Skip to main content

Latest Astrology Updates in Hindi

Mangal Ka Gochar Kumbh Rashi Mai Kaisa Rahega

Mangal Gochar in Kumbh Rashi 2026, मंगल का कुंभ राशि में गोचर कैसा रहेगा 12 राशियों के लिए, कब होगा मंगल का कुम्भ राशि में प्रवेश,  Mangal Ka Gochar Kumbh Rashi Mai Kaisa Rahega. Mangal Gochar 2026 :  वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों के सेनापति मंगल 23 February को शनि की राशि कुम्भ में प्रवेश करेंगे और सम के हो जायेंगे | मंगल ग्रह का सम्बन्ध ताकत, ऊर्जा, भूमि, भाई, साहस, पराक्रम, युद्ध आदि से होता है | मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी कहलाते हैं |  मंगल मकर राशि में उच्च के होते हैं और कर्क राशि में नीच के होते हैं | Mangal Ka Gochar Kumbh Rashi Mai Kaisa Rahega आइये जानते हैं मंगल के गोचर का समय क्या रहेगा ? ग्रहों के सेनापति मंगल 23 February को अपने सम राशि कुम्भ में प्रवेश करेंगे दिन में लगभग 11:32 बजे | यहाँ पहले से ही सूर्य, बुध, शुक्र और राहु मौजूद हैं जिससे कुम्भ राशि में 5 ग्रहों की युति होगी जिसके कारण कुछ लोगो के करियर, प्रेम जीवन, मौसम, स्वास्थ्य, सामाजिक जीवन आदि में बड़े परिवर्तन देखने को मिलेंगे | आइये जानते हैं 12 राशियों पर क्या असर होगा ?: Ma...

Hanuman Jayanti In Hindi

Kyu hanuman jayanti manaya jata hai diwali se pehle, kaise kare hanumanji ko prasann, free mai jaane hanumanji ke bare mai. 

मान्यता के अनुसार आज भी हनुमानजी सशरीर मौजूद है और भक्तो के अनुभव भी है की हनुमानजी साक्षात् नजर आते है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते है.
Hanuman Jayanti In Hindi jyotish
Hanuman Jayanti In Hindi

इस कलयुग में हनुमानजी को प्रसन्न करना बहुत आसान है. इनको राम भक्त हनुमान के नाम से भी जाना जाता है. भक्तो में हनुमानजी का नाम बड़े आदर से लिया जाता है क्यूंकि इन्होने राम जी की भक्ति में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया.

राम जी का स्मरण, ध्यान और सेवा करना ही इनका इक मात्र उद्देश्य है. इनकी कहानियां आज भी हमे हिम्मत देती है, निडर बनाती है, सेवा करने के लिए प्रेरित करती है.

इसमे कोई शक नहीं की जो हनुमानजी की साधना करते हैं उनको किसी भी बुरी शक्तियों से कोई भय नहीं है.

आइये जानते है अब की दिवाली से पहले हनुमान जयंती क्यों मनाते है. 
हिन्दू धर्म के अनुसार कार्तिक मॉस के चतुर्दशी बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है क्यूंकि एक तो इस दिन को नरक चतुर्दशी के रूप में पूजा जाता है तो दूसरी तरफ इसी दिन इस धरती पर राम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था माता अंजना के गर्भ से.

इसी कारण हनुमान जयंती दिवाली से ठीक एक दिन पहले बहुत धूम धाम से मनाई जाती है. 

हनुमान जयंती के बारे में एक ख़ास बात :

सही मायने में देखा जाए तो हनुमान जयंती साल में दो बार मनाई जाती है एक चैत्र महीने की पूर्णिमा को और दूसरी कार्तिक चतुर्दशी को जो की दिवाली के एक दिन पहले आती है. ऐसी मान्यता है की कार्तिक चतुर्दशी को आधीरात को श्री हनुमानजी ने जन्म लिया था.

अतः इस दिन हनुमान भक्त उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए उपवास रखते है, विशेष पूजाए करते हैं, उनका मंत्र जप करते हैं, उनको नाना प्रकार के भोग लगाते हैं. 

ज्योतिष और हनुमानजी:

ज्योतिष में भी जब कई गंभीर रोगों का समाधान की बात आती है तब ज्योतिषगण  हनुमानजी के पूजा और उपासना का परामर्श देते हैं क्यूंकि वो भय हरता है, पराक्रम दाता है, बुद्धि दाता हैं. हनुमानजी की साधना भय दूर करती है, इनकी पूजा से भूत प्रेत, नकारात्मक उर्जाओं से रक्षा होती है, हनुमान जी की साधना ताकत देती है, कर्ज मुक्त करती है, विभिन्न प्रकार की विद्याओं को सीखने में भी मदद करती है.

हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, हनुमान अष्टक आदि बहुत प्रचलित है और भक्त इनका चमत्कार साक्षात् अनुभव करते हैं. 

कैसे प्रसन्न करे हनुमान जी को ?

हनुमानजी सर्वव्यापी है , सर्वशक्तिमान है, राम भक्त है इनको भक्ति से बहुत आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है परन्तु मान्यता के अनुसार इनको कुछ ख़ास चीजो से लगाव है अतः पूजा में इनको शामिल करके हम हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं.

ऐसा माना जाता है की इनको चमेली का तेल, सिन्दूर, चूरमा, यज्ञो पवित्र, श्री राम का नाम, तुलसी दल आदि बहुत प्रिय है अतः पूजा में इनको शामिल करना चाहिए.

हनुमान जयंती पर सुबह प्रातःकाल नाहा धो कर हनुमान जी की पूजा करके उनको चमेली के तेल और सिन्दूर का चोला चढ़ाना शुभ होता है साथ ही भोग में चूरमा, लड्डू, तुलसी दल के साथ और पान भी अरित करना चाहिए, नारियल और दक्षिणा के साथ.

फिर हनुमान चालीसा या हनुमान अष्टक का पाठ किया जाए भक्ति से तो निश्चित ही उनकी कृपा जीवन को सुक्मय कर देती है.

सभी को हनुमान जयंती की शुभ कामनाये. हनुमान जी की कृपा सब को प्राप्त हो.

बनाइये अपने जीवन को सुखमय, करिए अपने जीवन को परेशानियों से मुक्त, पाइए हनुमान साधना से हनुमानजी की असीम कृपा.
और लेख पढ़े :
हनुमान साधना सफलता लिए 

Kyu hanuman jayanti manaya jata hai diwali se pehle, kaise kare hanumanji ko prasann, free mai jaane hanumanji ke bare mai. 

Comments

Popular posts from this blog

Kuldevi Strotram Lyrics

Kuldevi Strotram Lyrics, कुलदेवी स्त्रोत्रम पाठ के फायदे, कुलदेवी का आशीर्वाद कैसे प्राप्त करें, कुलदेवी को प्रसन्न करने का शक्तिशाली उपाय, Hindi Meanings of Lyrics | हिन्दुओं में कुलदेवी या कुलदेवता किसी भी परिवार के मुख्य देवी या देवता के रूप में पूजे जाते हैं और ये उस परिवार के मुख्य रक्षक भी होते हैं | किसी भी विशेष कार्य को करने से पहले कुलदेवी या कुलदेवता को पूजने की मान्यता है |  आज के समय में बहुत से परिवारों को उनके कुलदेवी या कुलदेवता का पता नहीं होता है अतः ऐसे में चिंता की बात नहीं है| कुलदेवी स्त्रोत्रम का पाठ करके और सुनके हम अपने कुलदेवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं |  Kuldevi Strotram Lyrics सुनिए YouTube में कुलदेवी स्त्रोत्रम  Lyrics of Kuldevi Strotram:  ॐ नमस्ते श्री  शिवाय  कुलाराध्या कुलेश्वरी।   कुलसंरक्षणी माता कौलिक ज्ञान प्रकाशीनी।।1   वन्दे श्री कुल पूज्या त्वाम् कुलाम्बा कुलरक्षिणी।   वेदमाता जगन्माता लोक माता हितैषिणी।।2   आदि शक्ति समुद्भूता त्वया ही कुल स्वामिनी।   विश्ववंद्यां महाघोरां त्राहिमाम्...

Mahakal Kawacham || महाकाल कवच

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच || इस लेख में अति गोपनीय, दुर्लभ, शक्तिशाली कवच के बारे में बता रहे हैं जिसे की विश्वमंगल कवच भी कहते हैं। कवच शब्द का शाब्दिक अर्थ है सुरक्षा करने वाला | जिस प्रकार एक योद्धा युद्ध में जाने से पहले ढाल या कवच धारण करता है, उसी प्रकार रोज हमारे जीवन में नकारात्मक्क शक्तियों से सुरक्षा के लिए महाकाल कवच ढाल बना देता है | जब भी कवच का पाठ किया जाता है तो देविक शक्ति दिन भर हमारी रक्षा करती है |  कवच के पाठ करने वाले को अनैतिक कार्यो से बचना चाहिए, मांसाहार नहीं करना चाहिए, किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करना चाहिए | Mahakal Kavach का विवरण रुद्रयामल तंत्र में दिया गया है और ये अमोघ रक्षा कवच है | Mahakal Kawacham || महाकाल कवच  किसी भी प्रकार के रोग, शोक, परेशानी आदि से छुटकारा दिला सकता है महाकाल कवच का पाठ | इस शक्तिशाली कवच के पाठ से हम बुरी शक्तीयो से बच सकते हैं, भूत बाधा, प्रेत बाधा आदि से बच सकते हैं | बच्चे, बूढ़े, जवान सभी के लिए ये एक बहुत ही फायदेमंद है | बाबा महाकाल ...

Bank Account kab khole jyotish anusar

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बैंक खाता कब खोलें, बैंक खाता खोलने के लिए सबसे अच्छा दिन चुनकर सौभाग्य कैसे बढ़ाएं,  when to open bank account as per astrology ,  ज्योतिष के अनुसार बैंक खाता खोलने का शुभ दिन, नक्षत्र और समय, ज्योतिष के अनुसार बचत कैसे बढ़ाएं? बैंक खाता खोलने का निर्णय एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय है और इसलिए इसे खोलने के लिए सबसे अच्छा दिन, सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र, सर्वश्रेष्ठ महुरत चुनना अच्छा होता है । शुभ समय पर खोला गया बैंक खाता व्यक्ति को आसानी से संपन्न बना देता है |  बिना प्रयास के सफलता नहीं मिलती है अतः अगर हमे सफल होना है ,धनाढ्य बनना है, अमीर बनना है तो हमे सभी तरफ से प्रयास करना होगा, हमे स्मार्ट तरीके से काम करना होगा |  प्रत्येक व्यवसाय या कार्य में बैंक खाता आवश्यक है। चाहे आप एक कर्मचारी या उद्यमी हों चाहे आप एक व्यवसायी हों या एक गैर-कामकाजी व्यक्ति, बैंक खाता आमतौर पर हर एक के पास होता है। बैंक खाता हर एक के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि हम इस पर अपनी बचत रखते हैं, यह इसीलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रत्येक लेनदेन बैंक खाते के माध्यम...