्मिक साधना को करने का भी बहुत महत्त्व है. सावन महिना भगवान् शिव के पूजा के लिए भी बहुत महत्त्वपूर्ण है. विशेषकर सोमवार को लोग शिवजी की विशेष पूजा अर्चना करते हैं और सावन महीने के सोमवार “श्रवन सोमवार ”के नाम से भी बहुत प्रसिद्द है.

श्रावण महीने में अनेक प्रकार की पूजाए सफल होती है जैसे :

  • शादी या विवाह में समस्या हटाने के लिए श्रावण महीने में पूजाएँ हो सकती है.
  • व्यापार बाधा को हटाने के लिए भी विशेष पूजाएँ होती है सावन महीने में.
  • भगवान् शिव को प्रसन्न करने के लिए भी पूजाए होती है श्रावण महीने में.
  • आर्थिक परेशानी को दूर करने के लिए भी इस महीने में पूजाए संभव है.
  • श्रावण महीने में पूजा आराधना, मंत्र सिद्धि करना आसान होता है.
  • इस महीने में पारद शिवलिंग को स्थापित करके पूजा करना भी बहुत लाभदायक होता है.

आइये जानते हैं की कौन कौन से अन्य त्यौहार भी आते हैं श्रावण महीने में :

  1. हरियाली अमावस्या आता है सावन महीने में.
  2. मंगला गौरी व्रत भी इसी महीने में होता है.
  3. हरियाली तीज भी मनाई जाती है श्रावण महीने में.
  4. नागपंचमी भी सावन महीने में आता है.
  5. पवित्र एकादशी या पुत्र एकादशी इसी महीने में आती है.
  6. रक्षा बंधन भी सावन में मनाई जाती है.

आइये जानते हैं की क्या करे सावन महीने में सफलता के लिए :

  • इस महीने में पूजा करके रुद्राक्ष माला धारण करे.
  • भगवान् शिव की भभूत से अभिषेक करे और अपने ललाट पर भी लगाए.
  • शिवलिंग पर बेल के पत्ते, पंचामृत(दूध, शक्कर, शहद, दही, घी ) पर चढ़ाए.
  • शिव चालीसा पढ़े और आरती करे रोज.
  • शिवजी का महामृत्युन्जय मंत्र का जप करे रोज.
  • श्रावण सोमवार को व्रत करने से कुंवारी कन्याओं को अच्छा पति मिलता है.
  • हिन्दुओ के हिसाब से सावन का महिना एक पवित्र महिना है, इस महीने को शिवजी का महिना भी कहा जाता है. इस उरे महीने शिवजी के मंदिरों में भीड़ दिखती है.
  • ऐसी भी मान्यता है की इसी महीने में समुद्रमंथन हुआ था जिसमे से निकला हलाहल विष शिवजी ने ग्रहण किया था और अपने कंठ पे रखा था.

आइये जानते हैं की कैसे करे श्रावण सोमवार का व्रत?

  1. उपवास भी भगवान् को खुश करने का एक अच्छा तरीका है. उपवास वाले दिन मंत्र जप करना श्रेष्ठ होता है.
  2. इस दिन प्रातः जल्दी उठे और नित्य क्रिया से मुक्त हो जाए जितनी जल्दी हो सके.
  3. पूजा के लिए बेल के पत्ते, धतुरा, दूध, जल, चन्दन का इत्र आदि इकठ्ठा करे.
  4. अब आप किसी शिव मंदिर या फिर अपने घर के शिवलिंग पर पूजा करे.
  5. सबसे पहले श्री गणेश की पूजा करे फिर शिवजी का अभिषेक करे और मंत्र ॐ नमः शिवाय का जप करे. सभी इकठा की हुई वस्तुओ को शिवलिंग पर अर्पित करे.
  6. अब आप संकल्प ले की आप उपवास क्यों कर रहे है और शिवजी से अपने मनोकामना पूर्ण करने हेतु प्रार्थना करे.
  7. पुरे दिन शिव मंत्र का जप करते रहे.
  8. किसी को गाली न दे, किसी को परेशान न करे, पुरे दिन मौन रहकर शिव मंत्र का जप करे.
  9. बड़ो, ब्राह्मणों, संत महात्माओं का आशीर्वाद ले.
  10. सभी के भलाई के लिए प्रार्थना करे.

आइये जानते हैं की और क्या कर सकते हैं श्रवण महीने में उन्नति के लिए

ये महीना शिवजी से जुड़ा है अतः हम और भी अनेक कर्म काण्ड कर सकते हैं  जैसे –
  • श्रवण के महीने में रुद्राभिषेक करना बहुत अच्छा होता है.
  • शिवजी की पूजा रुद्रसूक्त से भी करना श्रेष्ठ होता है.
  • सिद्ध किया हुआ रुर्द्रक्ष भी धारण कर सकते हैं.
  • पितृ दोष निवारण पूजा, कालसर्प निवारण पूजा, मंगल दोष निवारण पूजा भी सावन महीने में हो सकती है.
  • विवाह परेशानी को दूर करने के लिए भी पूजाए होती है.
  • स्वास्थ्य और सम्पन्नता को प्राप्त करने हेतु भी पूजाए होती है श्रावण महीने में.
अतः सावन महीने का पूरा लाभ ले, प्राप्त करे शिव कृपा, बनाए जीवन को सफल.
किसी भी ज्योतिषीय मार्गदर्शन के लिए संपर्क करे ज्योतिष से.



सावन के महीने में क्या करे सफलता के लिए, जानिए श्रावण महीने की शक्ति, जानिए कैसे करे सावन सोमवार को उपवास, क्या करे श्रावण महीने में सफलता के लिए, सावन महिना और ज्योतिष.

Comments

Popular posts from this blog

Suar Ke Daant Ke Totke

Jyotish Me Suar Ke Daant Ka Prayog, pig teeth locket benefits, Kaise banate hai suar ke daant ka tabij, क्या सूअर के दांत का प्रयोग अंधविश्वास है.

सूअर को साधारणतः हीन दृष्टि से देखा जाता है परन्तु यही सूअर पूजनीय भी है क्यूंकि भगवान् विष्णु ने वराह रूप में सूअर के रूप में अवतार लिया था और धरती को पाताल लोक से निकाला था. और वैसे भी किसी जीव से घृणा करना इश्वर का अपमान है , हर कृति इस विश्व में भगवान् की रचना है.
सूअर दांत के प्रयोग के बारे में आगे बताने से पहले कुछ महत्त्वपूर्ण बाते जानना चाहिए :इस प्रयोग में सिर्फ जंगली सूअर के दांत का प्रयोग होता है.किसी सूअर को जबरदस्त मार के प्रयोग में लाया गया दांत काम नहीं आता है अतः किसी भी प्रकार के हिंसा से बचे और दुसरो को भी सचेत करे.वैदिक ज्योतिष में सूअर के दांत के प्रयोग के बारे में उल्लेख नहीं मिलता है.इसका सूअर के दांत के प्रयोग को महुरत देख के ही करना चाहिए.कई लोगो का मनना है की सुकर दन्त का प्रयोग अंधविश्वास है परन्तु प्रयोग करके इसे जांचा जा सकता है , ऐसे अनेको लोग है जो अपने बच्चो को इसका ताबीज पहनाते हैं और कुछ लोग खुद भी पहनते है …

Kala Jadu Kaise Khatm Kare

काला जादू क्या है , कैसे पता करे काला जादू के असर को, कैसे ख़त्म करे कला जादू के असर को, hindi में जाने काले जादू के बारे में. काला जादू अपने आप में एक खतरनाक विद्या है जो की करने वाले, करवाने वाले और जिस पर किया जा रहा है उन सब का नुक्सान करता है. यही कारण है की इस नाम से भी भय लगता है. अतः ये जरुरी है की इससे जितना हो सके बचा जाए और जितना हो सके उतने सुरक्षा के उपाय किया जाए.
ज्योतिष संसार के इस लेख में आपको हम उसी विषय में अधिक जानकारी देंगे की कैसे हम काले जादू का पता कर सकते हैं और किस प्रकार इससे बचा जा सकता है. प्रतियोगिता अच्छी होती है परन्तु जब ये जूनून बन जाती है तब व्यक्ति गलत ढंग से जीतने के उपाय करने से भी नहीं चुकता है. आज के इस प्रतियोगिता के युग में लोग बस जीतना चाहते हैं और इसके लिए किसी भी हद तक जाने से नहीं चुकते हैं और यही पर काला जादू का प्रयोग करने की कोशिश करते है. संपर्क करे ज्योतिष से मार्गदर्शन के लिए >>
आखिर में क्या है काला जादू? हर चीज के दो पहलु होते हैं एक अच्छा और एक बुरा. काला जादू तंत्र, मंत्र यन्त्र का गलत प्रयोग है जिसके अंतर्गत कुछ शक्तियों को प…

Gola Khisakna Kya Hota Hai Aur Iska Ilaaj Kya Hai

Kya Hota hai gola khisakna, nabhi hatne ka matlab kya hai, kaise thik kar sakte hain dharan ko, janiye kuch asaan tarike nabhi ko thik karne ke.
साधारण शब्दों में नाभि खिसकना : जब हम बात करते हैं शारीर के मध्य इस्थान का तब नाभि का ध्यान आता है, जब हम योग के सन्दर्भ में मनिपुरक चक्र की बात करते हैं तब हमे ध्यान आता है नाभि का, जब भी पेट में दर्द होता है तो ध्यान आता है नाभि का. अतः नाभि हमारे शारीर का एक महात्वपूर्ण अंग है, इसी नाभि को गोला या धारण भी कहते हैं. अंग्रेजी में नाभि को Navel कहते हैं.
ये वास्तव में एक संगम है जहाँ से नाड़ियाँ गुजरती हैं हर प्रकार की , अतः यहाँ पर जाल बना हुआ है नाड़ियों का, इन नाड़ियो को सहारा देने के लिए मांसपेशियां भी होती है और जब ये अपनी जगह से कभी खिसकती हैकिसी कारण से तो उसे कहते हैं “नाड़ी का खिसकना या गोला खिसकना या धरण ”. कभी ये बाएं खिसकता है, कभी ये दायें खिसकता है, कभी ऊपर और कभी निचे खिसकता है.
गोला खिसकने के ज्योतिषीय कारण: मैंने अपने शोध में पाया है की जिन लोगो का गोला ज्यादा खिसकता है उनके कुंडली में छ्टे भाव में कमजोरी होती है अर्थात वहां या त…