Mesh Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama ka 12 Bhavon Me Prabhav, मेष लग्न कुंडली में अस्त (Combust) चंद्रमा का 12 भावों में प्रभाव, Ast Chandrama Ke upay. मेष लग्न: एक परिचय वैदिक ज्योतिष में मेष लग्न का स्वामी मंगल (Mars) होता है, जो एक अग्नि प्रधान और ऊर्जावान ग्रह है। इस लग्न वाले जातक सामान्यतः: साहसी, ऊर्जावान और कर्मशील होते हैं प्रतिस्पर्धी और स्पष्टवादी होते हैं निर्णय जल्दी लेते हैं, कभी-कभी आवेग में भी स्वभाव से स्वाभाविक नेतृत्व क्षमता वाले होते हैं Mesh Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama ka 12 Bhavon Me Prabhav मेष लग्न कुंडली में अस्त (Combust) चंद्रमा का 12 भावों में प्रभाव मेष लग्न में चंद्रमा 4थे भाव का स्वामी होता है, जो माता, घर, मानसिक शांति, भावनाओं, और संपत्ति का कारक है। जब चंद्रमा सूर्य के निकट आकर अस्त (Combust / अस्तगत / अस्तांगत) हो जाता है, तब इसके कारकत्व कमजोर होने लगते हैं—भावनाएँ दबती हैं, मानसिक शांति कम होती है, माता का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है, और घरेलू सुख घट सकता है। आइये जानते हैं मेष लग्न के कुंडली में चंद्रमा के अस्त हो...
Somwati Amavasya aur Shani Jayanti Ke Din Kya Kare Safalta Ke liye In Hindi, शनि जयंती और सोमवती अमावस्या है 18 मई २०१५ को , क्या करे सफलता के लिए ?, क्या है महत्तव इस दिन का. . जैसा की नाम से ही पता चलता है की शनि जयंती मतलब शनि देव की पूजा करने का विशेष दिन, इस दिन शनि साड़े साती से पीड़ित लोग, कुंडली में ख़राब शनि से पीड़ित लोग शनि देव को प्रसन्न करने के लिए पूजा कर सकते हैं और निर्विघ्न जीवन जी सकते हैं. Somwati Amavasya aur Shani Jayanti Ke Din Kya Kare Safalta Ke liye In Hindi इसी प्रकार जब अमावस्या सोमवार को पड़े तो उस दिन को कहते हैं सोमवती अमावस्या. इस बार भाग्य से दोनों दिन एक ही दिन पड़ रहे हैं. सोमवार 18 मई २०१५ को अमावस्या भी है और शनि जयंती भी है. अतः साधको और लोगो के लिए ये दिन बहुत शुभ है. इस दिन पितृ दोष, कालसर्प दोष, ग्रहण दोष, प्रेत दोष आदि से छुटकारा पाया जा सकता है शिव पूजा के द्वारा. दो महान योग के साथ में होने से व्यक्ति को इस दिन का महत्तव १०० गुना ज्यादा बढ़ गया है. अतः ये मौका किसी को भी नहीं छोड़ना चाहिए. शनि जयंती और सोमवती अमावस्या का साथ में होने...