Mangal Gochar in Kumbh Rashi 2026, मंगल का कुंभ राशि में गोचर कैसा रहेगा 12 राशियों के लिए, कब होगा मंगल का कुम्भ राशि में प्रवेश, Mangal Ka Gochar Kumbh Rashi Mai Kaisa Rahega. Mangal Gochar 2026 : वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों के सेनापति मंगल 23 February को शनि की राशि कुम्भ में प्रवेश करेंगे और सम के हो जायेंगे | मंगल ग्रह का सम्बन्ध ताकत, ऊर्जा, भूमि, भाई, साहस, पराक्रम, युद्ध आदि से होता है | मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी कहलाते हैं | मंगल मकर राशि में उच्च के होते हैं और कर्क राशि में नीच के होते हैं | Mangal Ka Gochar Kumbh Rashi Mai Kaisa Rahega आइये जानते हैं मंगल के गोचर का समय क्या रहेगा ? ग्रहों के सेनापति मंगल 23 February को अपने सम राशि कुम्भ में प्रवेश करेंगे दिन में लगभग 11:32 बजे | यहाँ पहले से ही सूर्य, बुध, शुक्र और राहु मौजूद हैं जिससे कुम्भ राशि में 5 ग्रहों की युति होगी जिसके कारण कुछ लोगो के करियर, प्रेम जीवन, मौसम, स्वास्थ्य, सामाजिक जीवन आदि में बड़े परिवर्तन देखने को मिलेंगे | आइये जानते हैं 12 राशियों पर क्या असर होगा ?: Ma...
गोवर्धन पूजा का महत्त्व, जानिए क्या कहानी है गोवर्धन पूजा से सम्बंधित, कैसे गांवो में गोवर्धन पूजा मनाया जाता है.
दिवाली का दूसरा दिन बहुत ही महत्त्वपूर्ण है क्यूंकि इस दिन गोवर्धन पूजा होती है विशेषकर गांवो में तो बहुत ही उत्साह का वातावरण रहता है. इस पूजा को अन्नकूट पूजा के नाम से भी जाना जाता है.
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| Govardhan Pooja Ka Mahattw In Hindi |
आइये जानते है कौन सी कहानी छुपी है गोवर्धन पूजा के पीछे:
वास्तव में गोवर्धन पूजा भगवान् कृष्ण की प्रकृति की देखभाल करने को लेकर शिक्षा के याद में मनाया जाता है. एक बार की बात है स्वर्ग के राजा इंद्रा को घमंड हो गया था तो भगवान् कृष्ण ने उनके घमंड को तोड़ने का सोचा. उन्होने लोगो से कहा की हमे गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए क्यूंकि यही हमे प्राकृतिक आपदा के समय बचाता है. लोगो ने ऐसा ही करना शुरू कर दिया.इसे देखकर इंद्रा को गुस्सा आ गया और उन्होंने भरी तूफ़ान और बारिश शुरू करवा दी लोगो को सजा देने के लिए. लोगो को और पशुओ को बचाने के लिए भगवान् कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठिका ऊँगली में उठा लिया. इंद्र के सारे प्रयास विफल हो गए और उनका घमंड भी टूट गया. उस दिन से लोग इस दिन को बड़े उत्साह से मनाते आ रहे है.
जानते है गोवर्धन पर्वत की वास्तविकता :
भारत में मथुरा और वृन्दावन के पास एक गाँव है आज भी जहाँ पर गोवर्धन पर्वत है. भक्त इस पर्वत की परिक्रमा करते हैं और पूजा भी करते हैं. परिक्रमा करते हुए लोग राधा और कृष्णा का मंत्र जपते रहते हैं. लोगो का विश्वास है की आज भी भगवान् यहाँ पर मौजूद है और लोगो की मनोकामना पूरी करते हैं.आइये जानते हैं की गांवो में गोवर्धन पूजा कैसे मनाते हैं :
गांवो में लोग अपने पशुओ को खूब सजाते हैं और उनकी पूजा करते हैं. बहुत से खेल भी खेले जाते हैं उनके मनोरंजन के लिए. लोग घास के अलावा बहुत से अन्य पकवान भी पशुओ को खिलाते हैं सामान और प्रेम से. पशु ही उनके वास्तविक धन है अतः इस महत्त्वपूर्ण दिन वे अपने पशुधन की विशेष देखभाल करते हैं.भारत परम्पराओं का देश है और गोवर्धन पूजा एक महत्त्वपूर्ण परंपरा है भारत का. आइये हर्ष और उल्लास के साथ मनाये गोवर्धन पूजा को.
हो सके तो एक बार गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा भी जरुर करे और महसूस करे उस जगह भगवान् कृष्ण की कृपा को.
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गोवर्धन पूजा का महत्त्व, जानिए क्या कहानी है गोवर्धन पूजा से सम्बंधित, कैसे गांवो में गोवर्धन पूजा मनाया जाता है.

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