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Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Pravesh Ka 12 Rashiyo Par Prabhav

Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Pravesh Ka 12 Rashiyo Par Prabhav,  shani ka naskhatra parivartan kab hoga, shani nakshatra gochar 2026. Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Gochar: 20 जनवरी को धीमी गति से चलने वाला कर्मफलदायक ग्रह शनि (Shani) नक्षत्र परिवर्तन करते हुए उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। नक्षत्र अधिपत्य के अनुसार उत्तराभाद्रपदा को शनि का अपना नक्षत्र माना जाता है जिससे शनि और शक्तिशाली हो जायेंगे, अतः यह गोचर विशेष रूप से प्रभावशाली और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण बन जाता है। Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Pravesh आइये शनि के नक्षत्र गोचर को समझते हैं : ग्रह: शनि (Shani) प्रवेश नक्षत्र: उत्तराभाद्रपदा (जो 17 मई 2026 तक रहेगा) नक्षत्र का स्वामी: शनि (नक्षत्राधिपति नियम अनुसार) शनि की वर्तमान राशि: मीन (Pisces) शनि अनुशासन, कर्म, न्याय, धैर्य और दीर्घकालिक परिणामों का प्रतीक है, जबकि उत्तराभाद्रपदा आत्मिक जागरण, स्थिरता, गहराई एवं आध्यात्मिकता से जुड़ा है। यह संयोजन आत्मचिंतन, कर्मिक शुद्धि और जीवन के पुनर्गठन को प्रोत्साहित कर...

Vaivahik Jivan Kharab Karne Wale Jyotishiy Yog

वैवाहिक जीवन को ख़राब करने वाले ग्रह योग और उनका प्रभाव ज्योतिष के अनुसार

सुखी वैवाहिक जीवन अती आवश्यक है अगर आप जीवन को अछि तरह से जीना चाहते हैं. सुखी वैवाहिक जीवन के अंतर्गत हम सेक्स जीवन, एक दुसरे के साथ वैचारिक समानता, स्वस्थ जीवन, अच्छी संतान आदि को लेते हैं.
vaivahik jivan aur jyotish yog
kharab vaivahik jivan aur jyotish yog

हर व्यक्ति जो की जब विवाह के बारे मे सोचता है तो उसके मन मे कई सारे सपने आने लगते हैं जिसमे की जीवन साथ के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाना महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है.
परन्तु ऐसा अक्सर होता है की बहुत से दंपत्ति विवाह के बाद असंतुष्ट नजर आते हैं और इसके कई कारण सामने आते हैं परन्तु ज्योतिष कारणों के पीछे ग्रहों के योग को महत्त्व देते हैं.
ग्रह जीवन को बहुत ज्यादा प्रभावित करते हैं और इसी कारन अगर शादीशुदा जीवन मे कोई समस्या आ रही है तो इसका अर्थ ये है की निश्चित ही ग्रह दशा सही नहीं चल रही है या फिर विवाह स्थान दूषित है.

विवाह स्थान, सुख स्थान गुप्तांग से सम्बंधित भाव अगर दूषित हो तो कई प्रकार के समस्याओ का सामना जातक को करना पड़ सकता है जैसे –

  • जीवन साथी के साथ संतोषजनक सम्बन्ध नहीं बन पाता है.
  • शारीरिक सम्बन्ध बनाने से गुप्त रोग होने के कारण भी जातक परेशान हो सकता है.
  • जीवन साथी के साथ वैचारिक मतभेद से जीवन मे असंतोष का भाव उत्पन्न हो जाता है.
  • विवाह के बाद तलाक की नौबत तक आ जाती है.
  • कई बार संतान होने मे समस्या उत्पन्न हो जाती है.
  • विवाह के बाद कई लोगो की आर्थिक स्थिति ख़राब हो जाती है.
  • कई लोग विवाह के बाद ज्यादा बीमार रहने लग जाते हैं.

वैवाहिक जीवन को ख़राब करने मे कई ज्योतिषीय कारण हो सकते हैं जैसे :

वैवाहिक जीवन को ख़राब करने वाले ग्रह योग और उनका प्रभाव ज्योतिष के अनुसार
  1. शुक्र ग्रह का कमजोर होना या फिर शुक्र ग्रह का शत्रु या नीच का होना.
  2. कुंडली मे सप्तम भाव का दूषित होना भी शादीशुदा जीवन को ख़राब करता है.
  3. कुंडली मे शुक्र और मंगल की युति होना भी समस्या पैदा करता है.
  4. कुंडली मे अष्टम भाव का दूषित होना भी असंतोष का भाव पैदा करता है.
  5. कुंडली मे सुख भाव का कमजोर होना या दूषित होना भी प्रेम संबंधो मे विघ्न पैदा करता है. 
  6. सप्तम भाव और सुख भाव पर ख़राब ग्रह की दृष्टि भी वैवाहिक जीवन मे सुख को कम करता है. 
अतः ऐसे बहुत से कारण हो सकते है जो की शादी शुदा जीवन, सेक्स जीवन , प्रेम जीवन को ख़राब कर सकते हैं. इनको समझने के लिए किसी अच्छे ज्योतिष से परामर्श लेना अच्छा होता है.
अनुभवी ज्योतिष पति पत्नी की कुंडली मे ग्रहों की दशा देखके सही उपाय दे सकते हैं जिन्हें अपना के दंपत्ति अपनी समस्याओं को कम कर सकते हैं. 
उचित ज्योतिषीय मार्गदर्शन के लिए आप अभी सलाह ले सकते हैं, जहां आपके जानकारियों को गुप्त ही रखा जाता है. 


और सम्बंधित लेख पढ़े :
वैवाहिक जीवन को ख़राब करने वाले ग्रह योग और उनका प्रभाव ज्योतिष के अनुसार, sex aur jyotish in hindi

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