Skip to main content

Posts

Showing posts from April, 2016

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Kya Jyotish Bhagya Badal Sakta Hai ?

क्या ज्योतिष भाग्य बदल सकता है, क्या करे जीवन से समस्याओं को कम करने के लिए. 
सच्चाई ये है की ज्योतिष को वेदों की आँखे कहा जाता है अर्थात ये वो विद्या है जिसका प्रयोग करके हम भविष्य के बारे मे ग्रहों के प्रभाव को जान सकते हैं और उसके हिसाब से कार्यो को करते हुए सफलता अर्जित कर सकते हैं. ये कोई भाग्य बदलने की मशीन नहीं है, ये भाग्य को जानने का साधन मात्र है. 
ज्योतिष के द्वारा हम अपने जीवन की कमियों और ताकतों के बारे मे जान सकते हैं और उसके हिसाब से प्रयोग कर सकते हैं. उदाहरण के लिए अगर किसी के कुंडली मे मंगल शुभ और शक्तिशाली हो तो वो व्यक्ति भी काफी ताकतवर होगा अतः ऐसा व्यक्ति आर्मी, होटल, भूमि के कार्यो आदि मे सफलता अर्जित कर सकता है. ज्योतिष के द्वारा हम ये भी जान सकते हैं की किस समय कौन से ग्रहों का प्रभाव जीवन मे था, है और रहेगा. 
आइये अब जानते हैं की ज्योतिष कैसे हमारी मदद कर सकता है ?
किसी भी कुंडली को जांचने के बाद ज्योतिष ये पता लगता है की आखिर जीवन मे समस्या का मुख्य ज्योतिषीय कारण क्या है, क्यों जीवन मे उथल पुथल है, क्यों असंतोष है, उसके बाद ज्योतिष जजमान को तंत्र, मंत्र, टोटके…

Kaise Pahuche Ujjain Asaani Se

कैसे पहुचे उज्जैन, उज्जैन पहुचने के लिए मार्गदर्शन हिंदी मे, बस द्वारा उज्जैन, ट्रेन द्वारा उज्जैन, अवंतिका शहर मे कहा रहे. 
अगर आप उज्जैन आना चाहते हैं और यहाँ के दिव्य वातावरण का लाभ लेना चाहते हैं, अगर आप सिंहस्थ मे यहाँ आना चाहते हैं और यहाँ के कार्यक्रमों मे भाग लेना चाहते है तो ये लेख आपकी मदद करेगा. इन जानकारियों से आप अपनी यात्रा को सुगम बना सकते हैं.
१.    अगर आप वायु मार्ग से उज्जैन आना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले इंदौर आना होगा  जो की मात्र ५५ किलोमीटर की दूरी पर है उज्जैन से. वहा से आप टैक्सी लेके आसानी से उज्जैन आ सकते हैं.
२.    अगर आप ट्रेन की यात्रा का आनंद लेना चाहते हैं तो आपके लिए बहुत आसान है क्यूंकि उज्जैन एक जंक्शन है और हर बड़े शहर से यहाँ सीधे ट्रेने आती है. जैसे की मुंबई, दिल्ली, जबलपुर, चेन्नई, जम्मू, गोरखपुर, अहमदाबाद, बरोदा, पुणे, बिलासपुर, हरिद्वार, देहरादून आदि. और समय समय पर हॉलिडे एक्सप्रेस भी चलाई जाती है.
३.    सिंहस्थ पर तो विशेष ट्रेने चलेंगी जिससे की लोग आसानी से यहाँ आ सके.
४.    अगर आप अपने खुद के वाहन से उज्जैन आना चाहते हैं तो कोई दिक्कत की बात …

Janiye Mahakal Ke Andar Ke Rahasya

महाकाल क्षेत्र के रहस्य, महाकाल के दर्शन करे लाइव , भस्म आरती की बुकिंग कैसे करे. विश्व प्रसिद्द महाकालेश्वर शिवलिंग मौजूद है उज्जैन मे. ये एक दिव्य मंदिर है और इस मंदिर क्षेत्र मे और भी शक्तिशाली स्थल मौजूद है जिनका अपना महत्त्व है.
इस लेख मे हम महाकाल क्षेत्र के अन्दर के रहस्य को जानेंगे.
१.    महाकाल शिवलिंग गर्भ गृह मे स्थित है, इसके ऊपर के मंजिल मे “ओमकारेश्वर” शिवलिंग मौजूद है, और इसके उपरी मंजिल मे “नागचंद्रेश्वर” का मंदिर मौजूद है, इस मंदिर की खासियत ये है की ये सिर्फ वर्ष मे एक बार खुलता है वो दिन है नागपंचमी का. इस मंदिर मे सफ़ेद नाग का दर्शन भी कुछ भक्त गण कर चुके है.
२.    महाकाल मंदिर क्षेत्र मे जूना महाकाल का मंदिर भी है, पहले महाकाल की पूजा यही होती थी.
३.    यहाँ पर सप्त ऋषि गण का मंदिर भी मौजूद है.
४.    जूना महाकाल के सामने एक प्रसिद्द हनुमान जी का मंदिर भी है.
५.    हनुमान मंदिर के पीछे गणेशपुरी के नित्यानंद बाबा का मंदिर भी बना हुआ है.
६.    महाकाल मे विशाब चबूतरा है जहा पर नवग्रह का मंदिर भी है.

Jyotish Mai 12 Rashiyo Ko Janiye Bhag 3

हम ये देख चुके है की ज्योतिष का महत्त्व क्या है, महीनो को वैदिक भाषा मे क्या कहते हैं, तत्त्वों का ग्रहों से क्या सम्बन्ध है आदि. अब इस तीसरे भाग मे हम जानेंगे की १२ राशियाँ कौन सी हैं और उनका स्वभाव क्या है. 
कुंडली मे राशियों के लिए अंक लिखे होते हैं. ज्योतिष उन अंको को देख कर राशी बता देते हैं.  इससे ये भी जान लेते हैं की कौन से भाव मे कौन सी राशि है. उदाहरण के लिए १ अंक मेष राशी को बताता है, ४ अंक कर्क को बताता है, 9 धनु को बताता है, १२ मीन राशी को बताता है आदि. इस पाठ मे आप इनके बारे मे पूर्ण जानकारी पायेंगे. 
राशि चक्र मे हर राशी का अपना एक विशेष स्थान है और उसके लिए हम उसके डिग्री का अध्ययन करते हैं. इस पाठ मे हम इसके बारे मे भी पढेंगे. 
हर राशी का एक स्वामी होता है जिसके बारे मे जानना भी आवश्यक है अगर कुंडली को पढना है. इससे भी बहुत कुछ पता चल जाता है. 
यही नहीं हर राशि का अपना रंग, लिंग और वर्ण भी होता है. इन सभी के बारे मे हम ज्योतिष सीखिए के पाठ ३ मे पढेंगे. 
हमारा स्वभाव राशि पर निर्भर करता है अतः ज्योतिष राशि को जानकार स्वभाव के बारे मे भी जान जाते हैं. इस पाठ को पढ़कर आप…

Bhartiya Jyotish Aur Mahine Bhag 2

हम ज्योतिष के महत्त्व को पहले अध्याय मे पढ़ चुके है अब दुसरे पाठ मे हम जानेंगे महीनो के बारे मे, महीनो के वैदिक नाम आदि. 
इसके अलावा अगर आप 9 ग्रहों के बारे मे जानना चाहते हैं तो भी आप यहाँ जान सकते हैं. ग्रहों को कौन सी उपाधि प्राप्त है इसे भी आप इस पाठ मे जानेंगे अर्थात कौन सा ग्रह राजा है, कौन मंत्री है आदि. 
कुंडली को पढने के समय ग्रहों का तत्त्वों से सम्बन्ध भी ध्यान रखना पड़ता है. इसे भी आप यहाँ जान पायेंगे, ५ तत्त्व होते हैं वायु, अग्नि, प्रथ्वी, आकाश और जल, हर ग्रह का सम्बन्ध किसी न किसी तत्त्व से होता है. इसके आधार पर उसका प्रभाव भी होता है. 
सूर्य पुरे साल मे १२ राशियों से गुजरता है और इसी के आधार पर उत्तरायण और दक्षिणायन होता है, इसको भी हम जानेंगे इस अध्याय मे. महुरत निकालने मे इनकी जरुरत पड़ती है. 
ज्योतिषी सीखिए के अध्याय 2 को पढने के बाद आप जान पायेंगे १२ महीनो के बारे मे, महीनो के वैदिक नाम, ग्रह तत्त्वो का सम्बन्ध, उत्तरायण और दक्षिणायन.
ये एक मजेदार विज्ञान है जिससे जितना जाना जाता है रस्य खुलते जाते हैं.  पढ़िए ज्योतिष के पाठ 2 को यहाँ क्लिक करिए 

Bhartiya Jyotish Aur Ma…

Jyotish Kya Hai Janiye Bhag 1 Mai

|| वक्र तुंड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ  निर्विघ्नं कुरुमे देवो सर्व कार्येशु सर्वदा ||
पूरी दुनिया मे ज्योतिष का अपना ही प्रभाव है, सारी दुनिया मे लोग वैदिक ज्योतिष को सीखना चाहते हैं और और बहुत से जिज्ञासु तो दूर देश की यात्रा करके भारत आते हैं इसे सीखने के लिए. ज्योतिष संसार के पाठक गण अब जान पायेंगे ज्योतिष को और ज्यादा क्यूंकि यहाँ पर अब शुरू कर रहे है ज्योतिष सीखने के लिए फ्री पाठ. अलग अलग अध्यायों मे अलग अलग विषयो को शामिल गिया जाएगा. 
अगर आपको ज्योतिष मे दिलचस्पी है, अगर आप ज्योतिष सीखना चाहते है, अगर आप वैदिक ज्योतिष को जानना चाहते है तो ये ज्योतिषीय पाठ आपकी मदद कर सकते है. 
जानिए ज्योतिष के बारे मे कुछ मुख्या बाते ऑनलाइन.
कुछ बातो को हमेशा याद रखना चाहिए : ज्योतिष सीखने वाले को धैर्य रखना जरुरी है क्यूंकि ज्योतिष के सिद्धांत आसान नहीं होते है अध्ययन के साथ साथ शोध जरुरी है. इस विषय पर भरोसा होना चाहिए. उपरी शक्तियों पर भी भरोसा होना चाहिए.आडम्बर की जरुरत नहीं है. कोई पाठ समझ मे न आने पर उसे बार बार पढना चाहिए, धीरे धीरे चीजे साफ़ होती है. जीवन भर सीखते रहिये. वेदों मे ज्योतिष का …

Vaishakh Snan Ka Mahattw, वैशाख स्नान

वैशाख महीने को हिन्दू धर्म के अनुसार बहुत पवित्र माना जाता है पूजा पाठ, आध्यात्मिक अभ्यास हेतु, हवन, तर्पण आदि के लिए. हिन्दू ग्रंथो के अनुसार कार्तिक, वैशाख, श्रवण और माघ महिना बहुत महत्त्वपूर्ण होता है. इन महीनो मे लोग पूजा पाठ करते है जिससे की देवी देवताओं को खुश करके सुगम जीवन जिया जा सकता है.  २०१६ मे सिंहस्थ भी उज्जैन मे वैशाख महीने मे शुरू हो रहा है जिसमे की साधक और भक्तगण पवित्र स्नान करेंगे. 
२२ अप्रैल से वैशाख स्नान शुरू होगा. ये पूर्णिमा का दिन है जब साही स्नान होगा.  हालांकि जो लोग जिस पवित्र नदी के समीप है, वे लोग वही पवित्र स्नान का लाभ भी लेते ही हैं. नर्मदा नदी मे भी वैशाख महीने मे स्नान का बहुत महत्त्व होता है.  आइये अब जानते है कुछ महत्त्वपूर्ण बाते वैशाख स्नान को लेके : १.ये महिना भगवान् विष्णु की पूजा के लिए जाना जाता है अतः भक्तगण वैशाख महीने मे पवित्र स्नान करके विष्णु पूजा करते है.  २.इस महीने मे मंत्र जप, तपस्या, दान आदि का महत्त्व बहुत बढ़ जाता है.  ३.ये गर्मी की शुरुआत है अतः लोग पुण्य कमाने हेतु पीने के पानी की व्यवस्था करते हैं.  ४.ऐसी मान्यता है की सुबह ब्र…

Kaise Kaam karti Hai Vastu Urja, कैसे काम करती है वास्तु उर्जा

Kaise Kaam karti Hai Vastu Urja, कैसे काम करती है वास्तु उर्जा, दिशा और सम्बंधित समस्याए
वास्तु विज्ञान भवन निर्माण के सिद्धांतो से भरा हुआ है और जो लोग इसका प्रयोग जीवन में करते हैं वो निश्चित ही किसी न किसी तरह से लाभान्वित होते ही हैं कारण की सकारात्माक उर्जा कभी नुक्सान नहीं करती. वास्तु विज्ञान के हिसाब से दुनिया में सभी तरफ उर्जा है. मुख्यतः जितनी भी दिशाए हैं उन सभी दिशाओं में कोई न कोई विशेष उर्जा का प्रभाव होता है और अगर घर, ऑफिस, फैक्ट्री आदि बनाने में इन वास्तु सिद्धांतो को ध्यान में रखा जाए तो सफलता निश्चित रूप से दिखाई पड़ती है.
वास्तु के सिद्धांत वास्तव में ऊर्जा के समन्वय के सिद्धांत है और जिस जगह पे उर्जाओं का संतुलन होगा वह धन, वैभव, विद्या, शांति सौहार्द्र का वातावरण स्वतः ही उत्पन्न हो जाएगा. 
परन्तु जहा पर उर्जा का संतुलन नहीं होगा वहां विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होगी जैसे की स्वास्थय समस्याएं, धन समस्याएं, रोजगार की समस्याएं, संबंधों में दरार आदि. अतः उर्जा को संतुलित करना जरुरी है. आइये जानते हैं कुछ दुष्प्रभाव वास्तु दोषों के :

Jyotish Mai Bharosa Karne Ke Karan

Jyotish Mai Bharosa Karne Ke Karan, क्यों करें ज्योतिष शास्त्र पर भरोसा, क्या महत्त्व है ज्योतिष का, वैदिक ज्योतिष के जीवन में फायदे, ज्योतिष विद्या की शक्ति.
ज्योतिष को नया शब्द नहीं है हमारे लिए, ज्योतिष विद्या का प्रयोग बरसो से होता रहा है पूरी दुनिया भर में जीवन को गहराई से समझने के लिए. ये कोई भ्रम नहीं है , ये कोई अंधविश्वास नहीं है, दुनिभर के लोग ज्योतिष पर भरोसा करते आये हैं. इस विषय का हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है, इस डिजिटल युग मे भी कोई व्यक्ति इसके महत्त्व को नकार नहीं सकता है. 
विज्ञान भी ग्रहों, सितारों, नक्षत्रो के जीवन पर प्रभाव को नकार नहीं सकता और ज्योतिष इसी के अध्ययन के लिए बनाया गया है. एक अच्छा ज्योतिष हमारे जीवन मैं ग्रहों के प्रभाव को सही तरीके से बता सकता है. ग्रहों के चाल जब बदलते हैं तो व्यक्ति का जीवन भी प्रभावित होता है और इसी कारन से लोग रोज की भविष्यवाणी, मासिक भविष्यवाणी, और सालाना भविष्यवाणी को पढ़ते हैं और उपायों को भी अपनाते हैं. 
ग्रहों का असर हमारे निर्णय क्षमता पर पड़ता है.ग्रहों का असर हमारे लव लाइफ पर भी पड़ता है.ग्रहों का असर हमारे वैवाहिक जीवन प…

Yoga Jivan Ke Laabh, योग के सिद्धांतो का लाभ

Yoga Jivan Ke Laabh, योग के सिद्धांतो का लाभ, कैसा रहना चाहिए खान पान, कैसे रखे स्वास्थ्य का ख्याल योग के नियमो के अनुसार. परेशानिया तो जीवन का अंग है इसमे कोई शक नहीं परन्तु ये भी सच है की विभिन्न प्रकार की परेशानियों से छुटकारे के लिए भिन्न भिन्न प्रकार के उपाय मौजूद है, इनमे से एक उपाय है जीवन में योग को सम्मिलित करना. प्राचीन काल में लोग कुछ ऐसे असनो का प्रयोग करते थे जिससे की शारीर में लचीलापन बना रहता था और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता था.  अगर कोई भी अपने स्वास्थ्य को लेके बहुत सजग है और वाकई में स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो ये लेख बहुत सहायक होगा. यहाँ पर योगासन और योग जीवन के ऊपर प्रकाश डाला जा रहा है जिनके प्रयोग से हम शारीर के अन्दर से जहरीले तत्त्वों को बहार कर सकते हैं और शारीर को स्वस्थ और शक्तिवान बनाये रख सकते हैं.  चिरस्थाई ख़ुशी, प्रशांति और दीर्घायु के लिए ये जरुरी है की हम रोज व्यायाम और योगासन करे, अच्छा खाए, ताजा खाएं. योग को जीवन में शामिल करना एक सबसे अच्छा प्राकृतिक तरीका है अपने आपको स्वस्थ और शक्तिवान बनाए रखने का. ये भी जानना आवश्यक है की रोज –रोज एक जैसे जीवन …

Vivah Kab Hoga Janiye विवाह योग

विवाह जीवन का एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है, ये वो समय होता है जब व्यक्ति गृहस्थ आश्रम मे प्रवेश करता है और किसी और की जिम्मेदारियों को भी उठाने के लिए कदम आगे बढ़ाता है. इस लेख मे हम जानेंगे कुंडली मे विवाह योग के बारे मे, हम जानेंगे कब होगा विवाह, हम जानेंगे विवाह समय के बारे मे.  अगर कोई ये जानने का इच्छुक हो की कब होगा विवाह, अगर कोई दुबारा शादी करना चाहते हो, अगर कोई जीवन साथी को पाने के लिए इच्छुक हो तो इस लेख मे बहुत कुछ मिलेगा. हालांकि अपनी कुंडली को खुद ही देख लेना इतना भी आसान नहीं होता है अतः किसी अच्छे ज्योतिष से भी परामर्श जरुर लेना चाहिए.  अगर शादी मे देर हो रही हो, अगर कोई साथी जीवन मे नहीं आ रहा है, अगर तलाक के बाद कोई फिर से विवाह करना चाहते हो, तो चिंता न करे, “हर चीज का एक समय होता है”. और ये भी हो सकता हो की कुंडली मे कोई ख़राब योग हो जिससे की समस्या उत्पन्न हो रही हो ऐसे मे ज्योतिष से सहायता लेनी चाहिए. ये लेख मे ये कोशिश रहेगी की विवाह से सम्बंधित विषयों को समझाया जा सके जैसे – शादी मे देरी के क्या कारण हो सकते है ? जल्द शादी के क्या कारण हो सकते हैं ? मेरी शादी कब होगी…