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Showing posts from December, 2016

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

kaisa Rahega Naye Saal Ka Pahla Din

कैसा रहेगा नए साल २०१७ का पहला दिन, जानिए ग्रहों की स्थिति नए साल के रात्रि को, नए साल की प्रवेश कुंडली.
नया साल शुरू हो रहा है १ जनवरी २०१७ से और इसमें कोई शक नहीं की लोगो नए साल में प्रवेश के लिए जबरदस्त तैयारी में लगे हुए है. नए साल को मनाने के लिए लोग काफी उत्साहित रहते हैं और पूरी रात्री को आनंद मानते हैं.  जो लोग ज्योतिष का शौक रह्कते हैं वो लोग ग्रहों की स्थिति को जानने का भी प्रयास करते हैं. WWW.JYOTISHSANSAR.COM में पहले ही २०१७ का राशिफल दिया जा चुका है. अब jyotishsansar के visitors के लिए नए साल के पहले दिन का ग्रहों की स्थिति का वर्णन किया जा रहा है.
आइये जानते हैं २०१७ के प्रवेश कुंडली के बारे में : कुछ अच्छे और कुछ ख़राब योग बन रहे हैं ग्रहों की स्थिति के कारण नए साल की शुरुआत में अर्थात १ जनवरी २०१७ को.  नए साल की शुरुआत कन्या लग्न से हो रहा है जो की एक अच्छा संकेत है, लोग इस रात्रि को बहुत आनंद उठा पायेंगे और हर क्षण को कुछ ख़ास तरह से जी पायेंगे. सूर्य और बुध साथ में गोचर कुंडली में चौथे घर में बैठे है और “बुधादित्य योग ” का निर्माण कर रहे हैं. इससे अध्यात्मिक साधको के लि…

Mangal Dosh Ka Samadhan In Hindi

मंगल दोष का समाधान हिंदी में ज्योतिष द्वारा, कैसे दूर करे मांगलिक दोष के दुष्प्रभाव को, कुज दोष का कारण और समाधान.
क्या आप मंगल दोष के कारण परेशान है, अगर आप कुज दोष या भोम दोष के कारण संकट का सामना कर रहे हैं जीवन में तो ये जरुरी है की इसके दुष्प्रभाव को कम करने के लिए कुछ कुछ उपाय किये जाएँ.
मांगलिक दोष का समाधान जरुरी है अगर किसी के वैवाहिक जीवन में इसके कारण परेशानी आ रही हो.
कुज दोष का समाधान जरुरी है अगर किसी को सामाजिक जीवन में परेह्शानी का सामना करना पड़ रहा है.
भोम दोष का उपाय जरुर करे अगर आप इसके कारण आर्थिक समस्या से गुजर रहे हैं.
अगर मंगल का प्रभाव आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है तो भी इसका समाधान जरुरी है.
ज्योतिष के अनुसार अगर पहले, चोथे, सातवे, आठवे और बारहवे घर में मंगल आ जाए तो कुंडली मांगलिक कहलाती है. इसके कुछ दुष्परिणाम जातक को भोगने होते हैं अतः जीवन को सफल बनाने के लिए कुछ उपाय करना चाहिए.  कुछ लोग मंगल दोष के कारण शादी नहीं कर पाते हैं.
कुछ लोगो का अपने जीवन साथी के साथ हमेशा ग़लतफ़हमी पैदा होती रहती है.
कुछ लोग अपने वैवाहिक जीवन से संतुष्ट नहीं हो पाते हैं.
क…

Kaaljadu ka Samadhaan in Hindi

काले जादू का फ्री समाधान ज्योतिष द्वारा, कैसे दूर करे नकारात्मक उर्जा को, जानिए काले जादू से सुरक्षा के कुछ उपाय.

जो लोग काले जादू से परेशान है वो हमेशा इससे निजात पाने की कोशिश में लगे रहते हैं. जो लोग जीवन में लगातार फ़ैल हो रहे हैं, जो लोग लगातार काले जादू के कारण कष्ट भोग रहे हैं, वो किसी भी तरह से इससे बहार आना चाहते हैं. इस लेख में उन लोगो के लिए कुछ उपाय फ्री में दिए जा रहे है जो नकारात्मक उर्जा के कारण बहुत परेशान हो रहे हैं. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता की आप कहाँ रहते हैं, आप क्या करते हैं, आपकी जाती क्या है , अगर आपको लगता है की आप सही मायने में किसी के द्वारा किये, कराये से परेशान है तो आपको इस लेख से कुछ मदद मिल सकती है.

परन्तु किसी भी उलझन में होने से किसी अच्छे ज्योतिष से परामर्श भी ले लेना चाहिए.

क्या आप जानते हैं की किस प्रकार के लोगो पर काले जादू से ग्रस्त होने का खतरा ज्यादा रहता है ? मेरे शोध के अनुसार मैंने पाया है की निम्न प्रकार के लोग नकारात्मक उर्जा के प्रभाव में जल्दी आते हैं –  जिनका गण राक्षस है ऐसे लोगो पर नजर दोष, नकारात्मक उर्जा का असर जल्दी होता है. जिनके कुंडल…

Janm Patrika Ka Vishleshan Hindi Me

जन्म पत्रिका का विश्लेषण, जानिए क्या कहती है आपकी जन्म-पत्रिका नए साल में, जानिए क्या लाया है नया साल जीवन में ज्योतिष द्वारा.

ये विश्लेषण व्यक्तिगत रूप से ज्योतिष द्वारा बनाया जाएगा.
इस विश्लेषण में आप पा सकेंगे ग्रहों का असर कैसे रहेगा नए साल में, व्यक्तिगत जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, पारिवारिक जीवन कैसा रहेगा, प्रेम जीवन कैसा रहेगा, स्वस्थ्य कैसा रहेगा, कम काज में क्या परिवर्तन आ सकते है, व्यापार कैसा रहेगा, आदि.

जानिए कैसे प्राप्त करे नए साल का कुंडली विश्लेषण रिपोर्ट : जन्म पत्रिका का विश्लेषण प्राप्त करना बहुत ही आसान है –
सबसे पहले आपको contactus पेज पर जाकर दिया गया फीस जमा करना है दिए गए अकाउंट में. उसके बाद रसीद के साथ अपनी जन्म की जानकारी को ईमेल करना है. आपके अगर कोई विशेष प्रश्न हो तो वो भी आप भेज सकते है. आपके किस भाषा में रिपोर्ट चाहिए ये भी साफ़ साफ़ लिख के भेजे english या फिर हिंदी में. इसके बाद आपको २ दिन में आपके जन्मपत्रिका का विश्लेषण प्राप्त होगा. आइये अब जानते हैं की आपको क्या क्या मिलेगा इस जन्मपत्रिका विश्लेषण रिपोर्ट में –आप पायेंगे जन्म पत्रिका में साधारण तौर पर …

Bed Room Kab Deta Hai Durbhagya

बेड रूम कब लता है दुर्भाग्य, शयन कक्ष में किन चीजो से उत्पन्न हो सकती है परेशानी, कैसे रखे ध्यान अपने बेड रूम का. 
बेडरूम का मतलब है शयन कक्ष जहाँ हर व्यक्ति सुकून चाहता है, शांति चाहता है. ये एक ऐसा कमरा होता है जिसमे हम अपनी ऊर्जा को वापस पाते हैं, अगर शयन कक्ष अच्छा हो तो इसमें कोई शक नहीं की हम अपने आपको ज्यादा अच्छी तरह तरो-ताजा कर सकते हैं और अपने दिन को भी अच्छा कर सकते हैं.

बेडरूम अच्छा हो तो इसमें भी कोई शक नहीं की व्यक्तिगत जीवन को भी मधुर बनता है, पति-पत्नी के संबंधो को भी मजबूत बनाता है.

परन्तु थोड़ी सी अज्ञानता के कारण व्यक्ति को बहुत परेशानी हो सकती है. बेडरूम जो की उर्जा का स्त्रोत है दुर्भाग्य भी ला सकता है , अतः ये जानना जरुरी है की कैसे बचाए शयनकक्ष को दुर्भाग्य से.

कैसे लाता है बेड रूम दुर्भाग्य ? अगर बेड रूम में देवी देवताओं के फोटो आपने लगाया है तो न चाहते हुए भी दुर्भाग्य आपको परेशान कर सकता है. अगर पितरो का फोटो भी लगाया है तो भी दुर्भाग्य जीवन को संघर्शमय कर सकता है. अगर आप बेडरूम में कोई हिंसक प्राणी का चित्र भी टांगते हैं तो भी आप दुर्भाग्य को निमंत्रण देते हैं.…

Paush Amavasya Ka Mahattw In Hindi

पौष अमावस्या का महत्त्व, जानिए पौष अमावस्या में पूजा और व्रत का महत्त्व, क्या करे पोश अमावस्या को सफलता के लिए. 
पौष का महिना बहुत महत्त्व रखता है भारतीय ज्योतिष के हिसाब से क्यूंकि इस महीने में बहुत से महत्ववपूर्ण पूजाएँ होती है. हिन्दू पंचांग के हिसाब से ये महिना दसवां महिना है और इस महीने की जो अमावस्या है वो कहलाती है “पौष अमावस्या”. इस दिन को की जाने वाली पूजाएँ सफलता के रास्ते खोल देती है, पितरो को संतुष्ट करती है, धनागमन के रस्ते खोलती है, जीवन को निष्कंटक बनती है.
अतः अगर कोई जीवन में धन की सुरक्षा चाहते हो, पितृ दोष से मुक्ति चाहते हो, शनि, राहू, केतु , ग्रहण योग के दुष्प्रभाव को कम करना चाहते हो तो उनके लिए पौष अमावस्या बहुत महत्त्व रखती है.
जो लोग पौष अमावस्या को ह्रदय से प्रार्थना , पूजा पाठ करते हैं उनको पितरो का आशीर्वाद प्राप्त होता है , इसमें कोई शक नहीं है. ये अमावस्या सर्दियों में आता है और श्राद्ध और तर्पण करने के लिए एक बहुत ही अच्छा दिन है उन लोगो के लिए जो की ब्रह्मलीन हो चुके हैं. आइये जानते हैं किस प्रकार की पूजाएँ हो सकती है पौष अमावस्या को :जो लोग पितृ दोष, क…

Christmas Manaane Ke Kuch Tarike

Christmas Manaane Ke Kuch Tarike, कैसे मनाये क्रिसमस, कुछ याद रखने हेतु बाते इस त्यौहार को मनाने से पहले.
 आज से समय में क्रिसमस मानना आसान नहीं रह गया है क्यूंकि आज बड़े बड़े आयोजन होने लगे है, साधन बहुत उपलब्ध हो गए हैं. प्रोफेशनल लोग आजकल सलाह देने लगे है की कैसे क्रिसमस मनाया जाए अलग तरीके से. इस लेख में हम देखेंगे कुछ तरीके जिससे की हम घर पर ही आसानी से इस त्यौहार को मना सके.
1.    अगर आप क्रिसमस को धार्मिक तरीके से मनाना चाहते हैं तो बाइबिल पढ़के उससे सम्बंधित झांकियां बना सकते है जिससे की लोगो को प्रेरणा मिले. इससे बच्चे भी बहुत कुछ सीख पायेंगे.
2.    आप कुछ सामाजिक भलाई के कार्य कर सकते हैं जैसे जरुरतमंदो के लिए आर्थिक मदद इकटठा करना, भूखो के लिए भोजन की व्यवस्था करना, गारीब बच्चो के लिए खिलोने आदि की व्यवस्था करना.
3.    आप जीसस से जुड़े कहानियो की cds या कहानियो की किताबे भी खरीद करके बाँट सकते हैं.
4.    समाज के लोगो को एक जगह इकट्ठे करके विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन करे जिसमें अपने पूर्वजो की आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना करे और आशीर्वाद प्राप्त करे. 
आइये अब जानते है कुछ और नाय…

Christmas Ke Bare Mai Janiye

Christmas Ke Bare Mai Janiye, क्या है क्रिसमस, क्रिसमस का महत्तव, क्रिसमस रहस्य, कुछ महत्त्वपूर्ण बातें क्रिसमस के बारे में. एक ऐसा दिन जब हम ईश्वरीय शक्तियों का आभार करते हैं, एक ऐसा समय जब लोग अपनों के साथ समय बिताते हैं, एक ऐसा दिन जब सब एक दुसरे को उपहार देकर जीवन में एक दुसरे के होने का महत्तव बताते हैं.
क्रिसमस का इन्तेजार लोग पुरे वर्ष भर करते हैं विशेष तौर पर इसाई लोग. पूरी दुनिया में ये दिन बहुत हर्सोल्लास के साथ मनाया जाता है. इस दिन इसाई धर्म के लोग और साथ ही अन्य जन भी विभिन्न प्रकार के आयोजन करते हैं. 
क्या है क्रिसमस ?
जो लोग इशु को मानते हैं उन लोगो के लिए ये दिन बहुत महत्तव रखता है. इस दिन इशु मसीह का जन्म हुआ था जिनको की भगवान् का अवतार माना जाता है. इनके जन्मोत्सव के रूप में क्रिसमस
 मनाया जाता है. इस दिन गिरजाघरो को सजाया जाता है, विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाता है. सब तरफ ख़ुशी का माहोल रहता है.
ऐसी मान्यता है की जीसस का जन्म बेथलेहम के एक अस्तबल में हुआ था 25 दिसम्बर को और यही दिन क्रिसमस के रूप में पुरे विश्वभर में मनाया जाता है.
ऐसा कहा जाता है की जीसस/…

Bachho Ke Naam Ka Jyotish Mahattw

नाम और ज्योतिष, बच्चो के नाम कैसे रखे, जानिए अंक विद्या और ज्योतिष का महत्त्व नाम रखने में. किसी का नाम बहुत महत्त्व रखता है, एक अच्छा नाम भाग्योदय में सहायक है वही एक गलत नाम जीवन में उथल पुथल ला सकता है. वैदिक ज्योतिष में नाम रखने के लिए बहुत से सुझाव दिए गए है, अगर ज्योतिषीय सिद्धांतो का ध्यान रखा जाए तो जीवन को सफल बनाने में बहुत सहायता मिल सकती है.

वैदिक ज्योतिष के अंतर्गत नाम रखने से पहले कुछ कर्मकांड करने के नियम है , कुंडली बनाई जाती है और राशि, नक्षत्र आदि को देखने के बाद ही नाम रखा जाता है. इस प्रकार वैदिक ज्योतिष जीवन को सफल बनाने के लिए बहुत मददगार साबित होता है.

ऐसे बहुत से लोगो के बारे में हम आये दिन पढ़ते रहते है जिन्होंने ज्योतिष और अंक ज्योतिष की सहायता से नाम में बदलाव किया और सफल हो गए. अच्छा तो यही है की जन्म के तुरंत बाद ही सलाह मशवरा के बाद सही नाम रखा जाए.

कुछ लोग जो मन में आये वही नाम रख लेते हैं जो की बिलकुल सही नहीं है क्यूंकि नाम का जीवन में बहुत गहरा असर होता है. नाम रखने से पहले ज्योतिष से अच्छी तरह पूछ लेना चाहिए.  वैदिक ज्योतिष और अंक ज्योतिष को मिला के अ…

Dhanu Sankranti Ka Mahattw

धनु संक्रांति का महत्त्व, क्या करे जब सूर्य धनु राशी में रहे, धनु राशी में सूर्य की शक्ति को जानिए. 
जब सूर्य धनु राशी में प्रवेश करता है तो उस काल को धनु संक्रांति काल कहते हैं. ये काल बहुत ही महत्त्व रखता है भारतीय ज्योतिष के अनुसार, ऐसी मान्यता है की जब भी सूर्य गुरु के किसी राशी में प्रवेश करेगा तो मल मॉस या खर मास शुरू हो जाता है. 
हर साल में २ महीने खर मास या मल मास होता है क्यूंकि सूर्य धनु या फिर मीन राशि में प्रवेश करता है हर साल, अतः देखा जाए तो साल में ६० दिन मल मास के होते हैं.
जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है तो उस मास को धनुर्मास भी कहते हैं, मल मास भी कहते हैं, खर मास भी कहते हैं.
आइये जानते हैं की धनुर्मास में क्या – क्या काम वर्जित है ?
धनु संक्रांति के बाद एक महीने तक अनेक शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं जैसे- इस समय विवाह वर्जित होता है. धनुर्मास में यज्ञोपवित वर्जित है. मुंडन कार्य भी वर्जित होता है गृह आरंभ और गृह प्रवेश भी वर्जित होता है. देवी देवता के प्राण प्रतिष्ठा के कार्य भी वर्जित माना जाता है. आइये अब जानते हैं की धनु संक्रांति में क्या करना चाहिये सफलत…

Pitar Dosh Ka Smadhan In Hindi

पितृ दोष का समाधान ज्योतिष द्वारा हिंदी में, कैसे बनता है पितृ दोष, कैसे कम करे पितृ दोष के प्रभाव को, जानिए कुछ आसान तरीके पितर दोष को कम करने के.  वैदिक ज्योतिष में कुंडली के अन्दर पाए जाने वाले दोषों में से पितर दोष भी एक महत्त्वपूर्ण दोष है जिसके कारण जीवन में बहुत सारी समस्याएं पैदा हो जाती है. पितृ का मतलब है हमारे पूर्वज अतः इस दोष का मुख्य कारण पितृ होते हैं.  आइये जानते हैं की पितृ दोष से सम्बंधित मान्यताएं : पितृ का मतलब होता है हमारे पूर्वज जो अब दुनिया में नहीं है. मान्यता के अनुसार अगर हमारे पूर्वज संतुष्ट नहीं है तो हमे पितृ दोष का सामना करना होता है. अगर सही तरीके से उपाय नहीं किये जाए तो ये दोष पीढ़ी दर पीढ़ी परेशान करता रहता है.  कुछ विद्वानों का मानना ये भी है की अगर कोई आत्मा इच्छाओ से मुक्त नहीं  हो पाती है तो वो अपने वंश से अपेक्षा रखते हैं और वो पूरी नहीं होने पर समस्याएं पैदा करते हैं.  ज्योतिष में सूर्य को पिता का कारक माना जाता है अतः अगर कुंडली में सूर्य ख़राब हो तो पितृ दोष बनता है.  कुछ लोग तो राहू को भी पितृ दोष का कारण मानते हैं और कुछ ज्योतिष शनि से भी पितृ …

Grahan Shanti Pooja In Hindi

ग्रहण दोष निवारण पूजा | कुंडली में ग्रहण योग का समाधान | जानिए कुछ आसान उपाय ग्रहण योग के प्रभाव को कम करने के  ग्रहण दोष निवारण पूजा बहुत जरुरी है उन पुरुष और महिलाओं के लिए जो इसके प्रभाव से ग्रस्त है. इस पूजा द्वारा ग्रहण दोष के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है और जीवन को सरल बनाया जा सकता है.  अगर कोई ग्रहण योग के कारण पढ़ाई नहीं कर पा रहा है तो ग्रहण दोष निवारण पूजा करनी चाहिए. अगर किसी के शादी में देरी हो रही है ग्रहण योग के कारण तो ये पूजा करनी चाहिए. अगर किसी को स्वास्थ्य हानि हो रही है लगातार ग्रहण योग के कारण तो भी ये पूजा करनी चाहिए. अगर कोई बचत नहीं कर पा रहा है और सम्पन्नता से वंचित है ग्रहण योग के कारण तो भी शांति पूजा से लाभ हो सकता है. अगर रोजगार में बाधा आ रही है तो भी इस पूजा से लाभ उठाया जा सकता है. अगर किसी को संतान होने में समस्या आ रही है ग्रहण दोष के कारण तो भी इस पूजा से लाभ लिया जा सकता है. ग्रहण योग क्या होता है ?
मेरे पिछले लेख में इस विषय में जानकारी दी है अतः “ग्रहण योग क्या है"  इस लेख को पढ़े. जब भी राहू और केतु के साथ कोई ग्रह किसी भाव में बैठ जाए तो …

Grhan Yog Kya Hota Hai Jyotish Me

ग्रहण योग क्या होता है , कैसे बनता है ग्रहण योग कुंडली में, जानिए ग्रहण योग के जीवन में प्रभाव, कैसे बचाए अपने आपको ग्रहण योग के दुष्प्रभाव से.
ज्योतिष में ग्रहण योग एक महत्त्वपूर्ण योग है जिसका असर जीवन में बहुत होता है. जिस जातक के कुंडली में ग्रहण योग होता है वो स्वयं ही इसे महसूस कर सकता है. परन्तु ऐसे भी बहुत से लोग है जो जीवन में परेशान तो बहुत है परन्तु उन्हें ये नहीं पाता की क्यों परेशान है. 
ग्रहण योग के कारण न सिर्फ भौतिक जीवन में परेशानी पैदा होती है बल्कि अध्यात्मिक जीवन में भी सफलता में समस्या पैदा होने लगता है. अतः ये जरुरी है की हम इस योग के बारे में जानकारी ले और जीवन को सुखी करे. 
क्या होता है ग्रहण योग, कैसे बनता है कुंडली में ग्रहण योग? इसे साधारण तरीके से समझिये. जब भी कुंडली के किसी भाव में राहू और केतु के साथ कोई दूसरा ग्रह बैठ जाता है तो ग्रहण योग का निर्माण हो जाता है. दुसरे जब राहू और केतु के महादशा या अन्तर्दशा में कोई दूसरा ग्रह आता है तो भी ग्रहण योग का निर्माण होता है.  ये एक ऐसा योग है जिसके कारण जीवन में संघर्ष बढ़ जाता है और व्यक्ति को अपने लक्ष्य की प्रा…