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Showing posts from January, 2017

Latest Astrology Updates in Hindi

Mangal Ka Shatbhisha Nakshatra Mai Pravesh Ka Fal

Mangal Ka Shatbhisha Nakshatra Mai Pravesh Ka Fal, Jyotish Updates, Mangal Gochar, Mangal kab badlenge nakshatra. Mangal Shatbhisha Nakshatra Mai :  वैदिक ज्योतिष के अनुसार 3 मार्च से 20 मार्च तक मंगल (मंगल ग्रह) शतभिषा नक्षत्र में रहेंगे । शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु है और अभी राहु और मंगल की युति कुंभ राशि में स्थित है। यह नक्षत्र रहस्य, तकनीक, अनुसंधान, विद्रोह, अचानक घटनाओं और “गुप्त रोगों के उपचार” से जुड़ा है। मंगल यहाँ ऊर्जा, आक्रामकता, साहस और त्वरित निर्णय की प्रवृत्ति को बढ़ाता है। यह समय छिपी हुई समस्याओं को उजागर कर सुधार की दिशा में ले जा सकता है, लेकिन साथ ही अचानक विवाद और अस्थिरता भी ला सकता है। Mangal Ka Shatbhisha Nakshatra Mai Pravesh Ka Fal समग्र वैश्विक प्रभाव तकनीकी क्षेत्र में अचानक बड़े परिवर्तन संभव है. साइबर हमलों और डेटा लीक की संभावना बढ़ जायेगी. राजनीतिक बदलाव और जनआंदोलन भी देखने को मिलेंगे. शेयर बाजार में अस्थिरता देखने को मिलेगा. वैज्ञानिक और चिकित्सा अनुसंधान में नई खोजें संभव है. 12 राशियों पर क्या प्रभाव होगा Mangal Ke Shatbhi...

52 Shaktipeeth Ke Bare Me Janiye

५२ शक्ति पीठ भारत में, कहाँ मौजूद है ५२ शक्तिपीठ, कौन सी देवी की पूजा होती है ५२ शक्तिपीठो में.  भारत में शक्तिपीठो का बहुत महत्त्व है, रोज हजारो लोग शक्तिपीठो में साधना और दर्शन के लिए पहुँचते हैं. ऐसी मान्यता है भक्तो की कि शक्तिपीठो में दर्शन पूजन करने से माता की कृपा तुरंत प्राप्त होती है. महाशक्ति स्वयं शक्तिरूप में शक्तिपीठो में मौजूद है. 52 Shaktipeeth Ke Bare Me Janiye पुराणों के अनुसार शक्तिपीठो में माता के अंग गिरे थे इस कारण ये सब स्थान प्रसिद्द हो गए और शक्तिशाली भी. आइये जानते हैं ५२ शक्तिपीठो के बारे में साथ ही वहां की अधिष्ठात्री देवी और स्थान के बारे में हिंगुला शक्तिपीठ – बिलोचिस्थान में है और यहाँ भैरवी की पूजा होती है. यहाँ पर माता के सर का उपरी हिस्सा ब्र्हम्रंध्र गिरा था. किरीट शक्तिपीठ – बटनगर – हावड़ा में और यहाँ भुवनेश्वरी देवी की पूजा होती है. नंदिपुर शक्तिपीठ सेंथिया –हावड़ा में जहाँ नंदिनी देवी की पूजा होती है. अट्टहास शक्तिपीठ लाभपुर अहमदपुर, बंगाल में जहाँ फुल्लारा देवी की पूजा होती है. वक्त्रेश्वर शक्तिपीठ – अंडाल, हावड़ा में जहाँ प...