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Shukra Ka Gochar Tula Rashi Mai Kab Hoga

Shukra Ka Gochar Tula Rashi Mai Kab Hoga,  शुक्र का तुला राशि में गोचर September 2026, Shukra gochar, jyotish updates, rashifal. Shukra Ka Gochar Tula Rashi Mai: शुक्र ग्रह जीवन में बहुत महत्व रखता है और इसका गोचर जीवन में बड़े बदलाव लाता है। शुक्र ग्रह भौतिक सुख-सुविधाओं, प्रेम, रोमांस, सौंदर्य, ग्लैमर आदि से संबंधित है और इसलिए हर कोई शानदार जीवन जीने के लिए शुक्र की शक्ति को बढ़ाना चाहता है। 2 September को दोपहर लगभग 1:40 बजे शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेंगे जो कि इसकी अपनी राशि है और इसलिए यह सभी के लिए मजबूत और सहायक बन जायेंगे । इस गोचर से मालव्य नाम का राजयोग बनेगा. तो इस ज्योतिष लेख में हम 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभावों को देखेंगे। Shukra Ka Gochar Tula Rashi Mai Shukra Ka Gochar Tula Rashi Mai Kab Hoga आइये जानते हैं 12 राशियों पर शुक्र के गोचर का क्या प्रभाव होगा ? मेष राशि मेष राशि वालों के लिए शुक्र का तुला राशि में गोचर विशेष रूप से विवाह, साझेदारी और व्यक्तिगत संबंधों के क्षेत्र को प्रभावित करेगा, क्योंकि तुला आपकी कुंडली का सप्तम भाव बनता ह...

Hanuman Jayanti In Hindi

Kyu hanuman jayanti manaya jata hai diwali se pehle, kaise kare hanumanji ko prasann, free mai jaane hanumanji ke bare mai. 

मान्यता के अनुसार आज भी हनुमानजी सशरीर मौजूद है और भक्तो के अनुभव भी है की हनुमानजी साक्षात् नजर आते है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते है.
Hanuman Jayanti In Hindi jyotish
Hanuman Jayanti In Hindi

इस कलयुग में हनुमानजी को प्रसन्न करना बहुत आसान है. इनको राम भक्त हनुमान के नाम से भी जाना जाता है. भक्तो में हनुमानजी का नाम बड़े आदर से लिया जाता है क्यूंकि इन्होने राम जी की भक्ति में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया.

राम जी का स्मरण, ध्यान और सेवा करना ही इनका इक मात्र उद्देश्य है. इनकी कहानियां आज भी हमे हिम्मत देती है, निडर बनाती है, सेवा करने के लिए प्रेरित करती है.

इसमे कोई शक नहीं की जो हनुमानजी की साधना करते हैं उनको किसी भी बुरी शक्तियों से कोई भय नहीं है.

आइये जानते है अब की दिवाली से पहले हनुमान जयंती क्यों मनाते है. 
हिन्दू धर्म के अनुसार कार्तिक मॉस के चतुर्दशी बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है क्यूंकि एक तो इस दिन को नरक चतुर्दशी के रूप में पूजा जाता है तो दूसरी तरफ इसी दिन इस धरती पर राम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था माता अंजना के गर्भ से.

इसी कारण हनुमान जयंती दिवाली से ठीक एक दिन पहले बहुत धूम धाम से मनाई जाती है. 

हनुमान जयंती के बारे में एक ख़ास बात :

सही मायने में देखा जाए तो हनुमान जयंती साल में दो बार मनाई जाती है एक चैत्र महीने की पूर्णिमा को और दूसरी कार्तिक चतुर्दशी को जो की दिवाली के एक दिन पहले आती है. ऐसी मान्यता है की कार्तिक चतुर्दशी को आधीरात को श्री हनुमानजी ने जन्म लिया था.

अतः इस दिन हनुमान भक्त उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए उपवास रखते है, विशेष पूजाए करते हैं, उनका मंत्र जप करते हैं, उनको नाना प्रकार के भोग लगाते हैं. 

ज्योतिष और हनुमानजी:

ज्योतिष में भी जब कई गंभीर रोगों का समाधान की बात आती है तब ज्योतिषगण  हनुमानजी के पूजा और उपासना का परामर्श देते हैं क्यूंकि वो भय हरता है, पराक्रम दाता है, बुद्धि दाता हैं. हनुमानजी की साधना भय दूर करती है, इनकी पूजा से भूत प्रेत, नकारात्मक उर्जाओं से रक्षा होती है, हनुमान जी की साधना ताकत देती है, कर्ज मुक्त करती है, विभिन्न प्रकार की विद्याओं को सीखने में भी मदद करती है.

हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, हनुमान अष्टक आदि बहुत प्रचलित है और भक्त इनका चमत्कार साक्षात् अनुभव करते हैं. 

कैसे प्रसन्न करे हनुमान जी को ?

हनुमानजी सर्वव्यापी है , सर्वशक्तिमान है, राम भक्त है इनको भक्ति से बहुत आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है परन्तु मान्यता के अनुसार इनको कुछ ख़ास चीजो से लगाव है अतः पूजा में इनको शामिल करके हम हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं.

ऐसा माना जाता है की इनको चमेली का तेल, सिन्दूर, चूरमा, यज्ञो पवित्र, श्री राम का नाम, तुलसी दल आदि बहुत प्रिय है अतः पूजा में इनको शामिल करना चाहिए.

हनुमान जयंती पर सुबह प्रातःकाल नाहा धो कर हनुमान जी की पूजा करके उनको चमेली के तेल और सिन्दूर का चोला चढ़ाना शुभ होता है साथ ही भोग में चूरमा, लड्डू, तुलसी दल के साथ और पान भी अरित करना चाहिए, नारियल और दक्षिणा के साथ.

फिर हनुमान चालीसा या हनुमान अष्टक का पाठ किया जाए भक्ति से तो निश्चित ही उनकी कृपा जीवन को सुक्मय कर देती है.

सभी को हनुमान जयंती की शुभ कामनाये. हनुमान जी की कृपा सब को प्राप्त हो.

बनाइये अपने जीवन को सुखमय, करिए अपने जीवन को परेशानियों से मुक्त, पाइए हनुमान साधना से हनुमानजी की असीम कृपा.
और लेख पढ़े :
हनुमान साधना सफलता लिए 

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