Skip to main content

Posts

Showing posts from January, 2017

Latest Astrology Updates in Hindi

Mangal Ka Gochar Makar Rashi Mai Kaisa Rahega 12 Rashiyo Ke liye

Mangal Ka Gochar Makar Rashi Mai Kab Hoga, मंगल का मकर राशि में गोचर – 16 जनवरी, वैदिक ज्योतिष में मकर राशि में मंगल का प्रभाव, Jyotish Updates, मंगल के राशि परिवर्तन का प्रभाव।.  Mangal Ka Gochar Makar Rashi Mai:  16 जनवरी को लगभग सुबह 3:51 बजे, अग्नि तत्व ग्रह मंगल वैदिक ज्योतिष अनुसार मकर राशि में प्रवेश करेगा। यह गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि मकर राशि में मंगल उच्च  होता है, अर्थात इसकी ऊर्जा, अनुशासन और साहसिक गुण अपने चरम रूप में प्रकट होते हैं। Mangal Ka Gochar Makar Rashi Mai  यह गोचर क्यों महत्वपूर्ण है? मंगल दर्शाता है: कर्म एवं ऊर्जा साहस एवं पहल उत्साह एवं महत्वाकांक्षा रणनीति एवं प्रतियोगिता इंजीनियरिंग, सेना एवं खेल गुस्सा, आक्रामकता एवं संघर्ष मकर राशि (शनि शासित) दर्शाती है: अनुशासन एवं संरचना कर्तव्य एवं अधिकार दृढ़ता एवं दीर्घकालिक योजना मेहनत एवं व्यवहारिकता जब मंगल इस पृथ्वी तत्व राशि में प्रवेश करता है, तो कच्ची आक्रामकता एक योजनाबद्ध और संरचित प्रयास में बदल जाती है। यह समय उपयुक्त है: रणनीतिक कार्य...

52 Shaktipeeth Ke Bare Me Janiye

५२ शक्ति पीठ भारत में, कहाँ मौजूद है ५२ शक्तिपीठ, कौन सी देवी की पूजा होती है ५२ शक्तिपीठो में.  भारत में शक्तिपीठो का बहुत महत्त्व है, रोज हजारो लोग शक्तिपीठो में साधना और दर्शन के लिए पहुँचते हैं. ऐसी मान्यता है भक्तो की कि शक्तिपीठो में दर्शन पूजन करने से माता की कृपा तुरंत प्राप्त होती है. महाशक्ति स्वयं शक्तिरूप में शक्तिपीठो में मौजूद है. 52 Shaktipeeth Ke Bare Me Janiye पुराणों के अनुसार शक्तिपीठो में माता के अंग गिरे थे इस कारण ये सब स्थान प्रसिद्द हो गए और शक्तिशाली भी. आइये जानते हैं ५२ शक्तिपीठो के बारे में साथ ही वहां की अधिष्ठात्री देवी और स्थान के बारे में हिंगुला शक्तिपीठ – बिलोचिस्थान में है और यहाँ भैरवी की पूजा होती है. यहाँ पर माता के सर का उपरी हिस्सा ब्र्हम्रंध्र गिरा था. किरीट शक्तिपीठ – बटनगर – हावड़ा में और यहाँ भुवनेश्वरी देवी की पूजा होती है. नंदिपुर शक्तिपीठ सेंथिया –हावड़ा में जहाँ नंदिनी देवी की पूजा होती है. अट्टहास शक्तिपीठ लाभपुर अहमदपुर, बंगाल में जहाँ फुल्लारा देवी की पूजा होती है. वक्त्रेश्वर शक्तिपीठ – अंडाल, हावड़ा में जहाँ प...