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Latest Astrology Updates in Hindi

Pradosh Ka Vrat Kab Rakhen

Pradosh Ka Vrat Kab Rakhen? जानें सही तिथि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। इस महीने में आने वाला सोम प्रदोष व्रत विशेष रूप से शुभ और फलदायी माना गया है। इस वर्ष भी लाखों श्रद्धालु यह जानना चाहते हैं कि प्रदोष व्रत 10 अगस्त को रखा जाए या 11 अगस्त को? वैदिक पंचांग के अनुसार उत्तर बिल्कुल स्पष्ट है। Pradosh Ka Vrat Kab Rakhen त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 10 अगस्त 2026, सुबह 8:03 बजे समाप्ति: 11 अगस्त 2026, सुबह 4:55 बजे चूंकि प्रदोष काल 10 अगस्त को पड़ रहा है , इसलिए सोम प्रदोष व्रत 10 अगस्त 2026 (सोमवार) को ही रखा जाएगा। प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। प्रदोष पूजा का सर्वोत्तम समय शाम 7:09 बजे से रात 9:23 बजे तक इसी समय भगवान शिव, माता पार्वती और नंदी महाराज की पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:18 बजे से 1:09 बजे तक यदि किसी कारणवश पूजा की तैयारी करनी हो या शुभ कार्य प्रारंभ करना हो, तो अभिजित मुहूर्त भी अत्यंत शुभ माना जाता है...

Dushere Ka Jyotishiy Mahattw

Dusshera kab hai 2023 mai, दशहेरे का महत्त्व हिंदी में जानिए. क्या करे दशहेरे में सफलता के लिए, जानिए ज्योतिषीय महत्त्व दशहेरे का, 24 october 2023 को ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी. 

भारत में दशहेरा एक ख़ास उत्सव है जिसे सभी लोग मिलके मनाते हैं, इसे विजयादशमी भी कहते हैं. आश्विन नवरात्री के ख़त्म होते ही दशमी तिथि को दशहेरा मनाया जाता है. इसके पीछे जो मान्यता है वो ये की इसी दिन राम और लक्ष्मण जी ने रावण का अंत किया था और सभी ने ख़ुशी मनाई थी. ये दिन बुराई के ऊपर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है.
 
Dusshera kab hai 2023 mai, दशहेरे का महत्त्व हिंदी में जानिए. क्या करे दशहेरे में सफलता के लिए, जानिए ज्योतिषीय महत्त्व दशहेरे का, 24 october 2023 को
Dushere Ka Jyotishiy Mahattw

दशहेरा ये याद दिलाता है की झूठ का अस्तित्तव ज्यादा नहीं टिक सकता है. सच्चाई हमेशा जीत जाती है.

आइये जानते हैं कैसे दशहेरे को मनाया जाता है ?

साधारणतः एक बड़े मैदान में रावण का पुतला बनाया जाता है और शाम को इसे राम के द्वारा मारा जाता है. लोग एक जुट होक इसे देखते हैं. पुरे शहर के लोग या गाँव के लोग एक जगह इकट्ठे होते हैं और मेले जैसा दृश्य दिखाई देता है. सभी आनंद मनाते हैं , खाते  है पीते हैं और रावन दहन के कार्यक्रम का आनंद उठाते हैं. 

इस दिन शश्त्रो की पूजा भी होती है , लोग एक दुसरे को मिठाई देते हैं और दशहेरे की बधाई देते हैं. हर तरफ ख़ुशी और उल्लास का माहोल रहता है. पढ़िए दशहेरे के लिए टोटके हिंदी में .

Read in english about astrology importance of dusshera

आइये जानते हैं दशहेरे का ज्योतिषीय महत्त्व :

ऐसी मान्यता है की ये दिन बहुत शुभ होता है और इस दिन किसी भी नए काम को करने के लिए किसी महूरत देखने की जरुरत नहीं होती है.
  • अतः लोग इस दिन नए वाहन खरीदते हैं.
  • नया व्यापार शुरू करते हैं.
  • कुछ लोग स्वास्थ्य और सम्पन्नता के लिए कर्म काण्ड करते हैं.
  • इस दिन शश्त्रो की पूजा से रक्षा होती है, ऐसी मान्यता है.
  • इस दिन मंत्र और तंत्र सिद्धि के लिए भी साधक साधना करते हैं.
  • जिनकी फैक्ट्री है वो लोग अपने मशीनों की पूजा करते हैं जिससे की पुरे साल वो उन्हें लाभ दे सके.
  • विद्यार्थीयो को इस दिन अपने किताबो की पूजा करनी चाहिए , इससे सफलता मिलती है.
  • इस दिन शमी पेड़ की पूजा का भी विशेष महत्त्व है. 
आइये जानते हैं 24 अक्टूबर 2023, मंगलवार, दशहेरा के दिन ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी ?

  1. बुधादित्य राजयोग दशहरे पर गोचर कुंडली में रहेगा जो सभी के लिए बहुत शुभ है।
  2. शनि अपनी ही राशि में मौजूद रहेंगे और साधना करने में सभी का साथ देंगे।
  3. अंगारक योग भी बना रहेगा जिसके कारण दुर्घटनाएं बहुत होने की सम्भावना है|
  4. गुरु चंडाल योग भी बना रहेगा गोचर कुंडली में |
  5. सूर्य अपने नीच राशि में रहेंगे |
  6. शुक्र अपने शत्रु राशि में रहेंगे |
  7. राहू शत्रु राशि में रहेंगे और केतु मित्र राशि में रहेंगे |
  8. मंगल सम राशि में रहेंगे |
  9. बुध मित्र राशि में रहेंगे |
कुछ लोग इस दिन दुसरो को नुक्सान पहुचाने के लिए भी पूजा , टोटका आदि करते हैं जो की गलत है, इसे पूरी तरह से रोकना चाहिए.
दशहेरा उत्सव है सच्चाई की जीत का जश्न मनाने का. ये त्यौहार है अपने अन्दर की बुराइयों को मारने का.

दशहेरे के रोज हम ये प्राण ले सकते हैं की –
  • अब हम किसी प्रकार का नशा नहीं लेंगे. 
  • अब हम दारु नहीं पियेंगे.
  • अब हम सिगरेट , बीडी आदि नहीं पियेंगे. 
  • अब हम किसी भी कमजोर को नहीं सतायेंगे.
  • हम कभी नकारात्मक नहीं सोचेंगे. 
इस प्रकार से हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं कुछ बुराइयों को छोड़ के. 



Dusshera kab hai 2023 mai, दशहेरे का महत्त्व हिंदी में जानिए. क्या करे दशहेरे में सफलता के लिए, जानिए ज्योतिषीय महत्त्व दशहेरे का, 24 october 2023 को ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी. 

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