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Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

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ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Rambha Vrat Ka Mahatwa In Hindi

Rambha Vrat Ka Mahatwa In Hindi, रम्भा तीज का महत्तव, कौन है देवी रम्भा, कैसे प्रसन्न करें अप्सरा रम्भा को, सुन्दरता और सफलता के लिए पूजा .
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हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन एक विशेष त्यौहार मनाया जाता है जिसका नाम है रम्भा तीज या रम्भा तृतीय, ये उत्सव उत्तर भारत में हर्षोल्लास से मनाया जाता है अप्सरा रम्भा की याद में और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए. 

महिलायें इस दिन उपवास रखके अप्सरा रम्भा की पूजा करती है और उनसे सुन्दरता, समृद्धि आदि की कामना करती है. 
ऐसी मान्यता है की समुद्र मंथन के दौरान देवी रम्भा का प्रकटीकरण हुआ था. 

आइये जानते है की कौन है रम्भा ?
हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार देवलोक की अति सुन्दर अप्सरा जो की नृत्य कला में कुशल है, वाद्यों का प्रयोग करने में कुशल है साथ ही जो किसी भी तपस्वी की तपस्या भंग करने में कुशल है , वो है अप्सरा रम्भा. मान्यता के अनुसार देवराज इन्द्र किसी भी तपस्वी की परीक्षा लेने इन्ही को भेजते हैं. रम्भा धन के देवता कुबेर के पुत्र नालकुवर की पत्नी भी है. 

आइये अब जानते हैं रम्भा तीज उपवास के बारे में:


जो महिलाए अपनी व्यक्तिगत जीवन में परेशान है, जो जीतना चाहती है अपने पति के दिल को, जो चाहती है धन, वैभव, मान – सम्मान, प्रेम जीवन में उनके लिए रम्भा तृतीय का त्यौहार महत्वपूर्ण है. सभी महिलाए रम्भा अप्सरा की पूजा से लाभ काम सकती है. 
अगर किसी के पति उनसे प्रेम नहीं करते हैं,
अगर कोई मनचाहा पति चाहती है.
अगर कोई किसी का दिल जीतना चाहती है.
अगर कोई स्वस्थ शारीर चाहती है तो उनके लिए रम्भा पूजा एक अच्छा विकल्प हो सकता है. 

अप्सरा रम्भा प्रतिक है सुन्दरता का.
अप्सरा रम्भा प्रतिक है ख़ुशी का.

देवी रम्भा प्रतिक है बुध्ही का साथ ही सम्पन्नता का. अतः इनकी कृपा प्राप्त करके महिलाए सफल जीवन जी सकती है. 
देवी रंभ की पूजा आपको दे सकता है सौभाग्य, आरोग्य, धन, चुम्बकीय व्यक्तितित्व 

अप्सरा रम्भा को प्रसन्न करने का आसान उपाय और मंत्र:
इनको स्वच्छता पसंद है, सुन्दरता पसंद है, सुगंध पसंद है अतः इनकी पूजा से पहले शुद्ध जल से नहाके , गुलाब जल से नाहा के फिर इनको दीपक, अच्छा इतर, अलग अलग प्रकार के भोग, पुष्प अदि अर्पित करना चाहिए. 
फिर इनका मंत्र पाठ करना चाहिए :
“ॐ रम्भाये नमः “
आप प्राप्त कर सकते हैं सुन्दरता इनकी कृपा से.
आप प्राप्त कर सकती है सम्पन्नता देवी रम्भा की कृपा से.
आप पा सकते हैं सफलता इनकी पूजा से. 

Rambha Vrat Ka Mahatwa In Hindi, रम्भा तीज का महत्तव, कौन है देवी रम्भा, कैसे प्रसन्न करें अप्सरा रम्भा को, सुन्दरता और सफलता के लिए पूजा .

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