Dev guru brihaspati kab margi honge 2026, गुरु ग्रह कब मार्गी होंगे 2026 में, किन राशि वालो को मिलेगी खुशखबरी, कैसे करें गुरु को मजबूत ?. Guru Margi 2026: एक अत्यंत ही शक्तिशाली ग्रह जब अपनी स्थिति बदलते हैं गोचर में तो उसके असर आसानी से सब तरफ देखने को मिलते हैं | ज्योतिष शाश्त्र के हिसाब से गुरु ग्रह 11 March को मार्गी होंगे मिथुन राशि में | ये अत्यंत ही कल्याणकारी होगा और इसका शुभ फल हमे लोगो के जीवन में देखने को मिलेगा | ज्योतिष के अनुसार गुरु ग्रह का सम्बन्ध धन, भूमि, वैभव, ऐश्वर्य, ज्ञान, अहंकार, सुख-संपदा आदि से होता है इसीलिए गोचर में इसकी स्थिति काफी महत्त्व रखती है | जिन लोगो को वक्री बृहस्पति के कारण अभी तक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था उन्हें मिलेगी राहत, बेरोजगारों को मिलेगी नौकरी, रुके काम पुरे होंगे, धन लाभ और भूमि लाभ के योग बनेंगे | Guru Kab Margi Honge 2025 jyotish prediction आइये जानते हैं 12 राशियों पर गुरु के मार्गी होने का क्या असर होगा : मेष राशिफल : Mesh राशि के जातकों के लिए गुरु का मार्गी होना संचार, नेटवर्क और छोटे यात्राओं के...
गोवर्धन पूजा का महत्त्व, जानिए क्या कहानी है गोवर्धन पूजा से सम्बंधित, कैसे गांवो में गोवर्धन पूजा मनाया जाता है.
दिवाली का दूसरा दिन बहुत ही महत्त्वपूर्ण है क्यूंकि इस दिन गोवर्धन पूजा होती है विशेषकर गांवो में तो बहुत ही उत्साह का वातावरण रहता है. इस पूजा को अन्नकूट पूजा के नाम से भी जाना जाता है.
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| Govardhan Pooja Ka Mahattw In Hindi |
आइये जानते है कौन सी कहानी छुपी है गोवर्धन पूजा के पीछे:
वास्तव में गोवर्धन पूजा भगवान् कृष्ण की प्रकृति की देखभाल करने को लेकर शिक्षा के याद में मनाया जाता है. एक बार की बात है स्वर्ग के राजा इंद्रा को घमंड हो गया था तो भगवान् कृष्ण ने उनके घमंड को तोड़ने का सोचा. उन्होने लोगो से कहा की हमे गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए क्यूंकि यही हमे प्राकृतिक आपदा के समय बचाता है. लोगो ने ऐसा ही करना शुरू कर दिया.इसे देखकर इंद्रा को गुस्सा आ गया और उन्होंने भरी तूफ़ान और बारिश शुरू करवा दी लोगो को सजा देने के लिए. लोगो को और पशुओ को बचाने के लिए भगवान् कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठिका ऊँगली में उठा लिया. इंद्र के सारे प्रयास विफल हो गए और उनका घमंड भी टूट गया. उस दिन से लोग इस दिन को बड़े उत्साह से मनाते आ रहे है.
जानते है गोवर्धन पर्वत की वास्तविकता :
भारत में मथुरा और वृन्दावन के पास एक गाँव है आज भी जहाँ पर गोवर्धन पर्वत है. भक्त इस पर्वत की परिक्रमा करते हैं और पूजा भी करते हैं. परिक्रमा करते हुए लोग राधा और कृष्णा का मंत्र जपते रहते हैं. लोगो का विश्वास है की आज भी भगवान् यहाँ पर मौजूद है और लोगो की मनोकामना पूरी करते हैं.आइये जानते हैं की गांवो में गोवर्धन पूजा कैसे मनाते हैं :
गांवो में लोग अपने पशुओ को खूब सजाते हैं और उनकी पूजा करते हैं. बहुत से खेल भी खेले जाते हैं उनके मनोरंजन के लिए. लोग घास के अलावा बहुत से अन्य पकवान भी पशुओ को खिलाते हैं सामान और प्रेम से. पशु ही उनके वास्तविक धन है अतः इस महत्त्वपूर्ण दिन वे अपने पशुधन की विशेष देखभाल करते हैं.भारत परम्पराओं का देश है और गोवर्धन पूजा एक महत्त्वपूर्ण परंपरा है भारत का. आइये हर्ष और उल्लास के साथ मनाये गोवर्धन पूजा को.
हो सके तो एक बार गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा भी जरुर करे और महसूस करे उस जगह भगवान् कृष्ण की कृपा को.
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गोवर्धन पूजा का महत्त्व, जानिए क्या कहानी है गोवर्धन पूजा से सम्बंधित, कैसे गांवो में गोवर्धन पूजा मनाया जाता है.

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