vedic jyotish from India

हिंदी ज्योतिष ब्लॉग ज्योतिष संसार में आपका स्वागत है

पढ़िए ज्योतिष और सम्बंधित विषयों पर लेख और लीजिये परामर्श ऑनलाइन

Yoga Jivan Ke Laabh, योग के सिद्धांतो का लाभ

Yoga Jivan Ke Laabh, योग के सिद्धांतो का लाभ, कैसा रहना चाहिए खान पान, कैसे रखे स्वास्थ्य का ख्याल योग के नियमो के अनुसार.
yoga ka jivan par prabhaav
jivan par yog ka prabhaav

परेशानिया तो जीवन का अंग है इसमे कोई शक नहीं परन्तु ये भी सच है की विभिन्न प्रकार की परेशानियों से छुटकारे के लिए भिन्न भिन्न प्रकार के उपाय मौजूद है, इनमे से एक उपाय है जीवन में योग को सम्मिलित करना. प्राचीन काल में लोग कुछ ऐसे असनो का प्रयोग करते थे जिससे की शारीर में लचीलापन बना रहता था और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता था. 

अगर कोई भी अपने स्वास्थ्य को लेके बहुत सजग है और वाकई में स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो ये लेख बहुत सहायक होगा. यहाँ पर योगासन और योग जीवन के ऊपर प्रकाश डाला जा रहा है जिनके प्रयोग से हम शारीर के अन्दर से जहरीले तत्त्वों को बहार कर सकते हैं और शारीर को स्वस्थ और शक्तिवान बनाये रख सकते हैं. 

चिरस्थाई ख़ुशी, प्रशांति और दीर्घायु के लिए ये जरुरी है की हम रोज व्यायाम और योगासन करे, अच्छा खाए, ताजा खाएं. योग को जीवन में शामिल करना एक सबसे अच्छा प्राकृतिक तरीका है अपने आपको स्वस्थ और शक्तिवान बनाए रखने का.

ये भी जानना आवश्यक है की रोज –रोज एक जैसे जीवन यापन करने से हमारे शारीर के अंग , नाडी तंत्र आदि सिकुड़ जाते हैं या फिर ये कहे की अस्वस्थ हो अतः हमे योग और व्यायाम करके उन्हें स्वस्थ रख सकते हैं. 

आइये जानते हैं की आसन क्या होते हैं ?
आसन का सबसे सरल मतलब है विशेष प्रकार की मुद्रा. जब कोई व्यक्ति आसन करता है तो उसके साथ साँसों को भी नियंत्रित करता है अतः मुद्रा के साथ साथ साँसों का नियंत्रित प्रयोग शारीर को अच्छा और बेहतर बनाता है. आसनों के नियमित प्रयोग से पाचन सम्बन्धी रोगों को दूर किया जा सकता है, श्वसन अंगो से सम्बंधित समस्याओं को दूर किया जा सकता है, दर्द से छुट कार पाया जा सकता है, अनेक स्वस्थ्य समस्याओं से निजात पाया जा सकता है. 

आज के युग में पाचन समस्या, मोटापा , मन की अस्थिरता, आलस्य आदि बहुत तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं और लोग इनसे बहार आने के लिए खूब पैसा खर्च करते हैं. यहाँ ये कहना चाहेंगे की अगर लोग असनो का प्रयोग नियमित करे और साथ ही औषधि प्रयोग करे तो बहुत जल्दी रोग से मुक्ति पा सकते हैं. अगर एक स्वस्थ व्यक्ति आसन करता है नियमित तो वो पुरे जीवन भर एक अच्छा जीवन जी सकता है. 

आइये अब जानते है कुछ योग के अनुसार आहार के तरीके को:
योगिक आहार कोई विशेष आहार नहीं है , बस इसका मतलब ये है की अपने आहार को समय और परिस्थिति के अनुसार लेना. शारीर और मन की जैसी स्थिति होती है वैसा अहार लेना चाहिए, परन्तु साधारणतः कुछ नियमो का ध्यान रखा जा सकता है जो की निचे दिए जा रहे हैं.

सुबह उठते ही क्या लेना चाहिए ?
सुबह उठकर सबसे पहले गर्म पानी पीना चाहिए 1 चम्मच तजा निम्बू के रस डाल के या फिर शहद डाल के. 
आप सिर्फ गर्म पानी भी पी सकते हैं.

नाश्ते में क्या लेना चाहिए ?
नाश्ते में आप दलिया, पराठा घी या मक्खन के साथ, फलो का रस, मुरब्बा, ताजे फल, सीजे हुए सब्जियां, दूध, उबले अंडे  आदि लिया जा सकता है जरुरत के हिसाब से.

दोपहर के खाने में क्या ले सकते हैं ?
ये अच्छा होगा की खाने में रोटी, चावल, दही, दाल, मौसमी सब्जी, सलाद, अदि लिया जाए, खाने के बाद केला, सेब, संतरे आदि लिए जा सकते हैं. 

रात के खाने में क्या ले सकते हैं?
Yoga Jivan Ke Laabh, योग के सिद्धांतो का लाभ, कैसा रहना चाहिए खान पान, कैसे रखे स्वास्थ्य का ख्याल योग के नियमो के अनुसार.

रात का खाना वास्तव में सूर्यास्त से पहले कर लेना चाहिए और हल्का फुल्का ही खाना चाहिए. भारी खाना, तैलीय खाना और फ़ास्ट फ़ूड को टालना चाहिए रात को खाने में अन्यथा पाचन सम्बंधित समस्याए उत्पन्न हो सकती है. 

नोट: खाने के बाद कभी भी चाय या काफी नहीं पीना चाहिए. और अगर आपको पाचन सम्बंधित तकलीफ बहुत है तो आपको खाने के बाद गर्म पानी 1 कप पीना चाहिए.

सोने से पूर्व क्या करना चाहिए?
सोने से पहले 1 कप गर्म पानी पीना चाहिए.

बासी खाना नहीं खाना चाहिए जो की स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है, भोजन का हमारे शारीर और मन पर बहुत असर होता है, हमारा मूड, हमारे विचार, क्रोध, डर आदि पर भोजन का असर होता है अतः अच्छा जीवन जीने के लिए अच्छा खाना खाना चाहिए. 

आईये अब जानते हैं कुछ तरीको को जिससे की रोज का दिन उर्जावान और शक्तिवान बना सकते हैं :
1. प्रातः काल सूर्योदय से पहले उठना चाहिए.
2. फिर गर्म पानी पीना चाहिए और आंतो को घुमाना चाहिए, इससे पेट अच्छा साफ़ होगा और कब्ज से राहत मिलती है.
3. व्यायाम के 15 से 20 मिनट के बाद नहाना चाहिए. 
4. हमेशा अपने ऊपर ध्यान बनाए रखे की आप कैसे खड़े है या बैठे है. हमेशा सीधे ही खड़े या बैठना चाहिए. एक गलत मुद्रा हमे नुक्सान दे सकता है. 
योग के अनुसार जीवन जीने से हम अपने बहुत से समस्याओं से निजात पा सकते हैं वो भी बिना किसी खर्चे के. 

और सम्बंधित लेख पढ़े:

Yoga Jivan Ke Laabh, योग के सिद्धांतो का लाभ, कैसा रहना चाहिए खान पान, कैसे रखे स्वास्थ्य का ख्याल योग के नियमो के अनुसार.

No comments:

Post a Comment

Indian Jyotish In Hindi