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Showing posts from August, 2016

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Nakshatra Vatika Kya Hai

नक्षत्र वाटिका क्या है, नक्षत्रो के अनुसार पेड़ , राशी अनुसार पेड़, बगीचे के फायदे.


ज्योतिष के अनुसार २७ नक्षत्र होते हैं और १२ रशियां होती है और ज्योतिष ग्रंथो में हर नक्षत्र का सम्बन्ध एक विशेष प्रकार के पेड़ से भी माना जाता है. इसी प्रकार हर राशि के लिए भी एक पेड़ या पौधा माना गया है. अगर व्यक्ति अपने नक्षत्र या राशि के अनुसार पेड़ या पौधे का पोषण और पूजा करे तो भी अनेक लाभ देखे जाते हैं, जीवन सफल हो जाता है. 
बहुत से लोग अपने घर या खाली जगह में नक्षत्र वाटिका या राशी वाटिका बनाते हैं जिससे की नवग्रहों की कृपा मिले और जीवन सुगम हो जाए. 
वैसे भी पेड़ पौधे लगाना स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है, हर पेड़ या पौधे में कोई न कोई औषधि गुण होता है अतः समय समय पर पौधे लगते रहना चाहिए.  अगर किसी के पास खाली जगह हो तो पेड़-पौधे लगाएं अगर घर में या फ्लैट में बालकनी हो तो वहां भी पौधे लगाए जा सकते हैं.अगर छत भी खाली हो तो भी गमलो में पौधे लगाए जा सकते हैं और बगीचा भी बनाया जा सकता है. इससे शुद्ध हवा मिलती है और सभी के लिए अच्छा होता है. आइये जानते हैं बगीचे के लाभ:
रोज अपने बगीचे में कुछ समय बिता…

Jyotish Mai Yog Kya Hote Hai

ज्योतिष मे योग क्या होते हैं, वैदिक ज्योतिष मे योग की शक्ति, जानिए योगो के फायदे और शक्ति ज्योतिष से. ज्योतिष मे रूचि रखने वाले लोगो को योगो मे भी बहुत रूचि होती है. वे जानना चाहते है की कुंडली मे या जन्म पत्रिका मे कौन से योग बन रहे है. कुछ योग शुभ होते हैं और कुछ अशुभ होते हैं. हालांकि किसी भी नतीजे पर पहुचने से पहले कुंडली का अच्छी तरह से विश्लेषण कर लेना चाहिए और सिर्फ एक ही योग पर भरोसा नहीं करना चाहिए. क्या होते हैं योग ज्योतिष मे ? योग तब बनते हैं जब १ से अधिक ग्रह कुछ विशेष अवस्था मे कुछ विशेष भावो मे बैठते है कुंडली मे. कुण्डली मे उनकी स्थिति के अनुसार वे जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. कुछ योग जीवन मे पूरा प्रभाव दिखाते हैं और कुछ कम, ये निर्भर करता है ग्रहों की शक्ति और स्थिति पर.

अगर योग बनाने वाले ग्रह शुभ हो , शक्तिशाली हो तो इसमे शक नहीं की जातक को उसके बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे, अगर ग्रह खराब स्थिति मे हो, शत्रु राशी के हो या नीच के हो तो जातक को इसके विपरीत परिणाम भी मिल सकते हैं.

अगर कोई खराब योग कुंडली मे बन रहा हो और ग्रह शक्तिशाली हो तो जातक को जीवन मे बहुत शंघर्…

Mangal Dosh Karan Aur Nivaran

जानिए क्या है मंगल दोष कुंडली मे , कैसे दूर करे मांगलिक दोष को, क्या समस्याए आ सकती है मंगल दोष के कारण जातक को. आज के दौर मे देखा जा रहा है की मांगलिक दोष के कारण बहुत लोग परेशान है परन्तु यहाँ ये भी बताना चाहेंगे की हर मांगलिक कुंडली खराब नहीं होती, कई बार ऐसा भी होता है की समस्या किसी और ग्रह के कारण होती है और व्यक्ति सिर्फ मंगल के उपायों को करता रहता है अतः अच्छे ज्योतिष से परामर्श लेना जरुरी होता है.  मंगल दोष को कुज दोष या भौम दोष के नाम से भी जाना जाता है.  अगर कुंडली मांगलिक हो और मंगल अशुभ हो तो जातक को जीवन में बहुत अधिक परेशानी होती है.

आइये अब जानते हैं की कुंडली मे मंगल कब माना जाता है ? कुंडली मई १२ भाव होते हैं परन्तु इनमे से प्रथम भाव, चौथा भाव, सातवा भाव, आठवां भाव, और बारहवे का मंगल की मांगलिक दोष को जन्म देता है. ऐसी कुंडली मांगलिक कुंडली कहलाती है.  मांगलिक दोष का प्रयोग साधारणतः विवाह मे ही महत्त्व रखता है, जब कुंडली मिलान होता है तो ऐसी मान्यता है की मांगलिक वर को मांगलिक वधु ही चाहिए, अगर गुण मिलान हो रहे हो और कोई एक मांगलिक हो तो भी विवाह उपयुक्त नहीं माना जात…

भारतीय ज्योतिष की शक्ति | Power of Indian Astrology

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ज्योतिष अपने आप में एक रहस्यमय विषय है | जो इसके बारे में जानते है वो इस विषय का लाभ लेकर जीवन में उंचाइयो को छूते हैं।  ज्योतिष के द्वारा ग्रहों के खेल को समझा जाता है, ज्योतिष के द्वारा ग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन में कैसा रहेगा, ये देखा जाता है।
ज्योतिष को वेदों कि आँखें भी कहा जाता है।  ऐसा कहा गया है "ज्योतिष वेदानां चक्षुः ". ज्योतिष के द्वारा भूत, भविष्य और वर्तमान के बारे में जाना जाता है।   किसी के जीवन में कब अच्छा समय आयेगा, कब बुरा समय आयेगा, कब भाग्योदय होगा, कब विवाह होगा, क्या करना चाहिए , कब करना चाहिए आदि का ज्ञान बड़ी ही आसानी से पता लगा लिया जाता है।   ज्योतिष के बारे में गलत फहमी :

ज्योतिष एक भविष्य कहने वाला विज्ञानं  है परन्तु लोगो को गलत फहमी येहो जाती है कि इसके द्वारा भाग्य बदला जा सकता है।   
महत्त्वपूर्ण बात ये है कि इस विषय के…

Haldi Ke Totke Safalta Ke Liye

हल्दी के टोटके, ग्रह दोषों से मुक्ति के लिए हल्दी के टोटके, वास्तु दोषों से मुक्ति के लिए हल्दी के टोटके, सुख और सम्पन्नता के लिए हल्दी के टोटके, janiye kaise haldi badal sakta hai kismet ko.  हमारे आस पास रोजमर्रा में उपयोग में आने वाली बहुत सी चीजो को बहुत आसानी से प्रयोग किया जा सकता है स्वस्थ एवं संपन्न जीवन जीने के लिए. जरुरत है सिर्फ जानकारी होना की कैसे किस वास्तु का प्रयोग किया जाए. ऐसी ही एक वास्तु है हल्दी जो की हर घर में पाई जाती है और आश्चर्य की बात ये है की हल्दी के प्रयोग से ग्रह दोषों से मुक्ति मिल सकती है हल्दी के प्रयोग से वास्तु दोष से मुक्ति मिल सकती है हल्दी के प्रयोग से नकारात्मक उर्जा से मुक्ति मिल सकती हैहल्दी के प्रयोग से धन की समस्या से निजत पाई जा सकती है हल्दी के प्रयोग से रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है हल्दी में औषधि गुण होने के साथ साथ कुछ अन्य शक्तियां भी मौजूद है इसी कारण हिन्दू धर्म में इसका प्रयोग पूजा-पाठ में भी किया जाता है. आइये जानते हैं हल्दी के कुछ विशेष टोटके:  ज्योतिष के अनुसार पिली हल्दी का सम्बन्ध गुरु ग्रह से होता है. अतः पिली हल्दी को धारण क…

84 Mahadev Mandir Ke Naam In Ujjain In Hindi

उज्जैन मंदिरों का शहर है इसिलिये अध्यात्मिक और धार्मिक महत्त्व रखता है विश्व मे. इस महाकाल की नगरी मे ८४ महादेवो के मंदिर भी मौजूद है और विशेष समय जैसे पंचक्रोशी और श्रवण महीने मे भक्तगण इन मंदिरों मे पूजा अर्चना करते हैं अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए. 
इस लेख मे उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों की जानकारी दी जा रही है जो निश्चित ही भक्तो और जिज्ञासुओं के लिए महत्त्व रखती है. 
आइये जानते हैं उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों के नाम हिंदी मे : श्री अगस्तेश्वर महादेव मंदिर - संतोषी माता मंदिर के प्रांगण मे.श्री गुहेश्वर महादेव मंदिर- राम घाट मे धर्मराज जी के मंदिर मे के पास.श्री ढून्देश्वर महादेव - राम घाट मे. श्री अनादी कल्पेश्वर महादेव- जूना महाकाल मंदिर के पासश्री दम्रुकेश्वर महादेव -राम सीढ़ियों के पास , रामघाट पे श्री स्वर्ण ज्वालेश्वर मंदिर -धुंधेश्वर महादेव के ऊपर, रामघाट पर.श्री त्रिविश्तेश्वर महादेव - महाकाल सभा मंडप के पास.श्री कपालेश्वर महादेव बड़े पुल के घाटी पर.श्री स्वर्न्द्वार्पलेश्वर मंदिर- गढ़ापुलिया के पास.श्री कर्कोतेश्वर महादेव - हरसिद्धि मंदिर के प्रांगण मे श्री सिद्ध…

Dhyan Ke Liye Vastu Dhyan Labhdayak Ho Sakta hai

कैसे बढ़ाये एकाग्रता, कैसे पायें अंदरूनी ताकत, फ्री मे जानिए ध्यान की आसान विधी. ध्यान या फोकस सफलता के लिए अति आवश्यक है, बिना एकाग्रता के सफलता के चरम को जल्दी छूना आसान नहीं है. अतः कुछ अभ्यास करना जरुरी होता है जिससे की एकाग्रता बढे.  धयान करने वाले अक्सर ऐसा कहते है की आँखे बंद करते ही विचार आने लगते है इसीलिए ध्यान नहीं लगता है, ध्यान नहीं कर पाता हूँ पर ऐसे लोगो को ये बताना चाहेंगे की विचारो का आना ही ये बताता है की हम कुछ कर रहे है, अतः इससे परेशान होके अभ्यास नहीं चोदना चाहिए.  प्राम्भिक ध्यान करने वालो के लिए विचारो से मुक्ति आसान नहीं होती है अतः इसके लिए “वास्तु ध्यान” करना चाहिए. इससे निश्चित ही जल्दी एकाग्रता को हासिल किया जा सकता है. 
आइये क्या होता है वास्तु ध्यान? इसके अंतर्गत हम किसी बिंदु, फोटो, दिए की लौ, बीज मन्त्र आदि पर ध्यान करते हैं खुली आँखों से. इससे विचार जल्दी ही चले जाते हैं .
आइये अब जानते हैं की वास्तु ध्यान कैसे करे? १.इसके लिए एक शांत जगह होना जरुरी है.  २.अपने मोबाइल को बंद कर दे अभ्यास समय के दौरान. ३.किसी भी सुखासन पर बैठे जिससे की आप ज्यादा देर तक बै…