Skip to main content

Posts

Showing posts from October, 2018

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में,ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है. विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है. ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है. आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आपके व…

Badkismati Se Kaise Chutkaara Paaye

बदकिस्मती कैसे आती है कपड़ो से, सोच से, क्या करे भाग्योदय के लिए ज्योतिष के हिसाब से?.

बदकिस्मती से जो परेशान है उनकी तकलीफ को बयान करना ना मुमकिन है. ऐसे बहुत से लोग है इस दुनिया में जो जिस काम में हाथ डालते हैं उसी में घाटा हो जाता है, किसी का भला करने जाते हैं तो बुरा हो जाता है, किसी को राय देते हैं तो सामने वाले को नुक्सान हो जाता है,कितना भी कम ले पर कर्जा ख़त्म नहीं होता है अर्थात कुछ भी करते हैं बुरा हो ही जाता है. बदकिस्मती २ प्रकार से किसी के जीवन मे आता है :एक तो भाग्य के कारण जो की कुंडली में मौजूद श्राप होता है, कुंडली में मौजूद खराब ग्रहों के कारण जातक को ऐसा कष्ट झेलना होता है.परन्तु एक दूसरा कारण भी है और वो है हमारी कुछ ख़ास आदते और हमे इनका पता ही नहीं होता की अनजाने में हम कैसे बदकिस्मती को अपने जीवन में प्रवेश देते रहते हैं. बदकिस्मती को अपने से दूर रखने के लिए हमे ये जानना आवश्यक है की कौन कौन से ऐसे काम है या आदते हैं जो की जीवन को संकतो से भर देते हैं.  कपड़ो से बदकिस्मती कैसे आता है?अगर कोई सक्षम है और उसके बावजूद भी कटे –फाटे कपडे धारण करता है तो वो बदकिस्मती को आ…

Pushya Nakshatra Ka Mahttw Diwali Ke Pahle

दिवाली के पहले पुष्य नक्षत्र का महत्त्व, क्या करे सुख सम्पन्नता, भाग्योदय के लिए ज्योतिष अनुसार.

हर साल कार्तिक महीने की अमावस्या को दीपावली आती है हिन्दू पंचांग अनुसार और इससे पहले एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण दिन आता है जिसे पुष्य योग कहते हैं. पुष्य नक्षत्र जब दिवाली के पहले आता है तो अति महत्त्वपूर्ण कार्यो के लिए योग बना देता है. ये व्यापारियों, ग्रहस्थो, नौकरीपेशा, विद्यार्थियों आदि के लिए शुभ होता है.
विद्वानों ने इस बात को माना है की इस शक्तिशाली दिन में किसी भी चीज को खरीदना बहुत महत्त्व रखता है. इस दिन ख़रीदा सोना सम्पन्नता देता है, इस दिन खरीदी किताबे विद्याप्रप्ती में सहयोग प्रदान करती है. इसी कारण व्यापारी वर्ग इस दिन बही खाते खरीदते नजर आते हैं. महिलाए अपने लिए आभूषण खरीदती है, कुछ लोग श्री यन्त्र की स्थापना करते हैं आदि.

साल २०१८ में पुष्य नक्षत्र 31 october,बुधवार को आ रहा है, ये दिन दिवाली से ७ दिन पहले आ रहा है जो की सभी के लिए शुभ है. आइये जानते हैं क्या ख़ास बात है इस पुष्य नक्षत्र की? इस साल कुछ ग्रहों का साथ अच्छा मिल रहा है जो की इस दिन को और शुभ बना रहे हैं जैसे गुरु …

Karwachoth Ka Mahatwa| करवा चौथ का महत्तव

Karwachoth Ka Mahatwa , करवा चौथ का महत्तव, कैसे करे करवा चौथ की पूजा, ज्योतिष और करवा चौथ hindi में . एक ऐसा दिन जिसका इन्तेजार पुरे साल भर किया जाता है ख़ास तौर पर विवाहित महिलाए इस दिन का इन्तेजार पुरे जोर शोर से करती है. इस दिन महिलाए व्रत रखती है अपने पति की लम्बी आयु के लिए और इसके लिए माता करवा की पूजा की जाती है.

भारत में कर्वाचोथ को बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है, इस दिन पतियों की पूजा की जाती है रात्री को जिसके कारण उनको भी इस दिन का इन्तेजार रहता है.

करवा चौथ शरद पूर्णिमा के 4 दिन बाद आता है और दीपावली से पहले भी आता  है, इस दिन को महिलाए पुरे आनंद से मनाती है, खेलती है, मस्ती करती है, भजन करती है, पूजन करती है और सबसे ख़ास उनको अपने पतियों से उपहार भी प्राप्त होता है जिसका इन्तेजार वो करती है.

कर्वाचोथ कार्तिक महीने की शुरुआत में आता है जब हलकी हलकी गुलाबी ठण्ड भी दस्तक दे रही होती है. कार्तिक महिना अपने आप में एक पवित्र महिना माना जाता है जब साधनाओ को सफलतापूर्वक किया जा सकता है विभिन्न मनोकामनाओ को पूरा करने के लिए.

करवाचौथ के दिन महिलायें मेहंदी लगाती है, नए …

Rashi Anusaar Mantra Safalta Ke Liye

१२ राशियों से सम्बंधित मंत्र, ज्योतिष के अनुसार १२ राशियों के लिए बीज मंत्र, जानिए राशी मंत्र को जपने के फायदे. 
हम सभी जानते हैं की वैदिक ज्योतिष के हिसाब से १२ राशियाँ होती है और हर व्यक्ति की कोई न कोई राशि होती है जिसका प्रभाव उसके जीवन में पड़ता ही है. ये १२ राशियाँ हैं (मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला वृश्चिक, धनु, मकर, कुम्भ, मीन).
हर राशि का कोई न कोई मंत्र भी है और अगर अपने राशि के अनुसार मंत्र का जप करे तो बहुत फायदे होते हैं और सफलता के रास्ते खुलते हैं.
मंत्रो का जप सबसे अच्छा तरीका है किसी भी शक्ति की कृपा को पाने के लिए और जीवन को बेहतर बनाने के लिए.
आइये जानते हैं राशि मंत्रो का महत्त्व : ज्योतिष के हिसाब से अगर कोई अपनी राशि से सम्बंधित मन्त्र का जप करता है तो उसके जीवन में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. राशी मंत्रो के जप से धन, ऐश्वर्या, स्वास्थ्य, सम्पन्नता को जीवन में लाया जा सकता है. राशी मंत्र जप से धनागमन होता है. राशी मंत्र जप से काम धंधा भी अच्छा चलता है. राशी मन्त्र के जप से सामाजिक जीवन भी बेहतर हो सकता है. राशी मंत्र जप से व्यक्तिगत जीवन भी सफल हो सकता …

Hindi Jyotish For Kundli Reading

कुंडली का गहराई से विश्लेषण, जानिए क्या फायदे होंगे कुंडली दिखवाने के, ज्योतिषीय मार्गदर्शन से भाग्योदय, कुंडली अनुसार जानिए सटीक उपाय जीवन को सँवारने के.

ज्योतिष में हम मानव जीवन पर सितारों, ग्रहों और खगोलीय पिंडो के प्रभावों का अध्ययन करते हैं. ९ ग्रह सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहू और केतु हमारे कुंडली में विभिन्न भावों में बैठकर जीवन के रहस्यों को बताते हैं जिसे ज्योतिष ही समझ सकता है. इनकी स्थिति, शक्ति का अध्ययन करके जीवन के बारे में अनुमान लगाया जाता है. इन्ही के कारण हर व्यक्ति का अचार-विचार, रहन सहन भी अलग होता है.
पढ़िए hindi jyotish me raaj yog. पृथ्वी भी घूम रहा है, सूर्य भी घूम रहा है, हर ग्रह घूम रहे हैं. और इनके भ्रमण का असर मानव जीवन पर पड़ता है. इसी कारण जब ग्रह अपनी जगह बदलते हैं तो उसका सीधा असर हमे नजर आता है. इस बदलाव को ज्योतिष पहले से ही पता कर लेते हैं ग्रहों के अध्ययन से.  ज्योतिष कुंडली अध्ययन के दौरान 5 बातो का विशेष ध्यान रखते है :कुंडली में ग्रह किस जगह बैठे हैं. कुंडली में ग्रहों की शक्ति कितनी है. कुंडली में विभिन्न भावों की अवस्था कैसी …

Sharad Poornima Jyotish In Hindi

Sharad poornima in hindi, sharad poornima ka mahattwa, kya kare safaltaa ke liye, kisi pooja kare sharad poornima ko as per jyotish, शरद पूर्णिमा पर hindi में जानिये महत्तव और क्या करे सफलता के लिए. अगर आपको चाह है एक शांति पूर्ण जीवन की, अगर आपको चाह है एक स्वस्थ जीवन कीम अगर आप चाहते हैं एक सुखी और संपन्न जीवन तो शरद पूर्णिमा की रात्री आपके लिए बहुत ही शुभ है, जब व्यक्ति बहुत सरल पूजा से अपने जीवन को धन-धन्य से भरपुर कर सकता है. हिन्दी पंचांग के हिसाब से साल में 12 पूर्णिमा आते हैं, उनमे से शरद पूर्णिमा बहुत ही शक्तिशाली, पवित्र और मुख्य माना जाता है. यह वो रात्री है जब साधक अपनी साधना से मनोकामना को पूर्ण कर सकता है. अतः इस दिन और रात्री को जरुर कुछ ख़ास कर लेना चाहिए अपने जीवन को गति देने के लिए. आइये जानते हैं कुछ तथ्य शरद पूर्णिमा के बारे में:ये पूर्णिमा आश्विन मास में आता है hindi पंचांग के हिसाब से.ये आश्विन माह के अंतिम दिन में आता है, इसी दिन से कार्तिक का स्नान भी शुरू हो जाता है. इस दिन चन्द्रमा अपनी पूरी शक्ति से प्रकाशित होता है जिसके कारण ये पूर्णिमा पुरे वर्ष की सबसे चम…

Durga Ashtmi Ka Mahattw

दुर्गा अष्टमी का महत्त्व, पढ़िए महा-अष्टमी से सम्बंधित प्रथाएं, क्या करे बेहतर जीवन के लिए. 

नवरात्री का आठवां दिन बहुत महत्त्व रखता है भक्तो के लिए. ये दिन महा-अष्टमी या फिर दुर्गा अष्टमी के नाम से जाना जाता है. इस दिन लोग विशेष प्रकार की पूजा पाठ करते हैं कुलदेवी, माँ काली ता दुर्गा जी को प्रसन्न करने के लिए.

अगर कोई नवरात्री के ७ दिनों में पूजा पाठ नहीं कर पाते हैं तो सिर्फ अष्टमी की पूजा से भी लाभ ले सकते हैं.  महाष्टमी से सम्बंधित कई पौराणिक कथाएं सुनने को मिलती है – कुछ के अनुसार इस इन माँ काली का अवतरण हुआ था. कुछ भरोसा करते है की इस दिन माता जी ने महिसासुर राक्षस का वध किया था.  ज्योतिष के अनुसार तो हर माह की अष्टमी तिथि बहुत महत्त्व रखती है क्यूंकि ये तिथि का सम्बन्ध महा-शक्ति से है,  ये दिन कुलदेवी पूजा , दुर्गा पूजा के लिए श्रेष्ठ होता है. इसी कारण नवरात्री की अष्टमी विशेष महत्त्व रखती है. ये समय वैसे भी साधना के लिए बहुत शुभ होता है.  साधारणतः लोग हर माह आने वाले अष्टमी के प्रति सजग नहीं रहते हैं इसी लिए नवदुर्गाओ के समय की अष्टमी को पूजा पाठ करके माता के आशीर्वाद लेते हैं.  …

Dushere Ka Jyotishiy Mahattw

दशहेरे का महत्त्व हिंदी में जानिए. क्या करे दशहेरे में सफलता के लिए, जानिए ज्योतिषीय महत्त्व दशहेरे का. 

भारत में दशहेरा एक ख़ास उत्साव है जिसे सभी लोग मिलके मनाते हैं, इसे विजयादशमी भी कहते हैं. शारदीय नवरात्री के ख़त्म होते ही दशमी तिथि को दशहेरा मनाया जाता है. इसके पीछे जो मान्यता है वो ये की इसी दिन राम और लक्ष्मण जी ने रावण का अंत किया था और सभी ने ख़ुशी मनाई थी. ये दिन बुराई के ऊपर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है.  दशहेरा ये याद दिलाता है की झूठ का अस्तित्तव ज्यादा नहीं टिक सकता है. सच्चाई हमेशा जीत जाती है. आइये जानते हैं कैसे दशहेरे को मनाया जाता है ? साधारणतः एक बड़े मैदान में रावण का पुतला बनाया जाता है और शाम को इसे राम के द्वारा मनाया जाता है. लोग एक जुट होक इसे देखते हैं. पुरे शहर के लोग या गाँव के लोग एक जगह इकट्ठे होते हैं और मेले जैसा दृश्य दिखाई देता है. सभी आनंद मनाते हैं , खाते  है पीते हैं और रावन दहन के कार्यक्रम का आनंद उठाते हैं.  इस दिन शश्त्रो की पूजा भी होती है , लोग एक दुसरे को मिठाई देते हैं और दशहेरे की बधाई देते हैं. हर तरफ ख़ुशी और उल्लास का माहोल रहता…

Shami Vriksh Aur Jyotish

शमी के पेड़ का महत्त्व, शनि और शमी में सम्बन्ध, जानिए क्यों पूजते हैं शमी के पेड़ को.

दशको से शमी पेड़ की पूजा विद्वानों, ब्राह्मणों, तांत्रिको, ज्योतिशो द्वारा किया जाता रहा हैं. अब प्रश्न ये है की क्यों शमी वृक्ष की पूजा की जाती है , क्या महत्त्व है इसका. इस लेख में हम शमी के पेड़ के बारे में ही जानेंगे. शमी को अलग अलग नामो से जाना जाता है कुछ लोग इसे सांगरी में कहते हैं और कुछ इसे खेजरी भी कहते हैं. अंग्रेजी में इसे "प्रोसोपिस सिनेरेरिया " कहते हैं.

ज्योतिष के हिसाब से शमी का सम्बन्ध शनि ग्रह से है अतः शनि ग्रह की कृपा प्राप्त करने के लिए शमी की पूजा की जाती है, शनि साढ़े साती से बचने के लिए भी शमी की पूजा की प्रथा है.

दूसरी तरफ शमी भूमि के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है. इसको लगाने से भूमि की उपजाऊ क्षमता बढती है क्यूंकि इससे भूमि को नाइट्रोजन मिलता है प्राकृत तौर पर और ये बहुत कम पानी में भी फलता फूलता है. शमी का प्रयोग दवाइयों को बनाने में भी किया जाता है जैसे मानसिक रोग और शक्ति की औषधियों में.
मान्यता के अनुसार महाभारत काल में पांडवो ने शमी वृक्ष के निचे अपने शश्त्रो को र…

Dusshera ke Liye Totke

दशहेरे को कौन से टोटके लायेंगे सफलता, क्या करे दशेरे को बाधाओं को दूर करने के लिए, धन प्राप्ति के टोटके दशेरे के लिए.
सम्पूर्ण भारत वर्ष में दशहेरा बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. ये उत्सव हमे श्री की रावण के खिलाब युद्ध में विजय की याद दिलाता है. ज्योतिष के हिसाब से भी दशहेरा  बहुत महत्त्व रखता है क्यूंकि इस दिन जीवन को सफल बनाने के लिए बहुत से पूजाएँ की जाती है, बहुत से टोटके भी किये जाते हैं.

कई दशको से जानकार लोग दशहेरा को शक्तिशाली प्रयोग करते आये हैं. इस लेख मे हम जानेंगे कुछ ख़ास टोटको को जो की आसानी से किये जा सकते हैं अपने जीवन को सफल बनाने के लिए. इन टोटको का प्रयोग करके हम अपने जीवन में धन, ऐश्वर्य, स्वास्थ्य को आकर्षित कर सकते हैं.दशहेरा में हमे सर्वार्थ सिद्धि योग मिलता है और पूजा पाठ, टोटको को इसी सर्वार्थ सिद्धि योग में करना चाहिए जिससे की सफलता प्राप्त हो. सर्वार्थ सिद्धि योग के लिए अपने ज्योतिष से परामर्श करना चाहिए. आइये जानते हैं कुछ ख़ास और आसान उपाय/टोटके जीवन को सफल करने के लिए:दशहेरे को किसी लक्ष्मी मंदिर में दर्शन को जरुर जाना चाहिए और वहां पर कपूर और लौं…

Navratrii ke achuk Prayog

Navratri ke achuk upaay, kaise kare samadhaan samasyaao ka, नवदुर्गाओ की शक्ति. 

जैसा की मैंने बताया की अपने पहले के ब्लॉग में की नवरात्री शक्ति साधना के लिए एक अति विशिष्ट समय है. इस समय में किये गए अनुष्ठान अवश्य सफल होते हैं और ये समय किसी नए साधना को शुरू करने के लिए भी शुभ मन गया है. इस लेख में आपको कुछ अचूक प्रयोग दिए जा रहे हैं जो की आप नवरात्री में बड़ी आसानी से कर सकते हैं और अपने जीवन को सुखमय बना सकते हैं.
आइये जानते हैं कुछ चमत्कारी उपाय नवरात्री में करने हेतु :अगर धन का अभाव है तो ये करे-नवरात्री के नौ दिनों तक किसी पीपल के पेड़ के निचे पश्चिम मुखी होके “कनकधारा स्त्रोत्र” का पाठ करे. पाठ करने के बाद 5 लौंग कपूर के साथ जला दे और भभूत का टिका लगाए और 1 चुटकी खा ले और बाकी बचा हुआ जल स्त्रोत्र में प्रवाहित कर दें.अगर नौकरी या जॉब नही मिल रही है तो नवरात्री में लगातार रोज अपने ऊपर से 1 निम्बू उतारे और उसे 4 टुकड़े करके किसी चौराहे पर जाकर 4 दिशाओं में 1-1 टुकडा दूर तक फेंक दे और वापस आकर हाथ मूह धो ले. निम्बू फेकते समय ऐसा सोचे की आप अपना दुर्भाग्य को दूर कर रहे हैं. घर में सुख…

Shardiya Navratri Aur Jyotish

Shardiya Navratri 2018 Aur Jyotish, शारदीय नवरात्री और ज्योतिष,क्या करे सफलता के लिए, जानिए ग्रहों की चाल. एक और शक्तिशाली समय आ रहा है जिसमे की हम शक्ति की आराधना कर सकते हैं, माँ दुर्गा की पूजा कर सकते हैं अपने उज्जवल भविष्य के लिए. ये दिन माँ की पूजा और उनके अवतारों की पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन होते हैं.
देखा जाए तो साल में 4 नवरात्री आती है , उनमे 2 गुप्त नवरात्रियाँ होती है , साधारणता चैत्र मॉस की नवरात्री और शारदीय नवरात्री प्रसिद्द है. इन 9 दिनों में पूजा का विशेष महत्तव होता है कोई भी व्यक्ति अपनी किसी विशेष अभिलाषा को पूरी करने के लिए साधना कर सकता है.

जो लोग पुरे साल भर विशेष पूजा नहीं कर पाते हैं उनको इन 9 दिनों में जरुर पूजा आराधना करना चाहिए. तांत्रिक, अघोरी , संत, महात्मा, अध्यात्मिक साधक गण आदि पुरे साल नवरात्रीयों का इन्तेजार करते हैं अपनी साधना को सफल करने के लिए , अपनी साधना को गति देने के लिए.

साधारण लोग भी इन दिनों का लाभ बहुत आसानी से उठा सकते हैं. माता बहुत कृपालु है, दयालु हैं और अपने भक्तो का कल्याण करने के लिए तत्पर है, वो जगदम्बा हैं, जगत जाननी है, उनसे किस…

Grah Aur Bimariyo Ka Sambandh

ग्रह और सम्बंधित बीमारियाँ, जानिए कुंडली के भावों और शारीर के भागो का सम्बन्ध, बीमारी और ज्योतिष, बीमारियों का ज्योतिषीय समाधान.
इसमें कोई विचित्र बात नहीं होती की कोई ज्योतिष आपको कुंडली देखके बीमारी के बारे में संकेत दे दे क्यूंकि ग्रह का सम्बन्ध सभी चीजो से होता है. किसी भी बीमारी का समाधान निकालना कोई असंभव बात नहीं होती है. ज्योतिष के अनुसार कुंडली के हर भाव का सम्बन्ध किसी न किसी शारीर के अंग से होता है. अतः कुंडली में ग्रहों और भावो के अध्ययन से हम बीमारी के कारण और समाधान को जान सकते हैं. पढ़िए स्वास्थ्य से सम्बंधित ज्योतिष योग. आइये जानते हैं शारीर के कौन से हिस्से से कौन सा ग्रह सम्बन्ध रखता है और जानिए बीमारियों के बारे में :सूर्य ग्रह का सम्बन्ध हमारे दायें आँख, खून के बहाव, रीड की हड्डी, आदि से होता है. कुछ बीमारियाँ जो की सूर्य के ख़राब होने से हो सकती है वो है ह्रदय से सम्बंधित रोग, रीड में समस्या, दाई आँख में समस्या, आदि. चन्द्रमा का सम्बन्ध बाई आँख, गर्भाशय, पेट, किडनी, आदि से होता है. अतः सर्दी जुकाम, निमोनिया, दिमागी समस्या, शारीर के आन्तरिक भागो की बिमारिओ के लिए चन्…