10 अक्टूबर 2026: शनिश्चरी अमावस्या और पितृ मोक्ष अमावस्या का विशेष संयोग 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण संयोग बन रहा है। इस दिन शनिश्चरी अमावस्या और सर्वपितृ/पितृ मोक्ष अमावस्या एक साथ पड़ रही हैं। पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 9 अक्टूबर की रात 9:36 बजे से शुरू होकर 10 अक्टूबर की रात 9:19 बजे तक रहेगी। इस दिन चंद्रमा कन्या राशि और हस्त नक्षत्र में स्थित रहेंगे। पितरों की शांति और आशीर्वाद के लिए इस दिन तर्पण, श्राद्ध, दान-पुण्य तथा जरूरतमंदों को भोजन कराने की परंपरा का विशेष महत्व माना जाता है। शनिवार और अमावस्या के इस दुर्लभ संयोग को आध्यात्मिक साधना, पितृ स्मरण और आत्ममंथन के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है। Shani Amavasya aur Pitru Moksh Amavasya Ka Rashifal Aur Upay 12 राशियों के लिए दैनिक राशिफल और पितृ मोक्ष अमावस्या के उपाय ♈ मेष राशि मेष राशि वालों के लिए 10 अक्टूबर का दिन आत्ममंथन और पुराने मामलों को सुलझाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण निर्णय को जल्दबाजी में लेने...
Kyu hanuman jayanti manaya jata hai diwali se pehle, kaise kare hanumanji ko prasann, free mai jaane hanumanji ke bare mai.
मान्यता के अनुसार आज भी हनुमानजी सशरीर मौजूद है और भक्तो के अनुभव भी है की हनुमानजी साक्षात् नजर आते है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते है.
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| Hanuman Jayanti In Hindi |
इस कलयुग में हनुमानजी को प्रसन्न करना बहुत आसान है. इनको राम भक्त हनुमान के नाम से भी जाना जाता है. भक्तो में हनुमानजी का नाम बड़े आदर से लिया जाता है क्यूंकि इन्होने राम जी की भक्ति में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया.
राम जी का स्मरण, ध्यान और सेवा करना ही इनका इक मात्र उद्देश्य है. इनकी कहानियां आज भी हमे हिम्मत देती है, निडर बनाती है, सेवा करने के लिए प्रेरित करती है.
इसमे कोई शक नहीं की जो हनुमानजी की साधना करते हैं उनको किसी भी बुरी शक्तियों से कोई भय नहीं है.
आइये जानते है अब की दिवाली से पहले हनुमान जयंती क्यों मनाते है.
हिन्दू धर्म के अनुसार कार्तिक मॉस के चतुर्दशी बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है क्यूंकि एक तो इस दिन को नरक चतुर्दशी के रूप में पूजा जाता है तो दूसरी तरफ इसी दिन इस धरती पर राम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था माता अंजना के गर्भ से.
इसी कारण हनुमान जयंती दिवाली से ठीक एक दिन पहले बहुत धूम धाम से मनाई जाती है.
इसी कारण हनुमान जयंती दिवाली से ठीक एक दिन पहले बहुत धूम धाम से मनाई जाती है.
हनुमान जयंती के बारे में एक ख़ास बात :
सही मायने में देखा जाए तो हनुमान जयंती साल में दो बार मनाई जाती है एक चैत्र महीने की पूर्णिमा को और दूसरी कार्तिक चतुर्दशी को जो की दिवाली के एक दिन पहले आती है. ऐसी मान्यता है की कार्तिक चतुर्दशी को आधीरात को श्री हनुमानजी ने जन्म लिया था.
अतः इस दिन हनुमान भक्त उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए उपवास रखते है, विशेष पूजाए करते हैं, उनका मंत्र जप करते हैं, उनको नाना प्रकार के भोग लगाते हैं.
अतः इस दिन हनुमान भक्त उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए उपवास रखते है, विशेष पूजाए करते हैं, उनका मंत्र जप करते हैं, उनको नाना प्रकार के भोग लगाते हैं.
ज्योतिष और हनुमानजी:
ज्योतिष में भी जब कई गंभीर रोगों का समाधान की बात आती है तब ज्योतिषगण हनुमानजी के पूजा और उपासना का परामर्श देते हैं क्यूंकि वो भय हरता है, पराक्रम दाता है, बुद्धि दाता हैं. हनुमानजी की साधना भय दूर करती है, इनकी पूजा से भूत प्रेत, नकारात्मक उर्जाओं से रक्षा होती है, हनुमान जी की साधना ताकत देती है, कर्ज मुक्त करती है, विभिन्न प्रकार की विद्याओं को सीखने में भी मदद करती है.
हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, हनुमान अष्टक आदि बहुत प्रचलित है और भक्त इनका चमत्कार साक्षात् अनुभव करते हैं.
हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, हनुमान अष्टक आदि बहुत प्रचलित है और भक्त इनका चमत्कार साक्षात् अनुभव करते हैं.
कैसे प्रसन्न करे हनुमान जी को ?
हनुमानजी सर्वव्यापी है , सर्वशक्तिमान है, राम भक्त है इनको भक्ति से बहुत आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है परन्तु मान्यता के अनुसार इनको कुछ ख़ास चीजो से लगाव है अतः पूजा में इनको शामिल करके हम हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं.
ऐसा माना जाता है की इनको चमेली का तेल, सिन्दूर, चूरमा, यज्ञो पवित्र, श्री राम का नाम, तुलसी दल आदि बहुत प्रिय है अतः पूजा में इनको शामिल करना चाहिए.
हनुमान जयंती पर सुबह प्रातःकाल नाहा धो कर हनुमान जी की पूजा करके उनको चमेली के तेल और सिन्दूर का चोला चढ़ाना शुभ होता है साथ ही भोग में चूरमा, लड्डू, तुलसी दल के साथ और पान भी अरित करना चाहिए, नारियल और दक्षिणा के साथ.
फिर हनुमान चालीसा या हनुमान अष्टक का पाठ किया जाए भक्ति से तो निश्चित ही उनकी कृपा जीवन को सुक्मय कर देती है.
सभी को हनुमान जयंती की शुभ कामनाये. हनुमान जी की कृपा सब को प्राप्त हो.
बनाइये अपने जीवन को सुखमय, करिए अपने जीवन को परेशानियों से मुक्त, पाइए हनुमान साधना से हनुमानजी की असीम कृपा.
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हनुमान जयंती पर सुबह प्रातःकाल नाहा धो कर हनुमान जी की पूजा करके उनको चमेली के तेल और सिन्दूर का चोला चढ़ाना शुभ होता है साथ ही भोग में चूरमा, लड्डू, तुलसी दल के साथ और पान भी अरित करना चाहिए, नारियल और दक्षिणा के साथ.
फिर हनुमान चालीसा या हनुमान अष्टक का पाठ किया जाए भक्ति से तो निश्चित ही उनकी कृपा जीवन को सुक्मय कर देती है.
सभी को हनुमान जयंती की शुभ कामनाये. हनुमान जी की कृपा सब को प्राप्त हो.
बनाइये अपने जीवन को सुखमय, करिए अपने जीवन को परेशानियों से मुक्त, पाइए हनुमान साधना से हनुमानजी की असीम कृपा.
हनुमान साधना सफलता लिए
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