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Showing posts from April, 2017

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Dimaag Rog Aur Upchaar

दिमाग के रोग और उपचार, नींद नहीं आती क्या करे, दिमागी ताकत कैसे बदाये, how to increase mind power, Mind disease and solutions.
1.चक्कर बहुत आते हैं क्या करे? समाधान:अगर पेट में गड़बड़ी के कारण चक्कर आते है तो आधे गिलास पानी में निम्बू निचोड़कर पिये लाभ होगा. २५ ग्राम मुनक्का को देशी घी में सेंककर सेंधा नमक मिला के खाने से लाभ होता है. गर्मियों के चक्कर से आराम हेतु आंवले का शरबत पीना चाहिए इससे बहुत लाभ होता है. 2. दिमागी ताकत को कैसे बढाये ? समाधान:रात को सोने से पहले 5 बादाम भिगो दे प्रातः काल खाली पेट बादाम को बारीक करके घी में  सेके और मिश्री मिला के खा ले, इसके बाद जल न पियें लाभ होगा. सुखा धनिया, खस खस और मिश्री को बराबर मात्रा में मिला के भर के रख ले. रोज दो टाइम भोजन के बाद जल से 1 चम्मच लिया करे . इससे चमत्कारी लाभ मिलेगा.  3.नींद नही आती है क्या करे?

Shaabar Mantra Kya Hote Hain ?

क्या होता है शाबर मन्त्र, क्या फायदे है शाबर मंत्रो के, कौन है जनक शाबर मंत्रो के, किन बातो का ध्यान रखना चाहिए शाबर साधना के दौरान.
मंत्र कई प्रकार के होते हैं जैसे वैदिक मन्त्र, पौराणिक मन्त्र, तांत्रिक मन्त्र, शाबर मंत्र. वैदिक मन्त्र, पौराणिक मन्त्र, तांत्रिक मन्त्र संस्कृत भाषा में है जबकि शाबर मंत्र बोलचाल की भाषा में बने होते हैं और सामान्य व्यक्ति के द्वारा भी आसानी से प्रयोग में लिया जा सकता है.
शाबर मंत्र को नाथ सम्प्रदाय ने फैलाया है.
मुख्य रूप से ९ नाथो ने शाबर मंत्र को बनाया जनसाधारण की भलाई के लिए:मत्स्येन्द्रनाथ गोरखनाथ कान्फिनाथअड़बंगनाथ जालंधरनाथ चर्पटीनाथ रेवणनाथ भृतहरिनाथ नागनाथ शाबर मंत्रो की संख्या करोड़ो में है और पौराणिक मान्यता के अनुसार सबसे पहले भगवान् शिव ने ही शाबर मंत्र का ज्ञान दिया था जनकल्याण हेतु.
शाबर मन्त्र के बारे में एक और रहस्य है की कलयुग में यही सबसे ज्यादा असरकारी है और कार्यो को करने में सक्षम है.
इन मंत्रो के द्वारा प्रयोगकर्ता शक्तियों को विवश करता है की उसका काम करे और इसके लिए शक्तियों को वचन और कसम से बाधा जाता है.
शाबर मन्त्र अनेक प्…

Maa Annapurna Ke Mantra

माँ अन्नपूर्णा के मन्त्र, जानिए अन्नपूर्णा साधना के फायदे, अन्नपूर्ण माता का शाबर मन्त्र.

देवी अन्नपूर्णा माँ जगदम्बा का ही एक सौम्य रूप है जो की भक्तो का पोषण करती है. ऐसा माना जाता है की भगवती अगर किसी पर खुश हो जाए तो ऐसा व्यक्ति कभी भी भूखा नहीं सो सकता है. सफलता सभी दिशाओं से उसके पास आती है जो माता अन्नपूर्ण का भक्त होता है.
हमने कई चमत्कारी काहानिया सुनी है जैसे कोई संत लगातार भंडार करते रहते हैं बिना अनाज के, बिना सब्जी के इन्तेजाम के.
कुछ भक्त अन्न का दान करते ही रहते बिना नागा किये.
ये सब संभव होता है माँ अन्नपूर्ण की कृपा से.
अन्नपूर्ण माँ की सिद्धि से व्यक्ति का जीवन सफल हो जाता है. व्यक्ति को नाम, यश, शक्ति प्राप्त होती है समाज में माता की कृपा से.
देवी अन्नपूर्णा पुरे जगत का पालन करती है भोजन प्रदान करके इसीलिए इनका पूजन अनिवार्य माना जाता है.
आइये जानते हैं माँ अन्नपूर्ण के कुछ मंत्र:“ॐ नमः भगवती माहेश्वरी अन्नपूर्णे स्वाहा “.“ॐ श्रीम ह्रीं कलीम नमः भगवती महेश्वरी प्रसन्नवर्दे अन्नपूर्णे स्वाहा”. आइये अब जानते हैं माँ अन्नपूर्णा का शाबर मन्त्र: ऐसा माना जाता है की…

AshubhRahu ketu Ke Upaay Jyotish Me

अशुभ राहू और केतु के उपाय, जानिए कुछ आसान उपाय राहू और केतु के दुष्प्रभाव को कम करने के, कैसे पायें राहू और केतु की कृपा. राहू और केतु के उपाय जानने से पहले आइये जानते हैं की ख़राब राहू और केतु और कमजोर राहू और केतु में क्या अंतर है. अशुभ राहू और केतु मतलब है की राहू और केतु शत्रु राशि में बैठा है परन्तु कमजोर राहू और केतु शुभ और अशुभ दोनों हो सकता है.इस लेख में हम सिर्फ अशुभ राहू और केतु के उपाय ही देखने वाले है. कमजोर और दूषित राहू और केतु के उपाय अलग अलग होते हैं अतः भ्रमित नहीं होना चाहिए.राहू और केतु हमारे जीवन में बहुत महत्त्व रखता है और वैदिक ज्योतिष के हिसाब से राहू और केतु का सम्बन्ध भावना, अचानक फायदा या नुकसान, नकारात्मकता, नजर दोष, चोरी, कानूनी अड़चन, सांस की समस्या, मोक्ष, घाव आदि से है. अगर कुंडली में राहू और केतु शुभ है तो जातक को सफल और आनंदायक जीवन की प्राप्ति बहुत ही आसानी से हो जाती है. वही दूषित राहू और केतु अनेको समस्याएं उत्पन्न करता है जीवन में.
आइये जानते हैं की किस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती है ख़राब राहू और केतु के कारण:कांच पर धुल जमना या कांच का फीका …

Ashubh Shani Ke Upaay Jyotish Me

अशुभ शनि के उपाय, जानिए कुछ आसान उपाय शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के, कैसे पायें शनि की कृपा.


शनि के उपाय जानने से पहले आइये जानते हैं की ख़राब शनि और कमजोर शनि में क्या अंतर है. अशुभ शनि मतलब है की शनि शत्रु राशि में बैठा है परन्तु कमजोर शनि शुभ और अशुभ दोनों हो सकता है.इस लेख में हम सिर्फ अशुभ शनि के उपाय ही देखने वाले है. कमजोर और दूषित शनि के उपाय अलग अलग होते हैं अतः भ्रमित नहीं होना चाहिए.शनि हमारे जीवन में बहुत महत्त्व रखता है और वैदिक ज्योतिष के हिसाब से शनि का सम्बन्ध चमड़ा, सीमेंट, तेल, आवागमन के साधन, रबर, लकड़ी, मशीनरी, भूमि आदि से है. अगर कुंडली में शनि शुभ है तो जातक को सफल और आनंदायक जीवन की प्राप्ति बहुत ही आसानी से हो जाती है. वही दूषित शनि अनेको समस्याएं उत्पन्न करता है जीवन में. आइये जानते हैं की किस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती है ख़राब शनि के कारण:ख़राब शनि के कारण जातक को भूमि सम्बन्धी कार्यो में समस्या आ सकती है. ख़राब शनि के कारण जातक को नौकरी में भी परेशानी आती है. शत्रु राशि का शनि जातक को क्रोधी भी बनता है. इससे जातक जिद्दी/हठी भी बन जाता है. कुंडली में दू…

Ashubh Guru Ke Upaay Jyotish Me

अशुभ गुरु के उपाय, जानिए कुछ आसान उपाय गुरु के दुष्प्रभाव को कम करने के, कैसे पायें गुरु की कृपा.
गुरु के उपाय जानने से पहले आइये जानते हैं की ख़राब गुरु और कमजोर गुरु में क्या अंतर है. अशुभ गुरु मतलब है की गुरु शत्रु राशि में बैठा है परन्तु कमजोर गुरु शुभ और अशुभ दोनों हो सकता है.इस लेख में हम सिर्फ अशुभ गुरु के उपाय ही देखने वाले है. कमजोर और दूषित गुरु के उपाय अलग अलग होते हैं अतः भ्रमित नहीं होना चाहिए.गुरु हमारे जीवन में बहुत महत्त्व रखता है और वैदिक ज्योतिष के हिसाब से गुरु बुद्धिमत्ता, पढ़ाई की शक्ति, धर्म, बैंकिंग, ज्ञान अर्जित करने की शक्ति, दुसरो को प्रभावित करने की शक्ति आदि से सम्बन्ध रखता है.अगर कुंडली में गुरु शुभ है तो जातक को सफल और आनंदायक जीवन की प्राप्ति बहुत ही आसानी से हो जाती है. वही दूषित गुरु अनेको समस्याएं उत्पन्न करता है जीवन में. आइये जानते हैं की किस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती है ख़राब गुरु के कारण:अशुभ गुरु के कारण जातक को पढ़ाई में परेशानी आ सकती है. अशुभ गुरु जातक को नास्तिक बना सकता है.जातक के सम्बन्ध गुरु जानो से बिगड़ जाते हैं. जातक को धन – संपत्…

Ashubh Budh Ke Upaay Jyotish Me

अशुभ बुध के उपाय, जानिए कुछ आसान उपाय बुध के दुष्प्रभाव को कम करने के, कैसे पायें बुध की कृपा. बुध के उपाय जानने से पहले आइये जानते हैं की ख़राब बुध और कमजोर बुध में क्या अंतर है. अशुभ बुध मतलब है की बुध शत्रु राशि में बैठा है परन्तु कमजोर बुध शुभ और अशुभ दोनों हो सकता है.
इस लेख में हम सिर्फ अशुभ बुध के उपाय ही देखने वाले है. कमजोर और दूषित बुध के उपाय अलग अलग होते हैं अतः भ्रमित नहीं होना चाहिए.
बुध हमारे जीवन में बहुत महत्त्व रखता है और वैदिक ज्योतिष के हिसाब से बुध बुद्धिमत्ता, बोलने की कला, चालाकी, पुत्री, आंटी, कौमार्य अवस्था, गणित, व्यापार, लिखने की कला आदि से सम्बन्ध रखता है. अगर कुंडली में बुध शुभ है तो जातक को सफल और आनंदायक जीवन की प्राप्ति बहुत ही आसानी से हो जाती है. वही दूषित बुध अनेको समस्याएं उत्पन्न करता है जीवन में. आइये जानते हैं की किस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती है ख़राब बुध के कारण:अशुभ बुध के कारण कोई विषय को याद रखने में परेशानी आ सकती है. ये हमे अस्थिर दिमाग देता है. जातक को सही तरीके से बात करने में परेशानी आ सकती है. जातक के सम्बन्ध बहन, आंटी के साथ …

Ashubh Mangal Ke Upaay

अशुभ मंगल के उपाय, जानिए कुछ आसान उपाय मंगल के दुष्प्रभाव को कम करने के, कैसे पायें मंगल की कृपा. 

मंगल के उपाय जानने से पहले आइये जानते हैं की ख़राब मंगल और कमजोर मंगल में क्या अंतर है. अशुभ मंगल मतलब है की मंगल शत्रु राशि में बैठा है परन्तु कमजोर मंगल शुभ और अशुभ दोनों हो सकता है.
इस लेख में हम सिर्फ अशुभ मंगल के उपाय ही देखने वाले है. कमजोर और दूषित मंगल के उपाय अलग अलग होते हैं अतः भ्रमित नहीं होना चाहिए.
मंगल हमारे जीवन में बहुत महत्त्व रखता है और वैदिक ज्योतिष के हिसाब से मंगल छोटे भाई, रक्त/खून, गुस्से,शक्ति, आदि से सम्बन्ध रखता है.
अगर कुंडली में मंगल शुभ है तो जातक को भूमी सुख, शक्ति, आकर्षण शक्ति की प्राप्ति बहुत ही आसानी से हो जाती है. वही दूषित मंगल अनेको समस्याएं उत्पन्न करता है जीवन में.
आइये जानते हैं की किस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती है ख़राब मंगल के कारण:अशुभ मंगल से रक्त चाप की समस्या हो सकती है. ये जातक को गुस्सेल बना सकता है. जातक के अन्दर एक भय रह सकता है बिना बात के.अपने जीवन साथी से बिना किसी बात के ही लड़ाई झगडे हो सकते हैं. अचानक से अवसाद और नकारात्मक…

Ashubh Chandrama ke Upaay Jyotish Me

कैसे कम करे अशुभ चन्द्रमा के प्रभाव को, जानिए कुछ आसान उपाय चन्द्रमा के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिष से, ख़राब चन्द्रमा के उपाय 

इस लेख को शुरू करने से पहले आइये जानते हैं की ख़राब चन्द्रमा  और कमजोर चन्द्रमा  में क्या अंतर है. ख़राब चन्द्रमा  तब होता है जब चन्द्रमा  किसी शत्रु राशि के साथ कुंडली में बैठता है, परन्तु कमजोर चन्द्रमा  ख़राब भी हो सकता है और अच्छा भी.

इस लेख में हम सिर्फ ख़राब चन्द्रमा  के लिए उपाय देखेंगे न की कमजोर चन्द्रमा  के लिए. चन्द्रमा  हमारे जीवन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ज्योतिष के हिसाब से तो चन्द्रमा  माता, यात्रा, महिलाओं के साथ संबंद, बीमारियाँ, स्थिरता आदि से सम्बन्ध रखता है.
अगर कुंडली में चन्द्रमा अच्छी स्थ्तिती में हो तो जातक बहुत ही ऐशो आराम के साथ जीवन जी लेता है वहीँ ख़राब चन्द्रमा के कारन संघर्ष बढ़ जाता है.
आइये जानते हैं चन्द्रमा  के द्वारा उत्पन्न कुछ समस्याओं को:ख़राब चन्द्र माता के स्वास्थ्य की हानि कर सकता है. ख़राब चन्द्रमा के कारन यात्राओं में भी समस्याएं आती है. अशुभ चन्द्रमा व्यक्ति को गलत सांगत देता है जिससे बदनामी के योग भी बन सक…

Ashubh Sury ke Upaay Jyotish Me

अशुभ सूर्य के ज्योतिषीय उपाय, कुंडली में ख़राब सूर्य के लिए क्या करे, कैसे कम करे सूर्य के दुष्प्रभाव को.

इस लेख को शुरू करने से पहले आइये जानते हैं की ख़राब सूर्य और कमजोर सूर्य में क्या अंतर है. ख़राब सूर्य तब होता है जब सूर्य किसी शत्रु राशि के साथ कुंडली में बैठता है, परन्तु कमजोर सूर्य ख़राब भी हो सकता है और अच्छा भी.
इस लेख में हम सिर्फ ख़राब सूर्य के लिए उपाय देखेंगे न की कमजोर सूर्य के लिए. सूर्य हमारे जीवन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ज्योतिष के हिसाब से तो सूर्य पिता, नाम, यश, यात्रा, उच्च अधिकारी वर्ग आदि का करक होता है. अगर कुंडली में सूर्य अच्छी स्थिति में है तो जातक को आसानी से नाम , यश की प्राप्ति हो जाती है और जातक सफल जीवन व्यतीत कर लेता है.
वहीँ अगर सूर्य कुंडली में ख़राब स्थिति में हो तो कई समस्याओं को जन्म देता है.
आइये जानते हैं सूर्य के द्वारा उत्पन्न कुछ समस्याओं को:जातक के आँखों में समस्या हो सकती है ख़राब सूर्य के कारण.जातक की आत्मशक्ति कमजोर हो सकती है इसके कारण.जातक के सम्बन्ध पिता से बिगड़ सकते हैं.जातक को पैतृक संपत्ति प्राप्त करने में समस्या आ सकती है. …