Skip to main content

Posts

Showing posts from October, 2014

Latest Astrology Updates in Hindi

Shivratri Ko Kya Kare Jyotish Ke Hisab Se

Mahashivratri kab hai 2026 mai, क्या करे शिवरात्रि को, कैसे कर सकते है शिव पूजा, किस प्रकार की पूजाए संभव है शिवरात्रि मे, समस्याओं का समाधान महाशिवरात्रि मे. Mahashivratri 2026: हिन्दू धर्म ग्रंथो के अनुसार शिवरात्रि एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण रात्रि होती है, साधनाओ को करने हेतु महाशिवरात्रि एक शक्तिशाली रात्रि मानी गई है. भौतिक इच्छाओं को पूरी करना हो या फिर अध्यात्मिक, शिवरात्रि बहुत महत्तवपूर्ण समय होता है अनुष्ठानो को करने के लिए | ऐसा माना जाता है कि महाशिवरात्रि की दिव्य रात्रि में की गई पूजा से  हजारो वर्षों की पूजा का फल मिलता है | सन 2026 में महाशिवरात्रि 15 फ़रवरी रविवार को है, चतुर्दशी तिथि 15 तारीख को शाम में लगभग 05:07 बजे से शुरू हो जायेगी और 16 तारीख को शाम में लगभग 5:35 बजे तक रहेगी | Shivratri Ko Kya Kare Jyotish Ke Hisab Se यह दिव्य रात्रि पुरुष, स्त्री, प्रेमी, रोगी सभी के लिए उपयोगी है क्योंकि शिवरात्रि को हम अपनी किसी भी मनोकामना के लिए अनुष्ठान कर सकते हैं। शिवरात्रि की रात पूजा और ध्यान करने से पापों का नाश संभव है। इस रात को भगवान शिव और देवी पार्वती...

Hanuman Jayanti In Hindi

Kyu hanuman jayanti manaya jata hai diwali se pehle, kaise kare hanumanji ko prasann, free mai jaane hanumanji ke bare mai.  मान्यता के अनुसार आज भी हनुमानजी सशरीर मौजूद है और भक्तो के अनुभव भी है की हनुमानजी साक्षात् नजर आते है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते है. Hanuman Jayanti In Hindi इस कलयुग में हनुमानजी को प्रसन्न करना बहुत आसान है. इनको राम भक्त हनुमान के नाम से भी जाना जाता है. भक्तो में हनुमानजी का नाम बड़े आदर से लिया जाता है क्यूंकि इन्होने राम जी की भक्ति में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. राम जी का स्मरण, ध्यान और सेवा करना ही इनका इक मात्र उद्देश्य है. इनकी कहानियां आज भी हमे हिम्मत देती है, निडर बनाती है, सेवा करने के लिए प्रेरित करती है. इसमे कोई शक नहीं की जो हनुमानजी की साधना करते हैं उनको किसी भी बुरी शक्तियों से कोई भय नहीं है. आइये जानते है अब की दिवाली से पहले हनुमान जयंती क्यों मनाते है.  हिन्दू धर्म के अनुसार कार्तिक मॉस के चतुर्दशी बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है क्यूंकि एक तो इस दिन को नरक चतुर्दशी के रूप में पूजा जाता है तो दूसर...