Falgun Amavasya Kab Hai, फाल्गुन महीने की अमावस्या की सही तारीख, अमावस्या के उपाय, jyotish updates, amavasya ka rashifal. फाल्गुन अमावस्या 2026: परंपरा, श्रद्धा और आत्मशुद्धि का पर्व Falgun Amavasya Kab Hai: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। प्रत्येक मास की अमावस्या आत्मचिंतन, संयम और पितृ तर्पण के लिए उपयुक्त मानी जाती है। वर्ष 2026 में फाल्गुन मास की अमावस्या 17 फरवरी को है। अमावस्या तिथि की शुरुआत होगी 16 फरवरी सोमवार को शाम में लगभग 5:36 बजे अमावस्या तिथि समाप्त होगी 17 फ़रवरी को शाम में लगभग 5:32 पे. तो अमावस्या का पूजन, दान, तर्पण आदि १७ फ़रवरी मंगलवार को किया जाएगा. यह दिन न केवल पितरों की स्मृति और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर देता है, बल्कि मनुष्य को अपने जीवन की दिशा पर विचार करने और नकारात्मक प्रवृत्तियों का त्याग कर सकारात्मक मार्ग अपनाने की प्रेरणा भी देता है। Falgun Amavasya Kab Hai आइये जानते हैं गोचर कुंडली में ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी अमावस्या को : अमावस्या के दिन कुम्भ राशि में पञ्च ग्रही योग ब...
हॉस्पिटल्स, क्लिनिक, नर्सिंगहोम्स के लिए वास्तु टिप्स, फ्री में जानिए कैसे करे वास्तु दोषों को दूर हॉस्पिटल्स से ज्योतिष द्वारा.
हॉस्पिटल्स ऐसी जगह है जहाँ लोग उपचार के लिए आते हैं, बीमारी से छुटकारे के लिए आते हैं, इसका अर्थ ये भी है की हॉस्पिटल्स, क्लीनिक आदि उपचार की जगहों को बहुत ज्यादा सकारात्मक उर्जा की जरुरत होती है. इसी कारण इन जगहों में साधारण से हटके कुछ ज्यादा इन्तेजाम किये जाते हैं जिससे हॉस्पिटल के मालिक, वहां काम करने वाले कर्मचारियों को और साथ ही मरीजो को भी ज्यादा से ज्यादा फायदा हो.
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| Hospitals Ke Liye Vastu Tips |
वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतो का स्तेमाल करके हॉस्पिटल, क्लिनिक, नर्सिंग होम्स आदि में सकारात्मक ऊर्जा के स्तर को बढ़ाया जा सकता है.
हॉस्पिटल्स में कई मुख्य जगह होती हैं जैसे रिसेप्शन , जनरल वार्ड, इमरजेंसी वार्ड, आई.सी.यू., ऑपरेशन थिएटर, वेटिंग रूम, ड्रेसिंग रूम आदि. अगर वास्तु और ज्योतिष का सहारा लिया जाए तो बिना परेशानी के हॉस्पिटल को चलाने में मदद मिलती है , इसमें कोई शक नहीं है.
आईये जानते हैं की वास्तु और ज्योतिष से आप क्या फायदा उठा पायेंगे :
- वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतो का प्रयोग करके आप अपने हॉस्पिटल, क्लिनिक आदि में अच्छा वातावरण का निर्माण कर सकते हैं.
- वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतो का प्रयोग करके सकारात्मक ऊर्जा को बढाया जा सकता है.
- वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतो का प्रयोग करने से मरीजो को भी जल्दी ठीक होने में मदद मिलेगी.
- वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतो का प्रयोग करने से लोगो के अन्दर भी आपके हॉस्पिटल, क्लिनिक आदि के बारे में अच्छे विचार बनना शुरू होगा जिससे नाम, ख्याति, धन सब की प्राप्ति होगी.
- कर्मचारियों में , मरीजो में संतुष्टि का भाव बढेगा जिससे नाम होगा और अनेक फायदे होंगे.
आइये जानते हैं कुछ जनरल वास्तु के सिद्धांत हॉस्पिटल बनाने के लिए :
- उत्तर या पूर्व दिशा की और जिस प्लाट का रास्ता खुले ऐसा प्लाट लेने की कोशिश करनी चाहिए.
- रिसेप्शन को इस तरह से बनाए की रिसेप्शनिस्ट का मूंह उत्तर या पूर्व की तरफ रहे.
- डॉक्टर का चैम्बर उत्तर-पूर्व की और शुभ रहता है.
- आई.सी.यू. को दक्षिण-पश्चिम दिशा में बनाया जाए तो अच्छा होता है.
- एक्स-रे , सोनोग्राफी का कमरा अगर बनाना हो तो उसे दक्षिण-पूर्व की तरफ रखे.
- उत्तर-पश्चिम की तरफ स्टाफ रूम या स्टाफ क्वार्टर्स बनाना शुभ रहता है.
- ऑपरेशन थिएटर को पश्चिम दिशा की और बनाए या फिर दक्षिण की ओर.
- हवा के आने जाने का इन्तेजाम सही तरीके से करे, अर्थात वेंटिलेशन पूरा करे.
- मेडिकल से सम्बंधित औजारों को दक्षिण – पश्चिम की तरफ रखना सही होता है.
- जल का इन्तेजाम उत्तर-पूर्व की ओर करें.
- टॉयलेट्स का इन्तेजाम उत्तर –पश्चिम की तरफ कर सकते हैं.
- हॉस्पिटल, क्लिनिक, आदि के लिए रंगों के अंतर्गत सफ़ेद, हरा, नारंगी रंगों को चुने.
- दवाई की दूकान के लिए उत्तर-पश्चीम की दिशा चुने, इससे बिक्री बढ़ेगी.
यहाँ ज्योतिष द्वारा कुछ फ्री टिप्स दिए गए हैं जिसके द्वारा वास्तु दोषों से बचा जा सकता है परन्तु अगर वास्तु दोष हो तो उसे दूर करना जरुरी है जल्द से जल्द. वास्तु दोषों को दूर करने के लिए क्या करे , ये जानने के लिए आप अगला लेख पढ़े- “कैसे दूर करे हॉस्पिटल के वास्तु दोषों को दूर? ”.
Vastu Tips For Hospitals In English
हॉस्पिटल्स, क्लिनिक, नर्सिंगहोम्स के लिए वास्तु टिप्स, फ्री में जानिए कैसे करे वास्तु दोषों को दूर हॉस्पिटल्स से ज्योतिष द्वारा.
हॉस्पिटल्स, क्लिनिक, नर्सिंगहोम्स के लिए वास्तु टिप्स, फ्री में जानिए कैसे करे वास्तु दोषों को दूर हॉस्पिटल्स से ज्योतिष द्वारा.

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