Skip to main content

Posts

Showing posts from November, 2017

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Rukmani Ashtmi Ka Mahattw In Hindi

रुक्मणी अष्टमी का महत्त्व , कौन है रुक्मणी हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार, क्या करे इस दिन सफलता के लिए, कब मनाया जाता है रुक्मणी अष्टमी?
हिन्दू पंचांग के अनुसार पौष महीने में कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि को बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ रुक्मणी अष्टमी मनाई जाती है. भक्तगण इस कृष्ण और रुक्मणी जी की विशेष पूजा अर्चना करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. 
मान्यता के अनुसार रुक्मणी जी माता लक्ष्मी का अवतार थी और भगवान् कृष्ण जो की विष्णु जी के अवतार थे  की पहली पत्नी थी. रुक्मणी अष्टमी के दिन हम कृष्ण मंदिरों में , इस्कोन मंदिरों में, मथुरा, वृन्दावन, गोवर्धन आदि में भक्तो की भीड़ को देख सकते हैं.
रुक्मणी जी राजा भिश्मिका जो की विधर्भ पर राज करते थे की पुत्री थी. उनको श्री कृष्ण से प्रेम हो गया था और वो उनसे विवाह करना चाहती थी , उनके माता पिता भी तैयार थे परन्तु भाई राजी नहीं थे. अतः कृष्ण जी ने उन्हें मंदिर से ही अपने साथ ले गए.
आइये जानते हैं रुक्मणी अष्टमी का महत्त्व :
ऐसी मान्यता है की रुक्मणी जी का जन्म पौष महीने में कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि को हुआ था अतः माता लक्ष्मी के अवत…

Kale Jadu Ko Dur Karne Ke Prachin Tarike

Kale jadu ko dur karne ke prachin tarike, kaise bach sakte hain kale jadu ke prayogo se, janiye kuch tarike. आज के इस प्रतियोगी युग में लोग किसी भी हालत में अपने सपनो को पूरा करना चाहते हैं और इसके लिए वे सब तरह के हथकंडे अपनाते हैं. कुछ नकारात्मक विचारधारा  से ग्रस्त लोग तो काला जादू करने से भी नहीं चूकते हैं. कौन लोग प्रयोग करते हैं काले जादू का:कुछ लोग जो अवसाद ग्रस्त रहते हैं और फिर अचानक से जल्दी सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, ऐसे लोग काले जादू के चक्कर में फंस जाते हैं.कुछ लालची लोग सांसारिक इच्छाओं को पूरा करने के लिए भी काले जादू का प्रयोग करने लगते है बिना ये जाने की इसका आगे का परिणाम क्या हो सकता है. कुछ लोग ऐसे भी है जिन्हें दुसरो की ख़ुशी सहन नहीं होती और वे उनको बर्बाद करने के लिए बुरी शक्तियों का सहारा लेते हैं.कुछ अपने प्रतिद्वंदियों को नीचा दिखाने के लिए भी गलत तरीको का सहारा लेते हैं. जानिए vyapar ko kaise bachaaye kaale jadu seकुछ लोग धन संपत्ति के लिए इतने पागल हो जाते हैं की वे इन्हें पाने के लिए काले जादू के तरीको का स्तेमाल करने लगते हैं. आज के इस डिजिटल युग में भ…

Kala Jadu Hone Par Bachne Ke Upaay in Jyotish

Kala Jadu Hone Par Bachne Ke Upaay jyotish Mai: क्या काला जादू आपके जीवन को ख़राब कर रहा है, क्या आपका व्यक्तिगत जीवन जादू टोना, या तंत्र बाधा से ग्रस्त है, क्या किसी के कुछ करने के कारण आप बीमार रहते हैं, क्या आपका व्यापार व्यवसाय जादू से बंद कर दिया गया है तो ये लेख आपकी मदद करेगा. यहाँ आप जानेंगे की काला जादू होने पर कैसे उससे बचा जाए. कैसे बहार आयें तंत्र बाधा, मंत्र बाधा से. कैसे तोड़े काले जादू के असर को. जो लोग बहुत तेजी से उन्नति करते हैं और जिन लोगो से जलने वाले बहुत है, ऐसे लोगो को खतरा रहता है टोना टोटका का. क्यूंकि इनके जलने वाले लोग इनके तरक्की को रोकने के लिए ऐसा प्रयोग कर सकते हैं.जिन लोगो के शत्रु बहुत होते है, ऐसे लोगो को भी हानी पहुंचाने के लिए शत्रु काले जादू का प्रयोग कर सकते हैं अतः सावधान रहना चाहिए.जो लोग दुसरो से फायदा उठाने के लिए काले जादू का सहारा लेते हैं, उन्हें खुद को भी बुरी शक्तियों से खतरा रहता है. इसमें कोई शक नहीं की जो लोग पूजा पाठ, दान-धर्म आदि करते रहते हैं उनकी रक्षा भगवान् करते हैं परन्तु कुछ शक्तिशाली प्रयोगों के घेरे में कोई भी आ सकता है और उनसे…

Rashi Ratna Aur Unke Rang Jyotish Mai

राशी रत्न, जानिए कौन से ग्रह से कौन सा रत्न सम्बन्ध रखता है, कौन से रंग के होते हैं रत्न ज्योतिष के हिसाब से, कब कौन सा रत्न पहने.
राशी के हिसाब से रत्नों की जानकारी होना आवश्यक होता है उन लोगो के लिए जिन्हें ज्योतिष में रूचि है. कुछ लोग जानकारी के आभाव में गलत रत्न धारण कर लेते हैं. कुछ लोग ऐसे भी है जिन्हें अपने जन्म तारिक, जन्म स्थान, जन्म समय की जानकारी नहीं है जिसके कारण उनकी कुंडली नहीं बन पाती है. ऐसे लोग अपने नाम राशि के हिसाब से रत्न धारण करना चाहते हैं. इस लेख में आप ज्योतिष से जानेंगे की कौन सा रत्न किस रंग का होता है और कौन सी राशि वालो को धारण करना चाहिए और कब. अपने राशि से सम्बंधित रत्न को जानने के लिए सही राशि चुनिए दिए गए विकल्प में से -
चुनिए अपनी सही राशिमेष राशि रत्नवृषभ राशि रत्न मिथुन राशि रत्न कर्क राशि रत्न सिंह राशि रत्न कन्या राशि रत्न तुला राशि रत्नवृश्चिक राशी रत्नधनु राशि रत्न मकर राशि रत्नकुम्भ राशि रत्नमीन राशि रत्न


ऊपर हमने देखा की कौन से राशी के कौन से रत्न है और उस राशि रत्न का रंग क्या है और उसे कब धारण किया जाता है.
नोट: अगर आपके पास आपकी जन्म तारी…

Anisht Shanti Pooja Ke Fayde

Anisht Shanti Prayog, काला जादू का समाधान, ख़राब ग्रहों से मुक्ति का उपाय, जानिए अनिष्ट शांति पूजा के फायदे. Anisht Shanti Pooja: जीवन में अनेक समस्याएं बनी रहती है, कुछ का समाधान आसानी से हो जाता है परन्तु कुछ समस्याओं का समाधान अनेक जातन करने पर भी नहीं हो पाता है. अलग अलग समस्याओं के लिए अलग अलग समाधान का उल्लेख मिलता है.
परन्तु हम यहाँ पर एक विशेष पूजा के बारे में बताने वाले हैं जो की अनेक समस्याओं को हल करने में हमारी मदद करता है. अगर आपका जीवन शत्रु द्वारा किये गए प्रयोग के कारण समस्या में फंस गया है तो अनिष्ट शांति प्रयोग आपको लाभ दे सकता है. अगर विवाह में आपको बहुत समस्या आ रही है तो अनिष्ट शांति प्रयोग आपको लाभ दे सकता है.अगर आपको क़ानूनी अड़चन बहुत अधिक आ रही है तो भी अनिष्ट शांति प्रयोग आपको लाभ दे सकता है.अगर व्यापार को बाँध दिया गया है तो भी आप ये पूजा करवा सकते हैं. अगर किसी ने काले जादू का प्रयोग आपके ऊपर किया है तो भी आप इसके निवारण के लिए अनिष्ट शांति प्रयोग करवा सकते हैं. अगर किसीने आपके काम को बाँध दिया है तो भी आप ये प्रयोग करवा सकते हैं. अगर सेहत लगातार गिर रहा है तो …

Surya Ka Vrischik Rashi Me Ane Ka Fal

सूर्य का वृश्चिक राशि में आने से क्या प्रभाव होगा राशियों पर, जानिए कैसे सूर्य का राशी बदलना शुभता लाएगा. ज्योतिष से जानिए भविष्यवाणी. सूर्य गृह अति महत्त्वपूर्ण ग्रह है हमारे लिए. सूर्य अगर किसी के कुंडली में शुभ हो तो जातक को मान सम्मान, तरक्की, समाज में विशिष्ट स्थान आसानी से दिला देता है वही अगर सूर्य ग्रह कुंडली में ख़राब हो जाए तो जातक को विभिन्न प्रकार की परेशानियाँ देता है.  गोचर में भी सूर्य समय समय पर राशि बदलता रहता है. इसे ही ज्योतिष में संक्रांति कहा जाता है. १६ नवम्बर २०१७ को सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा अतः इस दिन को वृश्चिक संक्रांति कहा जायेगा. सूर्य देव का सम्बन्ध ज्योतिष के अनुसार पिता से है, आत्मा से है, समाज में मान सम्मान से है, यश, कीर्ति, प्रसिद्धि से है. इसका अर्थ ये है की सूर्य की स्थिति का असर हमारे जीवन में उपर लिखये विषयो पर होता है.  आपके कुंडली में सूर्य की स्थिति क्या है ये तो एक अच्छा ज्योतिष ही बता सकता है. और उसी के आधार पर ये हमारे जीवन को प्रभावित करता है.  सूर्य का वृश्चिक में गोचर का असर क्या होगा: इस लेख में हम जानेंगे की १६ नवम्बर को सूर्…

Tanaav Ke Upaay Jyotish Me

तनाव के उपाय ज्योतिष के हिसाब से, आइये जानते हैं तनाव के प्रभाव, क्या करे टेंशन से बाहर आने के लिए. 
तनाव एक बहुत ही आम बात है लोगो में परन्तु जब तनाव रोज रहने लगे तो ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है और जीवन के हर पहलु को प्रभावित करता है. अतः ये जरुरी है की इसे कम करने के लिए कदम उठाया जाए.
तनाव कई कारणों से उत्पन्न हो सकते हैं जैसे कोई गलत कार्य करना, किसी ख़ास विषय की चिंता होना, नकारात्मक विचार होना, किसी कार्य में निराशा हाथ लग्न, संबंधो में तनाव उत्पन्न होना, वित्तीय समस्या, रोजगार की समस्या, प्रेम से समस्या आदि.
ज्योतिष के द्वारा जीवन के बहुत से पहलुओं के बारे में जाना जा सकता है परन्तु इसके लिए कुंडली को पढ़ना जरुरी होता है. इस लेख में हम जानेंगे तनाव के ज्योतिषीय कारण और उपाय.
आइये जानते हैं तनाव के कुछ प्रभाव:तनाव के कारण सुन्दरता भी कम होने लगती है.इसके कारण याददाश्त भी कमजोर होती है.संपत्ति का नुकसान भी होता है तनाव के कारण.तनाव के कारण मानसिक शान्ति भी कम होने लगती है.संबंधो में भी तनाव उत्पन्न होने लगता है.व्यक्ति काम भी ढंग से नहीं कर पाता है. आइये अब जानते हैं तन…

Gurunanak Jayanti Ka Mahattwa

गुरुनानक जयंती का महत्त्व, गुरुनानक जी के जन्म का ज्योतिष महत्त्व, जानिए गुरुनानकजी की कुछ सिखावनियां  
गुरुनानक देव जी ने सिख धर्म की स्थापना की थी और वे ही इनके पहले गुरु थे. इनका जन्म अप्रैल १४६९ को ननकाना साहिब में हुआ था जो की पाकिस्तान में है, उन्होंने इस संसार से २२ सितम्बर १५३९ को को विदा लिया, आखरी समय में वे करतारपुर, पाकिस्तान में थे. गुरुनानक जी की पत्नी का नाम माता सुलखनी था और उनके बछो के नाम थे श्री चाँद और लखमी दास. उनके पिता का नाम था श्री मेहता कालू और माता का नाम था माता तृप्ता. गुरुनानक देव जी का जन्मदिन हमेशा कार्तिक पूर्णिमा को ही मनाया जाता है. तारीख को लेके विभिन्न मतभेद रहे हैं अतः कार्तिक पूर्णिमा को सभी ने स्वीकार किया है और पूरे विश्व में इस दिन सिख समाज बहुत उत्साह के साथ इनका जन्मदिन मनाता है.  गुरुनानक जी बहुमुखी प्रतिभा के धनि थे. वे एक दार्शनिक थे, वे सिद्ध योगी थे, एक सफल गृहस्थ थे, वे एक समाजसुधारक भी थे, ओजस्वी कवि थे, देशभक्त थे आदि. गुरुनानकजी के सिद्धांत इतने सरल और स्पष्ट हैं की सिख धर्म के अलावा अन्य धर्म के लोग भी उनके सिखावनियो को अपना कर अपन…

Kartik Poornima Ka Mahattw In Hindi

जानिए कार्तिक पूर्णिमा का महत्त्व, क्या करे कार्तिक पूनम को सफलता के लिए, कैसे प्राप्त करे स्वास्थ्य और सम्पन्नता.
कार्तिक पक्ष की पूर्णिमा एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण दिन है जब हम स्वास्थ्य और सम्पन्नता के लिए पूजा पाठ कर सकते हैं. इस पवित्र दिन में भक्त भगवान् विष्णु और माता तुलसी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन को सफल बना सकते हैं.  इस दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और घाटो पर पूजा-पाठ करते हैं.  कार्तिक पूर्णिमा को लोग बहुत अलग अलग तरह के विधि विधान करते दीखते हैं जिससे की जीवन को निष्कंटक बनाया जा सके. कुछ लोग तुलसी और शालिग्राम का विवाह करते हैं. भक्तगण नदी तटो पर दीप दान भी करते हैं. ऐसी मान्यता है की कार्तिक पूनम की शाम को दीप दान करने वाले को अश्वमेघ यज्ञ का पुण्य प्राप्त होता है. इस पवित्र दिन को लोग “त्रिजटा लक्ष्मी ” की पूजा भी करते हैं. ऐसा कहा जाता है की त्रिजटा लक्ष्मी जी ने माता सीता को अशोक वाटिका में बचाया था. विशेषरूप से कन्याएं त्रिजटा लक्ष्मी की पूजा अपने मनपसंद जीवन साथी को पाने के लिए करती है. भक्तगण इस दिन तुलसी का पौधा भी वितरित करते हैं. कुछ …