] } Skip to main content

Latest Astrology Updates in Hindi

Shani Amavasya aur Pitru Moksh Amavasya Ka Rashifal Aur Upay

10 अक्टूबर 2026: शनिश्चरी अमावस्या और पितृ मोक्ष अमावस्या का विशेष संयोग 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण संयोग बन रहा है। इस दिन शनिश्चरी अमावस्या और सर्वपितृ/पितृ मोक्ष अमावस्या एक साथ पड़ रही हैं। पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 9 अक्टूबर की रात 9:36 बजे से शुरू होकर 10 अक्टूबर की रात 9:19 बजे तक रहेगी। इस दिन चंद्रमा कन्या राशि और हस्त नक्षत्र में स्थित रहेंगे। पितरों की शांति और आशीर्वाद के लिए इस दिन तर्पण, श्राद्ध, दान-पुण्य तथा जरूरतमंदों को भोजन कराने की परंपरा का विशेष महत्व माना जाता है। शनिवार और अमावस्या के इस दुर्लभ संयोग को आध्यात्मिक साधना, पितृ स्मरण और आत्ममंथन के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है। Shani Amavasya aur Pitru Moksh Amavasya Ka Rashifal Aur Upay 12 राशियों के लिए दैनिक राशिफल और पितृ मोक्ष अमावस्या के उपाय ♈ मेष राशि मेष राशि वालों के लिए 10 अक्टूबर का दिन आत्ममंथन और पुराने मामलों को सुलझाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण निर्णय को जल्दबाजी में लेने...

Rambha Vrat Ka Mahatwa In Hindi

Rambha Vrat Ka Mahatwa In Hindi, रम्भा तीज का महत्तव, कौन है देवी रम्भा, कैसे प्रसन्न करें अप्सरा रम्भा को, सुन्दरता और सफलता के लिए पूजा .

हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन एक विशेष त्यौहार मनाया जाता है जिसका नाम है रम्भा तीज या रम्भा तृतीय, ये उत्सव उत्तर भारत में हर्षोल्लास से मनाया जाता है अप्सरा रम्भा की याद में और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए.
rambha teej in hindi jyotish
Rambha Vrat Ka Mahatwa In Hindi

महिलायें इस दिन उपवास रखके अप्सरा रम्भा की पूजा करती है और उनसे सुन्दरता, समृद्धि आदि की कामना करती है.

ऐसी मान्यता है की समुद्र मंथन के दौरान देवी रम्भा का प्रकटीकरण हुआ था.

आइये जानते है की कौन है रम्भा ?


हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार देवलोक की अति सुन्दर अप्सरा जो की नृत्य कला में कुशल है, वाद्यों का प्रयोग करने में कुशल है साथ ही जो किसी भी तपस्वी की तपस्या भंग करने में कुशल है , वो है अप्सरा रम्भा. मान्यता के अनुसार देवराज इन्द्र किसी भी तपस्वी की परीक्षा लेने इन्ही को भेजते हैं. रम्भा धन के देवता कुबेर के पुत्र नालकुवर की पत्नी भी है.

आइये अब जानते हैं रम्भा तीज उपवास के बारे में:

  • जो महिलाए अपनी व्यक्तिगत जीवन में परेशान है, जो जीतना चाहती है अपने पति के दिल को, जो चाहती है धन, वैभव, मान – सम्मान, प्रेम जीवन में उनके लिए रम्भा तृतीय का त्यौहार महत्वपूर्ण है. सभी महिलाए रम्भा अप्सरा की पूजा से लाभ काम सकती है.
  • अगर किसी के पति उनसे प्रेम नहीं करते हैं,
  • अगर कोई मनचाहा पति चाहती है.
  • अगर कोई किसी का दिल जीतना चाहती है.
  • अगर कोई स्वस्थ शारीर चाहती है तो उनके लिए रम्भा पूजा एक अच्छा विकल्प हो सकता है.
  • अप्सरा रम्भा प्रतिक है सुन्दरता का.
  • अप्सरा रम्भा प्रतिक है ख़ुशी का.
  • देवी रम्भा प्रतिक है बुध्ही का साथ ही सम्पन्नता का. अतः इनकी कृपा प्राप्त करके महिलाए सफल जीवन जी सकती है.
  • देवी रंभ की पूजा आपको दे सकता है सौभाग्य, आरोग्य, धन, चुम्बकीय व्यक्तितित्व

अप्सरा रम्भा को प्रसन्न करने का आसान उपाय और मंत्र:


इनको स्वच्छता पसंद है, सुन्दरता पसंद है, सुगंध पसंद है अतः इनकी पूजा से पहले शुद्ध जल से नहाके , गुलाब जल से नाहा के फिर इनको दीपक, अच्छा इतर, अलग अलग प्रकार के भोग, पुष्प अदि अर्पित करना चाहिए.
फिर इनका मंत्र पाठ करना चाहिए :
"ॐ रम्भाये नमः" 
आप प्राप्त कर सकते हैं सुन्दरता इनकी कृपा से.
आप प्राप्त कर सकती है सम्पन्नता देवी रम्भा की कृपा से.
आप पा सकते हैं सफलता इनकी पूजा से. 


Rambha Vrat Ka Mahatwa In Hindi, रम्भा तीज का महत्तव, कौन है देवी रम्भा, कैसे प्रसन्न करें अप्सरा रम्भा को, सुन्दरता और सफलता के लिए पूजा .

Comments

Popular posts from this blog

Kuldevi Strotram Lyrics

Kuldevi Strotram Lyrics, कुलदेवी स्त्रोत्रम पाठ के फायदे, कुलदेवी का आशीर्वाद कैसे प्राप्त करें, कुलदेवी को प्रसन्न करने का शक्तिशाली उपाय, Hindi Meanings of Lyrics | हिन्दुओं में कुलदेवी या कुलदेवता किसी भी परिवार के मुख्य देवी या देवता के रूप में पूजे जाते हैं और ये उस परिवार के मुख्य रक्षक भी होते हैं | किसी भी विशेष कार्य को करने से पहले कुलदेवी या कुलदेवता को पूजने की मान्यता है |  आज के समय में बहुत से परिवारों को उनके कुलदेवी या कुलदेवता का पता नहीं होता है अतः ऐसे में चिंता की बात नहीं है| कुलदेवी स्त्रोत्रम का पाठ करके और सुनके हम अपने कुलदेवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं |  Kuldevi Strotram Lyrics सुनिए YouTube में कुलदेवी स्त्रोत्रम  Lyrics of Kuldevi Strotram:  ॐ नमस्ते श्री  शिवाय  कुलाराध्या कुलेश्वरी।   कुलसंरक्षणी माता कौलिक ज्ञान प्रकाशीनी।।1   वन्दे श्री कुल पूज्या त्वाम् कुलाम्बा कुलरक्षिणी।   वेदमाता जगन्माता लोक माता हितैषिणी।।2   आदि शक्ति समुद्भूता त्वया ही कुल स्वामिनी।   विश्ववंद्यां महाघोरां त्राहिमाम्...

Mahakal Kawacham || महाकाल कवच

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच || इस लेख में अति गोपनीय, दुर्लभ, शक्तिशाली कवच के बारे में बता रहे हैं जिसे की विश्वमंगल कवच भी कहते हैं। कवच शब्द का शाब्दिक अर्थ है सुरक्षा करने वाला | जिस प्रकार एक योद्धा युद्ध में जाने से पहले ढाल या कवच धारण करता है, उसी प्रकार रोज हमारे जीवन में नकारात्मक्क शक्तियों से सुरक्षा के लिए महाकाल कवच ढाल बना देता है | जब भी कवच का पाठ किया जाता है तो देविक शक्ति दिन भर हमारी रक्षा करती है |  कवच के पाठ करने वाले को अनैतिक कार्यो से बचना चाहिए, मांसाहार नहीं करना चाहिए, किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करना चाहिए | Mahakal Kavach का विवरण रुद्रयामल तंत्र में दिया गया है और ये अमोघ रक्षा कवच है | Mahakal Kawacham || महाकाल कवच  किसी भी प्रकार के रोग, शोक, परेशानी आदि से छुटकारा दिला सकता है महाकाल कवच का पाठ | इस शक्तिशाली कवच के पाठ से हम बुरी शक्तीयो से बच सकते हैं, भूत बाधा, प्रेत बाधा आदि से बच सकते हैं | बच्चे, बूढ़े, जवान सभी के लिए ये एक बहुत ही फायदेमंद है | बाबा महाकाल ...

Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning

श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्, Govinda Stotram, Sharanagati Stotram, Sanskrit Stotra, Vishnu Stotra, devotional prayer, Bhakti Stotra, Govinda prayer. श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम् के लाभ (फायदे): "श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्" एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है, जो भगवान श्रीकृष्ण (गोविन्द) की शरण में जाने का भाव व्यक्त करता है। इसके नियमित पाठ से अनेक आध्यात्मिक, मानसिक और सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं जैसे: शरणागति का भाव जागृत होता है भय और संकट से रक्षा होती है भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि होती है पापों का नाश होता है मानसिक शांति और संतुलन में मदद मिलती है दैनिक जीवन में शुभता आने लगती है भगवान की कृपा प्राप्त होती है वैकुण्ठ प्राप्ति का भी यह एक महत्त्वपूर्ण साधन है Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning 🔹 मुख्य लाभ: शरणागति का भाव जागृत करता है: यह स्तोत्र हमें पूर्ण समर्पण की भावना सिखाता है। भय और संकट से रक्षा: रोग, भय, शत्रु आदि से रक्षा करता है। भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि: श्रीकृष्ण भक्ति गहराती है...