] } Skip to main content

Latest Astrology Updates in Hindi

Hriyali Teej Ka Mahattw in Hindi Jyotish

Hariyali teej ka mahattw in hindi, kya kare teej ko sukhi jivan ke liye. हर साल श्रावन महीने में शुक्ल पक्ष में तृतीय तिथि को एक बहुत ही ख़ास दिन होता है और इस दिन महिलायें विशेष पूजा अर्चना करती है | इस दिन हरियाली तीज के रूप में मनाया जाता है | इस समय सब तरफ हरियाली रहती है , वर्षा होती रहती है जिससे मौसम बहुत ही सुहाना रहता है | ऐसे में महिलाये मिलके खूब आनंद मानती है | इस साल 15 August २०२६ को हरियाली तीज का त्यौहार मनाया जाएगा. तृतीया तिथि 14 तारीख को शाम में लगभग 6:48 पे शुरू होगी और  १५  अगस्त को शाम में लगभग 5:28 पे समाप्त होगी. तो उदय तिथि के अनुसार तीज १५ अगस्त को मनाया जाएगा.   ये त्यौहार उत्तर भारत में विशेष रूप से मनाया जाता है जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली । Hriyali Teej Ka Mahattw in Hindi Jyotish इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और उत्तम संतान के लिए हरियाली तीज का व्रत और पूजाएँ करती हैं। ऐसी मान्यता है की इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का मिलन हुआ था । हरियाली तीज के १ दिन बाद नागपंचमी का शुभ दिन आता है | शिव पुराण की...

Hospitals Ke Liye Vastu Tips

हॉस्पिटल्स, क्लिनिक, नर्सिंगहोम्स के लिए वास्तु टिप्स, फ्री में जानिए कैसे करे वास्तु दोषों को दूर हॉस्पिटल्स से ज्योतिष द्वारा. 

हॉस्पिटल्स ऐसी जगह है जहाँ लोग उपचार के लिए आते हैं, बीमारी से छुटकारे के लिए आते हैं, इसका अर्थ ये भी है की हॉस्पिटल्स, क्लीनिक आदि उपचार की जगहों को बहुत ज्यादा सकारात्मक उर्जा की जरुरत होती है. इसी कारण इन जगहों में साधारण से हटके कुछ ज्यादा इन्तेजाम किये जाते हैं जिससे हॉस्पिटल के मालिक, वहां काम करने वाले कर्मचारियों को और साथ ही मरीजो को भी ज्यादा से ज्यादा फायदा हो.
hospitals vastu tips in hindi
Hospitals Ke Liye Vastu Tips

वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतो का स्तेमाल करके हॉस्पिटल, क्लिनिक, नर्सिंग होम्स आदि में सकारात्मक ऊर्जा के स्तर को बढ़ाया जा सकता है.
हॉस्पिटल्स में कई मुख्य जगह होती हैं जैसे रिसेप्शन , जनरल वार्ड, इमरजेंसी वार्ड, आई.सी.यू., ऑपरेशन थिएटर, वेटिंग रूम, ड्रेसिंग रूम आदि. अगर वास्तु और ज्योतिष का सहारा लिया जाए तो बिना परेशानी के हॉस्पिटल को चलाने में मदद मिलती है , इसमें कोई शक नहीं है.

आईये जानते हैं की वास्तु और ज्योतिष से आप क्या फायदा उठा पायेंगे :

  1. वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतो का प्रयोग करके आप अपने हॉस्पिटल, क्लिनिक आदि में अच्छा वातावरण का निर्माण कर सकते हैं.
  2. वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतो का प्रयोग करके सकारात्मक ऊर्जा को बढाया जा सकता है.
  3. वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतो का प्रयोग करने से मरीजो को भी जल्दी ठीक होने में मदद मिलेगी.
  4. वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतो का प्रयोग करने से लोगो के अन्दर भी आपके हॉस्पिटल, क्लिनिक आदि के बारे में अच्छे विचार बनना शुरू होगा जिससे नाम, ख्याति, धन सब की प्राप्ति होगी.
  5. कर्मचारियों में , मरीजो में संतुष्टि का भाव बढेगा जिससे  नाम होगा और अनेक फायदे होंगे.

आइये जानते हैं कुछ जनरल वास्तु के सिद्धांत हॉस्पिटल बनाने के लिए :

  • उत्तर या पूर्व दिशा की और जिस प्लाट का रास्ता खुले ऐसा प्लाट लेने की कोशिश करनी चाहिए.
  • रिसेप्शन को इस तरह से बनाए की रिसेप्शनिस्ट का मूंह उत्तर या पूर्व की तरफ रहे.
  • डॉक्टर का चैम्बर उत्तर-पूर्व की और शुभ रहता है.
  • आई.सी.यू. को दक्षिण-पश्चिम दिशा में बनाया जाए तो अच्छा होता है.
  • एक्स-रे , सोनोग्राफी का कमरा अगर बनाना हो तो उसे दक्षिण-पूर्व की तरफ रखे.
  • उत्तर-पश्चिम की तरफ स्टाफ रूम या स्टाफ क्वार्टर्स बनाना शुभ रहता है.
  • ऑपरेशन थिएटर को पश्चिम दिशा की और बनाए या फिर दक्षिण की  ओर.
  • हवा के आने जाने का इन्तेजाम सही तरीके से करे, अर्थात वेंटिलेशन पूरा करे.
  • मेडिकल से सम्बंधित औजारों को दक्षिण – पश्चिम की तरफ रखना सही होता है.
  • जल का इन्तेजाम उत्तर-पूर्व की ओर करें.
  • टॉयलेट्स का इन्तेजाम उत्तर –पश्चिम की तरफ कर सकते हैं.
  • हॉस्पिटल, क्लिनिक, आदि के लिए रंगों के अंतर्गत सफ़ेद, हरा, नारंगी रंगों को चुने.
  • दवाई की दूकान के लिए उत्तर-पश्चीम की दिशा चुने, इससे बिक्री बढ़ेगी.
यहाँ ज्योतिष द्वारा कुछ फ्री टिप्स दिए गए हैं जिसके द्वारा वास्तु दोषों से बचा जा सकता है परन्तु अगर वास्तु दोष हो तो उसे दूर करना जरुरी है जल्द से जल्द. वास्तु दोषों को दूर करने के लिए क्या करे , ये जानने के लिए आप अगला लेख पढ़े- “कैसे दूर करे हॉस्पिटल के वास्तु दोषों को दूर? ”.


Vastu Tips For Hospitals In English

हॉस्पिटल्स, क्लिनिक, नर्सिंगहोम्स के लिए वास्तु टिप्स, फ्री में जानिए कैसे करे वास्तु दोषों को दूर हॉस्पिटल्स से ज्योतिष द्वारा.

Comments

Popular posts from this blog

Kuldevi Strotram Lyrics

Kuldevi Strotram Lyrics, कुलदेवी स्त्रोत्रम पाठ के फायदे, कुलदेवी का आशीर्वाद कैसे प्राप्त करें, कुलदेवी को प्रसन्न करने का शक्तिशाली उपाय, Hindi Meanings of Lyrics | हिन्दुओं में कुलदेवी या कुलदेवता किसी भी परिवार के मुख्य देवी या देवता के रूप में पूजे जाते हैं और ये उस परिवार के मुख्य रक्षक भी होते हैं | किसी भी विशेष कार्य को करने से पहले कुलदेवी या कुलदेवता को पूजने की मान्यता है |  आज के समय में बहुत से परिवारों को उनके कुलदेवी या कुलदेवता का पता नहीं होता है अतः ऐसे में चिंता की बात नहीं है| कुलदेवी स्त्रोत्रम का पाठ करके और सुनके हम अपने कुलदेवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं |  Kuldevi Strotram Lyrics सुनिए YouTube में कुलदेवी स्त्रोत्रम  Lyrics of Kuldevi Strotram:  ॐ नमस्ते श्री  शिवाय  कुलाराध्या कुलेश्वरी।   कुलसंरक्षणी माता कौलिक ज्ञान प्रकाशीनी।।1   वन्दे श्री कुल पूज्या त्वाम् कुलाम्बा कुलरक्षिणी।   वेदमाता जगन्माता लोक माता हितैषिणी।।2   आदि शक्ति समुद्भूता त्वया ही कुल स्वामिनी।   विश्ववंद्यां महाघोरां त्राहिमाम्...

Mahakal Kawacham || महाकाल कवच

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच || इस लेख में अति गोपनीय, दुर्लभ, शक्तिशाली कवच के बारे में बता रहे हैं जिसे की विश्वमंगल कवच भी कहते हैं। कवच शब्द का शाब्दिक अर्थ है सुरक्षा करने वाला | जिस प्रकार एक योद्धा युद्ध में जाने से पहले ढाल या कवच धारण करता है, उसी प्रकार रोज हमारे जीवन में नकारात्मक्क शक्तियों से सुरक्षा के लिए महाकाल कवच ढाल बना देता है | जब भी कवच का पाठ किया जाता है तो देविक शक्ति दिन भर हमारी रक्षा करती है |  कवच के पाठ करने वाले को अनैतिक कार्यो से बचना चाहिए, मांसाहार नहीं करना चाहिए, किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करना चाहिए | Mahakal Kavach का विवरण रुद्रयामल तंत्र में दिया गया है और ये अमोघ रक्षा कवच है | Mahakal Kawacham || महाकाल कवच  किसी भी प्रकार के रोग, शोक, परेशानी आदि से छुटकारा दिला सकता है महाकाल कवच का पाठ | इस शक्तिशाली कवच के पाठ से हम बुरी शक्तीयो से बच सकते हैं, भूत बाधा, प्रेत बाधा आदि से बच सकते हैं | बच्चे, बूढ़े, जवान सभी के लिए ये एक बहुत ही फायदेमंद है | बाबा महाकाल ...

Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning

श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्, Govinda Stotram, Sharanagati Stotram, Sanskrit Stotra, Vishnu Stotra, devotional prayer, Bhakti Stotra, Govinda prayer. श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम् के लाभ (फायदे): "श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्" एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है, जो भगवान श्रीकृष्ण (गोविन्द) की शरण में जाने का भाव व्यक्त करता है। इसके नियमित पाठ से अनेक आध्यात्मिक, मानसिक और सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं जैसे: शरणागति का भाव जागृत होता है भय और संकट से रक्षा होती है भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि होती है पापों का नाश होता है मानसिक शांति और संतुलन में मदद मिलती है दैनिक जीवन में शुभता आने लगती है भगवान की कृपा प्राप्त होती है वैकुण्ठ प्राप्ति का भी यह एक महत्त्वपूर्ण साधन है Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning 🔹 मुख्य लाभ: शरणागति का भाव जागृत करता है: यह स्तोत्र हमें पूर्ण समर्पण की भावना सिखाता है। भय और संकट से रक्षा: रोग, भय, शत्रु आदि से रक्षा करता है। भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि: श्रीकृष्ण भक्ति गहराती है...