Bansant Panchmi Kab Hai 2026, भारत में बसंत पंचमी का त्यौहार, बसंत पंचमी का महत्त्व, Tips For Vasant Panchmi. हिंदी पंचांग के हिसाब से माघ महीने के शुक्ल पक्ष में पांचवे दिन बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है. ये बहुत ही आनंद का दिन होता है क्यूंकि ये दिन बहुत ही शानदार मौसम का संकेत होता है. 2026 में बसंत पंचमी 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाया जाएगा | पंचमी तिथि 23 को तडके लगभग 2:30 बजे शुरू होगी और 24 तारीख को तडके लगभग 1:46 बजे तक रहेगी | Basant Panchmi Ka Mahattw इस दिन माता सरस्वती की पूजा की जाती है मुख्यतः, माँ सरस्वती विद्या की देवी है इसी कारण विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्त्व रखती है. ऐसा माना जाता है की माँ सरस्वती का जन्म इसी दिन हुआ था इसी कारण माता के जन्म दिवस के रूप में भी ये दिन मनाया जाता है. बसंत के मौसम में खेत पीले रंग से आच्छादित हो जाता है क्यूंकि सरसों के फूल खिल जाते हैं. इस दृश्य का लोग खूब आनंद लेते हैं. आइये जानते हैं बसंत पंचमी सम्बंधित महत्त्वपूर्ण बातें : Bansant panchmi 2026 मान्यता के अनुसार हिन्दू माघ महीने में गुप्त नवरात्री ...
५२ शक्ति पीठ भारत में, कहाँ मौजूद है ५२ शक्तिपीठ, कौन सी देवी की पूजा होती है ५२ शक्तिपीठो में. भारत में शक्तिपीठो का बहुत महत्त्व है, रोज हजारो लोग शक्तिपीठो में साधना और दर्शन के लिए पहुँचते हैं. ऐसी मान्यता है भक्तो की कि शक्तिपीठो में दर्शन पूजन करने से माता की कृपा तुरंत प्राप्त होती है. महाशक्ति स्वयं शक्तिरूप में शक्तिपीठो में मौजूद है. 52 Shaktipeeth Ke Bare Me Janiye पुराणों के अनुसार शक्तिपीठो में माता के अंग गिरे थे इस कारण ये सब स्थान प्रसिद्द हो गए और शक्तिशाली भी. आइये जानते हैं ५२ शक्तिपीठो के बारे में साथ ही वहां की अधिष्ठात्री देवी और स्थान के बारे में हिंगुला शक्तिपीठ – बिलोचिस्थान में है और यहाँ भैरवी की पूजा होती है. यहाँ पर माता के सर का उपरी हिस्सा ब्र्हम्रंध्र गिरा था. किरीट शक्तिपीठ – बटनगर – हावड़ा में और यहाँ भुवनेश्वरी देवी की पूजा होती है. नंदिपुर शक्तिपीठ सेंथिया –हावड़ा में जहाँ नंदिनी देवी की पूजा होती है. अट्टहास शक्तिपीठ लाभपुर अहमदपुर, बंगाल में जहाँ फुल्लारा देवी की पूजा होती है. वक्त्रेश्वर शक्तिपीठ – अंडाल, हावड़ा में जहाँ प...