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Jyotish Se Kaise Jaane Apne Khud Ke Guno Ke Bare Mai

Jyotish Se Kaise Jaane Apne Khud Ke Guno Ke Bare Mai,ग्रहों से जानिए अपनी खुद की शक्ति को, कुंडली में मौजूद शक्ति केंद्र, कैसे पायें ज्योतिष द्वारा सफलता?

ज्योतिष ग्रह और नक्षत्रो का विज्ञान है, कुंडली को अगर बारीकी से पढ़ा जाए तो हम अपने ही अन्दर की छुपे गुणों को जान सकते हैं. कुंडली में कुछ भाव शक्ति के केंद्र होते हैं और हमारे जिन्दगी के सफलता और असफलता को बहुत प्रभावित करते हैं. इन भावो को जानके साथ ही ग्रहों की शक्ति को पहचान कर हम सही दिशा में बढ़ सकते हैं सफलता प्राप्त करने के लिए.
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हम देखते हैं की बहुत से लोग लगातार काम, जगह, निर्णय बदलते रहते हैं सफलता प्राप्त करने के लिए परन्तु कुछ हाथ नहीं लगता है , इसका कारण है ग्रहों का बल पर्याप्त न होना या फिर सही दिशा में न बढना.
ज्योतिष के द्वारा हम जान सकते हैं की व्यापार करना चाहिए या नौकरी, कैसा काम लाभदायक रहेगा, कौन सा समय अच्छा रहेगा नया काम शुरू करने के लिए, कब नौकरी बदलना चाहिए, क्या साझेदारी सफल रहेगी आदि.
इस लेख में आपको कुंडली के कुछ पहलु बताने जा रहे है जिनके द्वारा हम अपने अन्दर के गुणों को पहचान सकते हैं. खुद की शक्ति को जानकार आत्मविश्वास बढ़ता है और सफलता सुलभ हो जाती है.

आइये जानते हैं ज्योतिष द्वारा अपने खुद के शक्ति को जानने के रहस्य को :


वैदिक ज्योतिष के हिसाब से कुंडली में 12 घर होते हैं और सभी किसी न किसी विषय से जुड़े होते हैं, दूसरी तरफ 9 ग्रह होते हैं सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र शांति, राहू और केतु. ये सब अलग अलग गुणों से युक्त होते हैं और जीवन को प्रभावित करते हैं.

ग्रह नक्षत्रो की कुंडली में स्थिति के अनुसार हम जीवन में सुख या दुःख का अनुभव समय – समय पर करते रहते हैं. वैदिक धर्म ग्रंथो में विभिन्न प्रकार की पूजाओ का जिक्र है जिनके द्वारा जीवन में सफलता के रास्ते खोल सकते हैं.
कुंडली का अध्ययन ज्योतिष के सिद्धांतो के अनुसार हमे बताता है की हमारी कमजोरियां क्या है, हमारी ताकत क्या है और इसी के साथ हमे ये भी पता चलता है की कौन से उपाय हमारे लिए श्रेष्ठ हैं.

आइये जानते हैं कुछ महत्त्वपूर्ण बिंदु :

  1. कुंडली के अन्दर केंद्र स्थान बहुत शक्तिशाली होते हैं और जीवन को बहुत हद तक प्रभावित करते हैं, अगर ये भाव खाली हो या कमजोर हो तो व्यक्ति को जीवन भर संघर्ष करना होता है. और इन भावो में अगर शक्ति शाली ग्रह बैठे हो तो जीवन को सुगम बना देते हैं.
  2. कुंडली में लग्न का अध्ययन हमे अपने कई गुणों से अवगत करा देता है, दिमागी स्थिति से अवगत करा देता है.
  3. कुंडली का चौथा भाव सुख के बारे में बताता है और इस भाव में कुछ समस्या होने पर व्यक्ति को व्यक्तिगत जीवन में भोगना होता है.
  4. सातवां घर कुंडली का जीवन साथी, साझेदारी आदि को प्रभावित करता है अतः इस भाव की जानकारी होना भी आवश्यक है.
  5. कुंडली का दसवां भाव कर्म भाव है और जीवन में कर्म में स्थिरता और अस्थिरता की जानकारी देता है.
  6. कुंडली में मौजूद नवग्रह की स्थिति और शक्ति भी जीवन के बहुत रहस्य उजागर करते हैं.
  7. अगर कुंडली में गुरु ग्रह अच्छा हो , शक्तिशाली हो तो ये निश्चित है की व्यक्ति अपने ज्ञान के कारण समाज में जाना जाएगा, अगर कुंडली के दुसरे, दुस्वे, ११वे भाव में गुरु का अच्छा प्रभाव हो तो व्यक्ति गुरु से सम्बंधित क्षेत्रो में सफलता पता है.
  8. अगर कुंडली में बुध अच्छा हो और शक्तिशाली हो और अगर लग्न को भी प्रभावित कर रहा हो साथ ही दुसरे और दसवे भाव को प्रभावित कर रहा हो तो व्यक्ति के बार वाक्शक्ति होती है और अपने बोली द्वारा सफलता के उंचाइयो को छूता है.
  9. अगर कुंडली में मंगल ग्रह शक्ति शाली हो तो व्यक्ति को जबरदस्त शारीरिक शक्ति और उर्जा देता है और व्यक्ति इनके द्वारा सम्बंधित कार्यो में सफल हो सकता है.
  10. शनि की शक्ति द्वारा व्यक्ति नौकरी में बहुत तरक्की कर सकता है.
अतः कई तरीको द्वारा ये जाना जाता है की हमारी कुंडली में शक्ति कैसी है और हमे क्या करना चाहिए. अगर ग्रहों की शक्ति कम है तो ज्योतिष के उपायों द्वारा उन्हें बढ़ाया जा सकता है.
एक अच्छा ज्योतिष आपको सही राह दिखा सकता है, एक अनुभवी ज्योतिष आपको सही मार्गदर्शन कर सकता है अतः अच्छे ज्योतिष से परामर्श जरुर ले और सफलता के रास्ते खोलिए.
किसी भी प्रकार के विश्वसनीय ज्योतिषीय सेवा के लिए आप संपर्क कर सकते हैं.



Jyotish Se Kaise Jaane Apne Khud Ke Guno Ke Bare Mai,  ग्रहों से जानिए अपनी खुद की शक्ति को, कुंडली में मौजूद शक्ति केंद्र, कैसे पायें ज्योतिष द्वारा सफलता?

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