Radha Ashtmi kab Hai 2026, राधा अष्टमी का महत्त्व, राधा अष्टमी की कथा, किस मंत्र का जप करें, गोचर कुंडली में ग्रहों की स्थिति | 2026 Radha Ashtmi: राधा और कृष्णा जी की प्रेम कहानियां विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, आज के इस आधुनिक युग में भी लोग राधा और कृष्णजी की कथाओं का श्रवण करते हैं और अपने आपको धन्य समझते हैं. इनकी कथाये शांति देती हैं, प्रेम की भावनाओं को बल देती है, वास्तविक प्रेम का अर्थ समझाती हैं. radha ashtmi कब है 2026 में राधा अष्टमी ? हिन्दू पंचाग के अनुसार राधा अष्टमी का उत्सव हर वर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष के आठवे दिन बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है. इस साल ये पवित्र दिन 19 सितम्बर, Shaniwar को आ रहा है. अष्टमी तिथि 18 सितम्बर को दोपहर में लगभग 1:02 PM से शुरू होगी और 19 सितम्बर को दोपहर में लगभग 3:26 बजे तक रहेगी | मध्याह्न पूजा मुहूर्त: दिन में 11:01 बजे से दोपहर 1:28 बजे तक (अवधि: 2 घंटे 27 मिनट) आइये जानते हैं कौन है राधाजी? राधाजी वृषभानु और किर्तिकुमारी जी की पुत्री के रूप में जानी जाती हैं , इन्हें लोग प्रेम से राधा रानी भ...
हॉस्पिटल्स, क्लिनिक, नर्सिंगहोम्स के लिए वास्तु टिप्स, फ्री में जानिए कैसे करे वास्तु दोषों को दूर हॉस्पिटल्स से ज्योतिष द्वारा.
हॉस्पिटल्स ऐसी जगह है जहाँ लोग उपचार के लिए आते हैं, बीमारी से छुटकारे के लिए आते हैं, इसका अर्थ ये भी है की हॉस्पिटल्स, क्लीनिक आदि उपचार की जगहों को बहुत ज्यादा सकारात्मक उर्जा की जरुरत होती है. इसी कारण इन जगहों में साधारण से हटके कुछ ज्यादा इन्तेजाम किये जाते हैं जिससे हॉस्पिटल के मालिक, वहां काम करने वाले कर्मचारियों को और साथ ही मरीजो को भी ज्यादा से ज्यादा फायदा हो.
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| Hospitals Ke Liye Vastu Tips |
वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतो का स्तेमाल करके हॉस्पिटल, क्लिनिक, नर्सिंग होम्स आदि में सकारात्मक ऊर्जा के स्तर को बढ़ाया जा सकता है.
हॉस्पिटल्स में कई मुख्य जगह होती हैं जैसे रिसेप्शन , जनरल वार्ड, इमरजेंसी वार्ड, आई.सी.यू., ऑपरेशन थिएटर, वेटिंग रूम, ड्रेसिंग रूम आदि. अगर वास्तु और ज्योतिष का सहारा लिया जाए तो बिना परेशानी के हॉस्पिटल को चलाने में मदद मिलती है , इसमें कोई शक नहीं है.
आईये जानते हैं की वास्तु और ज्योतिष से आप क्या फायदा उठा पायेंगे :
- वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतो का प्रयोग करके आप अपने हॉस्पिटल, क्लिनिक आदि में अच्छा वातावरण का निर्माण कर सकते हैं.
- वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतो का प्रयोग करके सकारात्मक ऊर्जा को बढाया जा सकता है.
- वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतो का प्रयोग करने से मरीजो को भी जल्दी ठीक होने में मदद मिलेगी.
- वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतो का प्रयोग करने से लोगो के अन्दर भी आपके हॉस्पिटल, क्लिनिक आदि के बारे में अच्छे विचार बनना शुरू होगा जिससे नाम, ख्याति, धन सब की प्राप्ति होगी.
- कर्मचारियों में , मरीजो में संतुष्टि का भाव बढेगा जिससे नाम होगा और अनेक फायदे होंगे.
आइये जानते हैं कुछ जनरल वास्तु के सिद्धांत हॉस्पिटल बनाने के लिए :
- उत्तर या पूर्व दिशा की और जिस प्लाट का रास्ता खुले ऐसा प्लाट लेने की कोशिश करनी चाहिए.
- रिसेप्शन को इस तरह से बनाए की रिसेप्शनिस्ट का मूंह उत्तर या पूर्व की तरफ रहे.
- डॉक्टर का चैम्बर उत्तर-पूर्व की और शुभ रहता है.
- आई.सी.यू. को दक्षिण-पश्चिम दिशा में बनाया जाए तो अच्छा होता है.
- एक्स-रे , सोनोग्राफी का कमरा अगर बनाना हो तो उसे दक्षिण-पूर्व की तरफ रखे.
- उत्तर-पश्चिम की तरफ स्टाफ रूम या स्टाफ क्वार्टर्स बनाना शुभ रहता है.
- ऑपरेशन थिएटर को पश्चिम दिशा की और बनाए या फिर दक्षिण की ओर.
- हवा के आने जाने का इन्तेजाम सही तरीके से करे, अर्थात वेंटिलेशन पूरा करे.
- मेडिकल से सम्बंधित औजारों को दक्षिण – पश्चिम की तरफ रखना सही होता है.
- जल का इन्तेजाम उत्तर-पूर्व की ओर करें.
- टॉयलेट्स का इन्तेजाम उत्तर –पश्चिम की तरफ कर सकते हैं.
- हॉस्पिटल, क्लिनिक, आदि के लिए रंगों के अंतर्गत सफ़ेद, हरा, नारंगी रंगों को चुने.
- दवाई की दूकान के लिए उत्तर-पश्चीम की दिशा चुने, इससे बिक्री बढ़ेगी.
यहाँ ज्योतिष द्वारा कुछ फ्री टिप्स दिए गए हैं जिसके द्वारा वास्तु दोषों से बचा जा सकता है परन्तु अगर वास्तु दोष हो तो उसे दूर करना जरुरी है जल्द से जल्द. वास्तु दोषों को दूर करने के लिए क्या करे , ये जानने के लिए आप अगला लेख पढ़े- “कैसे दूर करे हॉस्पिटल के वास्तु दोषों को दूर? ”.
Vastu Tips For Hospitals In English
हॉस्पिटल्स, क्लिनिक, नर्सिंगहोम्स के लिए वास्तु टिप्स, फ्री में जानिए कैसे करे वास्तु दोषों को दूर हॉस्पिटल्स से ज्योतिष द्वारा.
हॉस्पिटल्स, क्लिनिक, नर्सिंगहोम्स के लिए वास्तु टिप्स, फ्री में जानिए कैसे करे वास्तु दोषों को दूर हॉस्पिटल्स से ज्योतिष द्वारा.

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