Shukra kab karenge makar rashi mai gochar January 2026 mai, शुक्र के मकर राशी में प्रवेश का राशिफल | shukra ka rashiparivartan ka 12 rashiyo par kya prabhav hoga| Shukra ka makar rashi me gochar : वैदिक ज्योतिष के हिसाब से शुक्र विलासिता से सम्बन्ध रखता है, ऐशो आराम, प्रेम से सम्बन्ध रखता है, भौतिक सुख सुविधा से सम्बन्ध रखता है, सुन्दरता से सम्बन्ध रखता है | इसी कारण शुक्र का राशी परिवरतन बहुत ही मायने रखता है | 13 जनवरी, मंगलवार को तडके लगभग 3:40 बजे शुक्र ग्रह शनि की राशि मकर में गोचर करेंगे | मकर राशी में शुक्र मित्र के होते हैं अतः ये परिवर्तन लोगो के जीवन में खुशिया ले के आएगा | shukra ka makar rashi me gochar ka rashifal आइये जानते हैं १२ राशी वालो के जीवन में क्या क्या परिवर्तन ला सकता है शुक्र का मकर में प्रवेश : मकर राशि का शुक्र मेष राशि के लिए कैसा रहेगा(Mesh Rashifal) : 13 January 2026 को शुक्र के मकर राशि में गोचर से मेष राशि वालो के काम काज में वृद्धि होगी, आपको अपने क्षेत्र में सफलता मिलेगी जिससे नाम और यश की प्राप्ति होगी | वाहन और भूमि ...
माँ अन्नपूर्णा के मन्त्र, जानिए अन्नपूर्णा साधना के फायदे, अन्नपूर्ण माता का शाबर मन्त्र.
ये सब संभव होता है माँ अन्नपूर्ण की कृपा से.
अन्नपूर्ण माँ की सिद्धि से व्यक्ति का जीवन सफल हो जाता है. व्यक्ति को नाम, यश, शक्ति प्राप्त होती है समाज में माता की कृपा से.
देवी अन्नपूर्णा पुरे जगत का पालन करती है भोजन प्रदान करके इसीलिए इनका पूजन अनिवार्य माना जाता है.
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माँ अन्नपूर्णा के मन्त्र, जानिए अन्नपूर्णा साधना के फायदे, अन्नपूर्ण माता का शाबर मन्त्र.
देवी अन्नपूर्णा माँ जगदम्बा का ही एक सौम्य रूप है जो की भक्तो का पोषण करती है. ऐसा माना जाता है की भगवती अगर किसी पर खुश हो जाए तो ऐसा व्यक्ति कभी भी भूखा नहीं सो सकता है. सफलता सभी दिशाओं से उसके पास आती है जो माता अन्नपूर्ण का भक्त होता है.
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| Maa Annapurna Ke Mantra |
- हमने कई चमत्कारी कहानिया सुनी है जैसे कोई संत लगातार भंडार करते रहते हैं बिना अनाज के, बिना सब्जी के इन्तेजाम के.
- कुछ भक्त अन्न का दान करते ही रहते बिना नागा किये.
ये सब संभव होता है माँ अन्नपूर्ण की कृपा से.
अन्नपूर्ण माँ की सिद्धि से व्यक्ति का जीवन सफल हो जाता है. व्यक्ति को नाम, यश, शक्ति प्राप्त होती है समाज में माता की कृपा से.
देवी अन्नपूर्णा पुरे जगत का पालन करती है भोजन प्रदान करके इसीलिए इनका पूजन अनिवार्य माना जाता है.
आइये जानते हैं माँ अन्नपूर्ण के कुछ मंत्र:
- “ॐ नमः भगवती माहेश्वरी अन्नपूर्णे स्वाहा “.
- “ॐ श्रीम ह्रीं कलीम नमः भगवती महेश्वरी प्रसन्नवर्दे अन्नपूर्णे स्वाहा”.
आइये अब जानते हैं माँ अन्नपूर्णा का शाबर मन्त्र:
ऐसा माना जाता है की कलयुग में साधना के लिए शाबर मंत्र जल्दी प्रभाव दिखाते हैं. यहाँ जानकारी के लिए माँ अन्नपूर्णा का शाबर मंत्र भी दे रहे हैं.ॐ नमः अन्नपूर्णा अन्न्पुरे घृत पुरे गणेशजी .||
पाती पुरे ब्रह्मा विष्णु महेश तीनो देवतन.
मेरी भक्ति गुरु की शक्ति.
श्री गुरु गोरखनाथ की दुहाई
फुरो मन्त्र इश्वरो वाचा
आइये जानते हैं कहाँ पर है माँ अन्नपूर्णा का प्रसिद्द मंदिर :
पवित्र नगरी काशी जिसे वाराणसी भी कहते हैं, यहाँ पर है भगवती अन्नपूर्णा का प्रसिद्द मंदिर जहाँ पर पुरे विश्व से लोग आगे पूजा अर्चना करते हैं और देवी का आशीर्वाद लेते हैं.और सम्बंधित लेख पढ़े:
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