February Grah Gochar 2026, february planetary transit 2026, कौन से ग्रह बदलेंगे राशि फ़रवरी 2026 में, Masik Rashifal 12 राशियों का, February horoscope 2026. February 2026 Grah Gochar : फरवरी 2026 में गोचर कुंडली में बहुत महत्त्वपूर्ण बदलाव होने वाले हैं जिसका असर हमे सभी तरफ देखने को मिलेगा | देश और दुनिया में राजनिति में, मौसम में, प्रेम जीवन में, कारोबार में बहुत बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे | February 2026 mai kaun se grah badlenge rashi आइये जानते हैं की फ़रवरी 2026 में गोचर कुंडली में क्या बदलाव होंगे ?: 1 February ko Shukra Uday Honge . 3 फरवरी 2026 को बुध ग्रह का गोचर कुम्भ राशि में होगा. 6 फ़रवरी को शुक्र कुम्भ राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य 13 फरवरी को कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं. मंगल 23 फ़रवरी को कुम्भ राशि में प्रवेश करेंगे. 26 फरवरी 2026 को बुध वक्री होंगे और 21 मार्च 2026 तक वक्री रहेंगे इस माह 23 फ़रवरी से कुम्भ राशि में 5 ग्रहों की युति हो जायेगी. आइये जानते हैं फ़रवरी...
Kyu hanuman jayanti manaya jata hai diwali se pehle, kaise kare hanumanji ko prasann, free mai jaane hanumanji ke bare mai.
मान्यता के अनुसार आज भी हनुमानजी सशरीर मौजूद है और भक्तो के अनुभव भी है की हनुमानजी साक्षात् नजर आते है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते है.
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| Hanuman Jayanti In Hindi |
इस कलयुग में हनुमानजी को प्रसन्न करना बहुत आसान है. इनको राम भक्त हनुमान के नाम से भी जाना जाता है. भक्तो में हनुमानजी का नाम बड़े आदर से लिया जाता है क्यूंकि इन्होने राम जी की भक्ति में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया.
राम जी का स्मरण, ध्यान और सेवा करना ही इनका इक मात्र उद्देश्य है. इनकी कहानियां आज भी हमे हिम्मत देती है, निडर बनाती है, सेवा करने के लिए प्रेरित करती है.
इसमे कोई शक नहीं की जो हनुमानजी की साधना करते हैं उनको किसी भी बुरी शक्तियों से कोई भय नहीं है.
आइये जानते है अब की दिवाली से पहले हनुमान जयंती क्यों मनाते है.
हिन्दू धर्म के अनुसार कार्तिक मॉस के चतुर्दशी बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है क्यूंकि एक तो इस दिन को नरक चतुर्दशी के रूप में पूजा जाता है तो दूसरी तरफ इसी दिन इस धरती पर राम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था माता अंजना के गर्भ से.
इसी कारण हनुमान जयंती दिवाली से ठीक एक दिन पहले बहुत धूम धाम से मनाई जाती है.
इसी कारण हनुमान जयंती दिवाली से ठीक एक दिन पहले बहुत धूम धाम से मनाई जाती है.
हनुमान जयंती के बारे में एक ख़ास बात :
सही मायने में देखा जाए तो हनुमान जयंती साल में दो बार मनाई जाती है एक चैत्र महीने की पूर्णिमा को और दूसरी कार्तिक चतुर्दशी को जो की दिवाली के एक दिन पहले आती है. ऐसी मान्यता है की कार्तिक चतुर्दशी को आधीरात को श्री हनुमानजी ने जन्म लिया था.
अतः इस दिन हनुमान भक्त उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए उपवास रखते है, विशेष पूजाए करते हैं, उनका मंत्र जप करते हैं, उनको नाना प्रकार के भोग लगाते हैं.
अतः इस दिन हनुमान भक्त उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए उपवास रखते है, विशेष पूजाए करते हैं, उनका मंत्र जप करते हैं, उनको नाना प्रकार के भोग लगाते हैं.
ज्योतिष और हनुमानजी:
ज्योतिष में भी जब कई गंभीर रोगों का समाधान की बात आती है तब ज्योतिषगण हनुमानजी के पूजा और उपासना का परामर्श देते हैं क्यूंकि वो भय हरता है, पराक्रम दाता है, बुद्धि दाता हैं. हनुमानजी की साधना भय दूर करती है, इनकी पूजा से भूत प्रेत, नकारात्मक उर्जाओं से रक्षा होती है, हनुमान जी की साधना ताकत देती है, कर्ज मुक्त करती है, विभिन्न प्रकार की विद्याओं को सीखने में भी मदद करती है.
हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, हनुमान अष्टक आदि बहुत प्रचलित है और भक्त इनका चमत्कार साक्षात् अनुभव करते हैं.
हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, हनुमान अष्टक आदि बहुत प्रचलित है और भक्त इनका चमत्कार साक्षात् अनुभव करते हैं.
कैसे प्रसन्न करे हनुमान जी को ?
हनुमानजी सर्वव्यापी है , सर्वशक्तिमान है, राम भक्त है इनको भक्ति से बहुत आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है परन्तु मान्यता के अनुसार इनको कुछ ख़ास चीजो से लगाव है अतः पूजा में इनको शामिल करके हम हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं.
ऐसा माना जाता है की इनको चमेली का तेल, सिन्दूर, चूरमा, यज्ञो पवित्र, श्री राम का नाम, तुलसी दल आदि बहुत प्रिय है अतः पूजा में इनको शामिल करना चाहिए.
हनुमान जयंती पर सुबह प्रातःकाल नाहा धो कर हनुमान जी की पूजा करके उनको चमेली के तेल और सिन्दूर का चोला चढ़ाना शुभ होता है साथ ही भोग में चूरमा, लड्डू, तुलसी दल के साथ और पान भी अरित करना चाहिए, नारियल और दक्षिणा के साथ.
फिर हनुमान चालीसा या हनुमान अष्टक का पाठ किया जाए भक्ति से तो निश्चित ही उनकी कृपा जीवन को सुक्मय कर देती है.
सभी को हनुमान जयंती की शुभ कामनाये. हनुमान जी की कृपा सब को प्राप्त हो.
बनाइये अपने जीवन को सुखमय, करिए अपने जीवन को परेशानियों से मुक्त, पाइए हनुमान साधना से हनुमानजी की असीम कृपा.
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हनुमान जयंती पर सुबह प्रातःकाल नाहा धो कर हनुमान जी की पूजा करके उनको चमेली के तेल और सिन्दूर का चोला चढ़ाना शुभ होता है साथ ही भोग में चूरमा, लड्डू, तुलसी दल के साथ और पान भी अरित करना चाहिए, नारियल और दक्षिणा के साथ.
फिर हनुमान चालीसा या हनुमान अष्टक का पाठ किया जाए भक्ति से तो निश्चित ही उनकी कृपा जीवन को सुक्मय कर देती है.
सभी को हनुमान जयंती की शुभ कामनाये. हनुमान जी की कृपा सब को प्राप्त हो.
बनाइये अपने जीवन को सुखमय, करिए अपने जीवन को परेशानियों से मुक्त, पाइए हनुमान साधना से हनुमानजी की असीम कृपा.
हनुमान साधना सफलता लिए
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